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नेपाल में पलटी बाजी : केपी शर्मा ओली फिर बने प्रधानमंत्री, विपक्ष नहीं हासिल कर सका बहुमत

नेपाल में सियासी संकट के बीच एक बार फिर से बाजी पलट गई है। संसद में विश्वासमत हासिल नहीं कर पाने के बावजूद केपी शर्मा

13-05-2021 20:16:00

नेपाल में पलटी बाजी : केपी शर्मा ओली फिर बने प्रधानमंत्री, विपक्ष नहीं हासिल कर सका बहुमत Nepal Parliament kpsharmaoli PMOIndia

नेपाल में सियासी संकट के बीच एक बार फिर से बाजी पलट गई है। संसद में विश्वासमत हासिल नहीं कर पाने के बावजूद केपी शर्मा

बता दें कि राष्ट्रपति बिद्यादेवी भंडारी ने ओली सरकार के विश्वास मत हासिल नहीं कर पाने के बाद विपक्ष दलों को गुरुवार तक नई सरकार का गठन करने के लिए आमंत्रित किया था। वहीं दूसरी ओर ओली को उम्मीद थी कि उनकी पार्टी बहुमत हासिल कर लेगी।गौरतलब है कि 10 मई यानी बीते सोमवार को राष्ट्रपति बिद्यादेवी भंडारी के निर्देश पर संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के आहूत विशेष सत्र में प्रधानमंत्री ओली की ओर से पेश विश्वास प्रस्ताव के समर्थन में उन्हें केवल 93 मत मिले, जबकि 124 सदस्यों ने इसके खिलाफ मत दिया था।

Odisha dispatches more than 31,000 metric tonnes of Liquid Medical Oxygen to 17 states, UTs - NewsOnAIR - लक्षद्वीपः हाईकोर्ट ने डेयरी फार्म बंद करने, मिड डे मील से मांस हटाने के आदेश पर रोक लगाई कोरोना वैक्सीन की खरीद व कीमत का मुद्दा संसदीय समिति की बैठक में उठा तो भड़के BJP सांसद : सूत्र

ओली को 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में विश्वासमत जीतने के लिए 136 मतों की जरूरत थी, क्योंकि चार सदस्य इस समय निलंबित हैं। बता दें कि पुष्पकमल दहल 'प्रचंड' नीत नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी केंद्र) द्वारा समर्थन वापस लेने के बाद ओली सरकार अल्पमत में आ गई थी।

इसलिए पीएम ओली को निचले सदन में सोमवार को बहुमत साबित करना था। वहीं सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी कर प्रधानमंत्री के पक्ष में मतदान का अनुरोध किया था, लेकिन ओली को सफलता नहीं मिल सकी।कुछ इस तरह से रहा ओली का राजनीतिक सफर headtopics.com

नेपाल के वयोवृद्ध वामपंथी नेता केपी शर्मा ओली 2018 के संसदीय चुनाव में वाम गठबंधन की भारी जीत के बाद दूसरी बार प्रधानमंत्री बने थे। तब उन्होंने देश में राजनीतिक स्थिरता की उम्मीद की थी लेकिन उनकी अपनी कोशिशों से भी यह संभव न हो सका।सियासी उथल-पुथल के चलते वे अर्श से फर्श पर आ गए। नेपाल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी में खींचतान के बाद ओली द्वारा आश्चर्यजनक रूप से दिसंबर में संसद को भंग करने की अनुशंसा से देश एक बार फिर राजनीतिक संकट में चला गया और पार्टी टूट गई।

14 साल तक जेल में रहेओली किशोरावस्था में ही छात्र कार्यकर्ता के रूप में राजनीति से जुड़े थे और राजशाही का विरोध करने की वजह से 14 साल तक जेल में रहे। वह वर्ष 2018 में वाम गठबंधन के संयुक्त प्रत्याशी के तौर पर दूसरी बार प्रधानमंत्री बने।प्रचंड की पार्टी के साथ किया विलय

सीपीएन (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) और पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ नीत सीपीएन (माओवादी केंद्र) ने वर्ष 2017 के चुनाव में प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करने के साथ-साथ सात में से छह प्रांतों में जीत दर्ज की थी। दोनों पार्टियां का मई 2018 में औपचारिक रूप से विलय हो गया था।

भारत की खुलेआम की थी आलोचनाचीन की ओर झुकाव रखने वाले 69 वर्षीय ओली इससे पहले 11 अक्तूबर 2015 से तीन अगस्त 2016 तक नेपाल के प्रधानमंत्री रहे, तब भारत के साथ नेपाल के रिश्तों में तल्खी थी। पहले कार्यकाल में ओली ने सार्वजनिक रूप से भारत की आलोचना करते हुए नेपाल के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने और उनकी सरकार को सत्ता से बेदखल करने का आरोप लगाया था। हालांकि, उन्होंने दूसरे कार्यकाल में आर्थिक समृद्धि के लिए भारत के साथ मिलकर आगे बढ़ने का वादा किया था। headtopics.com

अमरिंदर सिंह ने दिया पंजाब कांग्रेस में सुलह का फार्मूला, गांधी परिवार से मुलाकात नहीं 12% more wheat procured this year in comparison to last year’s corresponding period - NewsOnAIR - हिमाचल में गडकरी के सामने बवाल: मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सिक्योरिटी ऑफिसर और कुल्लू SP के बीच जमकर चले लात-घूंसे

विस्तार ओली ने फिर से प्रधानमंत्री की कुर्सी हासिल कर ली। जानकारी के मुताबिक गुरुवार को विपक्ष बहुमत हासिल करने में असफल रहा, जिसके चलते ओली को फिर से प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया गया।विज्ञापनबता दें कि राष्ट्रपति बिद्यादेवी भंडारी ने ओली सरकार के विश्वास मत हासिल नहीं कर पाने के बाद विपक्ष दलों को गुरुवार तक नई सरकार का गठन करने के लिए आमंत्रित किया था। वहीं दूसरी ओर ओली को उम्मीद थी कि उनकी पार्टी बहुमत हासिल कर लेगी।

गौरतलब है कि 10 मई यानी बीते सोमवार को राष्ट्रपति बिद्यादेवी भंडारी के निर्देश पर संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के आहूत विशेष सत्र में प्रधानमंत्री ओली की ओर से पेश विश्वास प्रस्ताव के समर्थन में उन्हें केवल 93 मत मिले, जबकि 124 सदस्यों ने इसके खिलाफ मत दिया था।

ओली को 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में विश्वासमत जीतने के लिए 136 मतों की जरूरत थी, क्योंकि चार सदस्य इस समय निलंबित हैं। बता दें कि पुष्पकमल दहल 'प्रचंड' नीत नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी केंद्र) द्वारा समर्थन वापस लेने के बाद ओली सरकार अल्पमत में आ गई थी।

इसलिए पीएम ओली को निचले सदन में सोमवार को बहुमत साबित करना था। वहीं सत्तारूढ़ नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी कर प्रधानमंत्री के पक्ष में मतदान का अनुरोध किया था, लेकिन ओली को सफलता नहीं मिल सकी।कुछ इस तरह से रहा ओली का राजनीतिक सफर headtopics.com

नेपाल के वयोवृद्ध वामपंथी नेता केपी शर्मा ओली 2018 के संसदीय चुनाव में वाम गठबंधन की भारी जीत के बाद दूसरी बार प्रधानमंत्री बने थे। तब उन्होंने देश में राजनीतिक स्थिरता की उम्मीद की थी लेकिन उनकी अपनी कोशिशों से भी यह संभव न हो सका।सियासी उथल-पुथल के चलते वे अर्श से फर्श पर आ गए। नेपाल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी में खींचतान के बाद ओली द्वारा आश्चर्यजनक रूप से दिसंबर में संसद को भंग करने की अनुशंसा से देश एक बार फिर राजनीतिक संकट में चला गया और पार्टी टूट गई।

14 साल तक जेल में रहेओली किशोरावस्था में ही छात्र कार्यकर्ता के रूप में राजनीति से जुड़े थे और राजशाही का विरोध करने की वजह से 14 साल तक जेल में रहे। वह वर्ष 2018 में वाम गठबंधन के संयुक्त प्रत्याशी के तौर पर दूसरी बार प्रधानमंत्री बने।प्रचंड की पार्टी के साथ किया विलय

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सीपीएन (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) और पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ नीत सीपीएन (माओवादी केंद्र) ने वर्ष 2017 के चुनाव में प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करने के साथ-साथ सात में से छह प्रांतों में जीत दर्ज की थी। दोनों पार्टियां का मई 2018 में औपचारिक रूप से विलय हो गया था।

भारत की खुलेआम की थी आलोचनाचीन की ओर झुकाव रखने वाले 69 वर्षीय ओली इससे पहले 11 अक्तूबर 2015 से तीन अगस्त 2016 तक नेपाल के प्रधानमंत्री रहे, तब भारत के साथ नेपाल के रिश्तों में तल्खी थी। पहले कार्यकाल में ओली ने सार्वजनिक रूप से भारत की आलोचना करते हुए नेपाल के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने और उनकी सरकार को सत्ता से बेदखल करने का आरोप लगाया था। हालांकि, उन्होंने दूसरे कार्यकाल में आर्थिक समृद्धि के लिए भारत के साथ मिलकर आगे बढ़ने का वादा किया था।

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MP की 'डरपोक' पुलिस का VIDEO: युवती को जवानों के सामने बाल खींचकर युवकों ने पीटा, कपड़े फाड़े; वर्दीधारी देखते रहे

सिटी कोतवाली थाना अंतर्गत मुख्यारगंज की घटना, सोशल मीडिया पर बवाल मचने के बाद युवकों पर दर्ज हुआ मामला | पुलिस के सामने युवती के बाल पकड़कर सरहंगों ने पीटा, पीड़िता थाने पहुंची तो पुलिस करने लगी आरोपियों का बचाव

kpsharmaoli PMOIndia 😀😀😀😀 kpsharmaoli PMOIndia मुबारकबाद

कहर: नेपाल में कोरोना वायरस के कारण एक दिन में सर्वाधिक मौत, चीन ने सहायता भेजीनेपाल में मंगलवार को कोविड-19 के संक्रमण के कारण एक दिन में सर्वाधिक 225 लोगों की मौत हो गई वहीं पिछले 24 घंटे में 9483 नए मामले Shit! DrSJaishankar was waiting for some help from Nepal as well. Rajat India TV : शराब के लिए लोग लाईन लगाएँ तो समझ नहीं आता जाहिर है एसे दर्द भरे मोहोल में गम मिटाने के लिए Rajat क्या जाने गम की कीमत।कुछ चिप्काना हो तो गम की कीमत का पता चलता है, गम मिटाना हो तो शराब की कीमत का पता चलता है।

नेपाल में गतिरोधदरअसल, नेपाल में उभरे ताजा राजनीतिक संकट की पृष्ठभूमि पिछले साल दिसंबर में ही तैयार हो गई थी जब प्रधानमंत्री ओली ने मंत्रिमंडल की आपात बैठक बुलाई और संसद को भंग करने का फैसला लिया। Rajat India TV : शराब के लिए लोग लाईन लगाएँ तो समझ नहीं आता जाहिर है एसे दर्द भरे मोहोल में गम मिटाने के लिए Rajat क्या जाने गम की कीमत।कुछ चिप्काना हो तो गम की कीमत का पता चलता है, गम मिटाना हो तो शराब की कीमत का पता चलता है।

नई मुश्किल : महाराष्ट्र में म्यूकरमायकोसिस की चपेट में आए 2 हजार मरीजनई मुश्किल : महाराष्ट्र में म्यूकरमायकोसिस की चपेट में आए 2 हजार मरीज Maharashtra Coronavirus BlackFungas mucormycosis MoHFW_INDIA CMOMaharashtra MoHFW_INDIA CMOMaharashtra Second Order effects of Coronvirus Pandemic - Expected

दर्दनाक: इस्राइल में फिलिस्तीनी रॉकेट हमले में केरल की महिला की मौतइजराइल में काम करने वाली केरल की एक महिला की मंगलवार को कथित रूप से एक फिलिस्तीनी रॉकेट हमले में मौत हो गई। उसके परिवार Ye dard nhi dikha kya.... IsraeliTerrorism अबे भौसश्री के चमनचुतिये तेरे अन्दर इंसानियत बची है तो उन लोगों को भी दिखा जो वहा रोज मर रहे हैं । क्या वो सब तुझे दिखाई नहीं देते 😡😡

देश में कोरोना से 2.5 लाख से ज्यादा मौतें: दूसरी लहर में ब्राजील-मैक्सिको में दोगुनी तो भारत में 3 गुना ज्यादा जानें गईं; 35% मौतें यहीं हुईंभारत में कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा 2.5 लाख के पार चला गया है। कोरोना से भारत से ज्यादा मौतें सिर्फ अमेरिका और ब्राजील में हुई हैं। भारत में जहां हर 100 कोरोना संक्रमण के मामलों पर मरने वालों की संख्या 1.1 है, वहीं अमेरिका में यह 1.8 और ब्राजील में 2.7 है। दक्षिण अफ्रीका में कोरोना से मरने वालों का औसत सबसे खराब है, जहां हर 100 संक्रमण के मामलों में 3.4 लोगों की जान गई है। | In the first wave of Coronavirus 1 lakh deaths in 10 months second covid-19 wave in just 3 months serious questions were raised on the death toll । अब डर यह जताया जा रहा है कि 10 मई को भारत में कोरोना से होने वाली मौतों का कुल आंकड़ा 2.5 लाख मौतों को पार कर जाएगा। जनसंख्या की भी तुलना कर लो... Vaccination percentage mein Aur death nembers mein batate ho Band karo ye dalali

इंडिया बनाम श्रीलंका: जुलाई में होने वाले मैच के लिए हार्दिक-शिखर में कप्तानी की होड़इंडिया बनाम श्रीलंका: जुलाई में होने वाले मैच के लिए हार्दिक-शिखर में कप्तानी की होड़ IndiaVssrilanka HardikPandya ShikharDhawan cancelupboardexams2021 myogioffice drdineshbjp Sir,थोड़ा बुरा लगेगा लेकिन एकदम सही बात है आज जब तकनीक के ज़माने मे आप ये मान रहे है कि यूपी बोर्ड वालो का result data onlineआपके पास नहीं है तो फिर आप ये कैसे कह सकते हैं कि आप ने7 से 8महीने यूपी बोर्ड वालो की online classe चलाई