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Lockdown 21, Gujarat

गुजरात के 1800 लोग हरिद्वार में फंसे थे, अमित शाह और रूपाणी के कहने पर लग्जरी बसों से सीधे घर पहुंचा दिए गए

लॉकडाउन के बाद की एक कहानी ऐसी भी / गुजरात के 1800 लोग हरिद्वार में फंसे थे, अमित शाह और रुपाणी के कहने पर लग्जरी बसों से सीधे घर पहुंचा दिए गए @kotiyalrahul #Lockdown21 #Gujarat @mansukhmandviya @vijayrupanibjp @CMOGuj @HMOIndia @AmitShah #CoronaPandemic

02-04-2020 14:53:00

लॉकडाउन के बाद की एक कहानी ऐसी भी / गुजरात के 1800 लोग हरिद्वार में फंसे थे, अमित शाह और रुपाणी के कहने पर लग्जरी बसों से सीधे घर पहुंचा दिए गए kotiyalrahul Lockdown21 Gujarat mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah CoronaPandemic

गुजरात से लौटते वक्त इन बसों में उत्तराखंड के लोग अपने घर जाने के लिए सवार हो गए, ऐसे ही 13 लोगों के एक ग्रुप से कुल 18 हजार रुपए किराया मांगा गया उत्तराखंड के लोगों को अहमदाबाद से बस में बैठाया गया और आधी रात को राजस्थान-हरियाणा के बीच ही रास्ते में उतार दिया गया एक सवाल यह भी: 25 मार्च से पहले ही बड़े आयोजनों पर रोक लग चुकी थी, फिर दिल्ली के मरकज की तरह ही हरिद्वार में इतनी भीड़ जमा क्यों थी? | Amit Shah , Vijay Rupani Latest Updates On Gujarat Pilgrims Return from Haridwar-Rishikesh Over Coronavirus Lockdown

Xउत्तराखंड परिवहन निगम के दस्तावेजों में बसों के हरिद्वार से गुजरात भेजे जाने की एंट्री भी है।गुजरात से लौटते वक्त इन बसों में उत्तराखंड के लोग अपने घर जाने के लिए सवार हो गए, ऐसे ही 13 लोगों के एक ग्रुप से कुल 18 हजार रुपए किराया मांगा गयाउत्तराखंड के लोगों को अहमदाबाद से बस में बैठाया गया और आधी रात को राजस्थान-हरियाणा के बीच ही रास्ते में उतार दिया गया

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एक सवाल यह भी: 25 मार्च से पहले ही बड़े आयोजनों पर रोक लग चुकी थी, फिर दिल्ली के मरकज की तरह ही हरिद्वार में इतनी भीड़ जमा क्यों थी?राहुल कोटियालApr 02, 2020, 05:38 PM ISTनई दिल्ली.बात 28 मार्च की है। अहमदाबाद में रहने वाले मुकेश कुमार के मोबाइल पर एक मैसेज आया। यह मैसेज उनके ही एक दोस्त ने भेजा था। इसमें लिखा था कि ‘आज रात उत्तराखंड परिवहन की कई बसें अहमदाबाद पहुंच रही हैं। ये बसें कल सुबह वापस उत्तराखंड लौटेंगी, तुम भी इनमें वापस अपने घर लौट सकते हो।’

 मुकेश मूल रूप से उत्तराखंड के ही रहने वाले हैं। बीते कुछ सालों से वे अहमदाबाद के एक होटल में नौकरी कर रहे थे। लॉकडाउन के चलते होटल बंद हुआ तो उनके रोजगार पर भी अल्पविराम लग गया। देश भर के तमाम प्रवासी कामगारों की तरह मुकेश का भी मन हुआ कि वे अपने गांव लौट जाएं। लेकिन सभी सार्वजनिक यातायात बंद हो जाने के चलते वे ऐसा नहीं कर पाए। फिर 28 मार्च को जब अचानक दोस्त का मैसेज आया कि उत्तराखंड परिवहन की गाड़ियां अहमदाबाद आ रही हैं तो पहले-पहल उन्हें इस पर विश्वास ही नहीं हुआ।

 मुकेश को लगा कि उनके दोस्त ने शायद मैसेज भेजकर मजाक किया है। जब पूरे देश में यातायात ठप पड़ा है और सभी प्रदेशों की सीमाएं सील की जा चुकी हैं तो फिर उत्तराखंड परिवहन की बसें 1200 किलोमीटर दूर अहमदाबाद कैसे आ सकती हैं। दूसरी तरफ उनके मन का एक हिस्सा इस मैसेज पर विश्वास भी करना चाहता था और लगातार यही सोच रहा था कि शायद उत्तराखंड सरकार ने उन लोगों की मदद के लिए सच में कुछ बसें अहमदाबाद भेजी हों।

 इसी रात मुकेश कुमार ने देखा कि उनके होटल के सामने की मुख्य सड़क पर सच में उत्तराखंड परिवहन की कई सुपर लग्जरी बसें कतारबद्ध बढ़ी आ रही हैं। उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने तुरंत ही उत्तराखंड के अपने अन्य प्रवासी साथियों से संपर्क किया और वापस अपने गांव लौटने की तैयारी करने लगे। मुकेश और उनके साथियों ने मिलकर इन बसों के ड्राइवर से वापस लौटने का समय भी मालूम कर लिया।

 मुकेश कुमार बताते हैं- ‘अगली सुबह यानी 29 मार्च को करीब 10 बजे हम सब लोग इन बसों के पास पहुंच गए। हम 13 साथी एक बस थे। हमारी बस के ड्राइवर ने फिर हमसे कहा कि तुम्हें ऋषिकेश तक का कुल 18 हजार रुपए किराया चुकाना होगा। ये हमें अजीब तो लगा लेकिन हमारे पास कोई विकल्प भी नहीं था। मजबूरी थी इसलिए हम तैयार हो गए और हम 13 लोगों ने मिलकर तुरंत ही 18 हजार रुपए ड्राइवर को थमा दिए। हमें लगा था कि चलो इस मुश्किल वक्त में हम कम से कम किसी भी तरह अपने घर तो पहुंच जाएंगे। लेकिन वो भी नहीं हुआ।’

गुजरात से लौट रहे उत्तराखंड के लोगों को आधे रास्ते में ही छोड़ दिया गया।मुकेश और उनके साथियों को उत्तराखंड परिवहन की इन बसों ने अहमदाबाद से बैठा तो लिया लेकिन उत्तराखंड पहुंचने से पहले ही रात के अंधेरे में किसी को राजस्थान तो किसी को हरियाणा में ही उतार दिया। असल में ये तमाम बसें गुजरात में फंसे मुकेश जैसे उत्तराखंड के नागरिकों को लेने नहीं बल्कि हरिद्वार में फंसे गुजरात के नागरिकों को छोड़ने अहमदाबाद गई थी।

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 गुजरात के मुख्यमंत्री के सचिव अश्वनी कुमार ने एक न्यूज एजेंसी को बताया- ‘गुजरात के अलग-अलग जिलों के करीब 1800 लोग हरिद्वार में फंसे हुए थे। केंद्रीय मंत्री मनसुखभाई मांडविया, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के विशेष प्रयासों से इन लोगों को वहां से निकालकर इनके घर पहुंचाने की व्यवस्था की गई।’ इसी व्यवस्था के चलते उत्तराखंड परिवहन की कई गाड़ियां हरिद्वार से अहमदाबाद पहुंची थी। दिलचस्प है कि ये काम इतनी गोपनीयता से किया गया कि उत्तराखंड के परिवहन मंत्री तक को ये खबर नहीं लगी कि उनके विभाग की कई गाड़ियां लॉकडाउन के दौरान कई राज्यों की सीमाओं को पार करते हुए 1200 किलोमीटर के सफर पर निकल चुकी हैं।

 27 मार्च को जारी एक आदेश से मालूम पड़ता है कि उत्तराखंड परिवहन की ये गाड़ियां सीधे प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशों के तहत गुजरात भेजी गई थीं। इनका उद्देश्य हरिद्वार में फंसे गुजरात के लोगों को उनके घर पहुंचाना था। वापस लौटते हुए यही गाड़ियां वहां फंसे उत्तराखंड के लोगों को लेकर आ सकती थी, लेकिन ऐसा कोई भी आदेश उत्तराखंड सरकार की ओर से जारी नहीं हुआ।

वह आदेश जिसके तहत बसों को हरिद्वार से अहमदाबाद भेजा गया।जब ये बसें हरिद्वार से रवाना होने लगी और यह खबर सार्वजनिक हुई तो यह मामला विवादों से घिरने लगा। सवाल उठने लगे कि जब लॉकडाउन के चलते पूरे देश में ही लोग अलग-अलग जगहों पर फंसे हैं और उत्तराखंड में भी कई अलग-अलग राज्यों के लोग फंसे हैं तो सिर्फ गुजरात के लोगों के लिए ही विशेष बसें क्यों चलाई जा रही हैं? इसके साथ ही यह भी सवाल उठे कि तमाम जगहों से उत्तराखंड के जो प्रवासी पैदल ही लौटने पर मजबूर हैं उनके लिए कोई बस अब तक क्यों नहीं चलाई गई? साथ ही यह सवाल भी उठने लगे कि जब अहमदाबाद के लिए बसें निकल ही चुकी हैं तो फिर ये बसें खाली वापस क्यों लौटें, वहां फंसे उत्तराखंड के लोगों को ही वापस लेती आएं।

 यही वो समय था जब सोशल मीडिया पर ये बातें तेजी से फैलने लगीं। लिहाजा इन बसों के अहमदाबाद पहुंचने से पहले इनकी खबर वहां रहने वाले मुकेश कुमार जैसे तमाम लोगों तक एक उम्मीद बनकर पहुंच गई। अब उत्तराखंड सरकार पर भी दबाव बढ़ने लगा। राज्य के परिवहन मंत्री से इस संबंध में सवाल पूछे गए तो सामने आया कि उन्हें भी इन बसों के निकलने की कोई जानकारी नहीं थी।

 दबाव बढ़ने पर उत्तराखंड सरकार ने यह एलान तो कर दिया कि वापस लौटती बसें गुजरात में रह रहे प्रवासियों को लेकर लौटेंगी, लेकिन इस दिशा में कोई पुख्ता कदम नहीं उठाए गए। नतीजा ये हुआ कि वहां से लौट रहे मुकेश कुमार जैसे दर्जनों उत्तराखंड के प्रवासी न तो घर के रहे न घाट के। ये तमाम लोग राजस्थान से लेकर हरियाणा के अलग-अलग इलाकों में अब तक भी फंसे हुए हैं।

रात करीब तीन बजे बस ड्राइवरों ने कई लोगों को हरियाणा बॉर्डर पर ही उतार दिया।मुकेश और उनके साथी अब किस स्थित में और उन पर क्या-क्या बीती है, इस पर चर्चा करने से पहले इस मामले से जुड़े कुछ अन्य अहम सवालों पर चर्चा करना जरूरी है। ये सवाल उन लोगों से जुड़ते हैं जिनके चलते इस पूरे प्रकरण की शुरुआत हुई। यानी हरिद्वार में फंसे वे लोग जिन्हें वापस गुजरात छोड़ने के लिए बसें चलवाई गई।

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 बताया जा रहा है कि गुजरात के ये तमाम लोग किसी धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने हरिद्वार पहुंचे थे। सवाल उठता है कि जब देशभर में बड़ी सभाएं प्रतिबंधित की जा चुकी थीं, सभी बड़े मंदिर बंद किए जा रहे थे, तो करीब 1800 लोग एक साथ किसी समारोह में शामिल होने कैसे पहुंच गए? यदि ये लोग मंदिरों/आश्रमों के बंद होने और बड़ी सभाओं के प्रतिबंधित होने से पहले ही हरिद्वार आ चुके थे तो फिर 27 मार्च तक हरिद्वार में कैसे फंसे रह गए?

 सार्वजनिक यातायात तो 25 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा के बाद बाधित हुआ, लेकिन बड़ी सभाओं पर रोक तो इससे कई दिन पहले ही लगाई जा चुकी थी। ऐसे में इन लोगों के पास लॉकडाउन से पहले ही गुजरात लौट जाने का पूरा समय था तो ये लोग 25 मार्च से पहले ही वापस क्यों नहीं लौटे? प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के अपने प्रदेश से आए इन लोगों को उनका करीबी भी बताया जा रहा है। गुजरात के मुख्यमंत्री के सचिव अश्वनी कुमार के आधिकारिक बयान से भी इतना तो साफ होता ही है कि जहां देशभर में लाखों लोग यहां-वहां फंसे हुए हैं, वहीं हरिद्वार में फंसे इन लोगों को सीधा गृह मंत्री के निजी हस्तक्षेप के बाद विशेष व्यवस्था करके निकाला गया है।

 दूसरी तरफ मुकेश कुमार जैसे लोग है, जिन्होंने अपने प्रदेश की गाड़ियों को आता देख अपने घर लौट पाने की उम्मीद पाली थी, लेकिन वो अब तक भी अधर में लटके हुए हैं। मुकेश बताते हैं- ‘हम लोग रात करीब तीन बजे हरियाणा बॉर्डर के पास पहुंचे थे। हमारे ड्राइवर ने यहां पहुंच कर हमसे कहा कि आगे पुलिस का नाका लगा है और वो सवारी से भरी गाड़ियों को बॉर्डर पार नहीं करने दे रहे। ड्राइवर ने कहा कि तुम लोग उतरकर पैदल बॉर्डर के दूसरी आेर जाओ तो मैं तुम्हें फिर से बैठा लूंगा। हम उसकी बात मानकर उतार गए, लेकिन वो उसके बाद रुका ही नहीं। हमने सारी रात सड़क पर काटी। फिर कई किलोमीटर पैदल चलकर यहां बवाल (हरियाणा) पहुंचे और उस दिन से ही एक स्कूल में ठहरे हुए हैं। कोई गाड़ी हमें लेने नहीं आई जबकि हमने न जाने कितने अधिकारियों को फोन किए।’

गुजरात से लौटे उत्तराखंड के दर्जनों लोग बवाल (हरियाणा) के एक स्कूल में ठहराए गए हैं।ऐसी ही स्थिति रुद्रप्रयाग के रहने वाले हिमालय और उनके साथियों की भी हैं। हिमालय गांधीनगर (गुजरात) के कृष्णा होटल में काम किया करते थे। बीती 29 मार्च को वे भी उत्तराखंड परिवहन की ऐसी ही बस से लौट रहे थे, लेकिन उन्हें उनके लगभग 40 अन्य साथियों के साथ राजस्थान के अलवर जिले में ही उतार दिया गया। ये सभी लोग अब भी वहीं फंसे हुए हैं और एक होस्टल में रह रहे हैं।

 इनसे भी ज्यादा लोग राजस्थान के उदयपुर में फंस गए हैं। पुनीत कंडारी इन्हीं में से एक हैं जो अहमदाबाद रिंग रोड पर स्थित ऑर्किड नाम के एक होटल में काम किया करते थे। पुनीत बताते हैं- ‘हम कुल 49 लोग हैं। उस रात से ही यहां फंसे हुए हैं। बस वाले ने हमें आगे ले जाने से माना कर दिया और रात के अंधेरे में यहां बीच सड़क में उतार दिया था। पुलिस हमें यहां से भगा रही थी। हमें समझ नहीं आ रहा था क्या करें। फिर हमें अपने यहां के विधायक मनोज रावत जी को फोन किया। उन्होंने ही किसी से बोलकर हमारे रहने-खाने की व्यवस्था करवाई।’

 केदारनाथ से कांग्रेस के विधायक मनोज रावत बताते हैं, ‘मुझे जब इन लड़कों का फोन आया तो मुझे पहले तो इनकी बातों पर विश्वास नहीं हुआ। मुझे लगा कि जब सारा देश बंद है तो उत्तराखंड परिवहन की गाड़ियां गुजरात कैसे जा सकती हैं। फिर मैंने परिवहन मंत्री यशपाल आर्य जी को फोन किया लेकिन उन्होंने भी फोन नहीं उठाया। कई अन्य जगहों से जब पूरा मामला पता चला तो मैंने कोरोना के लिए नियुक्त हुए नोडल अधिकारी और प्रभारी मंत्री को पत्र लिखा कि इन सभी लोगों की तत्काल मदद की जाए। इसके बाद भी जब इन लोगों की वापसी की कोई राह नहीं बनी तो अंततः मैंने राजस्थान में रह रहे कुछ परिचितों से संपर्क किया फिर उन्होंने ही इन लोगों की व्यवस्था की।’

 राजस्थान और हरियाणा के अलग-अलग शहरों में फंस चुके उत्तराखंड के ये प्रवासी कहते हैं- ‘गाड़ियां नहीं चल रही थी तो हम लोग गुजरात में ही रुके हुए थे। भले ही काम बंद था और पगार नहीं मिल रही थी, लेकिन हमारे रहने-खाने की व्यवस्था सेठ ने की हुई थी। हम लोगों ने तो जब ये देखा कि हमारे अपने प्रदेश की गाड़ियां गुजरात आई हुई हैं, तब हमने वापस लौटने की सोची।’ पुनीत कंडारी कहते हैं, ‘हम 14 दिन तक सब लोगों से अलग रहने को तैयार हैं, लेकिन हमें बस उत्तराखंड पहुंचा दिया जाए। यहां ऐसे अनजान इलाके में क्यों छोड़ दिया गया है? हमारे साथ जो हुआ है और हमें जिस स्थिति में छोड़ दिया गया है उसके बाद क्या हमारे मुख्यमंत्री कभी हमसे आंखें मिलाकर कह सकेंगे- आवा आपुण घौर।'

पलायन की समस्या से निपटने के लिए हाल ही में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश के बाहर नौकरी कर रहे तमाम युवाओं से अपील की थी – ‘आवा आपुण घौर', जिसका मतलब है- ‘आओ अपने घर।'आज का राशिफलपाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना और पढो: Dainik Bhaskar »

mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia Swamy39 KirtiAzaad kotiyalrahul मोदी की जमात kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia क्या गुजरात से इनको इनके घर पहुंचाना मुश्किल था ?

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kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia इनका क्या ये छिपे हुए या फसे हुए थे या ये कोरोना प्रूफ थे। इन्मेसे अगर कुछ को कोरोणा हुआ तो भी निजामुद्दीन जिम्मेदार होंगा क्या। kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia DrDBhasin bjp4nainital INCUttarakhand drdhansinghuk tsrawatbjp 👆👆👆

kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia Bhai is kotiyalrahul ka kuch nahi hone wala... Bhai 28 ko sbhi state government apne logon k liye bus chalwayi thi... But aur kotiyalrahul ko jmaat ko defend krna tha to ye story to bnani hi thi.... Shame on you....

kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia तुझ mc को यही समाचार दिखा, सुतीये। EpicRoflDon kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia Abhi amit shah call karega To tweet delete karna pad jayga 🤪

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kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia FIR kyun na ho in logon ke khilaf jo lockdown ka violation karke jama hue ? Pingle43149412 kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia रोक के बावजूद धनबाद झारखंड में बड़ी संख्या में लोग मंदिरों में पहुंच रहे हैं जिसकी वजह से भीड़ लग रही हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। या केवल निज़ामुद्दीन से ही संक्रमण का खतरा था? अब करो मास्टर स्ट्रोक अब दिखाओ दंगल

kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia Why remove 3rd point ? Shame on you people kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia अंधी मीडिया की बस्ती में एक ही रोना है... पण्डित छीकें तो खाँसी, मौलवी छीकें तो कोरोना है! मीडिया_वायरस

kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia Why not tabligi? kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia To aur rajyo ko advisory bhej kar apne apne logo.nikal lane ko kahte to aaj ye durgati na hoti.Kuch log Hon'ble PM Narendra Modi Ji ke bato dil se mana par unke hee log dusaro ko bwekuf bana dala?

kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia Koi insei sawal karega ... Lockdown not applied here .. no social distancing AshishSinghLIVE umashankarsingh GauravPandhi ajitanjum sardesairajdeep kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia Chipe the kya?

kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia ये लोग फंशे थे और जमात वाले छिपा था kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia Fir ye bjp bale dusro ko kyu bol rahe he

kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia divya_Bhaskar Gujarat D_02042020 Ki Headline D_03042020 Yes News Ki Banayega ? kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia सभी नागरिकोंको समान मदत सरकार ने करनी चाहिए इस गंभीर स्थिती मे धर्म और प्रांत देखकर मदत करना कोई मानवता नही है

kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia 5 day old news covered by Indiatoday, outlook, PTI. This arrangements are not confidential, as quoted in this story. kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia RubikaLiyaquat ndtv AjazkhanActor RanaAyyub zainabsikander ANI PMOIndia

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kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia यह कोर्ट ने नहीं फेलायंगे क्योकि इन पे रंगा बिला का साथ है।अब साली गोदी मीडिया सवाल नहीं उठायेगी । kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia iss desh m sirf guj hi h kya waha kuch ho to pm bolte h nahi to chai sab state mar jaye pm function m hi rhte

kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia क्या विभिन्न राज्यों से पैदल कूच करके अपने घरों को लौटने वाले गरीब लोगों के लिए भी ऐसी व्यवस्था की गई थी ? kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia aajtak awasthis ArvindKejriwal ajitanjum ndtvfeed asadowaisi

mmiask kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia Were they trapped or hided ? kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia This may be Gujarat connection

kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia वाह क्या बात है kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia हरिद्वार में किसी एक स्थान पर नही सेकडों स्थान में रुके थे !

kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia इस मै गलती केजरी वाल की है kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia Ye to hona hi tha.....

kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia Oh so dainik bhaskar was busy in searching of news that can defend crime of TabligiJamaat .But you can't make us fool by concoction. kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia गुजराती है तो कोई नियम इनके लिए लागू नहीं होता है, हमारे हजारों उत्तराखंडी लोग देश के अनेक क्षेत्रों में फसे हुए हैं तो फिर उनके लिए नियम अलग क्यों है tsrawatbjp harishrawatcmuk Umeshnni

kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia मुझे लग रहा छिपे थे दलालमेडिया kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia खुद सरकार लोकडाऊन तोड़ रहीं हैं ।नियम तो सबके लिए समान है ना।ये रंगा बिला का खेल देखो।

kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia फंसे थे या छिपे थे? kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia Yahi suwidha bihar up walo ko milna chahiye tha wo bhi issi desh ke hai na

kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia Ise khte h desh bhkti phsne pr information di aur gr phunch gye jbki mulle failana chah re h Corona isliy information ni ki aur Ander hi Ander failaya kotiyalrahul mansukhmandviya vijayrupanibjp CMOGuj HMOIndia AmitShah PMOIndia narendramodi MoHFW_INDIA RahulGandhi INCIndia Asha nhi hona chaiye tha

निजामुद्दीन मरकज़ से निकाले गए लोगों में से 441 में Coronavirus से लक्षण: अरविंद केजरीवालCoronavirus: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने आज कहा कि निजामुद्दीन मरकज में से जिन लोगों को निकाला गया है उनमें से बहुत सारे मामले पॉजिटिव सामने आ सकते हैं. मरकज में 12-13 मार्च के आसपास एक फंक्शन के लिए लोग इकट्ठे हुए थे. काफी लोग चले गए थे, कुछ लोग रुक गए थे.  यहां 24 केस पॉजिटिव मिले हैं. वहां से 1548 लोगों को निकाला गया. उनमें से 441 लोगों में कोरोना के लक्षण थे. उनको अस्पताल में पहुंचाया गया है. कुल 1107 को क्वारन्टीन में भेज दिया गया है. केजरीवाल ने कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण को लेकर दिल्ली के मौजूदा हालात पर प्रेस से बात की. ArvindKejriwal Shaheen bagh walon ka bhi test karwa lo. ArvindKejriwal ISKA JIMEDAR WO KEJRIWAL HAI NA KON KON YE SUPPORT KARTA HAI KI KEJRIWAL KO RESIGN KAR DENA CHAHIYE ArvindKejriwal लाकडाउन के बाद जहां देश के सारे मस्जिद मदरसे बन्द कर दिए गए,वहीं थाना_निज़ामुद्दीन की दीवार से लगे निज़ामुद्दीन_मरकज़ में छह दिन से 1400 लोग कैसे रुक कर देश को मुसीबत में डालते रहे,और थाने वालों को खबर तक न हुई ये सोचने वाली वात है इसकी भी जाँच हो

लॉकडाउन के एक हफ्ते में ही हुई कोलकाता में जरूरी दवाओं की किल्लत

महाराष्ट्र में अब कोरोना के 300 से अधिक केस, एक दिन में मिले 72 पॉजिटिव मरीजMumbai Samachar: महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से संक्रमण के 72 नए केस सामने आए हैं। राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि प्रदेश में फिलहाल 302 पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। ये Markaz का नतीजा है, ये लोग पूरे देश को मुसीबत में डाल दिया है इन्हें बिल्कुल बक्शा नहीं जाना चाहिए. मुंबई की लाइफ लाईन रेल के बंद होने के बावजूद मुंबईकर प्रवासियों को होनेवाले नुकसान को मासिक पास की वैध्यता को 1मास बढा देकर राहत देने का अनुरोध व मांग

तबलीगी जमात के लोगों के घूमने से बढ़े कोरोना के मामले: स्वास्थ्य मंत्रालयस्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि अब तक कोरोना वायरस के 1637 केस सामने आए हैं. पिछले 24 घंटे में 386 नए केस आए हैं. 38 लोगों की मौत हुई है. 132 मरीज ठीक हुए हैं. कल से कोरोना के पॉजिटिव केस बढ़े हैं. तबलीगी जमात के लोगों के घूमने से मामले बढ़े हैं.लव अग्रवाल ने कहा कि तबलीगी जमात से जुड़े 1800 लोगों को अस्पताल और क्वारनटीन सेंटर भेजा गया है.उन्होंने आगे कहा कि रेलवे 3.2 लाख आइसोलेशन और क्वारनटीन बेड बना रहा है. ये 5000 रेल कोच में बनेगा. इसका काम शुरू हो गया है. chitraaum Kamaal hai inka.... chitraaum Everything is pre planned chitraaum आबके ना सही न्यूज़ वा दिखाए हो ।।। 3 दिन तो चल ही जाएगा तब तक नया कुछ मार्केट में आही जायी।।।

दिल्ली मरकज में कोरोना संक्रमितों के बाद यूपी के 19 जिलों में अलर्टउत्तर प्रदेश के गृह सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा कि हमने कई लोगों का पता लगाया है जो दिल्ली में आयोजित धार्मिक समागम में शामिल हुए थे. उन्हें 14 दिन के क्वारनटीन में रखा जाएगा और उनके नमूने परीक्षण के लिए एकत्र भी किए जाएंगे. अगर किसी में कोरोना वायरस के लक्षण मिलते हैं तो उन्हें आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा. neelanshu512 ये सब लगता ही कि कोई बहुत बड़ी साजिश थी neelanshu512 कहीं यहाँ पर करोना (मानव) बम तैयार कर देश के अलग अलग भागों में बिस्फोट कराने की साजिस तो नही हो रही थी, इसकी भी जांच होनी चाहिये। neelanshu512 किसी एक पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए जिससे आगे से ऐसा करने से सोचना परेगा बुझदिल इंसान को

कर्फ्यू की मार: चंडीगढ़ के कई इलाकों में गरीबों-मजदूरों के घर रोटी के लालेभारत में कोरोना संकट से निपटने के लिए देशभर में लॉकडाउन लागू है. इस बीच चंडीगढ़ में कर्फ्यू के चलते दिहाड़ी मजदूर बेरोजगार हो गए हैं. कई इलाकों में गरीबों और मजदूरों के परिवारों को पेट भरने के लिए रोटी भी नसीब नहीं हो रही है. manjeet_sehgal No worry, tomorrow there will be any other announcement.. Like always.. Who cares about reality. manjeet_sehgal Varanasi me kisi garib ko madad ki jarurat ho hme btaeye hmare chacha bidhayak nhi hai pr har sambhav madad kr skte hai manjeet_sehgal Promote 121 Challenge ShivKumarPushp1 yadavtejashwi ManojTiwariMP nitin_gadkari laluprasadrjd AshwiniKChoubey nitish_pc priyankagandhi deepikapadukone rashtrapatibhvn

योगी आदित्यनाथ का वो बयान जिस पर मच रहा है सियासी घमासान कोरोना अपटडेटः भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या डेढ़ लाख के क़रीब, अकेले महाराष्ट्र में 52 हज़ार से ज़्यादा मामले - BBC Hindi नेपाल ने कहा, भारत के सेना प्रमुख ने हमारे इतिहास का अपमान किया OIC में पाकिस्तान को सऊदी और UAE से भी झटका, भारत को मिला समर्थन योगी आदित्यनाथ क्या प्रवासी मज़दूरों पर बयान देकर घिर गए हैं? राहुल गांधी का वार- पीएम ने पहले फ्रंटफुट पर खेला, लेकिन अब बैकफुट पर हैं नेपाल क्या हमेशा भारत को चीन का डर दिखाता है? बलबीर सिंह सीनियर का 95 की उम्र में निधन, भारत को दिलाए थे 3 ओलंपिक स्वर्ण कोरोना अपटडेटः राहुल गांधी ने कहा, हिंदुस्तान का लॉकडाउन फेल रहा है - BBC Hindi पाकिस्तान की मिसाल देने वाली गोरखपुर की महिला टीचर निलंबित केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा ने क्वारंटाइन से किया किनारा, सफाई में बोले- छूट वाली कैटेगरी में आता हूं