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आदित्यनाथ की अमर्यादित भाषा पर पत्रकारों-अधिकारियों के झूठ और धमकियों का पर्दा

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07-04-2021 05:00:00

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योगी शासन की एक प्रमुख निशानी ये है कि उसने मीडिया को चुप कराने के लिए एफआईआर और धमकियों का सहारा लिया है. उनकी अमर्यादित टिप्पणी का वीडियो साझा करने के बाद दी गई एफआईआर की चेतावनियां इसी बात की तस्दीक करती हैं.

नई दिल्ली:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते सोमवार को कोरोना वैक्सीन लगवाने बाद न्यूज एजेंसी एएनआई को जो रूटीन बयान दिया था, अब वो राज्य सरकार के प्रचार के लिए गंभीर झटका बन चुका है.इस वीडियो में मुख्यमंत्री को अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते सुने गए.

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हालांकि अभी तक ये स्पष्ट नहीं हो पाया कि उन्होंने ये टिप्पणी एएनआई के रिपोर्टर पर की थी या किसी अन्य पर.इस लाइव वीडियो के एक छोटे से क्लिप को पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने अपने सोशल मीडिया पर ट्वीट किया था, जो कि काफी तेजी से वायरल हो गया.इसके जवाब में आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने दावा किया कि ये वीडियो फेक है और जो भी इसे ट्वीट करेगा, उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी.

इसके लिए एक अनाम वेबसाइट ‘ब्रेकिंग ट्यूब’ की स्टोरी का सहारा लिया गया, जिसमें दावा किया गया था कि योगी आदित्यनाथ की वीडियो से छेड़छाड़ की गई है. इस रिपोर्ट में सीधे ये बात लिख दी गई थी कि वीडियो फेक है, लेकिन इसका कोई विवरण नहीं था कि आखिर किस आधार पर वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं. headtopics.com

हालांकि सरकार की दलीलों के कुछ ही देर बाद न्यूज 18 और एबीपी गंगा की भी लाइव फीड सामने आई, जिसमें आदित्यनाथ स्पष्ट रूप से आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल करते हुए दिखाई दे रहे थे. और पढो: द वायर हिंदी »

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suryapsingh_IAS Inko haridwar bejo...cm change karo suryapsingh_IAS Kis baat k yogi gunda h ye suryapsingh_IAS yogi_ki_tahnashahi_nhi_chalegi हरामखोर rautsanjay61 हत्या डकैती लुट के 100 से ज्यादा मामले का आरोपी अंसारी को UP लाया गया है !!! वैक्सिन की पहली डोज का असर है दूसरी डोज के बाद देखना क्या क्या बोलेगा? 🏹🏹 🤣🤣🤣

तुम्हारी मूर्खता को आस्था का नाम देकर ठग लिया गया है तुम्हें,अब तुम्हारी आस्था का केंद्र वो ईश्वर नही ये धर्म के ठेकेदार हैं....