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Twitter के खिलाफ देश में हुई पहली FIR, जमकर बरसे ओवैसी, देखें स्पेशल रिपोर्ट

आज देश में #Twitter के खिलाफ पहली FIR की गई

16-06-2021 19:46:00

आज देश में Twitter के खिलाफ पहली FIR की गई

आज देश में ट्विटर के खिलाफ पहली FIR की गई. सब यही जानना चाहते हैं कि ये एक्शन आखिर क्यों लिया गया. क्या सरकार सोशल मीडिया पर अपने आलोचकों का मुंह बंद करना चाहती है या फिर सोशल मीडिया के जरिए फैलने वाली अफवाहों से निपटना चाहती है. आज इन मुद्दों पर AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी बात रखी, क्योंकि जिस केस में ट्विटर समेत नौ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है, उसी केस में ओवैसी भी धर्म का एंगल देख रहे हैं. देखें आजतक की ये स्पेशल रिपोर्ट.

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वारदात: Oxygen की कमी से मर रहे थे लोग, अब सरकार के पास नहीं है मौत की वजह का डेटा

एक कहावत है, ना खाता ना बही, जो हम कहें वही सही. बस सरकार का रवैय्या ऐसा ही है. सरकार का कहना है कि राज्य सरकारों ने मरने वालों की मौत की वजह का डेटा नहीं दिया, इसलिए वो इस नतीजे पर पहुंच गए कि देश में ऑक्सीजन की कमी से कोई मरा ही नहीं. तो फिर आप दुनियाभर से ऑक्सीजन क्यों मंगा रहे थे? क्यों ऑक्सीजन के प्लांट लगवा रहे थे? क्यों तब राज्य सरकारों पर आप खुद ऑक्सीजन की हेरा फेरी का आरोप लगा रहे थे? क्यों ऑक्सीजन की कालाबाजारी के नाम पर लोगों को जेल भेज रहे थे? देखें वारदात.

ये जैसे बिके हुए मीडिया की वजह से ही ओवैसी जैसे गिरे हुए लोगों की राजनीति चलती है वरना इनकी हैसियत ही नहीं है नेता बनने की Twitter ke durupyog pe khush hone wale or isse fayda uthane ki chahat rakhne wale dukhi ho rahe hai. Inhe koi matlab nahi desh se. Iski suraksha se, iski tarraki se, inhe to hame aapas m ladwa kar vote lena hai

अगर कोई कुत्ता भोकता है तो भोकने दो लेकिन टयूटर पर कार्यवाही जरूरी है ओवेशी ऐसी नस्ल का कुत्ता है जो भोकना ही जानता है । Iss bechaare k Bhi chull hai tagde waali

हरियाणा: युवक की हिरासत में मौत के आरोप में 12 पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ केस दर्जपरिजनों का आरोप है कि 24 वर्षीय जुनैद को ग़लत तरीके से बीते 31 मई को फ़रीदाबाद की साइबर पुलिस ने हिरासत में लिया गया था और इस दौरान उन्हें बुरी तरह से प्रताड़ित किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई. हालांकि पुलिस ने आरोप से इनकार करते हुए कहा है कि जुनैद की मौत किडनी संबंधी दिक्कत की वजह से हुई. मगर अफसोस सब के सब छूट जायेंगें ,गवाही नही मिलेगी .

सुप्रीम कोर्ट ने 2012 के शूटिंग मामले में इतालवी नौसैनिकों के खिलाफ केस बंद कियासुप्रीम कोर्ट ने केरल के दो मछुआरों को 2012 में मार डालने के मामले में दोनों इतावली नौसैनिकों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की और कहा कि मामले की आगे की जांच इटली गणराज्य में की जाएगी.सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इटली गणराज्य की ओर से दस करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की राशि को केरल हाईकोर्ट को ट्रांसफर किया जाना चाहिए. अब भी सोनिया गांधी ही सत्ता में है क्या अंड भग्तो Difference between CM Modi and PM Modi No one will say that It is a murder of our constitution/democracy ❗

कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में इन बंदरों का बड़ा योगदान | DW | 15.06.2021अमेरिका के ट्यूलान नैशनल रीसर्च सेंटर में रह रहे इन बंदरों में से ज्यादातर इन्सान की कोविड-19 महामारी से रक्षा में योगदान देने के लिए तैयार किए जा रहे हैं. COVID19 research America Great

भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोपी इतालवी नौसैनिकों के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट ने केस बंद कियासाल 2012 में भारत ने इटली के दो नौसैनिकों पर दो भारतीय मछुआरों की हत्या का आरोप लगाया था. न्याय क्षेत्र के विवाद को लेकर इटली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत चला गया था, जिसने दोनों इतालवी नौसैनिकों पर हत्या का मुक़दमा चलाने की भारत की दलील को ख़ारिज कर दिया था. हालांकि, अदालत ने कहा था कि भारत इस मामले में मुआवज़ा पाने का हक़दार है. ₹100000000 के मुआवजे में इटली के लोगों की हत्या संभव है क्या? वो जो मछुआरे मरे थे शायद मच्छर काटने से मर गए थे...?

हाथरस मामलाः पत्रकार कप्पन, तीन अन्य के ख़िलाफ़ शांति भंग के आरोप रद्दउत्तर प्रदेश पुलिस ने पिछले साल पांच अक्टूबर को हाथरस जाने के रास्ते में केरल के एक पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन समेत चार युवकों को गिरफ़्तार किया था. उन पर आरोप लगाया था कि हाथरस सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले के मद्देनज़र सांप्रदायिक दंगे भड़काने और सामाजिक सद्भाव को बाधित करने की कोशिश कर रहे थे. यूपी सरकार ने दावा किया था कि कप्पन पत्रकार नहीं, बल्कि अतिवादी संगठन पीएफआई के सदस्य हैं. बिकाऊ मीडिया व विकाऊ फर्जी पत्रकारिता जो देश मे पेनीक फेला देश की जनता को भय की स्थिति पेदा कर देश की सरकार को बदनाम कर विदेशी फनडींग लेती हे,विकाऊ पत्रकार ब पत्रकारिता पर अब नकेल लगाए जाने की सख्त जरूरत हे देशहित,जनहित के लिए विकाऊ मीडिया लोकतन्त्र अभिव्यक्ति की आजादी का जम कर गोदी मीडिया से केवल देशद्रोह करने बाले परेसान हे जो देशविरोध को ही लोकतंत्र अभिव्यक्ति की आजादी समझ बेठे हे ,विकाऊ मीडिया जिससे पूरा हिंदुस्तान की जनता परेसान क्योकि ये देशविरोध कर जनता की चुनी सरकार को बदनाम कर विदेशी फ़नडींग लेकर देश को बदनाम करने मे लगे हुये हे ,व देश दंगा सरकार जब डरती है तब UAPA लगाती है ।

Twitter FIR News: गाजियाबाद में मुस्लिम बुजुर्ग की पिटाई पर 'फेक न्यूज', जानिए FIR में किस-किस के नामगाजियाबाद न्यूज़: गाजियाबाद में मुस्लिम बुजुर्ग पिटाई मामले में गलत खबर फैलाने के आरोप में पुलिस ने ट्विटर समेत 9 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें मोहम्मद जुबैर, राना अयूब, द वायर, सलमान निजामी, मसकूर उस्मानी, समा मोहम्मद, सबा नकवी, ट्विटर Inc और ट्विटर कम्यूनिकेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम शामिल हैं।