शादी के लिए धर्म परिवर्तन पर एतराज़ के फ़ैसले क़ानून की नज़र में ठीक नहीं: इलाहाबाद हाई कोर्ट - BBC News हिंदी

शादी के लिए धर्म परिवर्तन पर एतराज़ का फ़ैसलों क़ानून की नज़र में ठीक नहीं: इलाहाबाद हाई कोर्ट - प्रेस रिव्यू

24-11-2020 06:54:00

शादी के लिए धर्म परिवर्तन पर एतराज़ का फ़ैसलों क़ानून की नज़र में ठीक नहीं: इलाहाबाद हाई कोर्ट - प्रेस रिव्यू

उत्तर प्रदेश में धर्म परिवर्तन से जुड़ा क़ानून बनाने की योजना के बीच इलाहाबाद हाई कोर्ट का फ़ैसला. पढ़िए अख़बारों की कुछ प्रमुख ख़बरें.

चीनी गांव को लेकर जारी विवादचीन के मीडिया ने सोमवार को दावा किया कि जिस सीमावर्ती गांव को उसने भूटान की सीमा पर बसाया गया गांव बताया था, वो चीन की सीमा में ही है. लेकिन जो तस्वीर जारी की गई है उसमें इसे दोनों देशों के बीच विवादित ज़मीन पर बसा दिखाया गया है.

आइएमएफ ने भी भारत के नए कृषि कानूनों पर लगाई मुहर, कहा- इसमें किसानों की आय बढ़ाने की क्षमता दो किसान संगठनों ने ख़ुद को मौजूदा आंदोलन से अलग किया - आज की बड़ी ख़बरें - BBC Hindi बाजी पलट गई है! ट्रैक्टर रैली में मचे उपद्रव के बाद अपने घरों को रवाना हुए एक लाख किसान

अंग्रेज़ी अख़बारद हिंदूने अपने पहले पन्ने पर इस ख़बर को प्रमुखता दी है. अख़बार ने ग्लोबल टाइम्स के हवाले से बताया कि पंगड़ा नामक गांव को नया नया बसाया गया है और सितंबर के महीने में यहां लोगों ने रहना भी शुरू कर दिया है. लेकिन जो तस्वीर अख़बार में छपी है उसमें इसे विवादित क्षेत्र में दिखाया गया है.

अभी पिछले हफ़्ते ही भूटान ने इस बात से इनकार किया था कि यह गांव उनके इलाके में पड़ता है. भारत में भूटान के राजदूत वेतसोप नामग्याल ने द हिंदू अख़बार को बताया था कि "भूटान के अंदर चीन का कोई गांव नहीं है."ग्लोबल टाइम्स ने दक्षिण पश्चिम चीन में स्थित यादॉन्ग काउंटी के प्रशासन के हवाले से बताया कि यहां 27 घरों में 124 लोग रह रहे हैं. साथ ही यह भी बताया कि यह गांव काउंटी से 35 किलोमीटर दूर है. headtopics.com

चीन की मीडिया के मुताबिक इस गांव में 27 घर हैं और अलकतरे से बनी सड़कें हैं. साथ ही यहां एक चौराहा, ग्राम समिति, स्वास्थ्य केंद्र, पुलिस, बच्चों के स्कूल, सुपरमार्केट और प्लास्टिक रनवे मौजूद हैं. और पढो: BBC News Hindi »

Lal Qila पर कब्जा, आंदोलन के नाम पर उत्पात, आंसू-गैस, लाठी और पत्थर! देखें वारदात

दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर जो भी हुआ, वह पूरे देश को सकते में कर गया. ऐसा कभी नहीं होता था. तिरंगे का अपना स्थान होता है, ट्रैक्टर की अपनी जमीन, और विरोध प्रदर्शन की अपनी मर्यादा. सुबह राजपथ पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराया गया. मौका खास था क्योंकि देश 72वां गणतंत्र दिवस मना रहा था. पर अभी चार घंटे भी पूरे नहीं हुए थे कि उसी राजपथ से रीब 6 किलोमीटर दूर लाल किले की प्राचीर ने एक ऐसी तस्वीर दिखाई कि जिसे कोई भी आजाद हिंदुस्तानी आंखें देखना नहीं चाहती थी. आजादी के बाद ये पहला मौका था जब तिरंगे की जगह कोई और झंडा फहरा रहा था. भले ही कुछ वक्त के लिए हो. नामालूम कैसा विरोध था ये और किसका विरोध था ये. देखें वारदात, शम्स ताहिर खान के साथ

Kv77999 शायद प्यार और मोहब्बत किसी धर्म की मोहताज नहीं होता प्यार करने वाले डरा नहीं करते और धर्म की आड़ लेने वाले प्यार नहीं किया करते भगवा की सोच ही अलग हैकानून जोहै वहीतोअसत्यकोसत्यकेरूपमेंतोलदेताहै बाकीतोकानूनअंधाहै 'यहमैंनहींबोलतायहीतोकानूनकाप्रतीकचिन्हहै एकगानाभीहैयहतोअंधाकानूनहै'? Huffington post india se chala gaya, ab inko bhi nikalo yaar, boht ho gaya

Pahle Baat ke islam dharam me love jihad hainahi jo kheta hei oh sabse bara jahil hei महिला के लिये जो भी करना पडे वह कानून की नजर में ठीक है। is desh me sab ko apni man marji shadi karne ka fir vo chaye kisi bhi jathi dharam ka ho sab ko bara bar ka adhikar hai our ye adhikar bharat ke savidhan ne diya hua hai akhir in logo ko kisne ye adhikar diya logo ke apni marji se shadi karne se rokne ka

कुकुर भक्तों की तो लाल हो गई होगी कानून बन कर रहेगा किसी का बाप भी नही रोक सकता Fake news आज इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले ने योगी सरकार के मुंह में मूत दिया। अंध भक्तों बरनोल दूं क्या 😁 एक साथ तीन चार बीवी रखना महिला विरोधी निकाह जेहाद है? यह महिलाओ के संवैधानिक मौलिक और समानता के अधिकार उलंघन और महिलाओं के इज्जत से खेलवाड व दोयम दर्जा का व्यवहार है? पुरुषवादी संकीर्ण दकियानूसीप्रथा का बोझ और प्रताड़ना भारतीय महिलाये आखिर कब तक सहेगी? इस कलंक कुप्रथा कब रोकोगे?

जब एक लड़की शादी के बाद भी अपने माता-पिता से संबंध नहीं तोड़ती, तो फिर उसे उसके धर्म से संबंध तोड़ने के लिए मजबूर करना या दबाव डालना कहां की नैतिकता है? प्यार को प्यार ही रहने दो गुंडाराज नया नाम न दो What about dis,liberals How many cases are there where boy is Hindu and girl is Muslim? kal kisi aurat ne khud ko jalakr ilzam sasural pr lagaya k wo accept nhi kr rahe!!! jis se shadi ki thi us k sir pe baitho. parents razi nhi the un se koi zabardasti nhi kr skta k wo accept karen.nafrat mei andhay ho k samajhdaari or common sense khtam hogya nafrat k saudagaro ka

भारत एक मात्र देश है जहाँ मेजोरिटी ही माइनोरिटी जितना अधिकार मांग रहे हैं 😂 Thank you AHC Librandu BBC।😡😡 The newly elected AIIM MLA in Bihar, who felt ashamed to name Hindustan in the Constitutional Oath and did not take the name Hindustan, gave birth to a hatred politics in the country, and it is the beginning of a new Islamic radicalism that needs to be stopped.