Pm Cares Fund

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PM CARES Fund accords sanction for procurement of 1.50 lakh units of Oxycare system developed by DRDO at a cost of over Rs 322 crore

PM CARES Fund accords sanction for procurement of 1.50 lakh units of Oxycare system developed by DRDO at a cost of over Rs 322 crore

13-05-2021 01:14:00

PM CARES Fund accords sanction for procurement of 1.50 lakh units of Oxycare system developed by DRDO at a cost of over Rs 322 crore

The PM CARES Fund has accorded sanction for procurement of 1.50 lakh units of Oxycare system developed by Defence Research and Development Organisation, DRDO.

The PM CARES Fund has accorded sanction for procurement of 1.50 lakh units of Oxycare system developed by Defence Research and Development Organisation, DRDO at a cost of over Rs 322 crore. Oxycare is a SpO2-based Oxygen Supply System which regulates the oxygen being administered to patients based on the sensed SpO2 levels. Under this sanction, one lakh manual and 50 thousand automatic Oxycare systems along with non-rebreather masks are being procured.

हिमाचल में गडकरी के सामने बवाल: मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सिक्योरिटी ऑफिसर और कुल्लू SP के बीच जमकर चले लात-घूंसे इससे बड़ी लापरवाही नहीं हो सकती: मुंबई के सरकारी हॉस्पिटल के ICU में भर्ती मरीज की आंख कुतर गया चूहा, इलाज के दौरान मौत हुई योगी संग लंच के बाद केशव का यू-टर्न: UP के डिप्टी CM मौर्य बोले- CM के साथ थे, हैं और रहेंगे; 11 दिन पहले कहा था- CM का फेस दिल्ली तय करेगा

 The Oxycare system delivers supplemental oxygen based on the SpO2 levels and prevents the person from sinking into a state of hypoxia which can be fatal. This system was developed by Defence Bio-Engineering & ElectroMedical Laboratory, DEBEL, Bengaluru of DRDO for soldiers posted at extreme high-altitude areas. The system is indigenously developed for operation in field conditions and is robust. It can be effectively used to treat COVID-19 patients.

 Two variants of the system have been configured. The basic version consists of a 10-litre oxygen cylinder, a pressure regulator- cum-flow controller, a humidifier and a nasal cannula. The oxygen flow is regulated manually based on the SpO2 readings. In the second configuration, the oxygen cylinder is equipped with electronic controls which automatically regulates the oxygen flow through a low-pressure regulator and a SpO2 probe. headtopics.com

 The SpO2-based Oxygen Supply System optimises the consumption of oxygen based on the SpO2 reading of the patient and effectively increases the endurance of portable oxygen cylinders. The threshold SpO2 value for initiating flow from the system can be adjusted by the health staff. A display is provided for continuously monitoring the SpO2 levels. Work load and exposure of health care providers is considerably reduced by eliminating the need of routine measurements and manual adjustments of oxygen flow.

 The automatic system also provides suitable audio warning for various failure scenarios including low SpO2 values and probe disconnections. The non-rebreather masks are integrated with the Oxycare Systems for efficient use of oxygen which results in saving of Oxygen by 30 to 40 per cent. The non-rebreather masks need to be changed for every patient. These Oxycare systems can be used at Homes, Quarantine Centres, COVID Care Centres and Hospitals.

 The DRDO has transferred the technology to multiple industries in India which will be producing the Oxycare systems., और पढो: All India Radio News »

Superfast India: BRO ने 1 साल में किया 5 साल का काम, देखें Khabardar

पिछले एक साल में हमने चीन की नीयत देख ली, चीन की फितरत देख ली. लेकिन भारत की ताकत भी सबने देखी. फिर चाहे बात बॉर्डर पर आमने-सामने के टकराव की हो या फिर सेना को मजबूत बनाने की हो, या फिर चीन के खिलाफ हमेशा तैयारी करते रहने की सोच की हो, भारत ने कभी अपनी तैयारियों में कोई कमी नहीं की. भारत ने इस एक साल में सबसे ज़्यादा उन बातों पर ध्यान दिया, जो चीन के सामने हमेशा हमारी कमज़ोरी रही. जैसे बॉर्डर के इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर का चीन के मुकाबले कमज़ोर होना. चीन हमेशा इस कोशिश में रहता था कि बॉर्डर पर भारत अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत ना कर पाए. क्योंकि उसे डर था कि इससे भारत का रणनीतिक दबदबा बढ़ जाएगा. इसी वजह से उसने पहले डोकलाम और फिर पिछले साल गलवान से लेकर लद्दाख बॉर्डर पर टकराव किया. ये टकराव आज भी खत्म नहीं हुआ, लेकिन एक साल में बॉर्डर पर खेल पूरी तरह से पलट गया है. भारत ने सुपर फास्ट स्पीड में इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार किया है. सड़कें बनाई हैं, पुल बनाए हैं, रणनीतिक रास्ते तैयार किए हैं. और ये सब चीन के बड़े चैलेंज के बीच किया गया जो अपने आप में चीन के लिए करारा जवाब है. देखें खबरदार.

It means 1 unit cost about INR 21466.67 in mass production. Why such too heavy cost approved by Govt just for controllers? It seems atleast about INR 300 crores Govt scam in this Deal. It would be better to invest in Oxygen plants for every hospital by making Hosp. responsible

उत्तर प्रदेश में धूल फांक रहे हैं सैकड़ों वेंटिलेटर, PM Cares Fund से हुई थी खरीदउत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh Covid 19) में एक तरफ जहां भयानक कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) में वेंटिलेटर (Ventilator) की भारी कमी है, वहीं पीएम केयर्स फंड (PM Cares Fund) से यूपी के अस्पतालों को भेजे गए वेंटिलेटर बड़े पैमाने पर धूल फांक रहे हैं, क्योंकि उन्हें ऑपरेट करने के लिए मेडिकल स्टाफ की भर्ती नहीं की गई. एक कहावत है कि कूड़े के भी दिन फिरते हैं, फिर वेंटिलेटर तो वेंटिलेटर ही है. फिरोजाबाद के मेडिकल कॉलेज में 75 वेंटिलेटर एक साल से धूल फांक रहे थे. पीएम केयर्स फंड से 114 वेंटिलेटर आए थे. 39 इस्तेमाल हुए. 75 एक साल से पड़े थे. मीडिया में खबर आने के बाद अब इस्तेमाल के लिए भेजे जा रहे हैं. नाना पाटेकर का डायलोग सच होता दिख रहा है, तुम्हारी नामर्दानगी बुजदिली एक दिन इस देश की तबाही का कारण बनेगी।👇👌❣️ वेंटिलेटर का उपयोग करना आसान है क्या? क्या अस्पतालों में ऐसी व्यवस्थाएं हैं? क्या हमारे पास प्रशिक्षित डाक्टर व तकनीशियन हैं जो वेंटिलेटर चला सकें । बेहतर है हम आक्सीजन और दवाओं पर ज्यादा ध्यान दें । aajtak ABPNews चाईना के दलाल, यू पी से बाहर भी निकलेगा क्या कभी ?

देशभर में मरीज तड़प रहे, PM Cares से खरीदे गए वेंटिलेटर धूल फांक रहेवेंटिलेटर यानी वो मशीन जो मरीजों के फेफड़े तक ऑक्सीजन पहुंचाकर उनकी जीवन रक्षा करती है. इस मशीन को पीएम केयर्स फंड यानी प्राइम मिनिस्टर्स सिटिजन असिस्टेंस एंड रिलीफ इन इमरजेंसी सिचुएशन फंड के तहत पहुंचाई गई. लेकिन देश के कई राज्यों के सरकारी अस्पताल में धूल खा रही है

PM chaired high-level meeting: पहले से तीन गुना ज्यादा ऑक्सिजन की आपूर्ति, कोरोना के हालात पर PM की बड़ी बैठकभारत न्यूज़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बैठक में कोरोना से निपटने के लिए ऑक्सिजन की आपूर्ति और दवाओं की उपलब्‍धता का जायजा लिया। उन्‍हें बताया गया कि पिछले कुछ हफ्तों में रेमडेसिविर सहित सभी दवाओं का उत्‍पादन बढ़ा है। राज्‍यों को दवाओं की सप्लाई में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। इनकी बस की काम तो है नहीं बस इन से मीटिंग करा लो मोदी_इस्तीफा_दो High level meeting ke bahane koi sarkari company bik gayi hogi 2-3 din me pata chalega 🤣🤣🤣 Tangu FEKU ... tangu very much for making FEKURAJ as world's cemetery .. Congratulations for converting world's pharmacy (made by brainy and visionary leaders of the past) to world's cemetery in just 6+ years .. AtmanirbharBharat world's cemetery.. what a VIKAS FEKU

PM मोदी पर भड़के असदुद्दीन ओवैसी, बोले- कोरोना से हर दिन हो रहीं 10 हज़ार मौतेंअसदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि देश में हर दिन 10 हजार मौतें हो रही हैं जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिम्मेदार हैं। देश की हालत के लिए ओवैसी ने पीएम मोदी को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि वो देश में माफ़ी मांगे। महामारी पे सियासत CONGRESS नहीं BJP कर रही है। पटना मे Pappu yadav lockdown तोड़ने पर गिरफ्तार लेकिन UP govt. lockdown में 10 हज़ार केदियों को पैरोल पर रिहा करेगी। बदायूँ में शेख अब्दुल्ल हामिद कादरी के जनाजे में lockdown के होते 20 हाजार की भीड़ लेकिन कोई गिरफ़्तारी नही।

'नदियों में बहते अनगिनत शव...PM, गुलाबी चश्मे उतारो...', राहुल गांधी का वारउत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ इलाकों से कोरोना संकट काल में नदियों में शवों के तैरने की तस्वीरें सामने आई हैं. मंगलवार को राहुल गांधी ने इसी मुद्दे के जरिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा. आपने RahulGandhi का फोटो बड़ा अच्छा लगाया है, बॉडी लैंग्वेज उसको बहुत अच्छे से describe कर रही है। यह जिम्मेदारी सभी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की बनती है वह आपसी मतभेद भुलाकर इस महामारी का डटकर मुकाबला करें और भारत को इस बीमारी से उभारे इसने चाइना डोज ले रखा है शायद ?

शेखर गुप्ता का कॉलम: PM मोदी को पार्टी में मौजूद प्रतिभाओं की मदद और विपक्ष को भरोसे में लेना चाहिए, इसके लिए विनम्रता जरूरी होगीक्या भारतीय राज्यसत्ता विफल हो चुकी है? पत्रिका ‘इंडिया टुडे’ का ऐसा ही मानना है। लेकिन मैं इसका खंडन करना चाहूंगा क्योंकि अगर ऐसा होता तो वह पत्रिका कवर पर इस अर्थ का शीर्षक नहीं लगा पाती। जब तक किसी राष्ट्र का मीडिया, सिविल सोसाइटी और अकेला व्यक्ति भी बुरी खबर देने, शक्तिशाली शासक को आइना दिखाने स्वतंत्र है तब तक हमें विफल राज्य नहीं मान सकते। | Modi government embroiled in lack of humility and denial of reality ShekharGupta प्रधान मंत्री जानते हैं कि उन्हें क्या करना है, इसलिए वो प्रधानमन्त्री हैं। अलबत्ता कुछ लोग अपनी समझदारी की गलतफहमी में सलाह बाटंते रहते हैं। ShekharGupta ठस लोगो से विनम्रता की उम्मीद रखना बेमानी है। जिन लोगो को बोलने के तमीज़ नही उनसे क्या उम्मीद करोगे की वे सभ्यों की तरह आचरण करेंगे।।और ये समस्या टॉप टू बॉटम है।। ShekharGupta मोदी को यह बिन मांगी मुफ्त की सलाह जो की किसी छिपे उद्देश्य से दी जा रही है माननी होगी हालांकि बिकाऊ, अराजक एवं दरबारी पत्रकारिता निर्बाध एवं गैर जिम्मेदाराना रूप से जारी रहेगी