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एप को नहीं चलाया, गूगल पर इटली में 904 करोड़ का जुर्माना

इटली ने गूगल को प्रतिस्पर्धारोधी नीति अपनाने का दोषी मानते हुए उस पर 904 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है।

14-05-2021 04:49:00

मनमानी पड़ी भारी : एप को नहीं चलाया, गूगल पर इटली में लगा 904 करोड़ का जुर्माना Google Google playstore Italy App

इटली ने गूगल को प्रतिस्पर्धारोधी नीति अपनाने का दोषी मानते हुए उस पर 904 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है।

इटली की प्रतिस्पर्धा व बाजार अथॉरिटी (एजीसीएम) ने गूगल को यह भी आदेश दिया है कि वह इस एप जूसपास को एंड्राइड ऑटो पर तत्काल उपलब्ध करवाए। एजीसीएम ने कहा कि लगभग हर दूसरे स्मार्टफोन में इस्तेमाल हो रहे अपने ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्राइड से मिले एकाधिकार का दुरुपयोग कर उसने प्रतियोगिता को खत्म करने की कोशिश की।

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अपने एप स्टोर गूगल प्ले काफी का भी गलत इस्तेमाल कर एप की उपयोगकर्ताओं तक पहुंच को सीमित कर दिया। इस मामले पर गूगल के प्रवक्ता ने प्रेस में बयान दिया कि वह एजीसीएम के आदेश से सहमत नहीं है और इसके खिलाफ याचिका करेंगे ।मामला एक नजर मेंइटली में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ा है। इन वाहनों के लिए इटली सहित यूरोपीय संघ में 95 हजार सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इससे लोगों को वाहन की चार्जिग रास्ते में खत्म होने की चिंता नहीं रहती। सहूलियत और बढ़ाने के लिए लिए इटली की सरकारी संस्था एनिल की एक शाखा एनिल - एक्स ने जूसपास नामक एप बनवाया।

इससे नागरिक निकटवर्ती चार्जिग स्टेशन का पता जान सकते हैं। गूगल को यह रास नहीं आया। उसने जूसपास को अपने एंड्राइड ऑटो प्लेटफॉर्म पर चलाने नहीं दिया।इस पर एजीसीएम में शिकायत हुई जिसमें बताया गया कि करीब 2 साल से गूगल ने जूसपास को चलाने की अनुमति नहीं दी। जांच के बाद शिकायतों को सही मानते हुए एजीसीएम ने कहा कि एप को अपने प्लेटफार्म पर रोक कर गूगल ने गलत किया। headtopics.com

यूजर्स और तकनीकी प्रगति में बाधायूरोपीय संघ के प्रतिस्पर्धा समझौते के आधार पर यह जुर्माना लगाया गया। समझौते की धारा 102 के अनुसार, गूगल पर एकाधिकार का दुरुपयोग करने और प्रतियोगिता को बाधित करने का दोष सिद्ध हुआ है। इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में संबंधित एप को सीमित करना आपत्तिजनक है।

तीन साल में 73.6 हजार करोड़ जुर्माना प्रतिस्पर्धा विरोधी गतिविधियों के लिए गूगल पर यह पहला जुर्माना नहीं है। पिछले केवल 3 वर्षों में ईयू के प्रतिस्पर्धा नियामक आयोग ने गूगल पर 1000 करोड़ डॉलर यानी करीब 73,600 करोड रुपए के जुर्माने लगाए हैं।पड़ी मनमानी महंगी

एजीसीएम के अनुसार गूगल के पक्षपाती व्यवहार की वजह से इस एप के उपयोगकर्ताओं की संख्या नहीं बढ़ पाई।एप केवल चार्जिंग स्टेशन बताने के काम में सिमट गया, भुगतान से एडवांस बुकिंग तक में उपयोग संभव थाउसने ऐसा अपने गूगल मैप एप को बढ़ावा देने के लिए किया।विस्तार

आरोप था कि उसने इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशन का पता बताने वाले एक सरकारी मोबाइल एप को ही अपने एंड्राइड ऑटो प्लेटफॉर्म पर चलने नहीं दिया।विज्ञापनइटली की प्रतिस्पर्धा व बाजार अथॉरिटी (एजीसीएम) ने गूगल को यह भी आदेश दिया है कि वह इस एप जूसपास को एंड्राइड ऑटो पर तत्काल उपलब्ध करवाए। एजीसीएम ने कहा कि लगभग हर दूसरे स्मार्टफोन में इस्तेमाल हो रहे अपने ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्राइड से मिले एकाधिकार का दुरुपयोग कर उसने प्रतियोगिता को खत्म करने की कोशिश की। headtopics.com

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अपने एप स्टोर गूगल प्ले काफी का भी गलत इस्तेमाल कर एप की उपयोगकर्ताओं तक पहुंच को सीमित कर दिया। इस मामले पर गूगल के प्रवक्ता ने प्रेस में बयान दिया कि वह एजीसीएम के आदेश से सहमत नहीं है और इसके खिलाफ याचिका करेंगे ।मामला एक नजर मेंइटली में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ा है। इन वाहनों के लिए इटली सहित यूरोपीय संघ में 95 हजार सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इससे लोगों को वाहन की चार्जिग रास्ते में खत्म होने की चिंता नहीं रहती। सहूलियत और बढ़ाने के लिए लिए इटली की सरकारी संस्था एनिल की एक शाखा एनिल - एक्स ने जूसपास नामक एप बनवाया।

इससे नागरिक निकटवर्ती चार्जिग स्टेशन का पता जान सकते हैं। गूगल को यह रास नहीं आया। उसने जूसपास को अपने एंड्राइड ऑटो प्लेटफॉर्म पर चलाने नहीं दिया।इस पर एजीसीएम में शिकायत हुई जिसमें बताया गया कि करीब 2 साल से गूगल ने जूसपास को चलाने की अनुमति नहीं दी। जांच के बाद शिकायतों को सही मानते हुए एजीसीएम ने कहा कि एप को अपने प्लेटफार्म पर रोक कर गूगल ने गलत किया।

यूजर्स और तकनीकी प्रगति में बाधायूरोपीय संघ के प्रतिस्पर्धा समझौते के आधार पर यह जुर्माना लगाया गया। समझौते की धारा 102 के अनुसार, गूगल पर एकाधिकार का दुरुपयोग करने और प्रतियोगिता को बाधित करने का दोष सिद्ध हुआ है। इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में संबंधित एप को सीमित करना आपत्तिजनक है।

तीन साल में 73.6 हजार करोड़ जुर्माना प्रतिस्पर्धा विरोधी गतिविधियों के लिए गूगल पर यह पहला जुर्माना नहीं है। पिछले केवल 3 वर्षों में ईयू के प्रतिस्पर्धा नियामक आयोग ने गूगल पर 1000 करोड़ डॉलर यानी करीब 73,600 करोड रुपए के जुर्माने लगाए हैं।पड़ी मनमानी महंगी headtopics.com

एजीसीएम के अनुसार गूगल के पक्षपाती व्यवहार की वजह से इस एप के उपयोगकर्ताओं की संख्या नहीं बढ़ पाई।एप केवल चार्जिंग स्टेशन बताने के काम में सिमट गया, भुगतान से एडवांस बुकिंग तक में उपयोग संभव थाउसने ऐसा अपने गूगल मैप एप को बढ़ावा देने के लिए किया।आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

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खबरदार: भारत में Corona की रफ्तार हुई कम, राज्यों में Unlocking की प्रक्रिया शुरु

भारत में कोरोना की दूसरी लहर का कहर अब थमने लगा है. रोजाना आने वाले नए केस तेजी से कम हो रहे हैं. देश में 28 मई को 1 लाख 73 हजार केस दर्ज हुए. पिछले 45 दिनों में ये पहली बार है जब कोरोना के इतने कम मामले आए हैं. हालांकि मौतों का आंकड़ा अभी भी 3500 से ज्यादा है. लेकिन अब राज्यों ने अनलॉकिंग की तरफ कदम बढ़ा दिये हैं. दिल्ली में 1 जून से कंस्ट्रक्शन साइट और फैक्ट्रियों में काम शुरु हो जाएगा. कई अन्य राज्यों ने भी लॉकडाउन में छूट देने के संकेत दिये हैं. खबरदार के इस एपिसोड में देखें राज्यों के डिकोड होते हुए अनलॉक प्लान.

WHO की रिपोर्ट में कोरोना वैरिएंट को 'भारतीय' नहीं बताया गयाः Government Fact-Checksकेंद्र सरकार ने B.1.617 कोविड वैरिएंट को भारतीय वैरिएंट के रूप में लेबल करने पर आपत्ति जताई है. केंद्र ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारतीय शब्द का इस्तेमाल कहीं नहीं किया है. पाकिस्तान , बांग्लादेश की चिंता कर उन्हें सहायता के रूप में वेक्सीन दे सकती हैं मोदी सरकार, लेकिन भारत के नागरिकों को क्यों नहीं ? पाकिस्तान बांग्लादेश इतना प्यारा कैसे हो गया ? आपकी अनुपम कृपा से दरूहे खुश, गोबर बीनने वाले खुश, पर हम पढ़े लिखे बेरोजगारों ने मेरिट में स्थान बनाकर कौन सी गलती कर दी है कका चयनित_अभ्यर्थी_मांगे_तत्काल_नियुक्तिbhupeshbaghel ChhattisgarhCMO TS_SinghDeo Drpremsaisingh MohanMarkamPCC GovernorCG INCChhattisgarh मोदीओ मोदी नरसंहारी narendramodiऔर कोविड १९ जुड़वां भाई हैं PMOIndia INCIndia RahulGandhi MamataOfficial INCIndia HarsimratBadal officeofssbadal _JaiKisan, YogendraYadav RakeshTikaitBKU abhaySChautala BhupinderSHooda rssurjewala

Corona vaccine: सरकार को स्थायी समिति ने 8 मार्च को ही कहा था टीका उत्पादन बढ़ाएंCorona vaccine: सरकार को स्थायी समिति ने 8 मार्च को ही कहा था टीका उत्पादन बढ़ाएं CoronaUpdate Coronavirus Covid19 Coronavaccine drharshvardhan MoHFW_INDIA BJP4India PMOIndia ICMRDELHI drharshvardhan MoHFW_INDIA BJP4India PMOIndia ICMRDELHI Hello Everyone I will help the first 20 people from earn $10,000 within just 24hrs,But after your earning you are to pay me 10% from it immediately, if interested kindly message directly on WhatsApp +447418324832

Delhi High Court | दिल्ली हाईकोर्ट की टीकाकरण को लेकर टिप्पणी, आप किसी को बिना बंदूक के युद्ध में नहीं भेज सकतेनई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को केंद्र और दिल्ली सरकार से पूछा कि जेलों में भीड़भाड़ कम करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू करवाने के लिए काम कर रहे विधिक सहायता वकील एवं न्यायिक अधिकारी, जो 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग में आते हैं, क्या वे जिला अदालतों में लगाए गए केंद्रों पर टीका लगवाने सीधे आ सकते हैं? अदालत ने कहा कि आप किसी को बिना बंदूक के युद्ध में नहीं भेज सकते। अदालत ने दिल्ली राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) की याचिका पर सुनवाई के वक्त यह टिप्पणी की।

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International Nurse Day 2021: आसां नहीं हैं, घर में अपने को रोता छोड़ दूसरे के आंसू पोछना, मगर हमने किया है...International Nurse Day 2021: आज इंटरनेशनल नर्स डे है, इस खास दिन पर आइए जानते हैं कि कोरोना काल में डॉक्‍टरों से इतर हमारे देश की नर्सेज किन हालातों से गुजर रही हैं....