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बिहार: जातिवादी राजनीति से उभरे नीतीश कुमार, ललन सिंह को सौंपी पार्टी की कमान

समाजवादियों का उत्तराधिकारी बताने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। ललन सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष

01-08-2021 04:20:00

बिहार: जातिवादी राजनीति से उभरे नीतीश कुमार, ललन सिंह को सौंपी पार्टी की कमान Bihar NitishKumar LalanSingh JDU

समाजवादियों का उत्तराधिकारी बताने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। ललन सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष

ख़बर सुनेंसमाजवादियों का उत्तराधिकारी बताने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, ललन सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष का कमान सौंपकर जातिवादी राजनीति से उभर गए हैं।ललन सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर समाजवादी नीतीश ने सोशल इंजीनियरिंग के जरिए दलित, महादलित, कुशवाहा, अति पिछड़ी जातियों के बड़े समूह और स्वर्ण भूमिहारों को अपने पक्ष में किया। इसके पहले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार करते हुए स्वजातीय व राजनीति में कम अनुभव रखने वाले आरसीपी सिंह को अपनी विरासत सौंप दी थी।

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विरासत मिलने के बाद पूरी पार्टी आरसीपी सिंह के हवाले थी। जब केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार हो रहा था तो आरसीपी सिंह स्वयं मंत्रिमंडल में शामिल हो गए। उसके बाद से नीतीश कुमार को पार्टी के लिए ललन सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाना जरूरी हो गया था। कहते हैं कि नीतीश कुमार यदि ललन सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनाते तो पार्टी को संभालना मुश्किल हो जाता।

आरसीपी सिंह के बाद नीतीश के यदि कोई करीबी हैं तो वह ललन सिंह हैं। ललन सिंह मुंगेर से सांसद हैं। ललन सिंह 2005 में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष बने थे। जब नीतीश ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद छोड़ा था तो उन्होंने पार्टी के समर्पित वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह और केसी त्यागी को दरकिनार कर आरसीपी सिंह को कमान सौंपी थी। उस समय नीतीश ने समाजवाद की जगह जातिवाद को बढ़ावा दिया था। headtopics.com

नीतीश खुद को लोहिया व कर्पूरी ठाकुर की तरह वंशवाद और जातिवाद का विरोधी बताते रहे हैं। दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी ने राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को पार्टी का अध्यक्ष चुन लिया है। आरसीपी सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से अपना इस्तीफा दे दिया है।

दरअसल नीतीश कुमार की पार्टी पर कुशवाहा भी कुर्मी समीकरण साधने के आरोप लगाते रहे हैं और इसका खामियाजा पिछले विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार को भुगतना भी पड़ा है।पार्टी में बढ़े कुर्मी वर्चस्व से पार्टी के भूमिहार और दलित नेताओं में नाराजगी थी। पार्टी का दूसरा कोर वोट बैंक कुशवाहा भी पिछले विधानसभा चुनाव में जदयू से थोड़ा नाराज दिखा था। उपेंद्र कुशवाहा को पार्टी में लाकर नीतीश कुमार ने उसकी भरपाई करने की कोशिश तो कर ली लेकिन भूमिहार मतदाताओं की नाराजगी झेल चुके नीतीश बड़ी राजनीतिक चुनौतियों से घिरा महसूस कर रहे थे। ललन सिंह पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से हैं और नीतीश कुमार के पुराने सहयोगी रहे हैं।

विस्तारसमाजवादियों का उत्तराधिकारी बताने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, ललन सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष का कमान सौंपकर जातिवादी राजनीति से उभर गए हैं।विज्ञापनललन सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर समाजवादी नीतीश ने सोशल इंजीनियरिंग के जरिए दलित, महादलित, कुशवाहा, अति पिछड़ी जातियों के बड़े समूह और स्वर्ण भूमिहारों को अपने पक्ष में किया। इसके पहले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार करते हुए स्वजातीय व राजनीति में कम अनुभव रखने वाले आरसीपी सिंह को अपनी विरासत सौंप दी थी।

विरासत मिलने के बाद पूरी पार्टी आरसीपी सिंह के हवाले थी। जब केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार हो रहा था तो आरसीपी सिंह स्वयं मंत्रिमंडल में शामिल हो गए। उसके बाद से नीतीश कुमार को पार्टी के लिए ललन सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाना जरूरी हो गया था। कहते हैं कि नीतीश कुमार यदि ललन सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनाते तो पार्टी को संभालना मुश्किल हो जाता। headtopics.com

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आरसीपी सिंह के बाद नीतीश के यदि कोई करीबी हैं तो वह ललन सिंह हैं। ललन सिंह मुंगेर से सांसद हैं। ललन सिंह 2005 में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष बने थे। जब नीतीश ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद छोड़ा था तो उन्होंने पार्टी के समर्पित वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह और केसी त्यागी को दरकिनार कर आरसीपी सिंह को कमान सौंपी थी। उस समय नीतीश ने समाजवाद की जगह जातिवाद को बढ़ावा दिया था।

नीतीश खुद को लोहिया व कर्पूरी ठाकुर की तरह वंशवाद और जातिवाद का विरोधी बताते रहे हैं। दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी ने राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को पार्टी का अध्यक्ष चुन लिया है। आरसीपी सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से अपना इस्तीफा दे दिया है।

दरअसल नीतीश कुमार की पार्टी पर कुशवाहा भी कुर्मी समीकरण साधने के आरोप लगाते रहे हैं और इसका खामियाजा पिछले विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार को भुगतना भी पड़ा है।पार्टी में बढ़े कुर्मी वर्चस्व से पार्टी के भूमिहार और दलित नेताओं में नाराजगी थी। पार्टी का दूसरा कोर वोट बैंक कुशवाहा भी पिछले विधानसभा चुनाव में जदयू से थोड़ा नाराज दिखा था। उपेंद्र कुशवाहा को पार्टी में लाकर नीतीश कुमार ने उसकी भरपाई करने की कोशिश तो कर ली लेकिन भूमिहार मतदाताओं की नाराजगी झेल चुके नीतीश बड़ी राजनीतिक चुनौतियों से घिरा महसूस कर रहे थे। ललन सिंह पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से हैं और नीतीश कुमार के पुराने सहयोगी रहे हैं।

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प्रधानमंत्री से लेकर रक्षा मंत्री तक...देखें तालिबान की सरकार में कौन-कौन शामिल

तालिबान ने अंतरिम सरकार की घोषणा कर दी है. इस अंतरिम सरकार में प्रधानमंत्री यानी सरकार के प्रमुख की भूमिका में मुल्ला हसन अखुंद होंगे. मुल्ला हसन अखुंद तालिबान की रहबरी शूरा यानी लीडरशिप काउंसिल का चीफ है और तालिबान प्रमुख मुल्ला हिब्तुल्लाह अखुंदजादा के बेहद करीबियों में शामिल हैं. मुल्ला बरादर को तालिबान सरकार में डिप्टी पीएम बनाया गया है. डिप्टी पीएम की भूमिका में मुल्ला हन्नाफी की भी भूमिका रहेगी. इसके अलावा मुल्ला याकूब तालिबान सरकार में रक्षा मंत्री होगा और सिराजुद्दीन हक्कानी तालिबान सरकार में आंतरिक मामलों का मंत्री होगा. शेर मोहम्मद अब्बास स्तनकजई तालिबान सरकार में उपविदेश मंत्री होगा. खैरुल्लाह खैरख्वा तालिबान सरकार में सूचना मंत्री होगा. जबकि तालिबान प्रवक्ता जैबुल्लाह मुजाहिद को उप सूचना मंत्री की जिम्मेदारी मिल रही है. अब्दुल हकीम को तालिबान सरकार का न्याय मंत्री बनाया गया है. ज्यादा जानकारी के लिए देखें खबरदार.

Caste politics is the reason for bihar backwardness…

नीतीश के पुराने साथी ललन सिंह बने जेडीयू चीफपार्टी अध्यक्ष पद की रेस में ललन सिंह का मुकाबला हाल ही में अपनी पार्टी रालोसपा का जेडीयू में मर्ज कराने वाले उपेंद्र कुशवाहा से था।

नीतीश कुमार ने लल्लन सिंह को बनाया जदयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष - BBC News हिंदीबिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दिया है. तब पछताए क्या होत जब चिडियाँ चुॅग गयीं खेत.. 🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣 बधाई मैं भी न्यूज़ एंकर बनाना चाहता हूं , आप सभी से निवेदन है मेरी मदद करिए । मोबाइल नंबर - 9336516349

भास्कर BREAKING: ललन सिंह बने JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुंगेर के सांसद को कमान सौंप कर नीतीश कुमार ने किया डैमेज-कंट्रोलजनता दल यूनाइटेड के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष अब ललन सिंह होंगे। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस पर मुहर लग गई है। आखिरकार CM नीतीश कुमार ने ललन सिंह को JDU का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना कर अपना कर्ज उतार ही दिया। ललन सिंह को केंद्र में मंत्री नहीं बनाए जाने का मलाल CM नीतीश कुमार को भी था, क्योंकि वह नीतीश कुमार के पुराने साथी होने के साथ साथ उनके दुख-दर्द में भी सहारा बनते थे। | MP Lalan Singh appointed new national president of Janata dal ubited in Delhi Jduonline नहीं मिला न्याय ष16वर्षो से समग्र शिक्षा अभियान में लगे सन्दर्भ व्यक्तिcwsnको की10वर्षोसे मानदेय वृद्धि नहीं न ग्रीष्मकालीन अवकाश पर मानदेय इन आदेशों से साफ साफ दिखाई देता है की अधिकारियों ने जानबूझकर अनभिज्ञ बन गए ये सब शिक्षा विभाग के प्लेशमेन्ट एजेंसी वाले हैं

Big News:जानिए नीतीश कुमार के क्लासमेट रहे जेडीयू के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह का राजनीतिक सफरजनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में आज राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नीतीश कुमार ने डैमेज कंट्रोल करने के लिए यह फैसला लिया है। क्योंकि ललन सिंह को मोदी कैबिनेट में शामिल ना कराए जाने को लेकर भूमिहार समाज में काफी नाराजगी थी।

जातीय जनगणना के मुद्दे पर एकमत हुए नीतीश कुमार और तेजस्वी यादवजाति आधारित जनगणना में केवल अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति शामिल होंगे, संसद में केन्द्र के इस बयान के बाद बिहार में राजनीतिक तौर पर प्रभावशाली अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को इस जनगणना में शामिल करने की मांग शुरू हो गयी है।

Big News : जातीय जनगणना पर एक हो गए नीतीश-तेजस्वी, '2 अगस्त को मुख्यमंत्री पीएम मोदी को खत लिखेंगे'Caste Census in Bihar : बिहार में जातीय जनगणना को लेकर सीएम नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक राय पर सहमत होते दिख रहे हैं। तेजस्वी यादव के मुताबिक जातीय जनगणना को लेकर नीतीश पीएम मोदी को खत लिखेंगे। बिहार मध्यावधि चुनाव की ओर अग्रसर हो रहा है NEET_में_आरक्षण_वापस_लो सवर्ण_सांसद_हिंजड़े_हैं isliye ... Ek bihari 100 bimari...