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बिबकॉल के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट की मौत: कोरोना वैक्सीन प्रोजेक्ट लीड कर रहे थे चंद्र बल्लभ, डॉक्टर बोले-अपूरणीय क्षति

कोरोना महामारी से बचाव के लिए बिबकॉल कंपनी में बनाई जाने वाली कोरोना वैक्सीन के निर्माण को सीनियर वाइस प्रेसीडेंट

14-06-2021 21:31:00

बिबकॉल के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट की मौत: कोरोना वैक्सीन प्रोजेक्ट लीड कर रहे थे चंद्र बल्लभ Bibcol ChandraBallabh CoronaVaccine

कोरोना महामारी से बचाव के लिए बिबकॉल कंपनी में बनाई जाने वाली कोरोना वैक्सीन के निर्माण को सीनियर वाइस प्रेसीडेंट

सोमवार को चोला स्थित बिककॉल कंपनी में उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। चोला औद्योगिक क्षेत्र स्थित बिबकॉल (भारत इम्यूनोलाजिकल्स एंड बायोलाजिकल्स कारपोरेशन लिमिटेड) को भारत सरकार ने वर्ष 1989 में स्थापित किया था।

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इस दौरान सबसे पहले कंपनी को पोलियो वैक्सीन बनाने का जिम्मा दिया गया था। प्रतिवर्ष करीब 160 करोड़ डोज बनाने वाली कंपनी को अब सरकार ने कोरोना वैक्सीन बनाने का जिम्मा दिया गया था। प्रतिमाह करीब डेढ़ करोड़ डोज बनाने के लिए सरकार ने 30 करोड़ रुपये का बजट भी जारी किया था।

वैक्सीन प्रोडक्शन के लिए लैब बनाने की तैयारियां चल रहीं थी, लेकिन कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट चंद्र बल्लभ बेंजवाल की मौत ने कंपनी के पदाधिकारियों व स्टाफ को गहरा आघात दिया है। अब वैक्सीन के निर्माण पर भी असर पड़ सकता है।बिबकॉल के एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि चंद्र बल्लभ बेंजवाल का स्वभाव सबके साथ मित्रवत था। कोई भी अपनी परेशानी लेकर उनके पास जाता था तो वह समाधान के लिए तैयार रहते थे। उन्हें कभी किसी ने नाराज होते नहीं देखा था। वहीं चिकित्सकों ने चंद्र बल्लभ बेंजवाल के निधन पर दुख प्रकट करते हुए श्रद्धांजलि दी है। headtopics.com

बेहद विनम्र थे बेंजवालहमने एक ही वर्ष में कंपनी को ज्वाइन किया था। इस दौरान वह हमेशा बड़े भाई की तरह व्यवहार करते थे। साथ ही सभी प्रोजेक्ट को लीड करते हुए पूरा भार अपने कंधों पर लेते थे। कर्मचारियों के लिए वह हमेशा से विनम्र रहते थे। चंद्र बल्लभ बेंजवाल की मौत से कंपनी का पूरा स्टाफ शोक में है। -

सुनील कुमार शर्मा, एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट, बिबकॉलबेंजवाल का जाना बड़ी क्षतिचंद्र बल्लभ बेंजवाल का असमय हमारे बीच से जाना एक बड़ा आघात है। कोरोना को हराने में वह अपनी भूमिका निभाने वाले थे। कोरोना ने देश को हजारों ऐसे जख्म दिए हैं, जिन्हें आसानी से नहीं भुलाया जा सकेगा। फिर भी देश कोरोना को हराएगा। -

डा. वीरेंद्र कुमार, अध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएशनविस्तार चंद्र बल्लभ बेंजवाल की असामयिक मृत्यु से झटका लगा है। कंपनी की स्थापना के बाद से चंद्र बल्लभ बेंजवाल ही प्रत्येक प्रोजेक्ट को लीड करते थे।विज्ञापनसोमवार को चोला स्थित बिककॉल कंपनी में उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। चोला औद्योगिक क्षेत्र स्थित बिबकॉल (भारत इम्यूनोलाजिकल्स एंड बायोलाजिकल्स कारपोरेशन लिमिटेड) को भारत सरकार ने वर्ष 1989 में स्थापित किया था।

इस दौरान सबसे पहले कंपनी को पोलियो वैक्सीन बनाने का जिम्मा दिया गया था। प्रतिवर्ष करीब 160 करोड़ डोज बनाने वाली कंपनी को अब सरकार ने कोरोना वैक्सीन बनाने का जिम्मा दिया गया था। प्रतिमाह करीब डेढ़ करोड़ डोज बनाने के लिए सरकार ने 30 करोड़ रुपये का बजट भी जारी किया था। headtopics.com

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वैक्सीन प्रोडक्शन के लिए लैब बनाने की तैयारियां चल रहीं थी, लेकिन कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट चंद्र बल्लभ बेंजवाल की मौत ने कंपनी के पदाधिकारियों व स्टाफ को गहरा आघात दिया है। अब वैक्सीन के निर्माण पर भी असर पड़ सकता है।बिबकॉल के एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि चंद्र बल्लभ बेंजवाल का स्वभाव सबके साथ मित्रवत था। कोई भी अपनी परेशानी लेकर उनके पास जाता था तो वह समाधान के लिए तैयार रहते थे। उन्हें कभी किसी ने नाराज होते नहीं देखा था। वहीं चिकित्सकों ने चंद्र बल्लभ बेंजवाल के निधन पर दुख प्रकट करते हुए श्रद्धांजलि दी है।

बेहद विनम्र थे बेंजवालहमने एक ही वर्ष में कंपनी को ज्वाइन किया था। इस दौरान वह हमेशा बड़े भाई की तरह व्यवहार करते थे। साथ ही सभी प्रोजेक्ट को लीड करते हुए पूरा भार अपने कंधों पर लेते थे। कर्मचारियों के लिए वह हमेशा से विनम्र रहते थे। चंद्र बल्लभ बेंजवाल की मौत से कंपनी का पूरा स्टाफ शोक में है। -

सुनील कुमार शर्मा, एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट, बिबकॉलबेंजवाल का जाना बड़ी क्षतिचंद्र बल्लभ बेंजवाल का असमय हमारे बीच से जाना एक बड़ा आघात है। कोरोना को हराने में वह अपनी भूमिका निभाने वाले थे। कोरोना ने देश को हजारों ऐसे जख्म दिए हैं, जिन्हें आसानी से नहीं भुलाया जा सकेगा। फिर भी देश कोरोना को हराएगा। -

डा. वीरेंद्र कुमार, अध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएशनविज्ञापनआगे पढ़ेंविज्ञापनआपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?हांखबर की भाषा और शीर्षक से आप संतुष्ट हैं?हांखबर के प्रस्तुतिकरण से आप संतुष्ट हैं? headtopics.com

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आज की पॉजिटिव खबर: गुजरात के किसान ने बंजर जमीन पर 10 साल पहले ऑर्गेनिक खजूर लगाए, अब हर साल 35 लाख रुपए की कमाई

जहां तापमान ज्यादा हो, पानी की कमी हो, दूसरी फसलों की खेती न के बराबर होती हो, उन जगहों पर ऑर्गेनिक खजूर की खेती की जा सकती है। इसमें लागत भी कम होगी और बढ़िया आमदनी भी होगी। गुजरात के पाटन जिले के रहने वाले एक किसान निर्मल सिंह वाघेला ने इसकी पहल की है। करीब 10 साल पहले उन्होंने अपनी जमीन के बड़े हिस्से में ऑर्गेनिक खजूर के प्लांट लगाए थे। अब वे प्लांट तैयार हो गए हैं और उनसे फल निकलने लगे हैं। इ... | Farmer of Gujarat started farming of organic dates on barren land, earning Rs 35 lakh in first year itself

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उत्तराखंड में 22 जून तक बढ़ा कोरोना कर्फ्यू, चारधाम यात्रा के लिए जानिए क्या हुआ फैसलाअन्य प्रदेशों की तरह ही उत्तराखंड में भी लगातार कोरोना केस कम हो रहे हैं. हालांकि, इसके बावजूद भी राज्य सरकार ने कोरोना कर्फ्यू को 22 जून तक बढ़ा दिया है. उत्‍तराखंड आने वालों के लिए आरटी-पीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट अब भी अनिवार्य है. कोविड कर्फ्यू में वर्तमान व्यवस्था में कुछ और रियायत भी दी गई है.

इस मास्‍क के संपर्क में आते ही ढेर हो जाएगा कोरोना, जानिए इसकी खास बातेंभारत न्यूज़: देश की एक स्‍टार्ट-अप फर्म ने कोरोना को चित कर देने वाला मास्‍क बनाया है। इसकी खास बात यह है कि इसके संपर्क में आते ही वायरस 'ढेर' हो जाता है। इस मास्‍क को बनाने में विशेष लेप का इस्‍तेमाल हुआ है।

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