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जासूसी मामले की सच्चाई: पेगासस साफ्टवेयर के जरिये सरकार ने जासूसी की, इसका विपक्ष के पास नहीं है कोई सुबूत

जासूसी मामले की सच्चाई: पेगासस साफ्टवेयर के जरिये सरकार ने जासूसी की, इसका विपक्ष के पास नहीं है कोई सुबूत #PegasusSpyware #MonsoonSession @Sanjaygupta0702 @PMOIndia

25-07-2021 04:47:00

जासूसी मामले की सच्चाई: पेगासस साफ्टवेयर के जरिये सरकार ने जासूसी की, इसका विपक्ष के पास नहीं है कोई सुबूत PegasusSpyware MonsoonSession Sanjaygupta0702 PMOIndia

संसद में शोर मचाने से बात बनने वाली नहीं है। आखिर कमल नाथ किस आधार पर यह कह रहे हैं कि मध्य प्रदेश में उनकी सरकार गिराने में पेगासस का इस्तेमाल हुआ या राहुल गांधी कैसे यह दावा कर रहे हैं कि सरकार उनके फोन टैप कर रही है।

मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल और पेरिस की संस्था फारबिडेन स्टोरीज द्वारा किए गए इस दावे ने देश-विदेश में राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है कि इजरायली कंपनी एनएसओ के पेगासस साफ्टवेयर से दुनिया के कई देशों के साथ भारत में भी तीन सौ से अधिक लोगों के मोबाइल फोन को हैक करके जासूसी की गई। जिस तरह संसद के मानसून सत्र के ठीक पहले यह सनसनीखेज दावा किया गया, उससे संदेह नहीं कि यह सिर्फ मानसून सत्र की कार्यवाही बाधित करने के मकसद से किया गया। हालांकि एमनेस्टी इंटरनेशनल ने यह साफ कर दिया है कि उसके दावे से इसकी पुष्टि नहीं होती कि फोन हैक कर जासूसी की ही गई। अगर यह सच है तो फिर पूरा मामला बिना बात का बतंगड़ बन जाता है। पेगासस साफ्टवेयर बनाने वाली इजरायली कंपनी ने भी इस दावे को बेबुनियाद बताया है।

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मोदी सरकार ने जासूसी मामले को निराधार बताया, फिर भी विपक्ष संसद में कर रहा हंगामामोरक्को ने तो जासूसी का दावा करने वालों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने की बात कही है। इसके बाद भी भारत में विपक्ष जासूसी के मामले में मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा कर रहा है। यह दावा संसद सत्र शुरू होने के कुछ ही घंटों पहले किया गया। इस पर सरकार ने भी अपना पक्ष रखा और पूरे मामले को निराधार बताया, फिर भी विपक्ष संसद में हंगामा कर रहा है। राज्यसभा में जब आइटी मंत्री इस मामले पर अपना बयान दे रहे थे तो तृणमूल कांग्रेस के सांसद ने उनके हाथ से कागज छीनकर फेंक दिए। इस अशोभनीय हरकत के कारण उन्हेंं संसद के शेष सत्र से निलंबित कर दिया गया, लेकिन विपक्ष शांत होने का नाम नहीं ले रहा है।

यह भी पढ़ेंमंत्री लेखी ने कहा- जासूसी मामले का मतलब डाटा सुरक्षा विधेयक को कानून बनने से रोकनाविपक्ष के हमलावर रुख के बाद भी सरकार यही कह रही है कि उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं और उसने किसी की जासूसी नहीं की। विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने इस मामले को एक अंतरराष्ट्रीय साजिश करार देते हुए कहा कि इसका मकसद प्रस्तावित डाटा सुरक्षा विधेयक को कानून बनने से रोकना है। सच जो भी हो, इसमें दो राय नहीं कि विदेशी मीडिया समेत कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों को भारत का बढ़ता हुआ कद रास नहीं आ रहा है। उन्हेंं न तो मोदी सरकार पसंद है और न ही उसकी विदेश नीति। हैरानी नहीं कि मीनाक्षी लेखी की बात में सच्चाई हो। इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती कि कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान विदेशी मीडिया के एक हिस्से की ओर से किस तरह भारत को नीचा दिखाने और उसे बदनाम करने की कोशिश के तहत बेहद नकारात्मक रिपोर्टिंग की गई। headtopics.com

यह भी पढ़ेंजासूसी नई बात नहीं, मानव इतिहास के प्रारंभ से ही जासूसी चलती आ रहीजहां तक जासूसी की बात है तो यह कोई नई बात नहीं है। शायद मानव इतिहास के प्रारंभ से ही जासूसी चलती आ रही है। प्राचीन काल में चाहे राजा रहे हों या आज की सरकारें, उन्हेंं जनता की टोह लेने या पड़ोसी देश की सैन्य शक्ति की जानकारी हासिल करने के लिए जासूसी का सहारा लेना पड़ता है। जासूसी के बल पर न जाने कितने युद्ध जीते गए होंगे। शायद ही कोई ऐसा देश हो जिसकी जासूसी करने की कोई औपचारिक संस्था न हो। देश के अंदर भी आंतरिक सुरक्षा का आकलन करने के लिए जासूस सक्रिय रहते हैं। यह काम खुफिया संस्थाएं करती हैं। इसके अलावा सादे कपड़ों में पुलिस को भी यह जिम्मेदारी दी जाती है। जबसे टेलीफोन का अविष्कार हुआ तभी से फोन टैपिंग का भी सिलसिला शुरू हो गया था। संदिग्ध लोग, देश विरोधी तत्व, अपराधी और आतंकी तत्व फोन पर किससे क्या बात करते हैं, अगर सरकारें फोन टैपिंग करके इसका पता न लगाएं तो वे अपने नागरिकों को सुरक्षित नहीं रख सकतीं। आज तकनीक इतनी उन्नत हो चुकी है कि बेहतर जासूसी करना आसान होता जा रहा है। इसका प्रमाण पेगासस जैसे साफ्टवेयर भी हैं ।

यह भी पढ़ेंपेगासस फोन को हैक कर बात ही नहीं सुन सकता, बल्कि मैसेज, ईमेल आदि भी पढ़ सकता हैपेगासस जैसे साफ्टवेयर महज फोन को हैक कर लोगों की बात ही नहीं सुन सकते, बल्कि मैसेज, ईमेल आदि भी पढ़ सकते हैं। ऐसे साफ्टवेयर भी आ गए हैं जो आपके फोन से किसी दूसरे को संदेश भेज देंगे और आपको पता भी नहीं चलेगा। वास्तव में मोबाइल फोन की क्रांति ने जहां लोगों को सहूलियत दी है, वहीं उनकी निजता के लिए खतरा भी पैदा कर दिया है। आज लोगों की निजी जानकारी का डाटा चोरी होना आम बात हो गई है। यह किसी से छिपा नहीं कि र्आिटफिशियल इंटेलीजेंस के जरिये कंपनियां लोगों को अपने उत्पाद या सेवाएं खरीदने या उनकी पसंद बदलने के लिए किस तरह प्रेरित कर रही हैं। ब्रिटेन की कैंब्रिज एनालिटिका पर यह आरोप लगे अधिक दिन नहीं हुए कि उसने फेसबुक से लोगों का डाटा हासिल कर कई देशों के चुनाव प्रभावित किए। आज मोबाइल फोन के डाटा पर जिन कंपनियों का नियंत्रण है, वे उसका आसानी से उपयोग कर रही हैं।

यह भी पढ़ेंडाटा का बेजा इस्तेमाल लोगों की निजता में सेंध लगा रहा जहां हर नागरिक की निजता सुरक्षित रहनी चाहिए, वहीं सरकारों को अपराधी-आतंकी और समाज विरोधी तत्वों की टोह लेने के लिए उनकी जासूसी भी करनी होगी। तभी वे देश को सुरक्षित रख सकती हैं। जहां डाटा के इस्तेमाल से विश्व के अधिकतर नागरिकों के जीवन को बेहतर और सुरक्षित बनाया जा रहा है, वहीं इस पर भी बहस चल रही है कि इस डाटा का बेजा इस्तेमाल लोगों की निजता में सेंध लगा रहा है। यह बात सभी दलों को समझ लेनी चाहिए कि जहां डाटा से लोगों के जीवन को सुखमय बनाया जा सकता है, वहीं जासूसी भी की जा सकती है। पेगासस के जरिये सरकार ने जासूसी की, इसका विपक्ष के पास फिलहाल कोई सुबूत नहीं है।

यह भी पढ़ेंसंसद में शोर मचाने से बात बनने वाली नहींलिहाजा अगर आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस या अन्य किसी तकनीक के सहारे लोगों के डाटा का इस्तेमाल उनके जीवन को सुखद बनाने में हो तो भला किसे आपत्ति होगी। फोन टैपिंग से वे सफेदपोश लोग जरूर असहज होंगे जो कच्ची बात करने के आदी हैं। डिजिटल तकनीक के कारण डाटा के बेजा इस्तेमाल से लोगों की निजता भंग होती है। इससे लोगों का चिंतित होना लाजिमी है। headtopics.com

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[ लेखक दैनिक जागरण के प्रधान संपादक हैं ] और पढो: Dainik jagran »

किसानों का भारत बंद कितना हिट, कितना फ्लॉप? देखें स्पेशल रिपोर्ट

किसानों के भारत बंद के दौरान सड़कों पर रेंगती गाड़ियां की तस्वीरें तो कई आईं. लेकिन आम लोगों की इस मुसीबत के बीच असल सवाल वहीं का वहीं हैं- कैसे किसानों और सरकार के बीच शांत होगी ये तकरार? सरकार अपील कर रही है कि किसी तरह किसान मान जाएं और आंदोलन को छोड़ बातचीत का रास्ता अपनाए. लेकिन किसान को अब इन अपीलों पर ऐतबार नहीं और आर-पार से कम पर किसान नेता तैयार नहीं. देश के अलग-अलग हिस्से से किसानों के भारत बंद की तस्वीरें आईं, तमाम शहरों में विरोध के सुर भी सनाई दिए. आज स्पेशल रिपोर्ट में बात करेंगे किसान आंदोलन पर हो रही राजनीति पर.

Sanjaygupta0702 PMOIndia विपक्ष नहीं चाहता है कि सदन चले। इसलिए विपक्ष विभिन्न भटकाऊ बातों को संसद में फैला रहा है। Sanjaygupta0702 PMOIndia हर आरोप का सुबूत विपक्ष दे तो फिर क्या ये की रेड व जासूसी करने के लिए ही है? Sanjaygupta0702 PMOIndia तुम्हारी राज्य सभा सीट पक्की है। खबर के नाम पर चमचा गिरी

Sanjaygupta0702 PMOIndia India Tv के Rajat ने महामारी के दौरान पत्रकारों के लिए अलग से vaccine लगवाने का काम किया था वही पत्रकार जब महामारी का सच दिखते हैं तो उनके Office Bhaskar group पर छापा पड़ता है तो Rajat चुप रहता है। Sanjaygupta0702 PMOIndia राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को इस मामले की जांच कर दोषियों पर दण्डात्मक कारवाई करनी चाहिए।मूर्ख मंडली विपक्ष से सुबूत मांग रहे🤔

पेगाससः PK के साथ मेरी मीटिंग्स की मोदी सरकार ने कराई जासूसी- CM ममताबकौल दीदी, 'मैंने कहा था कि कुछ दिन पहले मैं पीके और अन्य लोगों के साथ बैठक में थी। सरकार ने उस बैठक की जासूसी की। प्रशांत किशोर ने अपने फोन का ऑडिट किया और पता चला कि हमारी एक बैठक के बारे में सरकार को पता था।'

पेगासस स्पाईवेयर: पीएम इमरान के फोन की जासूसी को लेकर यूएन पहुंचा पाकिस्तानपाकिस्तान के अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, पाक ने संयुक्त राष्ट्र से जासूसी के लिए पेगासस स्पाईवेयर इस जाहिल कंगाल की क्या टेप किया गया होगा /AnshooVerma8 ये अब UN से भी फटकार खा के आएगा,

शबनम की फांसी पर विचार की मांग: क्षमा याचना की चिट्ठी राज्यपाल ने योगी सरकार के पास भेजी, वकील की दलील- सूली पर लटकाया तो दुनिया में खराब होगी भारत की छविदेश की पहली महिला को फांसी देने के मामले में एक नया मोड़ आ गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की वकील सहर नक़वी ने इस मामले में एक पत्र प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को लिखा था। राज्यपाल ने पत्र का संज्ञान लेते हुए पूरे मामले पर निर्णय लेने के लिए कारागार विभाग को निर्देश दिए हैं। | Governor sent a letter of apology to the UP government, may consider reducing the death sentence; Vakin's argument - If hanged on the cross, the image of Indian women in the world will be spoiled;क्षमा याचना की चिट्ठी राज्यपाल ने यूपी सरकार को भेजी, फांसी की सजा कम करने पर हो सकता है विचार; वकीन की दलील- सूली पर लटकाया तो दुनिया में भारतीय महिलाओं की छवि होगी खराब CMOfficeUP fasi honi chaiye CMOfficeUP But she is women CMOfficeUP और अगर भविष्य में फिर किसी महिला ने ऐसी घिनौनी हरकत को दोहरा दिया तो इसका जिम्मेदार किसको ठहराया जाएगा इस हत्यारन ने अपने पुरे परिवार को बेरहमी से मार डाला,,उस वक्त क्या भारत की छवि को इसने चार चांद लगा दिएथे एक हत्यारन को बचाने के लिए भारत की छवि बिगड़ने की बात करना ठीक नहीं

आंदोलन के दौरान किसानों की मौत पर बोले कृषि मंत्री- सरकार के पास कोई रिकॉर्ड नहींकृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में कहा, ‘‘इन कृषि कानूनों के कारण किसानों के मन में पैदा हुई आशंकाओं के कारणों का पता लगाने के लिए कोई अध्ययन नहीं कराया गया है।’’

राकेश टिकैत की हुंकार: 35 महीने चलेगा किसान आंदोलन, हरियाणा सरकार की सख्ती का भी इंतजारदिल्ली जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में शनिवार को भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत मतलब कि किसान के मुद्दे पर नहीं मोदी विरोध मे और 2024 की लोकसभा के चुनाव के लिए चल रहा है आंदोलन...!!? लगता है किसी राजनीतिक पार्टी की रणनीति के आधार पर काम कर रहे हैं RakeshTikaitBKU किसी पार्टी का एजेंडा चला रहे हैं किसानो से कोई वास्ता नहीं दिख रहा... अगर किसान हार गया, समझना देश गर्क | अन्धभक्तों के सहारे वतन न छोडो़ ? जागो देश के नौनिहाल जागो | RakeshTikait

शशि थरूर का कॉलम: राष्ट्रीय सुरक्षा की खातिर इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है, क्या किसी और देश की सरकार ने की हमारी जासूसी‘पेगासस प्रोजेक्ट’ की खबर पर मेरी एक मित्र ने लिखा, ‘मैं हैरान हूं कि लोग हैरान हैं।’ दरअसल कई भारतीय इसके अभ्यस्त हो गए हैं कि उनकी बातें सुनी जा रही हैं और हर सरकारी एजेंसी उनकी बातों, लेन-देन, संबंधों की निगरानी कर रही है। फिर भी पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, राजेताओं के फोन हैक करने में इजरायली कंपनी एनएसओ के पेगासस स्पायवेयर का इस्तेमाल चिंताजनक है, भले इसपर हैरानी हो या नहीं।\nयह अनुमान... | Its fair investigation is necessary for the sake of national security, did the government of any other country spy on us? ShashiTharoor ये अभी तक बाहर है कैसा देश का कानुन है पता नही