NIA बिल राज्यसभा में कल होगा पेश, बीजेपी ने सांसदों के लिए जारी किया व्हिप

अगर राज्यसभा से भी यह बिल पास हो जाएगा तो एनआईए के अधिकार बढ़ जाएंगे

16.7.2019

अगर राज्यसभा से भी यह बिल पास हो जाएगा तो एनआईए के अधिकार बढ़ जाएंगे

लोकसभा में राष्ट्रीय जांच एजेंसी(NIA) को ताकतवर बनाने वाले विधेयक को पास कराने के लिए प्रस्ताव रखा किया जाएगा. भारतीय जनता पार्टी ने इस संबंध में अपने राज्यसभा सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है. अगर राज्यसभा से भी यह बिल पास हो जाएगा तो एनआईए के अधिकार बढ़ जाएंगे. लोकसभा में जब इस बिल को पेश गया तो सदन में खूब हंगामा हुआ. विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पुलिस स्टेट को देश में लागू करना चाहती है.

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कश्यप जी आप जैसी नीच और कमीनी रिपोर्टर कभी नही देखा अपने न्यूज के लिए बाप को अत्महत्या करने मजबूर कर रही है अन्जना जी आप पर थू है Hme Jo hamse hmari zameen 1947 me Pakistan ne cheen liya tha jise hum pak adhikrit Kashmir ke naam se jante h wo hme hmari zameen wapas chahiye aur ese wapas dilane me Meri Indian army sakchham hai proud Indian army

National interests still at test ? Politicians+journos reluctant New India must expose them !! हो जाने दो..

आतंकवाद की जांच करने वाली एजेंसी NIA संशोधन बिल में ऐसा क्या है जिस पर अमित शाह और ओवैसी में हुई तीखी नोंकझोंक, 10 बातेंसोमवार को लोकसभा में एनआईए (NIA)यानी राष्ट्रीय जांच एजेंसी संशोधन बिल पास हो गया है. इस विधेयक में दिए गए प्रावधानों के मुताबिक अब आतंकवाद मामलों की जांच करने वाली देश की सबसे बड़ी एजेंसी एनआईए भारत के बाहर किसी भी गंभीर अपराध के मामले में केस रजिस्टर और जांच का निर्देश दे सकती है. अब इस बिल को राज्यसभा में लाया जाएगा जहां इसको पास करना सरकार के सामने चुनौती होगी.इस बिल पर चर्चा के दौरान एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी और गृहमंत्री अमित शाह के बीच तीखी नोंकझोंक भी हुई. पहले विधेयक को विचार करने के लिए सदन में रखे जाने के मुद्दे पर एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने मत-विभाजन की मांग की. गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि इस पर मत-विभाजन जरूर होना चाहिए. इसकी हम भी मांग करते हैं ताकि पता चल जाए कि कौन आतंकवाद के साथ है और कौन नहीं. मत विभाजन में सदन ने 6 के मुकाबले 278 मतों से विधेयक को पारित किये जाने के लिये विचार करने के वास्ते रखने की अनुमति दे दी. Sadakon par bhi aisi ladai nhi dikhti ओवैसी देशद्रोही है अमित शाह से देशद्रोही है। ये देश को तोड़ने का काम कर रहा है।

सर्वणा भवन के मालिक को जेल में हर्ट अटैक, निजी अस्पताल में इलाज को...राजागोपाल के वकील ने न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति एम निर्मल कुमार की पीठ के सामने जब याचिका का उल्लेख किया तो अतिरिक्त लोक अभियोजक बोले कि वह मंगलवार (16 जुलाई, 2019) को तमिलनाडु सरकार से निर्देश प्राप्त करेंगे।

राजस्थान HC ने कहा- जजों को ‘माय लॉर्ड’ या ‘योर लॉर्डशिप’ नहीं, केवल 'सर' कहकर बुलाएंउच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा सोमवार को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि संविधान में वर्णित समानता का सम्मान के लिए पूर्ण अदालत ने 14 जुलाई 2019 को अपनी बैठक में सर्वसम्मति से वकीलों और अदालत में पेश होने वालों को माननीय न्यायाधीशों को संबोधित करते समय ‘माय लॉर्ड’ या ‘योर लॉर्डशिप’ कहने से परहेज करने को कहा है. अधिसूचना में वकीलों और याचिकाकर्ताओं को जजों को संबोधित करते समय सिर्फ ‘सर’ या श्रीमानजी कहकर पुकारने को कहा गया है. सर के जगह पर महाशय या महोदय और अच्छा होता । बिलकुल सही अरे भाई Sir भी अंग्रेजों की देन है, श्रीमान बुलाना चाहिये।

सरकारी अस्पतालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होगा इलाज, मोदी सरकार का बड़ा प्लानसार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में स्टाफ की कमी से निपटने और इलाज की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) का इस्तेमाल होगा. मोदी सरकार ने लोकसभा में यह जानकारी दी है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया प्रस्ताव, MD, MS में एडमिशन के लिए खत्म हो जाएगा NEETकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चिकित्सा क्षेत्र में स्नातकोत्तर में प्रवेश के लिए मेडिकल छात्रों को राहत देते हुए ‘नीट (NEET) को खत्म करने का प्रस्ताव किया है और कहा है कि एमडी और एमएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए एमबीबीएस की अंतिम वर्ष की परीक्षा ही काफी होगी. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) विधेयक के संशोधित मसौदे में संशोधन शामिल किया गया है जो जल्द ही कैबिनेट को भेजा जाएगा. सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर विधेयक में बदलाव शामिल किए गए हैं.

लोकसभा: वोटिंग के बाद NIA बिल पारित, विपक्ष में पड़े केवल 6 वोट– News18 हिंदीसाल 2008 में हुए 26/11 मुम्बई आतंकवादी हमले के बाद साल 2009 में एनआईए का गठन किया गया था. AmitShah गृह मंत्री का बयान आज का पहले ही आ जाना चाहिए,जो लोग N I A के विल का विरोध कर रहे है,वे लोग देशद्रोहियो का साथ देकर देश को कमजोर कर रहे है,लगता है ओबैसी देशद्रोहियो से मिला हुआ है।

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