Neet 2021, मेडिकल एंट्रेस एग्‍जाम में ओबीसी आरक्षण, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नेशनल एलिजिबिलिटी एंड एंट्रेंस टेस्‍ट, नीट में ओबीसी आरक्षण क्‍या है, नीट में ओबीसी आरक्षण, What İs Obc Reservation İn Neet, Prime Minister Narendra Modi, Obc Reservation İn Neet, Obc Reservation İn Medical Entrance Exam, National Eligibility And Entrance Test, भारत Samachar

Neet 2021, मेडिकल एंट्रेस एग्‍जाम में ओबीसी आरक्षण

OBC Reservation In NEET: नीट में ओबीसी रिजर्वेशन का क्‍या है मामला? पीएम मोदी तक पहुंची बात

नीट में ओबीसी रिजर्वेशन का क्‍या है मामला? पीएम मोदी तक पहुंची बात via @NavbharatTimes #neet2021

28-07-2021 21:17:00

नीट में ओबीसी रिजर्वेशन का क्‍या है मामला? पीएम मोदी तक पहुंची बात via NavbharatTimes neet2021

नीट में ओबीसी रिजर्वेशन लागू होने का मसला काफी समय से लटका है। इसकी मांग लंबे समय से होती आई है। इसे लेकर बुधवार को एनडीए के ओबीसी सांसदों के एक प्रतिनिधमंडल ने पीएम से मुलाकात की।

Subscribeनेशनल एलिजिबिलिटी एंड एंट्रेंस टेस्‍ट(नीट) की तारीखों का ऐलान किया। यह परीक्षा एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अनिवार्य है। परीक्षा राष्‍ट्रीय स्‍तर पर होती है। हालांकि, इस साल की घोषणा में भी एक बात साफ है। इसमें कहा गया है कि इस बार भी यह नेशनल एग्‍जाम अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण मानदंडों को लागू किए बिना ही होगा। इसके तहत ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण की सीमा तय है। इसी के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। नीट में ओबीसी के लिए सरकार की ओर से आरक्षण नहीं लागू किए जाने के विरोध में आवाज बुलंद होने लगी। कई छात्र संगठन इसे लेकर देशव्‍यापी हड़ताल की धमकी भी चुके हैं।

EXCLUSIVE : पंजाब में बनाए जाएंगे दो डिप्टी CM, सिद्धू की सहमति से तय हुआ चन्नी का नाम - हरीश रावत चरणजीत सिंह चन्नी होंगे पंजाब के अगले CM, निर्विरोध चुने गए कांग्रेस विधायक दल के नेता गुजरात: कोई 10वीं पास तो कोई सिर्फ़ चौथी, भूपेंद्र पटेल के नए मंत्रियों की शिक्षा पर चर्चा - BBC News हिंदी

मेडिकल एंट्रेंस टेस्‍ट नीट में ओबीसी का ऑल इंडिया कोटा लागू करने को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और भूपेंद्र यादव ने बुधवार कोप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीको ज्ञापन भी सौंपा। तमाम अभ्‍यर्थी मेडिकल एजुकेशन के अखिल भारतीय कोटे में ओबीसी आरक्षण देने की लंबे समय से मांग कर रहे हैं। देश की विभिन्‍न अदालतों में कई मुकदमे भी हुए हैं। लेकिन, यह मामला लंबे समय से लटका है। आखिर यह मामला क्‍या है, सरकार का इसे लेकर क्‍या रुख है, कहां पेच फंसा है? आइए, यहां इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं।

मेडिकल एंट्रेस टेस्‍ट नीट में ओबीसी का ऑल इंडिया कोटा लागू करने को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और भूपेंद्र यादव ने बुधवार को प्रधानमंत्री को ज्ञापन दिया।क्‍या है मामला?देश में नीट के जरिये चिकित्सा शिक्षा में दाखिले होते हैं। इस परीक्षा में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को आरक्षण मिलता है। लेकिन, परीक्षा में ओबीसी आरक्षण न दिए जाने को लेकर सवाल उठते रहे हैं। दरअसल, 1979 में जनता पार्टी सरकार ने सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ी जातियों के मुद्दों को लेकर एक आयोग गठित किया था। इस आयोग का मुखिया सांसद बीपी मंडल को बनाया गया था। headtopics.com

डेंटल सर्जरी कोर्स की काउंसलिंग में देरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, छात्रों के भविष्य के साथ न करें खिलवाड़मंडल ने तर्क दिया था कि ओबीसी देश की पूरी आबादी में करीब 52 फीसदी हैं। यह वर्ग अभाव का सामना करता रहा है। आयोग ने केंद्र सरकार की नौकरियों और इस वर्ग के लिए उसके शैक्षणिक संस्थानों में सीटों में 27 फीसदी आरक्षण की सिफारिश की थी। केंद्र सरकार के तहत नौकरियों में आरक्षण 1992 में शुरू हो गया। लेकिन, ओबीसी से जुड़े छात्रों को एडमिशन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 2006 में इस वर्ग के लिए आरक्षण की पुष्टि इस शर्त के साथ की कि उम्मीदवारों के परिवारों की कमाई सालाना 8 लाख रुपये से अधिक न हो।

हालांकि, जिन संस्‍थानों को राज्य सरकारें चलाती हैं, उनमें अलग से निर्धारित अखिल भारतीय कोटा सीटों में 27 फीसदी आरक्षण लागू करना मुश्किल रहा है। राज्य सरकारों के चिकित्सा संस्थानों में ओबीसी आरक्षण को समझने के लिए 1984 में सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर को समझना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने क्‍या कहा था?शीर्ष अदालत के निर्देश में कहा गया था कि सभी राज्यों को ग्रेजुएशन में मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में 15 फीसदी सीटें और पोस्‍ट ग्रेजुएशन में 50 फीसदी सीटों को सेंट्रल पूल के लिए रखना होगा। बाकी सीटें स्‍टेट पूल में जाएंगी। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) की ओर से काउंसलिंग के बाद छात्रों को केंद्रीय पूल में सीटें दी जाती हैं।

लंबी कानूनी लड़ाई के बाद एक और ऑर्डरएक और कानूनी लड़ाई के बाद 2009 में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि राज्य अपने पूल में भी अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए क्रमशः 15 फीसदी और 7.5 फीसदी सीटों के साथ आरक्षण मानदंडों को लागू कर सकते हैं। ऑर्डर में ओबीसी का कोई जिक्र नहीं था। बाद में भारतीय चिकित्सा परिषद ने 2010 में मेडिकल और डेंटल कोर्सों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के साथ अपने नियमों को लागू किया। 2017 में 'नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस्‍ट टेस्‍ट' को पूरी तरह से लागू किया गया। headtopics.com

सिद्धू पर 'देशद्रोह' के आरोप, बीजेपी ने पूछा- सोनिया, राहुल और प्रियंका चुप क्यों हैं? - BBC Hindi उत्तराखंड में केजरीवाल का बड़ा चुनावी वादा : 6 महीने में 1 लाख जॉब्स, नौकरी न मिलने तक 5000 रुपये भत्ता चरणजीत सिंह चन्नी होंगे पंजाब के नए मुख्यमंत्री, दलित-सिख चेहरा कांग्रेस का 'मास्टरस्ट्रोक'? - BBC News हिंदी

PM मोदी ने की मेडिकल एजुकेशन कोटे में OBC-EWS आरक्षण की समीक्षा, पिछड़े छात्रों को मिल सकता है लाभक्‍या है सरकार की मंशा?हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑल इंडिया मेडिकल एजुकेशन कोर्ट में ओबीसी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के आरक्षण के मुद्दे की समीक्षा की। साथ ही संबंधित मंत्रालयों को इसे प्राथमिकता के आधार पर हल करने का निर्देश दिया। एक सूत्र ने बताया कि समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री ने इच्छा व्यक्त की कि चिकित्सा शिक्षा के अखिल भारतीय कोटा (एआईक्यू) में ओबीसी आरक्षण का मुद्दा संबंधित मंत्रालयों की ओर से प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। पीएम ने स्वास्थ्य मंत्रालय से चिकित्सा शिक्षा के लिए विभिन्न राज्यों की ओर से ईडब्ल्यूएस आरक्षण के कार्यान्वयन की स्थिति की समीक्षा करने को भी कहा। इस बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, कानून एवं न्याय और समाज कल्याण सचिवों के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में दो कोटे के मुद्दे पर चर्चा की गई।

पीएम से ओबीसी सांसदों के प्रतिनिधमंडल ने मुलाकात कीएनडीए के ओबीसी सांसदों के एक प्रतिनिधमंडल ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उसने अखिल भारतीय चिकित्सा शिक्षा कोटे में ओबीसी और आर्थिक रूप से पिछड़े (ईडब्ल्यूएस) वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आरक्षण लागू करने की मांग की। इस प्रतिनिधिमंडल में भाजपा के भूपेंद्र यादव, गणेश सिंह, सुरेद्र सिंह नागर और अपना दल (सोनेलाल) की अनुप्रिया पटेल शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को एक पत्र सौंपा और अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट चिकित्सा पाठ्यक्रमों में 'ऑल इंडिया कोटा' में ओबीसी और आर्थिक रूप से पिछड़े (ईडब्ल्यूएस) वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आरक्षण लागू करने की मांग की।

Navbharat Times News App: और पढो: NBT Hindi News »

प्रधानमंत्री से लेकर रक्षा मंत्री तक...देखें तालिबान की सरकार में कौन-कौन शामिल

तालिबान ने अंतरिम सरकार की घोषणा कर दी है. इस अंतरिम सरकार में प्रधानमंत्री यानी सरकार के प्रमुख की भूमिका में मुल्ला हसन अखुंद होंगे. मुल्ला हसन अखुंद तालिबान की रहबरी शूरा यानी लीडरशिप काउंसिल का चीफ है और तालिबान प्रमुख मुल्ला हिब्तुल्लाह अखुंदजादा के बेहद करीबियों में शामिल हैं. मुल्ला बरादर को तालिबान सरकार में डिप्टी पीएम बनाया गया है. डिप्टी पीएम की भूमिका में मुल्ला हन्नाफी की भी भूमिका रहेगी. इसके अलावा मुल्ला याकूब तालिबान सरकार में रक्षा मंत्री होगा और सिराजुद्दीन हक्कानी तालिबान सरकार में आंतरिक मामलों का मंत्री होगा. शेर मोहम्मद अब्बास स्तनकजई तालिबान सरकार में उपविदेश मंत्री होगा. खैरुल्लाह खैरख्वा तालिबान सरकार में सूचना मंत्री होगा. जबकि तालिबान प्रवक्ता जैबुल्लाह मुजाहिद को उप सूचना मंत्री की जिम्मेदारी मिल रही है. अब्दुल हकीम को तालिबान सरकार का न्याय मंत्री बनाया गया है. ज्यादा जानकारी के लिए देखें खबरदार.

असम-मिज़ोरम विवाद में क्या-क्या हुआ और क्या है पूरा मामला? - BBC News हिंदीअसम और मिज़ोरम पड़ोसी राज्य हैं. दोनों के बीच ताज़ा तनाव में असम पुलिस के छह जवान मारे गए हैं. आख़िर इस तनाव की वजह क्या है और इसकी शुरुआत कैसे हुई. सबकुछ जानें. 2 राज्यों की पुलिस आपस में ऐसे लड़ रही है जैसे दो देश सीमा विवाद पर लड़ रहे हो, बहुत ही शर्मनाक घटना। Most powerful CM Himanta Biswa Sarma 🔥🔥 ..2nd Yogi adityanath of India 🇮🇳 दो राज्यों की पुलिस आपस में भिड़ जाती है,NDA के दो मुख्यमंत्री ट्विटर पर गुत्थमगुत्थी करते हैं। वक्त रहते मोदी सरकार ने मुक्कमल कदम नहीं उठाया।6 जवान आपस की लड़ाई में मारे गए। कहीं कोई तुच्चा नारा लगा देता है तो देश की अखंडता खतरे में पड़ने लगती है,यहां क्या बुलंद हुई है ?

असम-मिजोरम बॉर्डर पर क्यों भड़की हिंसा,  5 प्वाइंटर्स में जानिए क्या है पूरा मामलाअसम और मिजोरम के सीमावर्ती इलाके में हिंसा (Assam-Mizoram Border Clashes) का मामला सुर्खियों में है. इसमें असम पुलिस के 5 पुलिसकर्मी शहीद हुए हैं. हालात को देखते हुए वहां सीआरपीएफ (CRPF) की दो कंपनियां तैनात की गई हैं. हालांकि पूर्वोत्तर के इन दोनों राज्यों में किस वजह से हिंसा भड़की, इसको लेकर कौतूहल बना हुआ है. पांच बिंदुओं में आप भी जानिए कि किस वजह से यहां हिंसक झड़प हुई... धन्यवाद मोदीजी गृहयुद्ध छिड़वाने के लिये महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच बहुत साल सीमा विवाद चला राज नेताओं के कारण। आसाम बड़ा राज्य है करोड़ों की आबादी वाला और मिजोरम तीस लाख की आबादी वाला प्रांत है। सरहद कलह शांत रहती है, पर असंतुष्ट राजनेता बड़ा बनने के लिए कुछ कर गुजरते हैं। मामला सुलझ जाएगा कोई बड़ा नहीं है।

अमेरिका में फिर कोरोना का कहर: एक दिन में 60 हजार से ज्यादा मामले, वैक्सीनेट हुए लोगों को फिर लगाना होगा मास्कअमेरिका में फिर कोरोना का कहर: एक दिन में 60 हजार से ज्यादा मामले, वैक्सीनेट हुए लोगों को फिर लगाना होगा मास्क USA coronavirus

अब तक का सबसे बड़ा IPO दिवाली में: 18 महीने में फायदा में आ सकती है पेटीएम, अभी 1,700 करोड़ रुपए के घाटे में हैपेटीएम बाजार से 16,600 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी में है,पेटीएम गेमिंग और ट्रैवेल में एक बड़ा अवसर देख रही है | Paytm IPO, Digital Payments Company Paytm, Vijay Shekhar, Vijay Shekhar Sharma, Paytm CEO Vijay Shekhar Sharma, Paytm News, Vijay Shekhar Sharma, Paytm CEO Vijay Shekhar Sharma, paytm ipo date, paytm ipo opening date, paytm ipo price, paytm ipo details, paytm ipo grey market, One97 Communications

इराक़ से अमेरिकी फ़ौज की वापसी से ईरान को क्या फ़ायदा? - BBC News हिंदीइराक़ से अमरिकी सैनिकों की पूरी तरह वापसी का क्षेत्र की सुरक्षा और कूटनीति के लिए क्या मतलब है और ईरान को इससे क्या फ़ायदा हो सकता है. अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकी सेना इरान के सिर पर बैठी थी ईरान ख़ौफ़ में था । अब बला टली 😂😂 बस वही होगा जो अफगानिस्तान में हो रहा है। इस्लामिक धर्म में दो फिरके हें एक शान्ती से जीना चाहते हैं ओर दुसरा तलवार की धार ओर बंदूक की नोक पर राज करना चाहता है ठीक मुगल क्बा ई लों की तरह लुट मार क्त्ल रेप ओर सुन्दर सुन्दर लडकियों को हवस का शिकार बनाना ओर फिर बीबियाँ बना देना।

मोदी से मिलीं ममता, बंगाल का नाम बदलने और वैक्सीन पर हुई बातप्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद ममता ने कहा कि मैं चाहती हूं कि पेगासस पर प्रधानमंत्री सर्वदलीय बैठक बुलाएं और सुप्रीम कोर्ट से इसकी जांच होनी चाहिए।