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MSP से कम में नहीं मानने वाले हैं किसान, इसको देकर केंद्र सुलझा सकती है केंद्र का मसला - सत्‍यपाल मलिक

MSP से कम में नहीं मानने वाले हैं किसान, इसको देकर केंद्र सुलझा सकती है केंद्र का मसला - सत्‍यपाल मलिक #MeghalayaGovernor #SatyaPalMalik #MSP

18-10-2021 06:30:00

MSP से कम में नहीं मानने वाले हैं किसान, इसको देकर केंद्र सुलझा सकती है केंद्र का मसला - सत्‍यपाल मलिक MeghalayaGovernor SatyaPalMalik MSP

मेघालय के राज्‍यपाल का कहना है कि सरकार को एमएसपी की गारंटी देकर किसानों के मसले को सुलझा लेना चाहिए। बता दें कि किसान लगभग एक वर्ष से केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

मेघालय के राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक ने कहा है कि यदि केंद्र सरकार किसानों को कानून के मुताबिक न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य देती है तो वे कृषि कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले किसानों का मसला सुलझा लेंगे। उन्‍होंने प्रदर्शन कर रहे किसानों की बात करते हुए ये भी कहा कि किसान न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य से कम पर किसी भी सूरत में राजी नहीं होने वाले हैं। वे चाहते हैं कि इसको कानून बनाया जाए। ये वो एक अकेली मांग है जिसकी जरूरत किसानों को है। यदि केंद्र सरकार इसको देने पर राजी हो जाती है तो मामला भी सुलझ जाएगा। उन्‍होंने केंद्र पर निशाना साधा और कहा कि आखिर केंद्र इसको देने से पीछे क्‍यों हट रही है। किसान इससे कम में मानने वाले नहीं हैं।

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यह भी पढ़ेंआपको बता दें कि पिछले वर्ष 26 नवंबर से ही केंद्र के तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान सड़कों पर हैं। हालांकि केंद्र सरकार लगातार इन कानूनों को किसानों के हित में बता रही है। केंद्र की तरफ से ये भी कई बार कहा जा चुका है कि वो इस मसले पर बातचीत कर किसानों की समस्‍या को सुलझाने के पक्ष में है। इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों में बात भी हुई थी, लेकिन वो बातचीत बेनतीजा रही थी। जिन तीन कृषि कानूनों को सरकार लेकर आई है उनमें फार्मर्स प्रोड्यूस ट्रेड एंड कामर्स, (प्रमोशन एंड फेसिलिटेशन) एक्‍ट 2020, द फार्मर्स एंपावरमेंट एंड प्रोटेक्‍शन एग्रीमेंट आन प्राइस एश्‍योरेंस एंड फार्म सर्विस एक्‍ट 2020 और इसेंशियल कोमोडिटी (अमेंडमेंट) एक्‍ट 2020 शामिल हैं।

गौरतलब है कि किसानों के समर्थन में कांग्रेस समेत दूसरी विपक्षी पार्टियां भी खड़ी हुई हैं। हालांकि किसान एमएसपी के अलावा इन तीनों कानूनों को पूरी तरह से निरस्‍त करने की मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं इस मामले में यहां तक कहा गया है कि कानूनों को पूरी तरह से रद नहीं किया जा सकता है लेकिन इसमें संशोधन जरूर हो सकता है।      headtopics.com

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Purvanchal Expressway से BJP की चुनावी गाड़ी पकड़ेगी रफ्तार? Sultanpur से देखें बुलेट रिपोर्टर

सुल्तानपुर के आसमान में भारतीय वायुसेना के गरजते विमानों की दहाड़ बहुत दूर तक सुनाई दे रही है. पूर्वांचल की धरती का बहुत खास सियासी पड़ाव है सुल्तानपुर. यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेना के हरक्यूलिस विमान से उतरे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया. समझने वाले समझ ही गए होंगे कि कहां निगाहें हैं, कहां निशाना है. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों से पहले पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के इस लोकार्पण से बीजेपी भी उम्मीद कर रही है कि उसकी चुनावी गाड़ी भी इस बहाने रफ्तार पकड़ेगी. तो जनता की नब्ज पकड़ने के लिए हमारी संवाददाता चित्रा त्रिपाठी की बुलेट भी यहां की ओर दौड़ पड़ी. देखिए बुलेट रिपोर्टर का ये एपिसोड.

चमचो को नया बाप मिल गया बधाई हो चमचो। आंदोलन के शुरूआती दौर से हीं एमएसपी को कानूनी जामा पहनाए जाने की अत्यावश्यकता पर जोर देते हुए मैंने हरेक दिन हरेक पल इसी मंच पर आवाज लगाई है क्योंकि धनकुबेर- बिचौलियों व दलालों से भरे इस देश के किसानों को उनके अनाज का सही व वाजिब दाम तभी मिल पाना संभव है । ख़ुद को मसीहा समझ रखा है🤣

इन्हें अभी भी लगता हैं मामल msp का हैं अब बहुत हुआ, पहले तुमको सुजाना जरूरी हो गया है, गांड़ फटी के, तुमने ही दबाव डाला था न टिकैत को गिरफ्तार नहीं करने को लेकर, इन भांडों को कुछ भी दे दो ये मानने वाले नही है ये 6महीने बाद 5राज्यों के चुनाव बीतते ही लतिया के भगाए जायेंगे यह है पूरा बयान मलिक साहब का। तुम जैसे चूतड चाटने वाले अखबार इतनी हिम्मत नही दिखा सकते की सरकार को आईना दिखा सको KisanAndolan किसानआंदोलन

चलो मान लो मान लिया आपकी बात क्या आपकी एक आवाज से किसान आंदोलन खत्म हो सकता है सीरियस ले कर चलना बात को

किसान आंदोलन के लिए सरकार की भूमिका सकारात्मक नहीं, शरद पवार का केंद्र पर निशानाएनसीपी नेता शरद पवार ने केंद्र सरकार पर किसान आंदोलन को लेकर निशाना साधा है. पवार ने कहा कि दुख की बात है कि किसानों के आंदोलन के प्रति केंद्र सरकार की भूमिका सकारात्मक नहीं दिख रही है. pankajcreates कॉन्टैक्ट फॉर्म इन महाराष्ट्र में सबसे पहले लागू थी और अगर शरद पवार में ताकत है यह तो पूर्व कृषि मंत्री रहे हुए हैं महाराष्ट्र में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग खत्म करके दिखा दे पंजाब में कांटेक्ट फार्मिंग के एग्रीमेंट को तोड़ने पर 5 साल की सजा का प्रावधान है जननी इस कानून को खत्म करके pankajcreates हिंदुस्तान में महाराष्ट्र एक ऐसा राज्य है जहां सबसे पहले कॉर्पोरेट घरानों को किसानों के साथ एग्रीमेंट करके कृषि करने का आदेश दिया गया था यह तीन कानून भी वही काम कर रहे हैं जो महाराष्ट्र में पहले से लागू है शरद पवार जी ताकत है तो उन कानूनों को खत्म करके दिखा दो महाराष्ट्र में फि pankajcreates ह्यांच्या राज्य सरकारने शेतकऱ्यांना काय दिले ह्याबद्दल ही बोलले असते तर देशातील जनतेने ह्यांच्या तोंडावर थुकले असते. सीबीआय, ईडीच्या चौकशीमूळे हे एकदम पिसाटलेले आहेत हे स्पष्ट होत आहे तसेही आता ह्यांना कोणीही गंभीरपणे घेत नाहीत

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