Sonam Wangchuk, Ladakh, Environment, Scince, Development, Article 370, Ut, Vikram Lander, Newborn Child, सोनम वांगचुक, विक्रम लैंडर, नवजात बच्चे, शिक्षा, साइंस, विकास, विनाश, पहाड़, मानव विकास, युवा, आर्टिकल 370, लद्दाख, केंद्र शासित प्रदेश, पर्यावरण

Sonam Wangchuk, Ladakh

NDTV Exclusive: विक्रम लैंडर का अफसोस नहीं, गम है कि ढाई लाख 'विक्रम' अपनी मांओं की गोद में मर रहे- सोनम वांगचुक

NDTV Exclusive: विक्रम लैंडर का अफसोस नहीं, गम है कि ढाई लाख 'विक्रम' अपनी मांओं की गोद में मर रहे- सोनम वांगचुक

08-10-2019 16:23:00

NDTV Exclusive: विक्रम लैंडर का अफसोस नहीं, गम है कि ढाई लाख 'विक्रम' अपनी मांओं की गोद में मर रहे- सोनम वांगचुक

शिक्षा विद और समाजसेवी सोनम वांगचुक ने धारा 370 हटाए जाने और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने का स्वागत किया है लेकिन साथ ही उन्होंने NDTV से बातचीत में आगाह किया कि विकास के नाम पर पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए. साथ ही सोनम वांगचुक ने कहा कि उन्हें इस बात का गम नहीं कि विक्रम लैंडर चांद पर नहीं उतर पाया बल्कि गम इस बात का है कि विज्ञान की मामूली सी जानकारी के अभाव में ढाई लाख बच्चे अपनी मां की गोद में दम तोड़ रहे हैं.

सोनम वांगचुक से लद्दाख में उनके द्वारा शिक्षा को लेकर किए जा रहे नवाचार, पर्यावरण से लेकर विज्ञान और लद्दाख के विकास सहित कई मुद्दों पर हुई बातचीत के प्रमुख अंश -NDTV: वांगचुक सर यहां लद्दाख में वैकल्पिक विश्वविद्यालय शुरू करने का आइडिया आया कहां से आया?

Suresh Raina Announce Retirement: सुरेश रैना ने भी कहा क्रिकेट को अलविदा, सबको चौंकाया महेंद्र सिंह धोनी: 'पल दो पल का शायर हूं' ..कहते हुए कहा क्रिकेट को अलविदा सुरेश रैना: धोनी के साथ ही इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास

वांगचुक : जो यहां पर आप देख रहे हैं वह तो है हमारा वैकल्पिक विश्वविद्यालय. पहले जो हमारे वैकल्पिक विद्यालय में जब देखा कि बच्चे जिन्दगी से कटकर, हटकर किताबों में ही पढ़ते हैं तो उनकी रुचि उसमें नहीं जाती. कुछ की जाती है, ज्यादा की नहीं जाती. उन्हें याद रखना लिखना मुश्किल होता है. जिंदगी से जुड़ी नहीं होती इसलिए वहां पर हम करते हुए सीखने के लिए खेती से लेकर भवन निर्माण तक करते रहे. उससे देखा कि यहां तक कि 'टीन एजर' बच्चे हैं 10 वीं के, उनमें भी बहुत फर्क आता है, सीखने की रुचि वगैरह. आप समझ सकते हैं जो विश्वविद्यालय है जहां 20-22 साल के युवा आते हैं. उनमें तो और भी एनर्जी होती है, काबलियत होती है कुछ करने की. उन्हें अगर एक कक्षा में बंद रखें तो एक तरह से यह जुर्म है कि जो बबलिंग विथ यूथ होते हैं उन्हे हम बंद रखते हैं. तो हमने फिर सोचा कि इसी धारणा को लेकर विश्वविद्यालय के स्तर पर एक परीक्षण करना चाहिए, कि क्या ये सफल होता है. युवा कक्षा में कम, बाहर ज्यादा सीखें और समय व्यतीत करें... तो यहां जो हिमालयन ऑल्टरनेटिव यूनिवर्सिटी है, यहां पर हम हिमालय के परिवेश में हैं. एक समस्या यह है कि दूसरे विश्वविद्यालयों में परिवेश नहीं होता है. कहीं भी हो, चाहे लद्दाख में हो या राजस्थान में, शिक्षा वही रहती है. तो यहां पहाड़ों में क्या समस्याएं हो रहीं हैं जिनका लोगों को सामना करना पड़ रहा है. उनका समाधान यह युवा बड़ों के साथ मिलकर सीखते हुए कर पाए, उसको देखते हुए, इस स्कूल का जो अनुभव था, उसको देखते हुए ये आइडिया आया कि इस तरह के विश्वविद्यालय की शुरुआत होनी चाहिए.

NDTV: कल आपका लेक्चर मैं सुन रहा था कि किस तरह ORS बनाना जरूरी है, वो सीखना जरूरी है, बजाए कि चंद्रयान पर कुछ भेजा जाए. वो क्या वाकया आप सुना रहे थे?वांगचुक : नहीं वो था बच्चों में साइंस एंड टेक्नोलॉजी के लिए जिज्ञासा और दिलचस्पी जगाना.  तो मैं यह कह रहा था कि जहां साइंस एंड टेक्नोलॉजी ड्रोन, रोबोट और चंद्रयान की तरफ जा रहा है, अच्छी बात है. लेकिन इस कीमत पर नहीं कि जो नीचे के लोग हैं, आम लोग हैं, उनको साइंस कितना दे पाता है?  उनके बच्चे इस वजह से मर रहे हैं कि जब उन्हें दस्त लगता है, डायरिया होता है, तो चुटकी भर नमक और तीन चुटकी चीनी देनी चाहिए, यह छोटी सा साइंस का ज्ञान न होने से ढाई लाख दूध पीते बच्चे मर रहे हैं. मुझे गम नहीं है कि एक विक्रम अगर चंद्रमा पर नहीं उतर पाया, मुझे गम है कि ढाई लाख 'विक्रम' अपनी माओं के गोद में मर रहे हैं. तो साइंस यह भी है. इस साइंस को भूल न जाएं. उस आकाश के साइंस के पीछे जाकर साइंस की ऊंचाई में ही नहीं गहराई में भी फैलाव की जरूरत है.  

NDTV: वांगचुक सर हम लेह में हैं तो यह सवाल लाजमी है कि जो 370 का मसला है इस पर आपकी क्या राय है?वांगचुक: लद्दाख के लिए कहूंगा कि लद्दाख का यूटी (केंद्रशासित प्रदेश) बनना 370 की वजह से रुका हुआ था. उस लिहाज़ से यह लद्दाख के लिए खुशी की बात है कि इससे उसको पुराना हक मिला.

 NDTV: लेकिन यह इलाका अब खुल गया तो अब एनवायरांमेंटलिस्ट होने के नाते आपको भी डर है कि अब यहां भी बेवजह का विकास होगा, बाहरी लोग आएंगे, कुछ ऐसी आशंकाएं भी हैं?वांगचुक: बिल्कुल मुझे डर है, आशंकाएं हैं कि अगर हम विकास के नाम पर विनाश करते जाएं तो पहाड़ों पर यह 10 गुना ज्यादा विनाशक होगा. यहां से करोड़ों लोगों के लिए पीने का पानी जाता है. अगर ग्लेशियर पिघलते हैं तो यहां खनन होगा. इससे बहुत बुरा हाल होगा, हमारा ही नहीं बल्कि सभी लोगों का. और डर मुझे सिर्फ़ बाहर के लोगों से ही नहीं बल्कि लद्दाख के लोगों से भी है. अगर लद्दाख के लोग भी लोभ में आए टूरिज़्म के नाम पर, इंडस्ट्री के नाम पर, जिससे एनवायरांमेंट का विनाश हो, तो वो सबके लिए बुरा होगा. हमारा कोई हक नहीं है कि सिर्फ मानव का विकास करें, और बाकी सब जीव जंतुओं का विनाश करें.

NDTV: यहां आप पौधे उगाने की कोशिश कर रहे हैं. इससे तो एक क्रांति हो जाएगी?वांगचुक: यह वे पौधे हैं जो यहां के नेटिव हैं. और हां अगर ऐसे में जब जलवायु परिवर्तन हो रहा है, अगर यह पौधे लगकर बड़े हो जाते हैं तो यह एक क्रांति ही होगी. आज पौधे बहुत जरूरी हैं, पानी को बाढ़ बनने से रोकने के लिए.

टिप्पणियांNDTV: लेह की बात करें तो बहुत कम आबादी है, 1.5 लाख की, और अभी से आप पानी की किल्लत की बात करते हैं. अब जब यह सबके लिए खुल गया है तो कैसे सस्टेन करेंगे? और पढो: NDTVIndia »

देश तक: सुशांत की डायरी में जिस प्रियंका का जिक्र, आजतक पर खोले राज

सुशांत सिंह राजपूत के कुछ ऐसे राज, कुछ ऐसी कहानी जो अबतक हर किसी से अछूती हैं. सुशांत सिंह राजपूत की वकील रहीं प्रियंका खेमानी ने आजतक से EXCLUSIVE बातचीत की है. इस दौरान प्रियंका खेमानी ने सुशांत के बारे में कई बातों से पर्दा हटाया. सुशांत ने अपनी डायरी में जिस प्रियंका का जिक्र किया था वही प्रियंका ने आजतक से बातचीत की है. वहीं सुशांत के परिवार और उनसे जुड़े कई लोग सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं. बिहार सरकार और सुशांत के परिवार का दावा है कि मुंबई पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कर रही है. इसीलिए इंसाफ और सीबीआई जांच की मुहिम दिनोंदिन तेज होती जा रही है. देखिए ये रिपोर्ट.

कोई बात नहीं NDTV पाल लेगा। 😀😃😄😄😁 jab isro ne 103 satelite launch kiya or billions doller kamaya koi kuch nehi bola toh kaya science pe kam na kare hum. Troller aate hi honge And look at the hue and cry it made to the world and saying that it was inexpensive as it was made at a cost of 900 crores plus this much money would have fed so many hungry people and telling the world that it was 90 percent success and still we lost it . media where r u

योगी सरकार का ऐलान- UP में दशहरा और दीपावली में नहीं कटेगी बिजलीयूपी पावर कॉरपोरेशन के रविवार को जारी शेड्यूल के मुताबिक दुर्गापूजा, दशहरा से लेकर दीपावली तक गांवों में बिजली कटौती नहीं होगी. इस दौरान लोकल फॉल्ट या ब्रेकडाउन अधिक न हों, इसके लिए स्थानीय अधिकारियों को पहले से तैयारियों के लिए निर्देशित किया गया है. myogiadityanath ShivendraAajTak Hahaha Delhi gov pure saal full time light provide krti hai myogiadityanath ShivendraAajTak Bhout acha sir myogiadityanath ShivendraAajTak मुँह से बोला हो गया क्या..।हमारे यहाँ नही है लाइट..।भाषनवाज़ी ओर हवाहवाई

गंगा साफ हुई नहीं, पर पांच साल में 15 गुना बढ़ गया 'नमामि गंगे' का खर्चाNamami Gange Programme: पहले वर्ष में वास्तविक व्यय 170.99 करोड़ रुपये से बढ़कर 2018-19 में 2,626.54 करोड़ रुपये हो गया। इस योजना के तहत अबतक 298 प्रोजेक्ट सैंक्शन हुए हैं जिसमें 40 एसटीपी से संबंधित हैं। rssurjewala priyankagandhi RahulGandhi SachinPilot प्रधान सेवक के जनसेवा मे नये कारनामे -- कैंसर की दवा जो पहले ₹8,500/- में आती थी उसको गलेविक कंपनी के सीईओ से मुलाकात करके मोदी जी ने ₹1,08,000 की कर दी. Howdy मोदी Sanjeev tyagi rssurjewala priyankagandhi RahulGandhi SachinPilot jansatta wale tuchiye hain..GANGA saaf hui hai, STP lag rahe hain....ek propaganda ke tehat news banana band karo rssurjewala priyankagandhi RahulGandhi SachinPilot कोई बात नहीं, गंगा साफ हुआ या नहीं ,मगर सफाई के लिए आया पैसा ,वो तो साफ हो गया।Thank you narendramodi जी

भारत में EVM हैकिंग का दावा करने वाले पोर्टल के डायरेक्टर का इस्तीफाहाल ही में इंडिया टुडे ओपेन सोर्स इंवेस्टीगेशन ने यह खुलासा किया था कि लंदन स्थित जिस न्यूज पोर्टल टीएनएन वर्ल्ड ने भारत में लोकसभा चुनाव से पहले इलेक्टॉनिक वोटिंग मशीन में बड़े पैमाने पर धांधली की खबरें छापी थीं. चुनाव के नतीजे आने के दो हफ्ते से भी कम वक्त में ये न्यूज पोर्टल एक असामान्य डोमेन- 'कामुक बॉडी-मसाज सर्विस' में बदल गया था. AnkiitKoomar evm ko bnd kr do jisse jnta chune gi use bellet pepr se hi chun legi evm htao desh bachao TNT world is a turkish news channel We all know their credibility AnkiitKoomar इस्तीफे से या दूसरी गतिविधि में होने से यह कैसे साबित होता है कि EVM में गड़बड़ी नहीं हुई? आखिर सरकार को जनता में विश्वास पैदा करने के लिए, एक बार पेपर वोट भी करवा के देख लेंवे।

Air Force Day LIVE: शुरू हुआ वायुसेना का जश्न, आसमान में दिखेगा हिंदुस्तान का दमआज दुनिया देखेगी IndianAirForce का दम, अपाचे-चिनूक दिखाएंगे ताकत IndianAirForceDay पूरी खबर: शुरू हुआ IndianAirForce का जश्न, नए एयरफोर्स चीफ ने ली सलामी IndianAirForceDay पूरी खबर:

बांग्लादेश बनने में भारत का वो आख़िरी तीन मिनट का हमलाहमला करने के लिए सिर्फ़ 24 मिनट थे. उनमें से गुवाहाटी से ढाका तक पहुंचने तक का समय ही 21 मिनट था. तो कुल मिला कर सिर्फ़ तीन मिनट बचे थे. और तीन हजार की तीस हजार पर जीत। ये है 'सर्जिकल स्ट्राइक' जिसपर इंदिरा गांधी कभी ढोल नही पीटा और आजकल के नौटंकीबाज़ कुछभी नही किया पर ढोल इतना पीट रहे हैं कि लोग बहरे ही हो गए Should we not demand Bangladeshi Government to pay pensions to the widows of those soldiers who sacrificed their lives during 1971 war with Pakistan. Bangladesh should also pay back the financial loss incurred by India due to this war.

एक साल तक नहीं किया स्मार्टफोन का इस्तेमाल, मिलेंगे 72 लाख रुपयेएक 29 साल की महिला ने एक साल तक स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं किया और उसे 72 लाख रुपये मिले। आइए जानते हैं...