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नरेंद्र गिरि सुसाइड केस: कमरे में मिला छह पेज का सुसाइड नोट, सवाल- आखिर किस अपमान से आहत थे महंत

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि जिस कमरे में फंदे पर लटके मिले, वहां छह पेज का सुसाइड नोट मिला है। पुलिस के मुताबिक,

21-09-2021 03:45:00

नरेंद्र गिरि सुसाइड केस: कमरे में मिला छह पेज का सुसाइड नोट, सवाल- आखिर किस अपमान से आहत थे महंत NarendraGiri AnandGir Prayagraj Mahant narendragiri NaredraGiriSuicide Uppolice

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि जिस कमरे में फंदे पर लटके मिले, वहां छह पेज का सुसाइड नोट मिला है। पुलिस के मुताबिक,

पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही शव उतारा जा चुका था। सूत्रों के मुताबिक, महंत के शव के पास ही बिस्तर पर सुसाइड नोट पड़ा था। छह पेज के इस सुसाइड नोट में वसीयतनामे से लेकर अन्य कई बातें लिखीं थीं। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इसमें महंत के सबसे करीबी शिष्य रहे आनंद गिरि, लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी व उनके बेटे संदीप तिवारी के नाम के साथ लिखा है कि वह इनके व्यवहार से आहत थे। सुसाइड नोट में लिखा है कि उन्होंने पूरा जीवन सम्मान के साथ जिया। उनके दामन में कभी किसी तरह का दाग नहीं रहा। लेकिन कुछ लोगों ने उन्हें मिथ्या आरोप लगाकर अपमानित किया। जिससे वह बेहद दुखी हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर वह कौन सा अपमान था जिसने महंत को इस कदर आहत कर दिया।

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आनंद, आद्या या संदीप, कौन किस बात के लिए कर रहा था परेशान?सुसाइड नोट में लिखी बातें सामने आने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं जिनका जवाब किसी के पास नहीं है। इन सवालों से सबसे ज्यादा घेरे में आनंद गिरि, बड़े हनुमान मंदिर के मुख्य ख्पुजारी आद्या तिवारी व उनके बेटे संदीप तिवारी की भूमिका है। किसकी भूमिका को लेकर क्या उठ रहे हैं सवाल, नीचे पढ़िए...

योग गुरु आनंद गिरिबात आनंद गिरि की करें तो सवाल उठता है कि क्या वह किसी बात को लेकर महंत को परेशान कर रहे थे। गौरतलब है कि कुछ समय पहले आनंद गिरि को अखाड़े से निष्कासित किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई वीडियो वायरल हुए थे। जिसमें अखाड़े व मठ की संपत्तियों के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए थे। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष के कई शिष्यों के पास करोड़ों की संपत्ति होने से संबंधित तस्वीरें भी वायरल हुई थीं। आरोप लगा था कि अखाड़ा परिषद अध्यक्ष की छवि धूमिल करने को लेकर साजिशन ऐसा किया गया। जिसका खुद अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने खंडन करते हुए कहा था कि यह सभी आरोप बेबुनियाद हैं। ऐसें में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आनंद गिरि किसी बात को लेकर महंत को परेशान कर रहे थे? headtopics.com

आद्या तिवारी व संदीप तिवारीइसके बाद लेटे हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी आद्या तिवारी व उनके बेटे संदीप तिवारी का नाम आता है। सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि महंत इनके व्यवहार से आहत थे। चर्चा इस बात की भी रही कि महंत से आद्या तिवारी का लेनदेन का कुछ मामला था, जिसे लेकर पिछले कुछ समय से उनके बीच मनमुटाव हुआ था। तो एक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या आद्या व उनके बेटे संदीप की किसी बात को लेकर अखाड़ा परिषद अध्यक्ष परेशान थे। हालांकि हिरासत में लिए जाने के दौरान आद्या तिवारी ने इन बातों का खंडन किया और साफ कहा कि उनका अखाड़ा परिषद अध्यक्ष से किसी तरह का विवाद नहीं था।

अन्य शिष्यों से कोई लेना-देना नहीं, न किए जाएं परेशानसुसाइड नोट में उन्होंने यह भी लिखा है कि उनके अन्य शिष्यों का उनकी मौत से कोई लेना-देना नहीं है, ऐसे में उन्हें परेशान न किया जाए। इसके अलावा विस्तार से यह लिखा है कि उनके न रहने के बाद मठ, अखाड़ा व हनुमान मंदिर में किसकी क्या भूमिका होगी। पुलिस अफसरों ने भी इस बात की पुष्टि की। आईजी रेंज केपी सिंह ने सुसाइड नोट में आनंद गिरि व वसीयतनामे के जिक्र के बात की पुष्टि की। हालांकि उन्होंने इससे ज्यादा कुछ बताने से इंकार किया। उनका कहना था कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल इससे ज्यादा कुछ बता पाना संभव नहीं है।

सुसाइड नोट कितना सही, फोरेंसिक जांच से खुलेगा राजअखाड़ा परिषद की संदिग्ध हाल में मौत के बाद फिलहाल जो भी आशंकाएं, निष्कर्ष निकाले जा रहे हैं, उसका मूल मौके से बरामद सुसाइड नोट है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि सुसाइड नोट की प्रमाणिकता भी तब तक संदेह से परे नहीं है जब तक कि फोरेंसिक जांच न हो जाए। फोरेंसिक जांच के दौरान हैंडराइटिंग मिलान में ही यह साफ हो पाएगा कि सुसाइड नोट अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने ही लिखा या नहीं। फिलहाल फोरेंसिक टीम ने इसे कब्जे में ले लिया है। साथ ही अखाड़ा परिषद अध्यक्ष की हैंडराइटिंग का सैंपल भी एकत्र कर लिया गया।

विस्तार इस सुसाइड नोट में मठ और अखाड़े के उत्तराधिकारियों के नाम लिखे गए हैं। सबसे खास बात यह है कि इसमें कभी महंत के बेहद करीबी रहे आनंद गिरि के अलावा लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी व उनके बेटे संदीप तिवारी का नाम भी है। साथ ही सम्मान व अपमान को लेकर भी कुछ बातें लिखी हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर महंत किस अपमान को लेकर आहत थे? headtopics.com

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विज्ञापनपुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही शव उतारा जा चुका था। सूत्रों के मुताबिक, महंत के शव के पास ही बिस्तर पर सुसाइड नोट पड़ा था। छह पेज के इस सुसाइड नोट में वसीयतनामे से लेकर अन्य कई बातें लिखीं थीं। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इसमें महंत के सबसे करीबी शिष्य रहे आनंद गिरि, लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी व उनके बेटे संदीप तिवारी के नाम के साथ लिखा है कि वह इनके व्यवहार से आहत थे। सुसाइड नोट में लिखा है कि उन्होंने पूरा जीवन सम्मान के साथ जिया। उनके दामन में कभी किसी तरह का दाग नहीं रहा। लेकिन कुछ लोगों ने उन्हें मिथ्या आरोप लगाकर अपमानित किया। जिससे वह बेहद दुखी हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर वह कौन सा अपमान था जिसने महंत को इस कदर आहत कर दिया।

आनंद, आद्या या संदीप, कौन किस बात के लिए कर रहा था परेशान?सुसाइड नोट में लिखी बातें सामने आने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं जिनका जवाब किसी के पास नहीं है। इन सवालों से सबसे ज्यादा घेरे में आनंद गिरि, बड़े हनुमान मंदिर के मुख्य ख्पुजारी आद्या तिवारी व उनके बेटे संदीप तिवारी की भूमिका है। किसकी भूमिका को लेकर क्या उठ रहे हैं सवाल, नीचे पढ़िए...

योग गुरु आनंद गिरिबात आनंद गिरि की करें तो सवाल उठता है कि क्या वह किसी बात को लेकर महंत को परेशान कर रहे थे। गौरतलब है कि कुछ समय पहले आनंद गिरि को अखाड़े से निष्कासित किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई वीडियो वायरल हुए थे। जिसमें अखाड़े व मठ की संपत्तियों के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए थे। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष के कई शिष्यों के पास करोड़ों की संपत्ति होने से संबंधित तस्वीरें भी वायरल हुई थीं। आरोप लगा था कि अखाड़ा परिषद अध्यक्ष की छवि धूमिल करने को लेकर साजिशन ऐसा किया गया। जिसका खुद अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने खंडन करते हुए कहा था कि यह सभी आरोप बेबुनियाद हैं। ऐसें में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आनंद गिरि किसी बात को लेकर महंत को परेशान कर रहे थे?

आद्या तिवारी व संदीप तिवारीइसके बाद लेटे हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी आद्या तिवारी व उनके बेटे संदीप तिवारी का नाम आता है। सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि महंत इनके व्यवहार से आहत थे। चर्चा इस बात की भी रही कि महंत से आद्या तिवारी का लेनदेन का कुछ मामला था, जिसे लेकर पिछले कुछ समय से उनके बीच मनमुटाव हुआ था। तो एक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या आद्या व उनके बेटे संदीप की किसी बात को लेकर अखाड़ा परिषद अध्यक्ष परेशान थे। हालांकि हिरासत में लिए जाने के दौरान आद्या तिवारी ने इन बातों का खंडन किया और साफ कहा कि उनका अखाड़ा परिषद अध्यक्ष से किसी तरह का विवाद नहीं था। headtopics.com

अन्य शिष्यों से कोई लेना-देना नहीं, न किए जाएं परेशानसुसाइड नोट में उन्होंने यह भी लिखा है कि उनके अन्य शिष्यों का उनकी मौत से कोई लेना-देना नहीं है, ऐसे में उन्हें परेशान न किया जाए। इसके अलावा विस्तार से यह लिखा है कि उनके न रहने के बाद मठ, अखाड़ा व हनुमान मंदिर में किसकी क्या भूमिका होगी। पुलिस अफसरों ने भी इस बात की पुष्टि की। आईजी रेंज केपी सिंह ने सुसाइड नोट में आनंद गिरि व वसीयतनामे के जिक्र के बात की पुष्टि की। हालांकि उन्होंने इससे ज्यादा कुछ बताने से इंकार किया। उनका कहना था कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल इससे ज्यादा कुछ बता पाना संभव नहीं है।

सुसाइड नोट कितना सही, फोरेंसिक जांच से खुलेगा राजअखाड़ा परिषद की संदिग्ध हाल में मौत के बाद फिलहाल जो भी आशंकाएं, निष्कर्ष निकाले जा रहे हैं, उसका मूल मौके से बरामद सुसाइड नोट है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि सुसाइड नोट की प्रमाणिकता भी तब तक संदेह से परे नहीं है जब तक कि फोरेंसिक जांच न हो जाए। फोरेंसिक जांच के दौरान हैंडराइटिंग मिलान में ही यह साफ हो पाएगा कि सुसाइड नोट अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने ही लिखा या नहीं। फिलहाल फोरेंसिक टीम ने इसे कब्जे में ले लिया है। साथ ही अखाड़ा परिषद अध्यक्ष की हैंडराइटिंग का सैंपल भी एकत्र कर लिया गया।

कार्टून: इसे भी क्रेडिट चाहिए - BBC News हिंदी NCB के टारगेट पर कई स्टार किड्स: एक प्रोड्यूसर की बेटी, एक्ट्रेस की बहन, एक्टर की बेटी और भतीजे को भेजा जा सकता है समन प्राइवेट स्कूल में चोटी पर बवाल: प्रिंसिपल बोले- चोटी कटवाकर आओ, स्टूडेंट ने कहा- धर्म का प्रतीक है; भाजयुमो ने भगवा झंडा लगाया और पढो: Amar Ujala »

दैनिक भास्कर से बोलीं कश्मीर की बेटी श्रद्धा बिंद्रू: मैं दुनिया को बताना चाहती हूं कि कश्मीर हमारा है, कोई डरा-धमकाकर हमारे हौसले को पस्त नहीं कर सकता

‘तुम सिर्फ शरीर को मार सकते हो, मेरे पिता की आत्मा को नहीं। अगर हिम्मत है तो सामने आओ, तुम लोग केवल पत्थर फेंक सकते हो या पीछे से गोली चला सकते हो। मैंने हिंदू होते हुए भी कुरान पढ़ी है। कुरान कहती है कि शरीर का जो चोला है, यह तो बदल जाएगा, लेकिन इंसान का जो जज्बा है, वह कहीं नहीं जाएगा। माखनलाल बिंद्रू इसी जज्बे में हमेशा जिंदा रहेंगे।’ यह कहना है आतंकियों को सरेआम ललकारने वालीं श्रीनगर में कश्मीर... | वुमन भास्कर ने श्रद्धा बिंद्रू से बात की। उन्होंने कश्मीर और कश्मीरियत का हवाला देते हुए कहा-हम इसी मिट्‌टी में पैदा हुए हैं, हमें इससे प्यार है। हमारे पिता ने भी इसी के लिए जान दी।

Uppolice कहीं छह पेज, कहीं सात? ये एक पेज क्यों गायब? Uppolice सुसाइड नोट की विश्वसनीयता की जानी चाहिए और अगर उसमें कोई तत्व पाए जाते हैं तो गंभीरता से जांच कराई जानी चाहिए बेशक सीबीआई से जांच कराई जाए दूध का दूध पानी का पानी जग जाहिर होना चाहिए इस तरह की हत्या है सरकार पर सवाल उठाते हैं Uppolice काहे का संत और काहे का महंत जो दुनियांदारी कि बातों से आहत हो जाये और आत्महत्या जैसा घृणित कार्य करे ! जो खुद सांसारिकता से विरक्त नहीं वो संत या महन्त कैसा? संत के लिए न मान महत्वपूर्ण है न अपमान। खैर ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति दें। विनम्र श्रद्धांजलि🙏🙏

महंत नरेन्द्र गिरि ने शिष्य से परेशान होकर किया सुसाइड, पुलिस का दावा, सुसाइड नोट बरामदप्रयागराज। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और हनुमान मंदिर के महंत नरेन्द्र गिरि का शव फांसी पर झूलते हुए मिलने से हड़कंप मच गया है। नरेन्द्र गिरि की मौत की सूचना मिलते ही जिले के आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए। महंत गिरि का शव प्रयागराज स्थित बाघंबरी मठ में ही फांसी के फंदे से झूलता मिला है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में ये आत्महत्या है और पुलिस का दावा है कि उसने मौके से सुसाइड नोट भी बरामद किया है। जिसमें आत्महत्या का कारण एक शिष्य से दुखी होना बताया गया है।

महंत नरेंद्र गिरि के कमरे से मिला सुसाइड नोट, शिष्य की वजह से मानसिक तौर पर थे परेशानअखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद उनके कमरे से एक तलाशी के दौरान एक सुसाइड बरामद हुआ है | UttarPradesh MahantNarendraGiri मै शपथ पत्र दे सकती मोदी राज मे मुझे लगता वैदिक संत परिवार ज्यादा दुखी आज भी भागवत शायद महाश्रमण हाजरी मे हैं इतना समय अखाड़ो को सम्भाल मे दे तो वैदिक संत कल्याण /सुरक्षा हो! मै कल भी कही निर्वाण दो हमे पर ऐनकाऊंटर या ऐसा नही UP मे राष्ट्रपति शासन हो मठाधिकारीCM और ये व्यवस्था छी JhalkoDelhiNews AAP Jasola खतरे में हिन्दू मंदिर, भू माफिया कर रहें भक्तों को परेशान, AAP विधायक पर लगें गंभीर आरोप ( Guru ji aap Kuchh madad kar sakte hain to Jarur kijiye) Jai ho Guru gorakhnath ji ki 🙏

नरेंद्र गिरि की संदिग्ध हालत में मौत, मौके से सुसाइड नोट बरामद, शिष्य से दुखी थे अखाड़ा परिषद के अध्यक्षअखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी की सोमवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई है. उनका शव प्रयागराज के श्री मठ बाघंबरी गद्दी में लटकता मिला है. पुलिस को शव वाले कमरे से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. नाइलोन की रस्सी से महंत पंखे ले लटके हुए थे. सुसाइड नोट में ज्यादातर शिष्य आनंद गिरि का जिक्र है. सुसाइड नोट में मानसिक तौर पर परेशान होने का भी बात कही गई है. हालांकि, सुसाइड की वजह क्या है, ये पुलिस अभी तफ्तीश करेगी. देखें वीडियो. इतनी बडी़ सुसाइड नोट कौन लिखकर मरता हैं? असल में यह हत्या का मामला नज़र आ रहा हैं, और इसमें बीजेपी के बडे़ नेता शामिल हैं

Mahant Narendra Giri की रहस्यमयी मौत- सुसाइड या मर्डर? देखें दस्तकजब राष्ट्रीय अखाड़ा परिषद के प्रमुख महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु की खबर आई और इस खबर के साथ ही सवाल ने जन्म लिया कि सुसाइड किया या हत्या हुई? क्योंकि यूपी पुलिस जब महंत नरेंद्र गिरि की मौत को शुरुआती जांच में सुसाइड कह रही है. तब सुसाइड नोट में जिस शिष्य का नाम है वो साजिश के तहत हत्या बता रहा है. अलग-अलग आरोप लगाए जा रहे हैं. जो नाम चल रहे हैं वो हैं आनंद गिरि, अजय सिंह, मनीष शुक्ला, अभिषेक मिश्रा और इसके अलावा दो और नाम जोड़े जा रहे हैं. सबसे बड़ा नाम आरोपी के तौर पर शिष्य आनंद गिरि का है जिसे उत्तराखंड में हिरासत में ले लिया गया है. देखें 10 तक का ये एपिसोड. This is seems murder and the investigation should be in this direction आत्महत्या को महापाप बताने वाले संत महात्मा ही अगर आत्महत्या कर रहे तो देश वाकई बदल रहा ! महादेव अब आप से उम्मीद है Tum log kbhi kbhi army bharti ke liye tweet kr diya kro

महंत नरेन्द्र गिरि ने शिष्य से परेशान होकर किया सुसाइड, पुलिस का दावा, सुसाइड नोट बरामदप्रयागराज। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और हनुमान मंदिर के महंत नरेन्द्र गिरि का शव फांसी पर झूलते हुए मिलने से हड़कंप मच गया है। नरेन्द्र गिरि की मौत की सूचना मिलते ही जिले के आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए। महंत गिरि का शव प्रयागराज स्थित बाघंबरी मठ में ही फांसी के फंदे से झूलता मिला है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में ये आत्महत्या है और पुलिस का दावा है कि उसने मौके से सुसाइड नोट भी बरामद किया है। जिसमें आत्महत्या का कारण एक शिष्य से दुखी होना बताया गया है।

महंत नरेंद्र गिरि के कमरे से मिला सुसाइड नोट, शिष्य की वजह से मानसिक तौर पर थे परेशानअखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद उनके कमरे से एक तलाशी के दौरान एक सुसाइड बरामद हुआ है | UttarPradesh MahantNarendraGiri मै शपथ पत्र दे सकती मोदी राज मे मुझे लगता वैदिक संत परिवार ज्यादा दुखी आज भी भागवत शायद महाश्रमण हाजरी मे हैं इतना समय अखाड़ो को सम्भाल मे दे तो वैदिक संत कल्याण /सुरक्षा हो! मै कल भी कही निर्वाण दो हमे पर ऐनकाऊंटर या ऐसा नही UP मे राष्ट्रपति शासन हो मठाधिकारीCM और ये व्यवस्था छी JhalkoDelhiNews AAP Jasola खतरे में हिन्दू मंदिर, भू माफिया कर रहें भक्तों को परेशान, AAP विधायक पर लगें गंभीर आरोप ( Guru ji aap Kuchh madad kar sakte hain to Jarur kijiye) Jai ho Guru gorakhnath ji ki 🙏