सीएए के विरोध के दौरान गिरफ़्तार अखिल गोगोई की सेहत को लेकर चिंता, सात महीने से हैं बंद

सीएए के विरोध के दौरान गिरफ़्तार अखिल गोगोई की सेहत को लेकर चिंता, सात महीने से हैं बंद

09-07-2020 05:16:00

सीएए के विरोध के दौरान गिरफ़्तार अखिल गोगोई की सेहत को लेकर चिंता, सात महीने से हैं बंद

असम के जाने-माने आरटीआई कार्यकर्ता अखिल गोगोई की सेहत ख़राब होने की ख़बरें आ रही हैं और उन्हें रिहा करने की अपील की जा रही है.

पूर्व बीजेपी नेता ने भी की अपीलपूर्व भाजपा नेता और सामाजिक कार्यकर्ता मीरा बोरठाकुर ने अपने फेसबुक वॉल पर असोम संग्रामी मंच की 6 जुलाई की एक पोस्ट को शेयर किया जिसमें लिखा था,"मुख्यमंत्री महोदय अखिल गोगोई को बहुत कष्ट दिया जा चुका है. क्या अब उन्हें मिलने वाली चिकित्सा से भी वंचित रहना पड़ेगा? स्वास्थ्य मंत्री जी अगर आप कोविड महामारी संक्रमण को रोकने को लेकर सही में गंभीर है तो अखिल गोगोई के बारे में मीडिया में आई हाल की ख़बरों को गंभीरता से लें."

सुशांत सिंह राजपूत के पिता सुप्रीम कोर्ट में बोले- रिया चक्रवर्ती के खिलाफ पर्याप्त सबूत Sushant Singh Rajput Death Case: सुशांत के परिवार से मिले सीएम मनोहर लाल, खामोश रहे पिता तो रो पड़ी बहन रांची में दो बार रोका गया एयर एशिया का विमान, पक्षी से टकराने के बाद दोबारा उड़ान भरते समय इंजन से आई आवाज

दरअसल नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का विरोध कर रहे अखिल गोगोई को बीते साल 12 दिसंबर को जोरहाट से गिरफ्तार किया गया था और उसके बाद उन पर राज्य के अलग-अलग थानों में कई और मामले दर्ज हुए थे.जबकि अखिल के खिलाफ दो मामले एनआईए ने भी दर्ज किए है. अखिल गोगोई के साथ उनके संगठन केएमएसएस के तीन और शीर्ष नेता धज्य कोंवर, बिट्टू सोनोवाल और मानस कोंवर भी गुवाहाटी सेंट्रल जेल में बंद है.

इमेज कॉपीरइटdilip sharmaअखिल गोगोई पर दर्ज इन मामलों की पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील शांतनु बोरठाकुर ने बीबीसी से कहा,"सीएए के विरोध के बाद अखिल गोगोई पर कुल 12 मामले दर्ज हुए है. इनमें 10 मामले असम पुलिस के है और दो मामले एनआईए ने दर्ज किए है. कई मामलों में जमानत मिली है लेकिन अभी एनआईए के दो मामलों में और असम पुलिस के तीन मामलों में जमानत नहीं मिली है.हमने कोर्ट में जमानत की अर्जी लगा रखी है. जहां तक एनआईए के मामलों की बात है तो जांच एजेंसी ने हाल ही में आरोप-पत्र दाखिल कर दिया है और अब हम जमानत की प्रक्रिया में आगे बढ़ रहे है."

एक सवाल का जवाब देते हुए वकील बोरठाकुर कहते है,"इन मामलों में राज - द्रोह की कोई बात ही नहीं है. मुझे नहीं मालूम कि उन लोगों ने कैसे आईपीसी की धारा 124 ए के तहत इन मामलों को पंजीकृत किया है. एनआईए ने तो आतंकवाद कानून का प्रोविज़न डाल दिया है. जांच एजेंसी के लोग कह रहे हैं कि ये गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) एक्ट का मामला है. हालांकि उनके पास ऐसे कुछ भी तथ्य नहीं है केवल अखिल के भाषण है जिनको वे यहां हुई हिंसा का आधार बता रहे हैं."

अखिल के खराब सेहत के बारे में जानकारी देते हुए वो कहते है," एनआईए अदालत ने 7 जुलाई को गुवाहाटी सेंट्रल जेल प्रशासन को अखिल गोगोई का कोविड टेस्ट करवाने का निर्देश दिया है. लेकिन सरकार के स्तर पर आगे क्या किया गया, अबतक हमें जानकारी नहीं मिली है. अखिल को लेकर असम सरकार का रवैया काफी सख्त रहा है. सरकार के वकील अदालत में अखिल को लेकर जिस कदर पूर्ण पैमाने पर आपत्ति करते है उससे तो यही लगता है कि सरकार फिलहाल अखिल को रिहा करने के पक्ष में नहीं है."

क्या कह रही है पुलिसअखिल गोगोई के सेहत को लेकर मीडिया में लगातार आ रही खबरों के बाद पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि अखिल गोगोई के स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जिला उपायुक्त या फिर स्वास्थ्य विभाग को सटीक जानकारी होगी, अगर संबंधित प्राधिकरण हमें उनके स्वास्थ्य मुद्दे के बारे में सूचित करती है तो हम निश्चित रूप से उनके इलाज के लिए सभी जरूरी उपाए करेंगे.

राज्य में तेजी से फैलते हुए कोरोना संक्रमण के प्रभाव को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने असम की अलग-अलग जेलों में बंद विदेशी नागरिकों को मानवीय आधार पर छोड़ा है लेकिन अखिल गोगोई के मामले में सरकार की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं.असम की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दल और सामाजिक कार्यकर्ता बीते कुछ दिनों से अखिल गोगोई के खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उन्हें रिहा करने की अपील कर रहें है.

यूपी: फर्जी कोरोना रिपोर्ट के लिए मरीजों से लेते थे 1 हजार रुपये, ऐसे हुआ भंडाफोड़ Sushant Singh Rajput Death Investigation: मुंबई में बचने के लिए बिहार पुलिस को बदलने पड़े थे भेष गिरीश चंद्र मुर्मू ने संभाला CAG का पदभार, राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ

असम के पूर्व मुख्यमंत्री तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तरुण गोगोई ने राज्य सरकार से अखिल गोगोई तथा उनके संगठन के अन्य नेताओं को तत्काल जेल से रिहा करने की मांग की है.पूर्व मुख्यमंत्री गोगोई ने एक ट्वीट कर कहा,"अखिल गोगोई और उनके अन्य नेताओं की हिरासत अलोकतांत्रिक, गैरकानूनी और लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है. हम सरकार से उन्हें तुरंत रिहा करने का आग्रह कर रहे हैं."

@tarun_gogoiहालांकि तरुण गोगोई की सरकार के दौरान ही मार्च 2010 में सरकार की एक गुप्त रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि अखिल गोगोई का भूमिगत नक्सली संगठन सीपीआई-माओवादी के साथ घनिष्ठ संबंध था. उस समय अखिल गोगोई ने असम सरकार को आरोप साबित करने के लिए चुनौती भी दी थी. लेकिन बाद में यह मामला ठंडा पड़ गया.

सीपीआई-माओवादी के साथ नाम जोड़े जाने पर उस समय अखिल गोगोई ने कहा था,"मैं एक मार्क्सवादी हूं और सामाजिक परिवर्तन में विश्वास करता हूं. लेकिन मैं माओवादी नहीं हूं. वे बड़े पैमाने पर गतिविधियों में विश्वास नहीं करते हैं. हम अपने संगठन कृषक मुक्ति संग्राम समिति के जरिए जनता को असली परिवर्तन के लिए संगठित करने का प्रयास कर रहे हैं."

अन्ना आंदोलन से हुआ नामगांधीवादी समाजसेवी अन्ना हज़ारे ने दिल्ली के जंतर मंतर पर भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ जनलोकपाल की माँग को लेकर साल 2011 में जब धरना दिया था उस समय अखिल गोगोई उनकी टीम के अहम सदस्य थे.अखिल शुरू से असम में नदी बांध से लेकर किसानों के ज़मीन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर अपनी आवाज़ उठाते आ रहे हैं.

कई बार उनके विरोध प्रदर्शन से सरकार के सामने परेशानियां खड़ी हुई है. फिर चाहे असम में कांग्रेस की सरकार रही हो या अब भारतीय जनता पार्टी की. अखिल ने भ्रष्टाचार से लेकर सीएए तक हर मुद्दे पर इन सरकारों को घेरा है.इमेज कॉपीरइटDILIP KUMAR SHARMAImage caption

अखिल गोगोई की रिहाई की अपील करती एक कार्यकर्ताअगले साल 2021 में असम में विधानसभा चुनाव है और कोरोना के कारण कई अहम मुद्दों पर फिलहाल बात नहीं हो पा रही है. ऐसे में राजनीति के जानकार भाजपा सरकार के चुनावी नफे-नुकसान को अखिल गोगोई जैसे नेता की रिहाई से जोड़कर देख रहें है.

Bihar floods: Over 72 lakh people in 16 districts affected कोझिकोड विमान हादसे के शिकार 18 लोगों में एक कोरोना पॉज़िटिव Kerala Plane Crash: प्लेन उड़ाने से 6 घंटे पहले को− पायलट अखिलेश ने की थी मां से बात

असम के वरिष्ठ पत्रकार बैकुंठ गोस्वामी कहते है,"अखिल गोगोई का यह पूरा मुद्दा एक राजनीतिक मुद्दा है. लिहाजा ऐसे व्यक्ति को फौजदारी मुकदमे के तहत गिरफ्तार करने की बात तो समझ में आती है, लेकिन इतने लंबे समय के लिए उन्हें जेल में डालने के पीछे इस सरकार के राजनीतिक उद्देश्य को भी समझा जा सकता है.दूसरी बात यह है कि यह सरकार उन लोगों के प्रति असहनशील है जो इसका विरोध करते हैं या फिर उनके प्रति असहमती जताते हैं. अगले साल चुनाव होने है और सरकार से बीते पांच साल का हिसाब मांगा जाएगा. अगर अखिल गोगोई बाहर आते है तो वे बिना किसी समझौते के फिर सरकार पर सवाल खड़ा करेंगे. लिहाजा यह पूरा मुद्दा इन बातों के इर्द-गिर्द है."

असम प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष विजय कुमार गुप्ता अखिल गोगोई के मामले में अपनी सरकार पर उठ रहें सवालों का जवाब देते हुए कहते है,"अखिल गोगोई के मामले में कानून अपना काम कर रहा है.अगर वे निर्दोष है तो अदालत है और हम सभी को न्यायपालिका पर भरोसा है. बात जहां तक उनके स्वास्थ्य की है तो अदालत से जो भी निर्देश आएगा, हमारी सरकार उसका पूरा पालन करेगी."

और पढो: BBC News Hindi »

केरल विमान हादसा: को-पायलट अखिलेश शर्मा मथुरा के रहने वाले थे, 2 साल पहले शादी हुई थी; लॉकडाउन के बाद से घर...

एयर इंडिया एक्सप्रेस की स्पेशल फ्लाइट को रिटायर्ड विंग कमांडर दीपक वसंत साठे और को-पायलट अखिलेश कुमार उड़ा रहे थे,फ्लाइट लैंडिंग के दौरान रनवे से फिसलकर 35 फीट गहरी खाई में जा गिरी और उसके 2 टुकड़े हो गए Pilot Akhilesh Sharma was a resident of Kerala plane crash in Mathura; Family mourned after receiving news of death, family leaves for Kerala

Sarkar Apna virodhi ko thikane lgva rhi? Tum band raho aur dubey tumhare bad gya tumse pehle bahar aa Jayega Jo bjp k khilaf bolega uspe seedha NSA LGA denge ye log ye bjp sarkar ki damanshai hitlar shai ka nathija hai jo loktantra me sarkar ka virod karne par jail me dala jatha hai isse badi emergency kya ho sakthi hai desh me abhi emergency hi lagu hai

A matter of great shame Baand hi rahne do es type ke logo ko !!!!!!!!! No body cares? जानबूझकर उसको जेल में डालता है जो गलत करता है उसका ऊपर आवास उठाता है इसीलिए उसको जेल में डालता है झूठे केस पूरा डालता है उसको निकालने के लिए नहीं देता है उसको अभी बुखार है BBC ko kyun chinta ho raha he ? बंद करके क्यों रखा है

जो बोया है सो काटना तो पड़ेगा ही सेहत की चिंता सफ़ूरा जे वक़्त पर क्यूँ नहीं हुई साले ने CAA के विरोध अगजनी किया,लोंगो को भड़काया,दंगा किया,कितने लोगो को परेशान किया। इसके लिए जेल ही अच्छा है। एक बात बता बीबीसी तू इतना क्यों परेसान है। ReleaseAkhilGogoi Mar jaye sala Nautanki दो चार दुबे जो जेल में बंद हों उनको छोड़कर बे कसूर लोगों गिरफ्तार करलो

EMERGENCY से भी बदतर LOCKDOWN. ..20 लाख करोड का जुमला पैकेज...फैलता हुआ कोरोना...गिरती हुई GDP....एतिहासिक बेरोजगारी...तडपते हुए गरीब मजदूर और किसान,,,चरमराती हुई ECONOMY....और..मन की बात ... मोदी जी आधुनिक भारत के भस्मासुर बन चुके है..... BBC हिन्दी के Gbरोड पत्रकारो पाकिस्तानी मुल्लो के नागरिकता के लिए Caa विरोध के नाम पर दंगा फैलाकर सैकड़ों हिन्दूओ की हत्या करने वाली सफुरा_जरगर की तरह इसको भी गर्भवती बनवा दे फिर भारत के सारे वामपंथी कांग्रेसी जेहादी सुप्रीम कोर्ट पर दबाव डालकर इसे भी रिहा कर देगा ajitanjum

BBC हिन्दी के Gbरोड पत्रकारो पाकिस्तानी मुल्लो के नागरिकता के लिए Caa विरोध के नाम पर दंगा फैलाकर सैकड़ों हिन्दूओ की हत्या करने वाली सफुरा_जरगर की तरह इसको भी गर्भवती बनवा दे फिर भारत के सारे वामपंथी कांग्रेसी जेहादी सुप्रीम कोर्ट पर दबाव डालकर इसे भी रिहा कर देगा PrannoyRoyNDTV BBC हिन्दी के Gbरोड पत्रकारो पाकिस्तानी मुल्लो के नागरिकता के लिए Caa विरोध के नाम पर दंगा फैलाकर सैकड़ों हिन्दूओ की हत्या करने वाली सफुरा_जरगर की तरह इसको भी गर्भवती बनवा दे फिर भारत के सारे वामपंथी कांग्रेसी जेहादी सुप्रीम कोर्ट पर दबाव डालकर इसे भी रिहा कर देगा aroonpurie

BBC हिन्दी के Gbरोड पत्रकारो पाकिस्तानी मुल्लो के नागरिकता के लिए Caa विरोध के नाम पर दंगा फैलाकर सैकड़ों हिन्दूओ की हत्या करने वाली सफुरा_जरगर की तरह इसको भी गर्भवती बनवा दे फिर भारत के सारे वामपंथी कांग्रेसी जेहादी सुप्रीम कोर्ट पर दबाव डालकर इसे भी रिहा कर देगा khanumarfa BBC हिन्दी के Gbरोड पत्रकारो पाकिस्तानी मुल्लो के नागरिकता के लिए Caa विरोध के नाम पर दंगा फैलाकर सैकड़ों हिन्दूओ की हत्या करने वाली सफुरा_जरगर की तरह इसको भी गर्भवती बनवा दे फिर भारत के सारे वामपंथी कांग्रेसी जेहादी सुप्रीम कोर्ट पर दबाव डालकर इसे भी रिहा कर देगा RanaAyyub

Watch this 👉 सात सालों तक जमानत न मिलने पाये। ये नक्सल लोग अपने साथ पड़ोसियों को भी देश विरोधी बना देते हैं। अच्छा है कि अंदर में ही आग बुझ जाये। सही है कोरोना से बच गया। असहमति कि आवाज पाकिस्तान रेडियो की हेडलाइन बनता था, असम को अलग करवा रहा था तब सेहत की चिंता नहीं की थी ! Sirf bbc ko hi chinta haii.. CAA protestors be like😂😂

आपको क क्यों चिंता हो रही ह, Chutiya news Case study by A.J. subscribe please YouTube channel hai ye

कोरोना की उत्पत्ति की जांच के लिए चीन जाएगी डब्ल्यूएचओ की टीम, मिली मंजूरीकोरोना की उत्पत्ति की जांच के लिए चीन जाएगी डब्ल्यूएचओ की टीम, मिली मंजूरी Coronavirus covid19 WHO ChinaCoronaVirus china lies people died. IndiaFightAgainstcorona UnitedAgainstchina Boycottchina Boycottmadeinchina Boycottchineseproducts Jana bhi chahiye puri duniya isase tabah huyi ak jhuth se chaina ke ise ujagar hona hi chahiye

फैक्ट चेक: रिक्शा चालक की बेटी के इंस्पेक्टर बनने की मार्मिक कहानी की ये है सच्चाईसोशल मीडिया पर एक महिला इंस्पेक्टर की तस्वीर वायरल हो रही है, जिसके साथ दावा किया जा रहा है कि यह महिला उसी इलाके में दरोगा नियुक्त की गई है, जहां उनके पिता रिक्शा चलाते हैं. इस दावे में कितनी सच्चाई है....जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर. journovidya Very gud mam ji journovidya JAY HIND MADAM journovidya Superb madam 👏👏

ईडी ने गुजरात के पूर्व आईएएस अधिकारी की 14 करोड़ रुपये की संपत्ति की कुर्कपूर्व आईएएस अधिकारी की 14 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति धन शोधन रोधी कानून के तहत कुर्क की गई है। vijayrupanibjp dir_ed CMOGuj MoneyLaundering vijayrupanibjp dir_ed CMOGuj अति सुंदर कार्य vijayrupanibjp dir_ed CMOGuj 13-14 करोड़ तो भ्रष्ट चपरासियों के पास ही पड़ा होगा जरा थोड़ी जाँच और बढ़ाएँ और 140-1400 करोड़ की धन संपत्ति बनाने वालों वालों को भी पकडिए जिनकी संपत्ति का किराया ही प्रति माह इससे अधिक आ रहा होगा सैंकडों हजारों फ्लैट जमीनें दुकानें शापिंग माल में दुकानें अंबानी अडानी की ही नहीं vijayrupanibjp dir_ed CMOGuj संपत्ति कुर्क कर ईडी ने अपनी बेवकूफी और मूर्खता दिखाई है उस अधिकारी की एक आंख एक किडनी सबसे पहले निकालनी चाहिए उसके बाद कुछ भी करते। बिना चिराग लिए ही भारत में अनगिनत मूर्ख मिल जाएंगे।

BSNL-MTNL की संपत्ति बेचने की प्रक्रिया हुई तेज, 37500 करोड़ की प्रॉपर्टी की होगी नीलामीआर्थिक तंगी से जूझ रही दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर टेलिफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) सब बेच देगी ये सरकार, एयरपोर्ट स्टेशन ट्रेन सरकारी उपक्रम, निकम्मी सरकार है l सरकारी उपक्रम से ही लोगों को सही दाम विश्वसनीय क्वालिटी, रोजगार मिल सकता है l निजी क्षेत्र में काम करने वाले जानते हैं हालात l काम लेना आना चाहिए जो कहते हैं सरकारी विभाग के लोग काम नहीं करते मैं बार बार कहता हूँ और आज फिर दोहरा रहा हूँ - औलाद अगर निकम्मी हो तो वह पुरखों की जायदाद बेच खाती है. अब सरकार का कोई दोष नहीं है क्यों मोदी सरकार कभी भी कुछ गलत कर है नहीं सकती।

चाइनीच ऐप्स के बाद चीन के निवेश प्रस्तावों पर सरकार की नजरसीमा पर टकराव के बीच केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि निवेश प्रस्तावों पर कई तरह की क्लियरेंस की जरूरत होती है। हम पहले से अधिक सजग हो गए हैं।\n

बाबासाहेब आंबेडकर के घर में तोड़फोड़, मुंबई पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की FIRमुंबई पुलिस ने मामले में संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है और अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।