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Amar Ujala Poll: ट्रेनों में कंबल के लिए यात्रियों को से 300 रुपये लेना क्या सही फैसला, पाठकों ने दिया ये जवाब

ट्रेनों में यात्रियों को कंबल व दूसरे सामान के लिए 300 रुपये लेने के फैसले पर अमर उजाला के पोल में पाठकों ने अपनी राय रखी।

19-10-2021 19:04:00

Amar Ujala Poll: ट्रेनों में कंबल के लिए यात्रियों को से 300 रुपये लेना क्या सही फैसला? पाठकों ने दिया ये जवाब Railways AmarUjalaPoll ChargesForBlanket

ट्रेनों में यात्रियों को कंबल व दूसरे सामान के लिए 300 रुपये लेने के फैसले पर अमर उजाला के पोल में पाठकों ने अपनी राय रखी।

- फोटो : अमर उजालाविज्ञापनख़बर सुनेंख़बर सुनेंट्रेनों में कंबल के लिए यात्रियों को अब 300 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। क्या रेलवे का ये फैसला सही है, इसी पर था अमर उजाला का सोमवार का पोल। इस पोल में अधिकांश पाठकों ने अपना जवाब नहीं में दिया है। इनके मुताबिक ऐसा करना सही नहीं है। 72.46% पाठकों ने कहा कि कंबल के लिए 300 रुपये लेना सही नहीं है, जबकि 27.54% ने कहा कि ये फैसला सही है।

सर्दियां करीब, कंबल की होगी जरूरतदरअसल, कोरोना महामारी की शुरुआत से ही ट्रेन में बेडशीट और कंबल देने की सुविधाएं बंद कर दी गई थीं। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे की तरफ से यह फैसला लिया गया था। लेकिन अब सर्दियां बेहद करीब हैं। ऐसे में यात्रियों को कंबल और बेडशीट की जरूरत होगी और इसके लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी।

यात्रियों के लिए तीन किटठंड में यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए, दिल्ली और कई रेल मंडलों ने स्टेशन पर ही डिस्पोजल बेड शीट, कंबल जैसी जरूरत की चीजें मुहैया करवाने वाली दुकानों को शुरू किया गया है। इस दौरान यात्रियों के लिए तीन तरह की किट तैयार हैं। headtopics.com

पहली किट में यात्रियों को 300 रुपये देने होंगे। इसमें गैर बुना हुआ कंबल, बेड शीट, तकिया-कवर, बैग, टूथपेस्ट, तेल, कंघी, सैनिटाइजर सैशे, पेपर सोप, टिश्यूपेपर मिलेगा।विस्तारट्रेनों में कंबल के लिए यात्रियों को अब 300 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। क्या रेलवे का ये फैसला सही है, इसी पर था अमर उजाला का सोमवार का पोल। इस पोल में अधिकांश पाठकों ने अपना जवाब नहीं में दिया है। इनके मुताबिक ऐसा करना सही नहीं है। 72.46% पाठकों ने कहा कि कंबल के लिए 300 रुपये लेना सही नहीं है, जबकि 27.54% ने कहा कि ये फैसला सही है।

विज्ञापनसर्दियां करीब, कंबल की होगी जरूरतदरअसल, कोरोना महामारी की शुरुआत से ही ट्रेन में बेडशीट और कंबल देने की सुविधाएं बंद कर दी गई थीं। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे की तरफ से यह फैसला लिया गया था। लेकिन अब सर्दियां बेहद करीब हैं। ऐसे में यात्रियों को कंबल और बेडशीट की जरूरत होगी और इसके लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी।

यात्रियों के लिए तीन किटठंड में यात्रियों को परेशानी से बचाने के लिए, दिल्ली और कई रेल मंडलों ने स्टेशन पर ही डिस्पोजल बेड शीट, कंबल जैसी जरूरत की चीजें मुहैया करवाने वाली दुकानों को शुरू किया गया है। इस दौरान यात्रियों के लिए तीन तरह की किट तैयार हैं।

पहली किट में यात्रियों को 300 रुपये देने होंगे। इसमें गैर बुना हुआ कंबल, बेड शीट, तकिया-कवर, बैग, टूथपेस्ट, तेल, कंघी, सैनिटाइजर सैशे, पेपर सोप, टिश्यूपेपर मिलेगा।आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं? headtopics.com

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दंगल: क्या अब्बाजान और चिलमजीवी ही यूपी चुनाव के मुद्दे हैं?

उत्तर प्रदेश में चुनाव का माहौल जैसे-जैसे गर्माता जा रहा है, नेताओं की जुबान तीखी होती जा रही है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार को एक बार फिर चिलमजीवी कह के घेरा है. अखिलेश अक्सर चिलम फूंकने का आरोप लगाकर योगी आदित्यनाथ को घेरते रहे हैं. लेकिन चिलम के नाम पर अखिलेश को जवाब संत समाज की ओर से मिला है. कुछ साधु संतों ने इसे संतों का अपमान बताकर अखिलेश से माफी की मांग की है. आज दंगल में देखें क्या चिलम वाले बयान पर अखिलेश ने संतों की नाराजगी मोल ले ली है? और क्या 2022 के चुनाव में इसका असर पड़ेगा? देखें वीडियो.

RailMinIndia सरेआम चोरी, लूट और गुंडागर्दी पर उतर आई है। चादर और कंबल की सुविधा बंद करते वक्त तो किराया कम नहीं किया था इस चोर मंत्रालय ने। अब उसी निलंबित सुविधा को शुरू करते वक्त 300 रुपए अतिरिक्त लेना तो सरासर लूट है। AshwiniVaishnaw narendramodi narendramodi_in BJP4India 300 नहीं 3000 रुपये लेना चाहिए और कम्बल क्वालिटी का देना चाहिए और कम्बल घर ले जाने की छूट होनी चाहिए। आखिर एक कम्बल को दूसरा कैसे प्रयोग कर सकता है और कम्बल की धुलाई भी सम्भव नहीं लिहाजा स्वास्थ्य सुरक्षा से समझौता नही करना चाहिए।

असम में ISI-अलकायदा के निशाने पर धार्मिक स्थल, राज्य में हाई अलर्टभारत के उत्तर पूर्वी राज्य असम में सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. राज्य को ऐसे इनपुट मिले हैं कि यहां पर पाकिस्तानी ISI या फिर अलकायदा हमला कर सकता है. ये हमला भी असम के RSS कैडरों, आर्मी क्षेत्रों और धार्मिक स्थलों पर करने की तैयारी है. hemantakrnath patelanandk Sir , need to understand the chain of events and their implications at the earliest. hemantakrnath patelanandk कोई धार्मिक नहीं ये मीडिया धर्म के नाम पर hemantakrnath patelanandk who motivated people to live in kashmir & promised safety? Why these poor people not able to earn living in their own state and risking their lives in one of most dangerous areas of world? bjpee + nitish are responsible too + piece of shit Pakistan UP ELECTIONS ARE NEAR…...

महाराष्‍ट्र : अहमदनगर में बच्चों के लिए जिलापरिषद ने घरों में ही शुरू किए स्कूलमहाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के भिस्तबाग इलाके में फिलहाल एक बच्चे के घर पर ही शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे हैं. As Bangladeshi Hindus, we demand our safety. StopCommunalAttack SaveBangladeshiHindus BangladeshiHinduWantSafety WeDemandSafety WeDemandJustice SaveHindus SaveHinduTemples SaveOurCommunity SaveHumanity

उत्तराखंड के चम्पावत में बारिश का कहर, बाढ़ में फंसे 2400 लोगों को किया गया रेस्क्यूचम्पावत। उत्तराखंड के चम्पावत में आफत की बारिश ने एक बार फिर से जहन में 2013 की यादें ताजा कर दी है। चम्पावत जिले के बीते दो दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है, जिसके चलते टनकपुर में शारदा नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है।

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