महाराष्ट्र: कोरोना के कारण 9वीं और 11वीं के बच्चे बिना इम्तेहान के होंगे प्रमोट -आज की बड़ी ख़बरें - BBC Hindi

बिहार: मुंगेर गोलीकांड की जांच पर पटना हाई कोर्ट ने उठाए सवाल, एसपी समेत नौ पुलिस अधिकारियों को हटाने का आदेश आज की बड़ी ख़बरें:

07-04-2021 17:43:00

बिहार: मुंगेर गोलीकांड की जांच पर पटना हाई कोर्ट ने उठाए सवाल, एसपी समेत नौ पुलिस अधिकारियों को हटाने का आदेश आज की बड़ी ख़बरें:

महाराष्ट्र सरकार ने ये फ़ैसला किया है कि कोरोना महामारी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए नौवीं कक्षा और 11वीं क्लास के बच्चों को बिना परीक्षा लिए अगली क्लास में प्रमोट कर दिया जाएगा.

10:01ब्राज़ीलः 24 घंटों में कोरोना से 4000 मौत, फिर भी लॉकडाउन में दी जा रही ढीलGetty ImagesCopyright: Getty Imagesब्राज़ील में कोरोना वायरस के संक्रमण से बीते 24 घंटों में 4,000 मौत हुई हैं, देश में वायरस के नए वैरिएंट के कारण संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं.

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अस्पतालों में भारी भीड़ है, कुछ शहरों में तो लोगों की इलाज के इंतज़ार में मौत हो रही है और कई इलाक़ों में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमारा जाने की कगार पर जा पहुँची है.देश में अब तक कोरोना से 3 लाख 37 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है और दुनिया भर में ब्राज़ील संक्रमण से मौत के मामले में अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर है.

लेकिन इन सब के बावजूद राष्ट्रपति ज़ैर बोलसोनारो लॉकडाउन के ख़िलाफ़ हैं.उनका तर्क है कि लॉकडाउन से होने वाला आर्थिक नुक़सान कोरोना से होने वाले नुक़सान से बदतर होगा. कुछ स्थानीय प्राधिकरणों के अदालत की मदद से लगाए गए लॉकडाउन के कुछ प्रतिबंधों को भी राष्ट्रपति पलटने की कोशिश कर चुके हैं. headtopics.com

मंगलवार को राष्ट्रपति आवास के बाहर अपने समर्थकों से बात करते हुए बोलसोनारो ने क्वारंटीन के नियमों की आलोचना की और बिना किसी पुख़्ता सबूत के इसे अवसाद से जोड़ दिया. हालांकि उन्होंने देश में बीते 24 घंटों में हुई 4,195 मौतों पर कुछ भी नहीं कहा.क्या हैं हालात

?स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक़ ब्राज़ील में अब तक 1.3 करोड़ लोगों को कोरोना का संक्रमण हो चुका है. सिर्फ़ मार्च महीने में ही 66 हज़ार 570 लोगों की मौत हो चुकी है.Getty ImagesCopyright: Getty Imagesब्राज़ील के स्वास्थ्य संस्थान फियोक्रूज़ के मुताबिक़ अधिकतर राज्यों में 90 फ़ीसद आईसीयू बेड कोरोना मरीज़ों के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं.

कई राज्यों के अस्पतालों में ऑक्सीजन और ज़रूरी दवाओं की कमी बताई जा रही है. इतनी संकट की स्थिति होने के बावजूद कुछ शहर और राज्य जनता की गतिविधियो को रोकने वाले नियमों में ढील दे रहे हैं.ब्राज़ील के इंस्टीट्यूट फ़ॉर हेल्थ पॉलिसी स्टडीज़ के कार्यकारी निदेशक मिगल लागो ने एसोसिएट प्रेस से बात करते हुए कहा है, ‘’ सच ये है कि राष्ट्रपति बोलसोनारो के लॉकडाउन विरोधी नैरेटिव की जीत हो गई है.‘’

‘’मेयर और गवर्नरों को राजनीतिक रूप से समाजिक दूरी की नीतियों के बारे में बात करने से रोक दिया गया है. वे भी जानते हैं कि राष्ट्रपति के समर्थक, व्यापारी इन नीतियों को नहीं मानेंगे.‘’अति दक्षिणपंथी नेता बोलसोनारो शुरू से ही कोरोना को कम प्रभावी बताते रहे हैं, वैक्सीन पर संदेह ज़ाहिर करते रहे हैं और अप्रमाणिक दवाओं के सेवन को बढ़ावा देते रहे हैं. headtopics.com

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लेकिन आजकल उनकी ज़ुबान इसे लेकर कुछ बदली है. आजकल वे टीकाकरण की बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि साल 2021 टीकाकरण का साल होगा लेकिन देश टीकाकरण की योजना को लागू करने में संघर्ष कर रहा है.आलोचक कहते हैं कि उनकी सरकार ने वैक्सीन की सप्लाई के लिए बातचीत में काफ़ी देरी दिखाई है. देश में अब तक सिर्फ़ आठ फ़ीसद आबादी को कोरोना वैक्सीन की पहली ख़ुराक़ मिली है.

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शोभा मजूमदार की मौत पर Bengal में क्यों नहीं थम रही सियासत? देखें दंगल

1 अप्रैल की वोटिंग के लिए बंगाल तैयार है, लेकिन उससे पहले एक मां की मौत पर आर-पार की लड़ाई लड़ी जा रही है. उत्तर 24 परगना की 85 वर्षीय शोभा मजूमदार की मौत को बीजेपी ने ना सिर्फ चुनावी हिंसा से जोड़ा है, बल्कि बंगाल की बेटी की सुरक्षा के मुद्दे पर सीधे ममता बनर्जी पर सवाल उठा दिया है. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि उनको सिर्फ इसलिए जान गंवानी पड़ी क्योंकि उनकी विचारधारा अलग थी. आपको बता दें कि 27 फरवरी से शोभा मजूमदार का घायल चेहरा, BJP के चुनाव अभियान का हिस्सा था. उस दिन कथित तौर पर उनपर TMC के लोगों ने हमला किया था. हालांकि TMC शोभा मजूमदार की मौत को लेकर TMC उल्टे बीजेपी पर पलटवार कर रही है, और बीजेपी के सामने यूपी के हाथरस कांड को रख रही है. इसीलिए आज हमारा मुद्दा है कि क्या दूसरे चरण के चुनाव में बेटियों के नाम पर बंगाल वोट करेगा? क्या ममता बनर्जी को शोभा मजूमदार की मौत का खामियाजा भुगतना पड़ेगा? मौत पर खेला होबे? देखें दंगल, रोहित सरदाना के साथ.

sahi Kaha. मोदी जी ने कानून व्यवस्था को भ्रष्ट कर दिया है, अब कोई केस कोर्ट में फाइनल हो नहीं सकता, मेरे केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को दोनों बार निचली अदालतों ने बदल दिया है। हरामी और कमीने जजों का राज है। मेरा Pinned Tweet देखो, अब कमीने, हरामी और भ्रष्ट जजों को ईनाम भी मिलने लगे हैं