विनोद दुआ: आने वाली नस्लें याद रखेंगी, एक ऐंकर ऐसा भी था - BBC News हिंदी

आने वाली नस्लें याद रखेंगी, एक ऐंकर था विनोद दुआ

04-12-2021 15:56:00

आने वाली नस्लें याद रखेंगी, एक ऐंकर था विनोद दुआ

जब टीवी की दुनिया दूरदर्शन तक सिमटी थी और टीवी पत्रकारिता नाम के लिए भी नहीं थी, विनोद दुआ धूमकेतु की तरह उभरे थे.

एपिसोड्ससमाप्तअपवाद को छोड़ दें तो वे हिंदी के कार्यक्रम करते रहे और अपनी पहचान को हिंदी के ऐंकर के रूप में कायम रखा. उनमें इस बात को लेकर कमतरी का एहसास बिल्कुल भी नहीं था कि वे हिंदी में काम कर रहे हैं. इस तरह उन्हें हिंदी को लोकप्रियता और प्रतिष्ठा दिलाने वाले शख्स को तौर पर भी याद ऱखा जाएगा.

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हालाँकि वे ख़ुद को ब्रॉडकास्टर यानी प्रसारक बताते थे और कहते थे कि पत्रकार नहीं हैं. मगर इसमें आंशिक सच्चाई ही थी. दूरदर्शन के शुरुआती दौर में ख़बरें पढ़ने वाले अधिकांश ऐंकरों का पत्रकारिता से कोई वास्ता नहीं होता था. वे टेलीप्राम्पटर (टीपी) पर लिखा ही पढ़ना जानते थे. इसके उलट विनोद दुआ को टीपी की ज़रूरत ही नहीं होती थी. वे मिनटों में अपने दिमाग़ में तय कर लेते थे कि क्या बोलना है कैसे बोलना है. इसीलिए वे लाइव प्रसारण के उस्ताद थे.

ये सही है कि वे घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए शुरुआती दौर के अलावा (न्यूज़ लाइन) कभी फील्ड में नहीं उतरे (खाने-पीने के कार्यक्रम ज़ायका इंडिया को छोड़कर) और न ही पत्र-पत्रिकाओं में रिपोर्ट या लेख आदि लिखते थे, मगर वे देश-दुनिया की हलचलों के प्रति बहुत सजग रहते थे. ये उनकी पत्रकारीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है. headtopics.com

और यही वज़ह है कि उनकी ऐंकरिंग पत्रकारीय समझ और जानकारियों से भरी रहती थी. उनके सवालात में इसकी छाप देखी जा सकती थी. सवालों का नुकीलापन केवल तेवरों और भाव-भंगिमाओं की वज़ह से नहीं आता था, मगर समाचारों की उस बारीक़ समझ से भी आता था जो वे लगातार साथी-संगियों से चर्चा करके विकसित करते रहते थे.

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इमेज स्रोत,Getty Imagesविनोद दुआ की पत्रकारितादेश की पहली हिंदी साप्ताहिक दृश्यात्मक पत्रिका परख की लोकप्रियता इसका प्रमाण थी. इस पत्रिका के वे न केवल ऐंकर थे बल्कि निर्माता-निर्देशक भी थे. इसके लिए उन्होंने देश भर में संवाददाताओं का जाल बिछाया और विविध सामग्री का संयोजन करके पूरे देश को मुरीद बना लिया.

चूँकि मैं इस पत्रिका का लगभग सौ एपिसोड में संपादकीय प्रमुख था इसलिए अपने अनुभव से बता सकता हूँ कि वे अपने सहयोगियों को भरपूर आज़ादी देते थे. ये और बात है कि उस समय दूरदर्शन में हर रिपोर्ट प्रीव्यू होती थी और अधिकारी बहुत सारी काट-छाँट करवाते थे, मगर दुआ साहब ने कभी इस पर आपत्ति नहीं की कि फलाँ स्टोरी में ये क्यों था या ये क्यों नहीं था.

इसी दौर में वे ज़ी टीवी के लिए एक कार्यक्रम चक्रव्यूह करते थे. ये एक स्टूडियो आधारित टॉक शो था, जिसमें ऑडिएंस के साथ किसी मौज़ू सामाजिक मसले पर चर्चा की जाती थी. इस शो में विनोद दुआ के व्यक्तित्व और ऐंकरिंग का एक और रूप देखा जा सकता था.विनोद दुआ की पत्रकारीय समझ का एक उदाहरण सहारा टीवी पर उनके द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला कार्यक्रम प्रतिदिन भी था. इस कार्यक्रम में वे पत्रकारों के साथ उस दिन के अख़बारों में प्रकाशित ख़बरों की समीक्षा करते थे. इस कार्यक्रम में उनकी भूमिका को देखकर कोई कह ही नहीं सकता था कि ऐंकर पत्रकार नहीं है. headtopics.com

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विनोद दुआ टीवी पत्रकारिता की पहली पीढ़ी के ऐंकर थे. उन्होंने उस दौर में ऐंकरिंग शुरू की थी, जब लाइव कवरेज न के बराबर होता था. युवा मंच (1974) और आपके लिए (1981) जैसे कार्यक्रम रिकॉर्डेड होते थे. बहुत बाद में, 1985 में समाचार आधारित चुनाव विश्लेषण लाइव प्रसारण शुरू हुआ और उन्होंने इसमें अपनी महारत साबित कर दी.

बाद में जब न्यूज़ चैनलों का दौर आया, जिसमें सब लाइव ही लाइव था. उन्हें इससे तारतम्य बैठाने में किसी तरह की दिक़्क़त नहीं आई और जब डिजिटल पत्रकारिता का दौर आया तो वे बड़ी आसानी से वहाँ भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाने में कामयाब रहे. द वायर और एचडब्ल्यू पर उनके शो के दर्शकों की संख्या लाखों में थी.

इमेज स्रोत,THE VINOD DUA SHOWगाने, खाने, पढ़ने के शौकीनवे लगातार पढ़ते रहने वाले संप्रेषक थे. हिंदी-उर्दू के साहित्य उन्होंने काफी पढ़ रखा था, मगर नए के प्रति उनकी जिज्ञासा बनी रहती थी. साहित्य इतर विषयों पर भी उनका अध्ययन चलता रहता था. क़िताबें उनकी अभिन्न मित्र थीं.

दुआ साहब (जैसा कि हम लोग उन्हें कहते थे) ज़िंदादिल जोश-ओ-खरोश से भरे आदमी थे. ओढ़ी हुई गंभीरता को वे अपने पास फटकने भी नहीं देते थे. वे हँसने और किसी स्थिति पर व्यंग्य करने को तैयार बैठे रहते थे. किसी के कहे या किए में नए मायने ढूँढ़ना उनकी सहज वृत्ति थी. headtopics.com

इसीलिए उनकी महफिल में उदासी के लिए कोई जगह नहीं होती थी. उनके पास ढेर सारे प्रसंग और लतीफ़े होते थे और चुटकियाँ लेने में उन जैसा उस्ताद मैंने कोई दूसरा नहीं देखा. उनकी कॉमेडियन बेटी मल्लिका में ये गुण उन्हीं से आया होगा. उनके जैसी हाज़िरजवाबी भी दुर्लभ थी.

संगीत उनकी पहली पसंद था, ख़ास तौर पर सूफ़ी संगीत. अकसर बाबा बुले शाह और बाबा फ़रीद का ज़िक्र करते. उनकी कार में इसी तरह का संगीत बजता था. अकसर उनके घर पर शाम को महफिलें होती थीं और उनमें गाना-बजाना भी. वे ख़ुद भी गाते थे और उनकी पत्नी डॉ. चिन्ना (पद्मावती) भी.ॉ

इमेज स्रोत,Getty Images"एक पत्रकार योद्धा"विनोद दुआ ज़मीन से जुड़े हुए व्यक्ति थे. उनका परिवार विभाजन के वक़्त पाकिस्तान के डेरा इस्माइल ख़ान से भागकर आया था और उसने वे तमाम दुश्वारियाँ झेली होंगी जो विभाजन पीड़ितों को झेलनी पड़ी थीं. इसलिए उनमें वह विनम्रता थी. मुझे इसका अनुभव पहली भेंट में हुआ था, जब मैं उनसे मिलने गया था तो वे मुझे रिसीव करने के लिए दफ़्तर के गेट पर खड़े थे.

कितनी बार ऐसा भी हुआ आए और कहा कि आइए मुकेश जी आपको खीरा या मूली खिलाते हैं और सड़क पर किसी ठेले वाले के पास गाड़ी रोककर हम खीरा-मूली खाने लगते. खाना खाने के मामले में भी वे भव्य होटलों या रेस्तराँ के बजाय छोटे मगर साफ़-सुथरे ढाबों को पसंद करते थे.बहरहाल, विनोद दुआ का इस तरह ऐसे समय में जाना पत्रकारिता की नहीं, लोकतंत्र की भी एक बहुत बड़ी क्षति है. उनकी उपस्थिति हम जैसे बहुत सारे पत्रकारों को तो प्रेरणा देती ही थी, उन लड़ाकों को भी लड़ने और सत्ता के दबावों को चुनौती देने की हिम्मत देती थी जो लोकतंत्र और साझी संस्कृति को बचाने के लिए प्रयासरत हैं.

आज की पीढ़ी पता नहीं विनोद दुआ को कितना जानती है और किस रूप में उन्हें पहचानती है. व्हाट्सऐप-ज्ञान और ट्रोलिंग के इस दौर में लाँछित-कलंकित करने की प्रवृत्ति किसी के योगदान को नष्ट-भ्रष्ट करने में क्षण भर नहीं लगाती. लेकिन जब कभी विनोद दुआ का संपूर्णता में मूल्यांकन होगा, तो उन्हें एक पत्रकार योद्धा के तौर पर जाना जाएगा. धुंध छँटने के बाद ही आने वाली नस्लें तब जान पाएंगी कि विनोद दुआ नाम का एक ऐँकर था.

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❤day ka anchor! kamalkhan_NDTV ये है कौन, अभी के नस्ल को ही बता दो Me b tv anchor hu. Or godi Media se dur hu श्रद्धांजलि Mar gaya m*d*rc**d .....he was a rapist....chalo kuch toh acha ho raha hai desh mein एक एंकर था विनोद दुआ जो बहुत भेंचो था U mean a leftistVinod Dua? Om shanti 🙏 Biased journalist ke roop mein bhi jane jayenge

हम कोई पाखंड नहीं करना चाहते जिससे मरी हुई आत्मा को दुख पहुंचाये इसलिए अगर वो जैसा था वो था अब जो संसार में आया है वो जाएगा इसमे महानता क्या और उसको याद भी क्यूँ किया जाए bbcfakenews hindu_virodhi_bbc bharat_virodi_bbc

अलविदा: वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ का निधन, बीमारी के बाद अस्पताल में थे भर्तीविनोद दुआ पिछले काफी दिनों से बीमार चल रहे थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। Rip🙏🙏🙏 Om Shanti 🙏 Om shanti....great and decent journalist....!!!!!

जिंदगी चांदनी चौक की चाट पकौड़ी में चली गई अबे किसकी नस्ले याद करेंगी नस्ले क्या मतलब Gajab personality wale insan the vinod dua ji jinhone kattarwadi hindu vichardhara ka purjor virodh kiya Vinod dua ji ko pura desh salute krta hai jo desh hit me sochta hai wo har insan Vinod Dua ji ko salam krta hai Rip

This predator was involved in Mee too. विनम्र श्रद्धांजलि।पत्रकारिता जगत का एक चमकता हुआ सितारा अस्त हो गया। Apke jane ka dukh jarur hai lekin apke kuchh karmo se hamesha akrosh rahega 🙏 RIP... Really we lost a great media warrior VinodDua, one of superstar of Television DDNational 😔😭 ऊं शांति 🙏 शत् शत् नमन 🙏

पत्रकार विनोद दुआ का निधन, बेटी मल्लिका ने दी जानकारीपत्रकार विनोद दुआ का निधन हो गया. वे काफी समय से बीमार चल रहे थे. विनोद दुआ की बेटी मल्लिका दुआ ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए ये जानकारी दी. ईश्वर पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करें 💐 RIP..🙏🏻🙏🏻 Om Shanti..🙏🏻🙏🏻

🤣🤣🤣🙊 sohitmishra99 Bilkul... A reverent/respectful personality who spoke truth to power. बिल्कुल याद रखेंगी की कितना बड़ा चाटुकार और कुकरमुत्ता था। Jo left se khata tha aur right ke paraf ugalta tha. Ek tha vinod dua, jo tha bika hua. sohitmishra99 नस्लें बिलकुल याद रखेंगी ऐसे सच्चे पत्रकार को और हमेशा। कमेंट बॉक्स को देख रहा हूँ तो लगता है इंसान अब इंसान नहीं हैवान बन गया है चंद सालों में। ऐसे लोग किसी का नहीं होते इनमें सच सुनने की और बोलने की ताक़त नहीं होती।

MeToo accused journalist !! क्यूँ मज़ाक कर रहे हो सुबह सुबह Or log bolenge mar gya madharchd

भास्कर LIVE अपडेट्स: वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ का 67 साल की उम्र में निधन, पोस्ट कोविड बीमारियों के कारण ICU में भर्ती थेदेश के मशहूर पत्रकार विनोद दुआ का 67 साल की उम्र में शनिवार को निधन हो गया। उनकी बेटी मल्लिका दुआ ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार दिल्ली के लोधी नगर श्मशान घाट में किया जाएगा। | Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos and More From Dainik Bhaskar (दैनिक भास्कर), Coronavirus Vaccine and Omicron Coronavirus Variant श्रद्धांजलि 💐 बेहद ही मार्मिक खबर

Koti koti naman Hmm, I don’t think so . No one will remember him within a month. He wasn’t a saint Definitely.I pay my gratitude to the immortal soul. किस वजह से। विनम्र श्रद्धांजलि! 🤣🤣🤣🤣🤣 My all-time favourite journalist. I liked him for his humour, down-to-earth attitude and bold reporting. Always miss him

72 hoore nahi mili.... कोई कुछ बताएंगा विनोद ने ऐसा क्या किया था जो नस्लों केलिए आदर्श और उदाहरण बनगया फिर ज्यादातर भारतीय बीबीसी की भारतविरुद्ध नकारात्मक पत्रकारिता मेंतुम्हारी आरएसएस बीजेपी वीएचपी हिंदुत्व हिंदुओंके प्रति नफरत भारतीय देख और समझ रहे हैं मूर्खों का समूह बीबीसी भारत की दुश्मन है😠😡🤬

अलविदा विनोद दुआ: पाकिस्तान से ताल्लुक से दिल्ली के दबंग तक, अब खबरों की दुनिया का 'जायका' चला गयाबात हो रही है दिग्गज पत्रकार और कलमकार विनोद दुआ की, जिन्होंने शनिवार (4 दिसंबर) को इस दुनिया को अलविदा कह दिया। या यूं 😀 ईश्वर पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करें 💐

कलम चलाते हाथ न रहे पर कलम आज भी मौजूद है देखे कौन बांका इस वीर की विरासत आगे बढ़ाता है। जुग जुग जियो निडर निरभिमानी शेर शरीर छूट जाता है, कर्म आपके रहेंगे कायम।

How about Bending down on yr knees and Suck the dic£ very true.. RIP. विनम्र श्रध्दांजलि जो की एक नंबर का चू - थी - या था। और नस्लें बोलेंगी- ' ला ल लरल्लल्ला, एक दिन बिक जाएगा.....' Bencho… Kaunse nashe karte ho tum log? Dua jaise tharkiyon ko koi yaad nehi rakhega. Kal hi bhool jayenge. I bet tum logon ko next week uske marne ka din bhi yaad nehi rahega.

कोई याद नहीं रखता और भाजपा RSS विनोद जी का भी नाम ख़राब कर रही है। सिर्फ़ हिंदू मुसलमान के अलावा इस देश में कुछ भी याद नहीं रखा जाता है। इतना दिमाग़ी दिवालिया पन पिछले 7 साल में हो गया है। RIPVinodDua 🤦 Doglepann ka Ravish Kumar aur Barkha dutt k baad koi asli brand ambassador hai toh vo yahi sahab hai. Kabhi inhi Mahapurush ne bola tha divangat hone k baad bhi sachi shradhanjali de, mai inhi ki baat mankar inhe sachi shradhanjali de rha hu 😜😜😜

अलविदा: वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ का निधन, बीमारी के बाद अस्पताल में थे भर्तीविनोद दुआ पिछले काफी दिनों से बीमार चल रहे थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। Rip🙏🙏🙏 Om Shanti 🙏 Om shanti....great and decent journalist....!!!!!

मगर हम ये पाखंड नहीं करेंगे? वरिष्ठ पत्रकार पद्म श्री विनोद दुआ जी का निधन पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति एवं शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे 🙏 Very sad news मुझे भी विनोद दुआ की 'मौत' का उतना ही दुख है जितना अल्लाह के नेक बंदों को रोहित सरदाना जी के 'निधन' पर हुआ था। 🤣🤣🤣🤣

बेबाक राय रखने वाली पीढ़ी के एक मजबूत स्तंभ को पत्रकारिता जगत ने खो दिया है, ईश्वर आत्मा को शांति प्रदान करें... Sad news .. Rip Vinod Dua ji RIP GREAT VINOD DUA विनोद दुआ जी के निधन की खबर बहुत ही दुखद है बहुत ही दुख हुआ ये जानकर,भगवान उनकी आत्मा को शांति दे उनके परिवार को इस दुख को सहने की हिम्मत दे,पत्रकारिता में यह कमी कोई भी पूरी नहीं कर सकता है n ही कर पाएगा।

एक अच्छे और सफल पत्रकार आने वाली नस्लें याद रखेंगी, एक ऐंकर था विनोद दुआ “जो एक दिन मर गया”

BBC News हिंदी के साथ बढ़ाइए ख़बरों की समझ का दायरा - BBC News हिंदी'अपनी दुनिया से अधिक पाएँ' अभियान का मतलब ख़बरों को लोगों को उन्हीं के नज़रिए से पहुंचाना है जैसा कि वो चाहते हैं, साथ ही, कैसे वो इससे प्रेरित होते हैं और सशक्त बनते हैं यह भी हम बताते हैं.

नम्र श्रद्धांजलि Sumesh_Mouryaa His interview of Beant Singh was the one that I remember till now. How he asked Beant Singh then chief minister to say few lines of shyari. And B. Singh reluctantly obliged him. Paapppu party ka sitara chala gaya... RIP ये तो अपने अपने नस्लों को बताने पर निर्वर करता है.. आप उस को सच्चा कहना...... और हम देशद्रोही बोल कर बतायेगे..... अबे सालो.... ओ मोदी है..... नेट सस्ता ही.. तुम लोगो की हकीकत जानने के लिए किया था... BC

Ye rahaa Vinod Dua RIP..🙏 You mean Naxale विनोद जी ने अपनी परख से बड़े से बड़े नेता को अपने सवालों के चक्रव्यू में पस्त कर दिया देश ने आज एक निर्भीक और सच्चा जागरूक पत्रकार खो दिया ...! इनका समाज और देश को दिया योगदान कभी न भुलाने वाला है ...!! इनकी कमी हमेशा खलेगी ..!! खासकर आज के समय में ऐसे सच्चे पत्रकारों की सख्त जरूरत थी भगवान इन्हे अपने चरणों में स्थान दे ! 🙏🙏

जब भी मुझे पतली या ढीली टट्टी होती है मैं डॉक्टर को पतली ढीला विनोद दुआ बताता हूं। शक्ल देख भाई इस इंसान की ऐसा लगता है गधे की गांड सूज गयी हो

Kutta tha gandi parivar ka.. मार गया क्या खेर अंत भला तो सब भला और मारा गया ,कुत्ते की मौत ,नही कहूंगा Chhote the to doordarshan par dekha tha elections pe discuss karte huye, teenage huye to inhe street foods khaate dekhte the aur ab jab aadhi umar ja chuki hai, inko YouTube pe tanqeed karte bhi suna. zamane badal gaye Kitne aaye aur kitne gaye, par Vinod dua kayam rahe. RIP sir

नमन EK SULJHE SAMAJHDAR BEHTARIN PATARKAR AAJ DESH NE KHO DIYA Exactly और गाएंगी 😂😂😂 I wish his soul rest in peace , at the same time I must say he was not an impartial reporter. His inclination towards Congress was an open secret . R I P . 🤣🤣🤣gud joke 😂😂😂

मोदी : चैन मिला थोड़ा विनोद दुआ जी आप हमेशा याद आओगे 😢 Baal ..yaad rakhega .. dalal ko koi yaad nahin rakhta लत खोर था , कोई याद नहीं रखेगा , अच्छा हुआ मर गया , Tumari nasale konsi hai....kuch bhi headline likhte ho....tum kis nasal ke ho विनोद_दुआ VinodDua Vinod BBC wale hindi me bejati mat karo be ..Tum logo ki hindi abhi bhi angrezo k jamane ki hai jaha dekho indian ko beizzat kar do ..Marne k baad bhi bezzati .!!! 'आने वाली नस्ले याद रखेंगी ,एक एंकर थे विनोद दुआ।' कॉरेक्ट करो ।

नस्लें कुत्तों की होती है , ना कि पत्तलकारो की विनोद_दुआ Facts_chek Rest in peace dear sir... We will miss you sir..,❤️❤️❤️❤️😩 RIP

नस्ल बीबीसी के जानवरो की होती है। Great human lost 🙏🏻om Shanti 🙏🏻 No comparison at all ,no replacement आत्मिक नमन ये वाला Ek naxal tha duuwaaa Those who watched his shows will never forget him.Honesty and Truth flow from him. May his soul rest in peace. A great relief to Indian politicianbeggars.He pestered them most,showing them mirror.May Almighty rest his soul in eternal peace and tranquility.🙏

याद करने के लिए ओर भी बहुत लोग है इन गददारों को हम क्यों याद करे

रहने को सदा दहर में आता नहीं कोई तुम जैसे गए ऐसे भी जाता नहीं कोई 🙏❤️ RIPVinodDua उसकी नस्ल से हमें क्या लेना देना ‌जो हूआ अच्छा ही हूआ। ईश्वर से प्रार्थना है कि हो सके तो इनकी आत्मा को शांति दे। 10 जनपथ का पालतू कुत्ता बोल R.I.P sir 🙏🙏 Miss you sir विनोद बद्दुआ Ek dalal tha ye bhi yad rakhega MeToo 😂 🙏

और ये भी याद रखेंगे की जहरीले वामपंथ और हिन्दू विरोधी एजेंडे को फैलाया पत्रकारिता के आकाश में एक ध़ुव तारा थै विनोद दुआ जैसा व्यक्तित्व आज एक ईमानदार व्यक्ति की मौत हुई है एक ऐैसा पत्रकार जिसने हमेशा सच्ची पत्रकारिता करी दुःखद🥲 Rip जो पूरे भारत का जायका चखा था 😀 अपना एजेंडा चलाने वाला जो कभी भी निष्पक्ष नहीं रहा

दिल दहला देने वाली खबर दुआ दा को विनम्र श्रद्धांजलि आज एक पत्रकार का निधन हुआ। एक निडर पत्रकार जो हर सरकार को आईना दिखाना ने का काम करते थे। 2014 से पहले ऐसे पत्रकारों की हमेशा सराहना होती थी, विनोद की भी हुई थी। लेकिन 2014 बाद पत्रकार स्वरूप बदल गया पत्रकार चाटूकार बन गए, पत्रकारों को गालियाँ मिलने लगीं और चाटूकारों को इनाम।

किते हरामी हों तुम बे। वो तो था ही Sir we will Miss you कोई याद नहीं रखता है। ॐ शांति🍁 चमचों-गुलामों को कौन याद रखता है भाई... Kon h y vinod dube...hume hi nahi pata..to ane walo ko kya pata hoga पहले दूरदर्शन पर चुनाव विश्लेषण पर दो ही पत्रकार आते थे हिन्दी के लिए विनोद दुआ और अंग्रेजी के लिए प्रणव राय इन दोनो ने ही चुनावी गणित विश्लेषण वोट प्रतिशत भारत के आमजनों को सिखाया श्रद्धांजली साकेतवासी विनोद दुआ साहब को 💐💐🙏🙏

He had reached the heights of journalism and one time he was legendary figure of journalism. To keep his memory alive Award on journalism should be instituted in his name. La la lalala mar gya madarkhod

एक ऎसा ऐंकर, जो पत्रकारिता के नाम पे अपनी एजेंडा चलाता था,सिलेक्टिभ महिमामंडन करता था ,और तो और ऎसा भी करता था।👇 Koi yaad nahi rkhega 🙏🙏💐 तुम ही रखना याद , हम तो बस इसकी धूर्तता के लिए याद रखेंगे।।। No one * he was Comunist and quoted always distorted history ' his name was selected as British till 1947 in history

Hridaysparshi shraddhanjali lekh🙏 Biased leftist. नस्ले या नक्सली ?🤔 कौन सी नस्ल याद रखेगी ये भी बता देता। देशी या हाईब्रिड🙄🔔🔔🔔 इसलिए तेरा नाम सही है, BBC, B, भाग B, भो,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,श्री C, के

Kisika bhi dua kaam nehin kiya MeeTo bhi yad h Jabardasti? metoo ka accused. Naxal and MeToo accused aswell ऐंकर नहीं नक्सल था । RIP 🙏💐 आनेवाली आप की नसले , हमारी नही. Keep it private. शत शत शत नमन 🌷🌷 RIP sir

Aaj hi dantewada me 26 naxale surrender Kiya...shayad inhe yaad Karne k liye aane wale naxale bache hi naa... Dalla* it's naxalites not sanal Kon?