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तालिबान राज: मान्यता दिलाने के लिए रूस, चीन व पाकिस्तान ने तेज की कवायद, विशेष दूतों ने बनाई रणनीति

चीन, रूस और पाकिस्तान के विशेष दूतों ने तालिबान सरकार को वैश्विक मान्यता के लिए कवायद तेज कर दी है।

23-09-2021 04:45:00

तालिबान राज : मान्यता दिलाने के लिए रूस, चीन व पाकिस्तान ने तेज की कवायद, विशेष दूतों ने बनाई रणनीति Afghanistan Taliban Kabul Russia Pakistan China

चीन, रूस और पाकिस्तान के विशेष दूतों ने तालिबान सरकार को वैश्विक मान्यता के लिए कवायद तेज कर दी है।

तीनों दूतों ने तालिबान से समावेशी सरकार पर जोर देने के साथ ही आतंकवाद से लड़ने और मानवीय हालात सुधारने पर चर्चा की। बैठकें तब हुई हैं, जब न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा चल रही है। समझा जाता है कि तालिबान को मान्यता दिलाने की कोशिशों के तहत ही तीनों देशों के दूतों ने ये बैठकें की हैं। एक चीनी अधिकारी ने बताया, तीनों दूतों ने तालिबानी पीएम मोहम्मद हसन अखुंद, विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी से मुलाकात की। साथ ही पहली बार विदेशी दूतों ने करजई और अब्दुल्ला से बात की है। इस बैठक के बाद तालिबान ने कहा कि वे अफगानिस्तान को मजबूत करने में जिम्मेदार भूमिका निभा रहे हैं।

हिंदू मंदिरों पर हमले के बाद बांग्लादेश में कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन - BBC News हिंदी राहुल गांधी बोले- पार्टी नेताओं ने दबाव बनाया तो दोबारा कांग्रेस प्रमुख बनने के बारे में सोचेंगे 'कोई पछतावा नहीं': सिंघु बॉर्डर पर क्रूर हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले 'निहंग' ने कहा

चीन ने कहा, मदद देंचीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा, तीनों दूतों ने मानवाधिकार, आर्थिक और मानवीय हालात समेत अफगानिस्तान से मैत्री संबंध रखने वाले मुल्कों पर विस्तृत चर्चा की। दूतों ने वैश्विक समुदाय से ज्यादा मानवीय सहायता मुहैया कराने का आह्वान किया।

चीन-पाक बना रहे नया समूहरूस के साथ पाकिस्तान और चीन तालिबान को मान्यता दिलाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा, वे अफगानिस्तान से सटे देशों का नया समूह भी बनाने की दिशा में बढ़ रहे हैं। इस समूह में चीन, पाक, ईरान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। headtopics.com

कतर की दुनिया से अपील, नई सरकार का बहिष्कार न करेंकतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक नेताओं से तालिबान का बहिष्कार न करने की अपील की है। महासभा के मंच से कतर के शासक थानी ने कहा कि बहिष्कार से सिर्फ ध्रुवीकरण होता है।अब तक किसी देश ने तालिबान सरकार को मान्यता नहीं दी है। इस कैबिनेट में कोई महिला सदस्य नहीं है। तालिबान ने कैबिनेट को अंतरिम बताया है। उम्मीद की जा रही है कि भविष्य की सरकार अधिक समावेशी हो सकती है।

सहयोग जारी रखे विश्व बिरादरीशेख तमीम ने कहा कि विश्व बिरादरी को इस चरण में अफगानिस्तान के लोगों के लिए अपना सहयोग जारी रखना चाहिए और मानवीय संकट के दौर में दी जा रही सहायता को राजनीतिक मतभेदों से अलग करना चाहिए।उज्बेकिस्तान ने अफगानिस्तान को तेल और बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी है। उज्बेक राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने अफगानिस्तान पर स्थायी संयुक्त राष्ट्र समिति बनाने का आह्वान किया।

विस्तार तीनों दूतों ने तालिबान के साथ बैठक कर इस दिशा में रणनीति बनाई। साथ ही हामिद करजई व अब्दुल्ला अब्दुल्ला से भी इस बारे में बातचीत की।विज्ञापनतीनों दूतों ने तालिबान से समावेशी सरकार पर जोर देने के साथ ही आतंकवाद से लड़ने और मानवीय हालात सुधारने पर चर्चा की। बैठकें तब हुई हैं, जब न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा चल रही है। समझा जाता है कि तालिबान को मान्यता दिलाने की कोशिशों के तहत ही तीनों देशों के दूतों ने ये बैठकें की हैं। एक चीनी अधिकारी ने बताया, तीनों दूतों ने तालिबानी पीएम मोहम्मद हसन अखुंद, विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी से मुलाकात की। साथ ही पहली बार विदेशी दूतों ने करजई और अब्दुल्ला से बात की है। इस बैठक के बाद तालिबान ने कहा कि वे अफगानिस्तान को मजबूत करने में जिम्मेदार भूमिका निभा रहे हैं।

चीन ने कहा, मदद देंचीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा, तीनों दूतों ने मानवाधिकार, आर्थिक और मानवीय हालात समेत अफगानिस्तान से मैत्री संबंध रखने वाले मुल्कों पर विस्तृत चर्चा की। दूतों ने वैश्विक समुदाय से ज्यादा मानवीय सहायता मुहैया कराने का आह्वान किया। headtopics.com

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चीन-पाक बना रहे नया समूहरूस के साथ पाकिस्तान और चीन तालिबान को मान्यता दिलाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा, वे अफगानिस्तान से सटे देशों का नया समूह भी बनाने की दिशा में बढ़ रहे हैं। इस समूह में चीन, पाक, ईरान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं।

कतर की दुनिया से अपील, नई सरकार का बहिष्कार न करेंकतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक नेताओं से तालिबान का बहिष्कार न करने की अपील की है। महासभा के मंच से कतर के शासक थानी ने कहा कि बहिष्कार से सिर्फ ध्रुवीकरण होता है।अब तक किसी देश ने तालिबान सरकार को मान्यता नहीं दी है। इस कैबिनेट में कोई महिला सदस्य नहीं है। तालिबान ने कैबिनेट को अंतरिम बताया है। उम्मीद की जा रही है कि भविष्य की सरकार अधिक समावेशी हो सकती है।

सहयोग जारी रखे विश्व बिरादरीशेख तमीम ने कहा कि विश्व बिरादरी को इस चरण में अफगानिस्तान के लोगों के लिए अपना सहयोग जारी रखना चाहिए और मानवीय संकट के दौर में दी जा रही सहायता को राजनीतिक मतभेदों से अलग करना चाहिए।उज्बेकिस्तान ने अफगानिस्तान को तेल और बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी है। उज्बेक राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव ने अफगानिस्तान पर स्थायी संयुक्त राष्ट्र समिति बनाने का आह्वान किया।

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India Today Conclave 2021 - Check out the full details and schedule of India Today Conclave event to be held at Taj Palace Hotel, New Delhi on 8th and 9th October 2021.

Do the females of these countries recognize Taliban?

इमरान ख़ान ने बताया, तालिबान सरकार को किन शर्तों पर मान्यता देगा पाकिस्तान - BBC News हिंदीपाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में उम्मीद जताई है कि तालिबान लड़कियों को स्कूल जाने की अनुमति देंगे. Batau yeh bhi shrte rakhenge.... अबे चुतिये बीबीसी वाले शर्त यही होगी कि पाकिस्तान के साथ आतंकवाद फैलाने में मदद करना Aapka office kab khul rha hai wahan...

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तालिबान ने कहा - जितना जल्दी संभव हो लड़कियां वापस स्कूल लौटेंगी - BBC Hindiतालिबान ने कहा है कि वे जितना जल्दी संभव होगा, लड़कियों को पढ़ाई के लिए वापस स्कूल जाने की अनुमति दे देंगे. Äll European Propaganda Afghanistan se Freedom ki video mil rahi hai Phir Jhot q likh rhe ho Kbhi such bhi dikha diya karo

Heroin | तालिबान के आते ही ड्रग्स ट्रैफिकिंग बढ़ी, कंधार से आई 21 हजार करोड़ की हेरोइननई दिल्ली। अफगानिस्तान में तालिबानी हुकूमत के आते ही नशे का कारोबार बढ़ गया है। एक खबर में भारत को नशे के कारोबार का ठिकाना बनाने की साजिश का बड़ा मामला सामने आया है। गुजरात के कच्छ के मुंद्रा पोर्ट से राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने 3000 किलो हेरोइन जब्त की है। इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 21 हजार करोड़ रुपए बताई जा रही है। इस हेरोइन को टैल्कम पाउडर के नाम पर लाया गया था।

अफगानिस्तान पर कतर के अमीर की वैश्विक नेताओं से अपील, तालिबान का ना करें बहिष्कारसंयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से कतर के शासक शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने तालिबान के साथ बातचीत जारी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बहिष्कार से केवल ध्रुवीकरण और अन्य प्रतिक्रियाएं होती हैं जबकि बातचीत सकारात्मक परिणाम ला सकती है। Dhire dhire CURTAIN HT rha h pic. Duniya k smne clear ho rhi h g , om ji The Taliban are always against freedom of women. When war started,Afghan Government should increase d numbers of female soldiers,so that Taliban could not win.तालिबानी महिलाओंकी आज़ादी के खिलाफ रहते है।जब तालिबानियों से लड़ाई चल रही थी तभी अफगान सरकार को महिला फ़ौज बढ़ा लेनी थी जिन्दा मक्खी कौन निगलता है?

SAARC देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई रद्द, कारण बना पाकिस्तान का तालिबान प्रेमदक्षिण एशियाई देशों के समूह सार्क (SAARC) की बैठक में पाकिस्तान तालिबान के प्रतिनिधि को शामिल करने की जिद पर अड़ा हुआ था। जिसके बाद गहराए मतभेद के कारण 25 सितंबर को न्यूयॉर्क में होने वाली इस बैठक को रद्द करना पड़ा। 2020 में कोरोना वायरस के कारण सार्क देशों के मंत्रिपरिषद की बैठक ऑनलाइन आयोजित की गई थी।