नासा का लूसी मिशन बृहस्पति की कक्षा में क्या तलाश करने वाला है? - BBC News हिंदी

नासा का लूसी मिशन बृहस्पति की कक्षा में क्या तलाश करने वाला है?

16-10-2021 18:28:00

नासा का लूसी मिशन बृहस्पति की कक्षा में क्या तलाश करने वाला है?

नासा ने लूसी मिशन लॉन्च किया है, जो बृहस्पति ग्रह के लिए रवाना हो चुका है. आखिर इसे वहां क्या तलाशने भेजा गया है?

समाप्तइस मिशन पर अगले 12 सालों में 981 मिलियन डॉलर यानी लगभग 73,60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस दौरान लूसी मिशन सात ट्रोजन के पास पहुंच कर उनका अध्ययन करेगा.इमेज स्रोत,Jason Kuffer CCइमेज कैप्शन,इथियोपिया में मिले प्राचीनतम इंसानी जीवाश्म में मानव उत्पत्ति और विकास के बारे में हमारी समझ को बदल दिया

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लूसी का नाम कैसे पड़ा?नासा ने इस अभियान को लूसी का नाम क्यों दिया है, इसके पीछे भी एक कारण है. 1974 में इथियोपिया के हदार नामक जगह से एक मानव कंकाल मिला था. उसके अध्ययन के बाद वैज्ञानिकों ने उसे अब तक प्राप्त दुनिया का प्राचीनतम मानव कंकाल बताया था. इस कंकाल को लूसी (ऑस्ट्रैलोपिथिकस अफ़रैन्सिस) का नाम दिया गया था. कहा जाता है कि इन्हीं से होमो प्रजाति आई है जिससे आधुनिक मानव का जन्म हुआ है.

बृहस्पति ग्रह पर ट्रोजन की पड़ताल के लिए नासा ने अपने मिशन का नाम इसी लूसी नाम के कंकल पर रखा है. यह अंतरिक्षयान उन जीवाश्मों की तलाश में निकला है जो पृथ्वी से करोड़ों किलोमीटर दूर, बृहस्पति के साथ सूर्य की परिक्रमा कर रहे हैं.कोलोराडो के बोल्डर में साउथवेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट में लूसी मिशन के प्रमुख शोधकर्ता हैल लेविसन ने बताया, "ट्रोजन ऐस्टेरॉयड अपनी कक्षा में 60 डिग्री तक बृहस्पति के साथ या उसके आगे चलते हैं." headtopics.com

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वारदात: तेज हो गई समीर-नवाब की तकरार, क्या है स्कूल सर्टिफिकेट की सच्चाई?

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के मुंबई के जोनल हेड समीर वानखेड़े के बर्थ सर्टिफिकेट और मैरिज सर्टिफिकेट के बाद महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक कथित रूप से उनके ये दो नए सर्टिफिकेट लेकर आए हैं. नवाब मलिक के मुताबिक समीर दादर के सेंट पॉल हाईस्कूल से प्राथमिक शिक्षा ली थी. इस सर्टिफिकेट में समीर वानखेड़े का नाम वानखेड़े समीर दाऊद लिखा है. यहां ये भी लिखा है कि छात्र की जाति और उपजाति तभी बताई जाए जब वो पिछड़े वर्ग, या अनुसूचचित जाति-जनजाति से आए. जबकि धर्म के कॉलम में लिखा है मुस्लिम. इसके बाद समीर वडाला के सेंट जॉसेफ हाईस्कूल में पढने गए. यहां के स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट में समीर का नाम वानखेड़े समीर दाऊद लिखा है. और धर्म के कॉलम में लिखा है मुस्लिम. दरअसल नवाब मलिक समीर वानखेड़े को मुसलमान साबित करने के लिए इसलिए जुटे हैं क्योंकि अगर उनकी बात सही साबित हो गई तो समीर वानखेड़े के नौकरी खतरे में पड़ जाएगी. देखें वीडियो.

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कानपुर में है रावण का मंदिर, विजयादशमी के दिन खुलता है कपाट, होती है पूजासाल 1868 में इस मंदिर का निर्माण महाराज गुरु प्रसाद की ओर से कराया गया था. तब से हर साल इस मंदिर के कपाट विजयादशमी के दिन ही खोले जाते हैं.

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