हाई कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपित को किया बरी, 20 साल की सजा के आदेश रद, जानें पूरा मामला

हाई कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपित को किया बरी, 20 साल की सजा के आदेश रद, जानें पूरा मामला #Punjab #Chandigarh #HighCourt

Punjab, Chandigarh

08-12-2021 09:40:00

हाई कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपित को किया बरी, 20 साल की सजा के आदेश रद, जानें पूरा मामला Punjab Chandigarh HighCourt

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपित को सुनाई गई 20 वर्ष सजा को रद कर दिया है। दरअसल स्कूल रिकार्ड के अनुसार लड़की नाबालिग थी जबकि पिता का कहना है कि उसकी उम्र 19 वर्ष है।

यह भी पढ़ेंकोर्ट ने कहा कि हमें लगता है कि स्कूल छोड़ने के प्रमाण पत्र की इस केस के साथ कोई संभावित ठोस आधार नहीं बनाया जा सकता। अत: हमारा यह मत हैकि अभियुक्त/अपीलकर्ता की सजा कानूनी रूप से मान्य नहीं है। इसलिए, हम इसे रद करते हैं, आरोपित/अपीलकर्ता को बरी करते हैं। हाई कोर्ट के जस्टिस अजय तिवारी और जस्टिस पंकज जैन की खंडपीठ ने 16 जुलाई, 2019 को दोषी ठहराए जाने के आदेश और 18 जुलाई, 2019 को अतिरिक्त जिला न्यायाधीश पलवल द्वारा पारित सजा के आदेश के खिलाफ आरोपित नवीन द्वारा दायर एक अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए।

यह भी पढ़ेंआराेपित के खिलाफ पुलिस स्टेशन सदर पलवल में अपहरण और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम, 2012 की अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। जिला अदालत ने इस मामले में आरोपित को 20 साल की सजा थी। लड़की के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था, जिसमें कहा गया था कि उसकी 14 साल की बेटी को स्कूल जाने के दौरान बार-बार प्रताड़ित किया गया था। आरोपित ने उसकी बेटी को बहकाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता और उसके पिता समेत दो मुख्य गवाह मुकर गए।

यह भी पढ़ेंदोनों ने दावा किया कि कोई दुष्कर्म नहीं हुआ था और आगे कहा कि लड़की बालिग थी। उसके पिता ने दावा किया कि उसने अपनी बेटी के स्कूल में दाखिले के समय उसकी उम्र कम कर दी थी। हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने चिकित्सा साक्ष्य पर भरोसा किया, जिसमें पीड़ित के अंडरवियर पर अपीलकर्ता के वीर्य के निशान दिखाई दिए। ट्रायल कोर्ट ने आगे कहा कि स्कूल के रिकार्ड पर लड़की की उम्र के बारे में मौखिक बयान को प्राथमिकता नहीं दी जा सकती और परिणामस्वरूप, अपीलकर्ता को दोषी ठहराया गया और 20 साल की सजा सुनाई गई। headtopics.com

Mukta Arya: पिता के निधन के अगले दिन ही पोल ड्यूटी पर लौट आई थी IAS अधिकारी, चुनाव आयोग ने किया सम्मानित

यह भी पढ़ेंअपीलकर्ता के वकील एडवोकेट सुनील सिहाग ने हाई कोर्ट में दलील दी कि स्कूल रिकार्ड में दिखाई गई उम्र जन्म प्रमाण पत्र जैसे किसी सबूत पर आधारित नहीं थी और पिता के बयान पर दर्ज की गई थी। उन्होंने आगे तर्क दिया कि अपनी गवाही में, लड़की के पिता ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी बेटी वास्तव में 19 वर्ष की थी और उसने जानबूझकर स्कूल में प्रवेश लेने के समय कम उम्र दर्ज की थी। हाई कोर्ट ने तथ्यों की जांच के बाद आरोपित को बरी करने का आदेश दिया है।

और पढो: Dainik jagran »

Uttar Pradesh Election: सपा की उम्मीदवार लिस्ट पर हंगामा! बीजेपी ने बताया दंगे की बंद फैक्ट्री शुरु करने की साजिश

यूपी में समाजवादी पार्टी की पहली लिस्ट आते ही चुनावी चढ़ाई शुरु हो चुकी है. लिस्ट में नाहिद हसन जैसों के नाम हैं और बीजेपी इसे अंपराध और दंगा की बंद फैक्ट्री शुरु करने की साजिश बता रही है . सपा की लिस्ट में 159 लोगों के नाम हैं और इसके विश्लेषण से साफ है कि अखिलेश ने ओबीसी और मुस्लिम कार्ड चला है. इसमें यादव उम्मीदवारों के नाम कम हैं. वहीं केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि ये लिस्ट अपराध दंगा भ्रष्टाचार की बंद फैक्ट्री शुरू करने का संदेश है, समाप्त पार्टी की लिस्ट बनाने के लिए धन्यवाद. वहीं उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी अंतिम तीन चरणों के उम्मीदवारों के लिए नामों पर मुहर लगा सकती है. फिलहाल दिल्ली में इसके लिए बैठकों का दौर जारी है और बीजेपी मंगलवार या बुधवार तक कुल 172 टिकटों की घोषणा कर सकती है. देखें ये एपिसोड. और पढो >>

सुप्रीम कोर्ट ने पीपीई किट निर्यात के मामले में आरबीआई के दिशा-निर्देश को सही ठहरायानई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में कोविड-19 महामारी के दौरान पीपीई किट के निर्यात के लिए साख पत्र देने से इंकार करने वाले रिजर्व बैंक के 'मर्चेंन्टिग ट्रेड ट्रांजैक्शन' (एमटीटी) के कुछ दिशा-निर्देशों की वैधता को बरकरार रखा है। न्यायालय ने कहा कि कुछ लोगों को बिना किसी नियंत्रण के मुक्त व्यापार की सुविधा के लिए जनता के कल्याण को सुरक्षित रखने वाले लोकतांत्रिक हितों को 'न्यायिक रूप से निरस्त' नहीं किया जा सकता है।

रूस के हमले के ख़तरों के बीच यूक्रेन को मिला पश्चिमी देशों का समर्थन - BBC Hindiरूस ने यूक्रेन से लगी सीमा पर बड़ी संख्या में अपने सैनिकों को तैनात किया लेकिन किसी हमले से इनकार किया है. election ke time bacha ka rakha tha

सलमान के सामने विक्की कौशल ने किया था कैटरीना को शादी के लिए प्रपोज, देखें वीडियोएक्टर विक्की कौशल और कैटरीना कैफ की शाही शादी का जश्न शुरू हो गया है। इस बीच दोनों का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है।

सुप्रीम कोर्ट बोला- दहेज एक सामाजिक बुराई, इस पर समाज के भीतर से होना चाहिए बदलावसुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि दहेज एक सामाजिक बुराई है लेकिन इस बात को लेकर समाज के भीतर बदलाव होना चाहिए। शीर्ष अदालत ने कहा कि महिलाओं की स्थिति पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। 👍👍👍 कुछ नहीं होगा पैसा सर्वोपरि है उसके आगे लड़की के सब गुण फीके हैं 😒 ImGovind_Dj बेशक

महाराष्ट्र सरकार को बड़ा झटका: सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय निकाय चुनाव में 27% आरक्षण के फैसले को रद्द किया, सितंबर में सरकार ने दी थी मंजूरीसुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को एक बड़ा झटका देता हुए स्थानीय निकाय चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को 27 फीसदी आरक्षण देने के फैसले पर रोक लगा दी है। 23 सितंबर 2021 को महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) को आरक्षण देने के अध्यादेश के मसौदे में बदलाव के प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट ने मंजूर कर लिया था। | Maharashtra Local Body Election OBC Reservation Stays By Supreme Court

भीमा कोरेगांव: सुप्रीम कोर्ट से सुधा भारद्वाज को राहत, बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ NIA की याचिका खारिजBhima Koregaon Case: भीमा कोरोगांव केस में एक्टिविस्ट सुधा भारद्वाज को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ एनआईए की याचिका को शीर्ष अदालत ने खारिज कर दी है।