तालिबान को लेकर हम जल्दबाज़ी में नहीं हैं: तुर्की - BBC News हिंदी

तालिबान को लेकर हम जल्दीबाज़ी में नहीं हैं: तुर्की

08-09-2021 13:16:00

तालिबान को लेकर हम जल्दीबाज़ी में नहीं हैं: तुर्की

तुर्की ने तालिबान की अंतरिम सरकार को लेकर शक जताया है. तुर्की ने कहा है कि अभी चीज़ें देखनी होंगी तभी कुछ ठोस फ़ैसला होगा.

समाप्तमंगलवार को तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान में अंतरिम सरकार की घोषणा की है. मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद सरकार के मुखिया यानी प्रधानमंत्री होंगे और मुल्ला अब्दुल ग़नी बरादर उप प्रधानमंत्री होंगे. बरादर तालिबान के सह संस्थापक हैं. मुल्ला अब्दुल सलाम हनफी को भी उप प्रधानमंत्री बनाया गया है.

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तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत चाउसोलो ने टर्किश प्रसारक एनटीवी को दिए इंटरव्यू में कहा कि तुर्की तालिबान से धीरे-धीरे संबंधों को आगे बढ़ाएगा.जून महीने में तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने काबुल एयरपोर्ट की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी लेने का प्रस्ताव रखा था. लेकिन तालिबान के मज़बूत होने के कारण अफ़ग़ानिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त होती गई.

समावेशी सरकार की मांगइमेज स्रोत,AAMIR QURESHIमिडल-ईस्ट आई के अनुसार तुर्की और क़तर तालिबान के साथ काबुल एयरपोर्ट को लेकर समझौते के क़रीब हैं. कहा जा रहा है कि तुर्की काबुल एयरपोर्ट के बदले तालिबान को मान्यता दे सकता है.मिडल ईस्ट आई का कहना है कि तुर्की एक निजी फर्म के ज़रिए काबुल एयरपोर्ट को सु़रक्षा मुहैया कराएगा. इसमें पूर्व सैनिकों और पुलिस बलों को ज़िम्मेदारी दी जाएगी. headtopics.com

अफ़ग़ानिस्तान: तालिबान ने की अंतरिम सरकार की घोषणा, अखुंद होंगे मुखियाचाउसोलो ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान की सरकार को समावेशी होना होगा. उन्होंने कहा कि अगर सरकार में केवल तालिबान ही होगा, तो दिक़्क़त होगी.चाउसोलो ने कहा, ''गृह युद्ध में घिरने से अच्छा है कि तालिबान समावेशी सरकार का गठन करे. समावेशी सरकार को पूरी दुनिया स्वीकार करेगी. अफ़ग़ान महिलाओं को भी सरकार में ज़िम्मेदारी मिलनी चाहिए.''

टर्किश विदेश मंत्री ने कहा, ''काबुल एयरपोर्ट के कैंपस के बाहर तालिबान सुरक्षा की ज़िम्मेदारी ले सकता है लेकिन एयरपोर्ट के भीतर सुरक्षा एक या दो देश या कोई निजी फ़र्म के हवाले कर देनी चाहिए''चाउसोलो ने कहा, ''हमने अफ़ग़ानिस्तान में बड़ा निवेश किया है. हमने शिक्षा के साथ महिलाओं और बच्चों की सेहत में भी निवेश किया है. इन सबके बाद अफ़ग़ानिस्तान को छोड़ देना ग़लत होगा. जब कई देश अपने दूतावासों को काबुल में बंद कर रहे हैं तब तुर्की का वहाँ से निकलना ठीक नहीं होगा. हम ये नहीं कह रहे हैं कि हर चीज़ मैनेज कर लेंगे लेकिन हम संबंध नहीं तोड़ना चाहते.''

वीडियो कैप्शन,पंजशीर में बमबारी के आरोपों पर क्या बोला पाकिस्तान?टर्किश न्यूज़ वेबसाइट डाइकेन के अनुसार तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन ने कहा है कि काबुल एयरपोर्ट को लेकर अभी तक कुछ भी ठोस नहीं हुआ है.अर्दोआन ने कहा, ''शुरुआत से ही हमारा सकारात्मक रुख़ रहा है. अभी तालिबान ने अंतरिम सरकार की घोषणा की है लेकिन कब तक रहेगी इसकी कोई गारंटी नहीं है. तुर्की की वहाँ की राजनीतिक प्रक्रिया पर नज़र बनी हुई है.''

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार क़तर और तुर्की काबुल एयरपोर्ट से घरेलू उड़ान शुरू कराने की कोशिश में लगे हुए हैं. लेकिन अभी तक तालिबान से कोई समझौता नहीं हो पाया है. क़तर के विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने कहा है कि अगले कुछ दिनों में एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू हो जाएंगी.'' headtopics.com

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तालिबान की सरकार पर केवल तुर्की को ही शक नहीं बल्कि अफ़ग़ानिस्तान को लोग भी इसे टिकाऊ नहीं मान रहे हैं.समस्याइमेज स्रोत,Getty Imagesरूसी समाचार एजेंसी ताश के अनुसार अफ़ग़ानिस्तान की जमीयत-ए-इस्लामी पार्टी ने कहा है कि तालिबान की नई सरकार से समस्या और जटिल होगी.

जमीयत के नेता सलाहुद्दीन रब्बानी ने कहा, ''सत्ता पर तालिबान के एकाधिकार से न केवल अफ़ग़ानिस्तान की शांति और स्थिरता प्रभावित होगी बल्कि देश का संकट और ख़तरनाक स्थिति तक पहुँच जाएगा.''तालिबान, मुजाहिदीन और अमेरिका: तीनों को एक साथ कैसे साधा हामिद करज़ई ने

1990 के दशक में जब तालिबान ने पहली बार सत्ता संभाली थी तो सिर्फ़ तीन देशों के उसके साथ औपचारिक रिश्ते थे. वे देश थे- पाकिस्तान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात.लेकिन अमेरिका में 11 सितंबर 2001 के हमलों के बाद ये संबंध ख़त्म हो गए. हालाँकि, सऊदी अरब से कुछ लोग कई सालों तक चोरी-छिपे फ़ंडिंग करते रहे. सऊदी अधिकारी इस बात इनकार करते हैं कि वे तालिबान को किसी भी औपचारिक रूप से मदद करते हैं.

जैसे-जैसे अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की उपस्थिति ख़ुद अमेरिकियों के बीच अधिक अलोकप्रिय होती गई, ऐसे देशों के लिए काबुल के रास्ते खुलने लगे जो वहाँ कूटनीति में हाथ आज़माना चाहते थे.क़तर और तुर्की ने अलग-अलग ढंग से तालिबान के साथ संपर्क साधा. जैसा ही साल 2011 में राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन ने युद्ध को समाप्त करने के बारे में बोलना शुरू किया, क़तर ने शांति प्रक्रिया शुरू करते हुए तालिबान नेताओं की मेज़बानी की. headtopics.com

तुर्की का अफ़ग़ानिस्तान से एक मज़बूत ऐतिहासिक रिश्ता हैं. तुर्की एकलौता मुसलमान मुल्क था, जो नेटो सेनाओं के साथ अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद था.विश्लेषकों के अनुसार तुर्की ने तालिबान से जुड़े कुछ चरमपंथियों के साथ घनिष्ठ खुफिया संबंध बनाए हैं. तुर्की की पड़ोसी देश पाकिस्तान से भी अच्छी दोस्ती है. पाकिस्तान के धार्मिक मदरसों से ही तालिबान का जन्म हुआ था.

वीडियो कैप्शन,अफ़ग़ानिस्तान में पाक विरोधी रैली, गोलियां चलीं और पढो: BBC News Hindi »

दुर्गा पंडाल- इस्कॉन मंदिर पर अटैक, देखें बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों का विश्लेषण

बांग्लादेश में पिछले चार दिनों में हिंदू मंदिरों पर लगातार हमले हो रहे हैं. शुक्रवार को बांग्लादेश के नोआखाली इलाके में इस्कॉन मंदिर में भीड़ ने हमला कर दिया. मूर्तियों को तोड़ा गया और एक हिंदू श्रद्धालु की जान ले ली गई. इससे पहले वहां कई दुर्गा पूजा पंडालों पर बहुसंख्यक मुस्लिम कट्टरपंथियों की भीड़ ने अटैक किया था और तोड़फोड़ मचाई थी. जिसके बाद बांग्लादेश के हिंदू समुदाय दावा कर रहा है कि 1971 के बाद पहली बार बांग्लादेश में हिंदुओं पर इतने बड़े हमले हो रहे हैं. देखें खबरदार.

Well,,, हिन्द के बालक बाला जिद्दी हैं। हिन्द का गाना हिन्दी है। सुबोध पान्डेय की कलम से स्व रचित व कापीराइट बौरही धनरूआ पटना । जल्दी कर भोंसड़ी के

तालिबान की ये घोषणा और रूस-अमेरिका हुए भारत को लेकर सक्रिय - BBC News हिंदीअफ़ग़ानिस्तान की नई सरकार में शीर्ष पदों के लिए नामों की घोषणा तालिबान ने कर दी है और इस घोषणा के साथ ही रूस-अमेरिका, भारत के लेकर सक्रिय हो गए हैं. This is the breaking news of the day nation waiting for long ? 3 lakh crore doob gae par abhi bhi America ki dosti nahi chodi 🤔🤔🤔 America woh country hei jo deshoun ko kangaal banaata hei ab toh chodo yeh nakaara policy Russia aur China ke saath mazbooth allience banao 😱😱😱

बाइडन की तालिबान को लेकर चीन और पाकिस्तान पर ये टिप्पणी - BBC News हिंदीतालिबान की नई सरकार पर चीन की ओर से सधी हुई प्रतिक्रिया आई है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने चीन को तालिबान के साथ असल समस्या क़रार दिया है. जबरदस्ती महाशक्ति का स्टेटस रखना चाहते हैं। अमरीकी सेना ने पिछले महीने 10000 किलो का बम समुंदर में परीक्षण किया था। शपथ ग्रहण समारोह स्थल पर एक परीक्षण और होना चाहिए। वाइडेन अमेरिकी इतिहास में अदूरदर्शी राष्ट्रपति साबित हुए हैं ।अफगानिस्तान मामले में ।

तालिबान के इस दौर में बच्चों को कैसे दी जा रही है तालीम - BBC News हिंदीअफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के क़ब्ज़े के बाद वहाँ स्कूल कैसे चलाए जा रहे हैं और उनमें क्या पढ़ाया जा रहा है. ऐतिहासिक धरोहरों के साथ क्या सलूक हो रहा है.

काबुल में 'पाकिस्तान अफ़ग़ानिस्तान छोड़ो' के नारे, तालिबान ने की हवा में फ़ायरिंग - BBC News हिंदीराजधानी काबुल की रैली में महिलाएँ भी शामिल हुईं. वे अपने अधिकारों की मांग कर रही थीं. रैली में पाकिस्तान विरोधी नारे भी लगे. हर समय तालिबान-तालिबान,हिंदुस्तान में भी नारे लगने चाहिएँ:- 'बीबीसी भारत छोड़ो' सब अमन के लिए हो रहा है पिछले 20 वर्षों में अफगानिस्तान में काफी बदलाव आए हैं।एक नयी पीढी आई है। अब लंबे समय तक subjugate कर कोई नहीं रख सकता।

तस्वीरों में: काबुल में तालिबान-पाकिस्तान के ख़िलाफ महिलाओं का मोर्चा - BBC News हिंदीकाबुल की सड़कों पर मंगलवार को हुए प्रदर्शन में महिलाओं के साथ बड़ी संख्या में पुरुषों ने भी हिस्सा लिया. बीबीसी टीम समेत कुछ पत्रकारों को रैली की तस्वीरें लेने की इजाज़त नहीं थी. कुछ पत्रकारों को गिरफ़्तार भी किया गया.

काबुलः पाकिस्तानी दूतावास के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर तालिबान ने दागी गोलियांफायरिंग के बाद काबुल में प्रदर्शन की कवरेज पर पत्रकार और फोटोग्राफर्स को पकड़ने की खबर सामने आ रही हैं। तालिबान ने टोलो न्यूज के कैमरापर्सन को हिरासत में लिया है।