कोरोना के दौर में बिहार में चुनाव की आहट, प्रवासी मज़दूर बने बड़ा मुद्दा

कोरोना के दौर में बिहार में चुनाव की आहट, प्रवासी मज़दूर बने बड़ा मुद्दा

29-05-2020 10:13:00

कोरोना के दौर में बिहार में चुनाव की आहट, प्रवासी मज़दूर बने बड़ा मुद्दा

बिहार विधानसभा चुनाव में अब बहुत कम वक्त बचा है. आपकी नज़र में इस बार सबसे बड़ा मुद्दा क्या होगा?

आपके सवालकोरोना वायरस क्या है?लीड्स के कैटलिन सेसबसे ज्यादा पूछे जाने वालेबीबीसी न्यूज़स्वास्थ्य टीमकोरोना वायरस एक संक्रामक बीमारी है जिसका पता दिसंबर 2019 में चीन में चला. इसका संक्षिप्त नाम कोविड-19 हैसैकड़ों तरह के कोरोना वायरस होते हैं. इनमें से ज्यादातर सुअरों, ऊंटों, चमगादड़ों और बिल्लियों समेत अन्य जानवरों में पाए जाते हैं. लेकिन कोविड-19 जैसे कम ही वायरस हैं जो मनुष्यों को प्रभावित करते हैं

सचिन पायलट के साथ माने जा रहे तीन विधायकों का U-टर्न, कहा- 'हम कांग्रेस के सच्चे सिपाही' कोरोना वायरस: रूस का दावा, उसने कोरोना की वैक्सीन का सफल परीक्षण किया - BBC Hindi सूरत कपड़ा व्यापारी दुकान खोलते वक़्त वंदे मातरम और बंद करते समय राष्ट्रगान गाएं: नगर निगम

कुछ कोरोना वायरस मामूली से हल्की बीमारियां पैदा करते हैं. इनमें सामान्य जुकाम शामिल है. कोविड-19 उन वायरसों में शामिल है जिनकी वजह से निमोनिया जैसी ज्यादा गंभीर बीमारियां पैदा होती हैं.ज्यादातर संक्रमित लोगों में बुखार, हाथों-पैरों में दर्द और कफ़ जैसे हल्के लक्षण दिखाई देते हैं. ये लोग बिना किसी खास इलाज के ठीक हो जाते हैं.

लेकिन, कुछ उम्रदराज़ लोगों और पहले से ह्दय रोग, डायबिटीज़ या कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ रहे लोगों में इससे गंभीर रूप से बीमार होने का ख़तरा रहता है.एक बार आप कोरोना से उबर गए तो क्या आपको फिर से यह नहीं हो सकता?बाइसेस्टर से डेनिस मिशेलसबसे ज्यादा पूछे गए सवाल

बाीबीसी न्यूज़स्वास्थ्य टीमजब लोग एक संक्रमण से उबर जाते हैं तो उनके शरीर में इस बात की समझ पैदा हो जाती है कि अगर उन्हें यह दोबारा हुआ तो इससे कैसे लड़ाई लड़नी है.यह इम्युनिटी हमेशा नहीं रहती है या पूरी तरह से प्रभावी नहीं होती है. बाद में इसमें कमी आ सकती है.

ऐसा माना जा रहा है कि अगर आप एक बार कोरोना वायरस से रिकवर हो चुके हैं तो आपकी इम्युनिटी बढ़ जाएगी. हालांकि, यह नहीं पता कि यह इम्युनिटी कब तक चलेगी.कोरोना वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड क्या है?जिलियन गिब्समिशेल रॉबर्ट्सबीबीसी हेल्थ ऑनलाइन एडिटरवैज्ञानिकों का कहना है कि औसतन पांच दिनों में लक्षण दिखाई देने लगते हैं. लेकिन, कुछ लोगों में इससे पहले भी लक्षण दिख सकते हैं.

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि इसका इनक्यूबेशन पीरियड 14 दिन तक का हो सकता है. लेकिन कुछ शोधार्थियों का कहना है कि यह 24 दिन तक जा सकता है.इनक्यूबेशन पीरियड को जानना और समझना बेहद जरूरी है. इससे डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों को वायरस को फैलने से रोकने के लिए कारगर तरीके लाने में मदद मिलती है.

क्या कोरोना वायरस फ़्लू से ज्यादा संक्रमणकारी है?सिडनी से मेरी फिट्ज़पैट्रिकमिशेल रॉबर्ट्सबीबीसी हेल्थ ऑनलाइन एडिटरदोनों वायरस बेहद संक्रामक हैं.ऐसा माना जाता है कि कोरोना वायरस से पीड़ित एक शख्स औसतन दो या तीन और लोगों को संक्रमित करता है. जबकि फ़्लू वाला व्यक्ति एक और शख्स को इससे संक्रमित करता है.

सच‍िन पायलट का दावा- अल्पमत में गहलोत सरकार, मेरे साथ 30 से ज्यादा MLA सचिन पायलट के साथ दिल्ली गए राजस्थान के विधायकों ने कहा, 'हम कांग्रेस के साथ हैं, कोई विवाद नहीं है' सचिन पायलट की खुली बगावत- बैठक में नहीं जाऊंगा, अल्पमत में है गहलोत सरकार

फ़्लू और कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए कुछ आसान कदम उठाए जा सकते हैं.बार-बार अपने हाथ साबुन और पानी से धोएंजब तक आपके हाथ साफ न हों अपने चेहरे को छूने से बचेंखांसते और छींकते समय टिश्यू का इस्तेमाल करें और उसे तुरंत सीधे डस्टबिन में डाल दें.आप कितने दिनों से बीमार हैं?

मेडस्टोन से नीताबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमहर पांच में से चार लोगों में कोविड-19 फ़्लू की तरह की एक मामूली बीमारी होती है.इसके लक्षणों में बुख़ार और सूखी खांसी शामिल है. आप कुछ दिनों से बीमार होते हैं, लेकिन लक्षण दिखने के हफ्ते भर में आप ठीक हो सकते हैं.अगर वायरस फ़ेफ़ड़ों में ठीक से बैठ गया तो यह सांस लेने में दिक्कत और निमोनिया पैदा कर सकता है. हर सात में से एक शख्स को अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है.

End of कोरोना वायरस के बारे में सब कुछमेरी स्वास्थ्य स्थितियांआपके सवालअस्थमा वाले मरीजों के लिए कोरोना वायरस कितना ख़तरनाक है?फ़ल्किर्क से लेस्ले-एनमिशेल रॉबर्ट्सबीबीसी हेल्थ ऑनलाइन एडिटरअस्थमा यूके की सलाह है कि आप अपना रोज़ाना का इनहेलर लेते रहें. इससे कोरोना वायरस समेत किसी भी रेस्पिरेटरी वायरस के चलते होने वाले अस्थमा अटैक से आपको बचने में मदद मिलेगी.

अगर आपको अपने अस्थमा के बढ़ने का डर है तो अपने साथ रिलीवर इनहेलर रखें. अगर आपका अस्थमा बिगड़ता है तो आपको कोरोना वायरस होने का ख़तरा है.क्या ऐसे विकलांग लोग जिन्हें दूसरी कोई बीमारी नहीं है, उन्हें कोरोना वायरस होने का डर है?स्टॉकपोर्ट से अबीगेल आयरलैंड

बीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमह्दय और फ़ेफ़ड़ों की बीमारी या डायबिटीज जैसी पहले से मौजूद बीमारियों से जूझ रहे लोग और उम्रदराज़ लोगों में कोरोना वायरस ज्यादा गंभीर हो सकता है.ऐसे विकलांग लोग जो कि किसी दूसरी बीमारी से पीड़ित नहीं हैं और जिनको कोई रेस्पिरेटरी दिक्कत नहीं है, उनके कोरोना वायरस से कोई अतिरिक्त ख़तरा हो, इसके कोई प्रमाण नहीं मिले हैं.

जिन्हें निमोनिया रह चुका है क्या उनमें कोरोना वायरस के हल्के लक्षण दिखाई देते हैं?कनाडा के मोंट्रियल से मार्जेबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमकम संख्या में कोविड-19 निमोनिया बन सकता है. ऐसा उन लोगों के साथ ज्यादा होता है जिन्हें पहले से फ़ेफ़ड़ों की बीमारी हो.लेकिन, चूंकि यह एक नया वायरस है, किसी में भी इसकी इम्युनिटी नहीं है. चाहे उन्हें पहले निमोनिया हो या सार्स जैसा दूसरा कोरोना वायरस रह चुका हो.

मंत्री के बेटे ने धमकी दी तो महिला कॉन्स्टेबल बोली- ये पुलिस की वर्दी तुम्हारे बाप की गुलामी के लिए नहीं पहनी दिल्ली पहुंचे सचिन पायलट को झटका, खेमे के तीन विधायकों ने किया गहलोत का समर्थन ऐश्वर्या-आराध्या हो सकते हैं होम क्वारनटीन, जया बच्चन से दूरी की सलाह

End of मेरी स्वास्थ्य स्थितियांअपने आप को और दूसरों को बचानाआपके सवालकोरोना वायरस से लड़ने के लिए सरकारें इतने कड़े कदम क्यों उठा रही हैं जबकि फ़्लू इससे कहीं ज्यादा घातक जान पड़ता है?हार्लो से लोरैन स्मिथजेम्स गैलेगरस्वास्थ्य संवाददाताशहरों को क्वारंटीन करना और लोगों को घरों पर ही रहने के लिए बोलना सख्त कदम लग सकते हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं किया जाएगा तो वायरस पूरी रफ्तार से फैल जाएगा.

फ़्लू की तरह इस नए वायरस की कोई वैक्सीन नहीं है. इस वजह से उम्रदराज़ लोगों और पहले से बीमारियों के शिकार लोगों के लिए यह ज्यादा बड़ा ख़तरा हो सकता है.क्या खुद को और दूसरों को वायरस से बचाने के लिए मुझे मास्क पहनना चाहिए?मैनचेस्टर से एन हार्डमैनबीबीसी न्यूज़

हेल्थ टीमपूरी दुनिया में सरकारें मास्क पहनने की सलाह में लगातार संशोधन कर रही हैं. लेकिन, डब्ल्यूएचओ ऐसे लोगों को मास्क पहनने की सलाह दे रहा है जिन्हें कोरोना वायरस के लक्षण (लगातार तेज तापमान, कफ़ या छींकें आना) दिख रहे हैं या जो कोविड-19 के कनफ़र्म या संदिग्ध लोगों की देखभाल कर रहे हैं.

मास्क से आप खुद को और दूसरों को संक्रमण से बचाते हैं, लेकिन ऐसा तभी होगा जब इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए और इन्हें अपने हाथ बार-बार धोने और घर के बाहर कम से कम निकलने जैसे अन्य उपायों के साथ इस्तेमाल किया जाए.फ़ेस मास्क पहनने की सलाह को लेकर अलग-अलग चिंताएं हैं. कुछ देश यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके यहां स्वास्थकर्मियों के लिए इनकी कमी न पड़ जाए, जबकि दूसरे देशों की चिंता यह है कि मास्क पहने से लोगों में अपने सुरक्षित होने की झूठी तसल्ली न पैदा हो जाए. अगर आप मास्क पहन रहे हैं तो आपके अपने चेहरे को छूने के आसार भी बढ़ जाते हैं.

यह सुनिश्चित कीजिए कि आप अपने इलाके में अनिवार्य नियमों से वाकिफ़ हों. जैसे कि कुछ जगहों पर अगर आप घर से बाहर जाे रहे हैं तो आपको मास्क पहनना जरूरी है. भारत, अर्जेंटीना, चीन, इटली और मोरक्को जैसे देशों के कई हिस्सों में यह अनिवार्य है.अगर मैं ऐसे शख्स के साथ रह रहा हूं जो सेल्फ-आइसोलेशन में है तो मुझे क्या करना चाहिए?

लंदन से ग्राहम राइटबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमअगर आप किसी ऐसे शख्स के साथ रह रहे हैं जो कि सेल्फ-आइसोलेशन में है तो आपको उससे न्यूनतम संपर्क रखना चाहिए और अगर मुमकिन हो तो एक कमरे में साथ न रहें.सेल्फ-आइसोलेशन में रह रहे शख्स को एक हवादार कमरे में रहना चाहिए जिसमें एक खिड़की हो जिसे खोला जा सके. ऐसे शख्स को घर के दूसरे लोगों से दूर रहना चाहिए.

End of अपने आप को और दूसरों को बचानामैं और मेरा परिवारआपके सवालमैं पांच महीने की गर्भवती महिला हूं. अगर मैं संक्रमित हो जाती हूं तो मेरे बच्चे पर इसका क्या असर होगा?बीबीसी वेबसाइट के एक पाठक का सवालजेम्स गैलेगरस्वास्थ्य संवाददातागर्भवती महिलाओं पर कोविड-19 के असर को समझने के लिए वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं, लेकिन अभी बारे में बेहद सीमित जानकारी मौजूद है.

यह नहीं पता कि वायरस से संक्रमित कोई गर्भवती महिला प्रेग्नेंसी या डिलीवरी के दौरान इसे अपने भ्रूण या बच्चे को पास कर सकती है. लेकिन अभी तक यह वायरस एमनियोटिक फ्लूइड या ब्रेस्टमिल्क में नहीं पाया गया है.गर्भवती महिलाओंं के बारे में अभी ऐसा कोई सुबूत नहीं है कि वे आम लोगों के मुकाबले गंभीर रूप से बीमार होने के ज्यादा जोखिम में हैं. हालांकि, अपने शरीर और इम्यून सिस्टम में बदलाव होने के चलते गर्भवती महिलाएं कुछ रेस्पिरेटरी इंफेक्शंस से बुरी तरह से प्रभावित हो सकती हैं.

मैं अपने पांच महीने के बच्चे को ब्रेस्टफीड कराती हूं. अगर मैं कोरोना से संक्रमित हो जाती हूं तो मुझे क्या करना चाहिए?मीव मैकगोल्डरिकजेम्स गैलेगरस्वास्थ्य संवाददाताअपने ब्रेस्ट मिल्क के जरिए माएं अपने बच्चों को संक्रमण से बचाव मुहैया करा सकती हैं.अगर आपका शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज़ पैदा कर रहा है तो इन्हें ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पास किया जा सकता है.

ब्रेस्टफीड कराने वाली माओं को भी जोखिम से बचने के लिए दूसरों की तरह से ही सलाह का पालन करना चाहिए. अपने चेहरे को छींकते या खांसते वक्त ढक लें. इस्तेमाल किए गए टिश्यू को फेंक दें और हाथों को बार-बार धोएं. अपनी आंखों, नाक या चेहरे को बिना धोए हाथों से न छुएं.

बच्चों के लिए क्या जोखिम है?लंदन से लुइसबीबीसी न्यूज़हेल्थ टीमचीन और दूसरे देशों के आंकड़ों के मुताबिक, आमतौर पर बच्चे कोरोना वायरस से अपेक्षाकृत अप्रभावित दिखे हैं.ऐसा शायद इस वजह है क्योंकि वे संक्रमण से लड़ने की ताकत रखते हैं या उनमें कोई लक्षण नहीं दिखते हैं या उनमें सर्दी जैसे मामूली लक्षण दिखते हैं.

हालांकि, पहले से अस्थमा जैसी फ़ेफ़ड़ों की बीमारी से जूझ रहे बच्चों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए. और पढो: BBC News Hindi »

Sch hai मजदूरों को अपने दमन का बदला ले लेना चाहिए Isaka jimmedar kaun? Hum, aap ki aur koi? पलटू राम को कुर्सी पसन्द है।।।।मजदूर गरीब नही I_am_Anil_Tyagi हुकूमत से एजाज़ अगर चाहते हो अंधेरा है लेकिन लिखो रोशनी है!! हमारी भूल कमल का फूल कुछ तो शर्म कीजिए,माननीय कब तक गरीब के खून पर राजनीतिक कुर्सियां चमकाओगे।

इस बार नीतीश सरकार को कोई सपोर्ट नहीं करना बिहारियों से हमारा नम्र निवेदन ..2 रोज हजारों रेल चलती थी भारत में हर तरह का नागरिक करता था सफर विरले ही रेल में मरता था कोई! आज नाममात्र की संख्या में रेल और रोज मर रहे नागरिक ये गरीबी भुखमरी क्योंकि कुछ श्रेष्ठि हाथ में मुद्रा ! नागरिक शर्मा जी सा करोड़ पति होते- रोड़पति आज!

ध्यप्रदेश की सबसे ज़्यादा कॉलेज और सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी इंदौर भोपाल में ही तो है और वहां पर संक्रमण का स्तर देख के अभिभावकों को अस्वस्थ करना किसकी जवाबदारी? न्याय_करो_मामा मजदूर पर 30 40 दिन प्रार्थी की चुप्पी खौफनाक थी! मजदूर तीतर और नागरिक पथराया रहा! टूटी कमर प्रार्थी कोर्ट में कभी जल्दी आ गया कभी सब चुकने बाद, लगा! तो सरकार ने तानाशाहि ध्यायी! जैसा समझ आया भारतीय नागरिक/प्रार्थी को मोदी सरकार ने गिद्ध बताया! ये अपमान है! भारतीय का!! ..2

Lockdown के बाद या कोरोना महामारी के बाद जब भी बिहार चुनाव होगे उस मै बीजेपी की हार पक्की है क्योकि बीजेपी सरकार के रहते प्रवासी मजदूर अपने अपने घरों मै पैदल चल रहे है ज्यादातर वहां के लोगो किसी चीज़ सुविधा नहीं मिल पा रही है इसलिए वह बीजेपी को वोट नहीं देंगे ये तो होना ही था । 😁 नितीश तूं तो गया। बिहार के अंदर तीनों ही पार्टियों को चुन के लिए आ चुके हैं पर कुछ नहीं हुआ कुछ नया करो और कोई नई पार्टी को लाओ चुनकर

Nitish once more असली भारत रत्न सोनू सूद🇮🇳💪💪😘😘 सहमत हो तो रीट्वीट करो narendramodi AmitShah chitraaum anjanaomkashyap RubikaLiyaquat myogiadityanath awasthis SonuSood सोनू_सूद_को_भारत_रत्न_दो

दिल्ली में कोरोना की सबसे बड़ा उछाल, पिछले 24 घंटों में 792 नए मरीजDelhi Samachar: Coronavirus cases in Delhi in last 24 hours: दिल्‍ली में कोरोना वायरस के कन्‍फर्म मामलों की संख्‍या अब 15,257 हो गई है। इनमें से 7,690 ऐक्टिव केस हैं। राष्‍ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के 303 मरीजों की मौत हुई है। ZEEhadi वालो ने फैलाया है संक्रमण It's just a new beginning by AAP govt. Isme Delhi Govt ka foult nahi hai Logo ko Apni responsibility ko samjhna padega Sabke Karne se hi hoga Sirf Political Parties se hi umeed na rakhe Apne Aap ko Badle . MASK pehno Distance maintain karo Bina kisi kaam ke Ghar se Bahar Na nikle. Lekin Delhi me logo ko Ghumna hai🤣

बिल गेट्स से दोस्ती की तैयारी में मुकेश अंबानी, जियो में बड़ा निवेश करेगा माइक्रोसॉफ्टइसी साल फरवरी में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला भारत के दौरे पर आए थे और मुकेश अंबानी से मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि उस दौरान दोनों कारोबारी दिग्गजों के बीच बातचीत हुई थी।

राजस्थान में टिड्डियों का आतंक, 20 जिलों में 90,000 हेक्टेयर में फसलों को नुकसानभगवान मेरे किसान भाइयों पे कृपा करना उनकी फसल को बचाना मेरी यही प्रार्थना है दुखद खबर

मोदी सरकार 2.0: ‘नमस्ते ट्रंप’ का आयोजन, बड़ा संदेश देने में सफल रहे मोदीमोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल को एक साल पूरा हो रहा है. इस साल पीएम नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारत में भव्य स्वागत किया, इस दौरान नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम ने खूब सुर्खियां बटोरीं. और दलाल न्यूज़ चैनल चापलूसी करने में सफल हो रहे है.. मुद्दा है अहमदाबाद में कोरोना किस वजह से इतना ज्यादा फैला.. तुम चापलूस न्यूज़ चैनल वाले ध्यान भटका रहे हो लोगो का.. Save_male_nurses AIIMS में Nursing Officer नए भर्ती नियमों से फीमेल मेल 80:20 से भर्तियां हो रही है, जिससे Male Nurese का भविष्य खतरे में है, माननीय जल्द संज्ञान लेवें और पुराने भर्ती नियमों को लागू करे pmoindia pmnarendramodi drharshvardhan ravishkumarNDTV hanumanbeniwal RohitSardana0 आप जैसेलोग जब तक है कुछ नही हो सकता देश का एक भी सवाल अब ऐसा नही होता जो नई दिशा दे

बिहार में ट्रिपल मर्डर पर बवाल और सियासत, गोपालगंज जा रहे तेजस्वी को पुलिस ने रोकाबिहार में ट्रिपल मर्डर पर बवाल और सियासत, गोपालगंज जा रहे तेजस्वी को पुलिस ने रोका Bihar Gopalganj TejashwiYadav yadavtejashwi NitishKumar SushilModi

VIDEO: 48 घंटे में 90 के काटे बाल, कोरोना काल में बनाया रिकॉर्डरूस के कोस्ट्रोमा शहर के एक नाई ने 48 घंटे लगातार हेयरकटिंग कर अनोखे कारनामे को अंजाम दिया. व्लादिस्लाव देमिदोविच ने सोमवार दोपहर 12 बजे से हेयर कटिंग की शुरुआत की थी. 48 घंटे में उसने 90 लोगों के बाल काटे. जब बाल काटने का मैराथन मिशन खत्म हुआ तो लोगों ने उसका जबरदस्त स्वागत किया. व्लादिस्लाव अपनी इस उपलब्धि को गिनीज बुक में शामिल करवाने की सोच रहे हैं.

PM CARES फंड की जांच नहीं करेगी लोक लेखा समिति, BJP ने रोका रास्ता न टायरों के निशान-न शीशों को नुकसान... कैसे पलटी विकास दुबे की गाड़ी? दिल्ली दंगा: दो शिकायतों में कपिल मिश्रा का नाम, अदालत ने पुलिस से जवाब मांगा विकास दुबे: 'मुठभेड़' में इतने इत्तेफ़ाक़! ऐसा कैसे? कौन नहीं चाहता था, विकास दुबे ज़िंदा रहे? Amitabh Bachchan Covid 19 Positive: अमिताभ बच्चन को कोरोना, मुंबई के नानावटी अस्पताल में किया गया एडमिट राहुल गांधी का हमला, कहा- PM मोदी के रहते भारत की जमीन को चीन ने कैसे छीन लिया कांग्रेस सांसदों की बैठक में फिर उठी राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाने की मांग कोरोना वायरस: 12 से 26 जुलाई के बीच भारत के पाँच शहरों से UAE की विशेष उड़ानें - BBC Hindi एएमयू छात्र शरजील उस्मानी की गिरफ़्तारी, क्या है यूपी पुलिस की एफ़आईआर का सच? Coronavirus Vaccine News: कोरोना वैक्‍सीन पर रूस ने मारी बाजी, सेचेनोव विश्वविद्यालय का दावा सभी परीक्षण रहे सफल