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चाइनीज ऐप्स पर बैन के क्या हैं मायने, Reasons Behind Ban On Chinese Apps

LAC पर जारी तनाव के बीच चाइनीज ऐप्स पर एक और डिजिटल स्ट्राइक का क्या है मतलब, क्या सीमा पर नहीं बन रही बात, समझें

LAC पर जारी तनाव के बीच चाइनीज ऐप्स पर एक और डिजिटल स्ट्राइक का क्या है मतलब, क्या सीमा पर नहीं बन रही बात, समझें via @NavbharatTimes

24-11-2020 18:07:00

LAC पर जारी तनाव के बीच चाइनीज ऐप्स पर एक और डिजिटल स्ट्राइक का क्या है मतलब, क्या सीमा पर नहीं बन रही बात, समझें via NavbharatTimes

भारत न्यूज़: भारत को आखिर चाइनीज ऐप्स पर एक और डिजिटल स्ट्राइक करने की नौबत क्यों आई? क्या इसका मतलब यह है कि एलएसी पर जारी तनाव को कम करने के लिए चीन के साथ हो रही बातचीत में बात नहीं बन रही? 43 और मोबाइल ऐप्स पर भारत के बैन के फैसले के बाद ये सवाल उठने लाजिमी हैं।

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कमला हैरिस अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति बनने जा रही हैं। वे पहली अश्वेत महिला और भारतीय मूल की पहली महिला होंगी जो इस पद पर पहुंचीं। कमला के पति का नाम डग एमहॉफ है। वे मानती हैं कि डग चुनौतियों और मुश्किल वक्त में हमेशा उनके साथ खड़े रहे। इसके लिए उन्होंने कई त्याग भी किए। कमला की मां भारतीय और पिता जमैका मूल के थे। | Kamala Harris Inauguration कमला हैरिस अमेरिका की पहली महिला उपराष्ट्रपति बनने जा रही हैं। वे पहली अश्वेत महिला और भारतीय मूल की पहली महिला होंगी, इस पद पर पहुंचीं। कमला के पति का नाम डग एमहॉफ है।

24 Nov 2020, 08:30:00 PMभारत को आखिर चाइनीज ऐप्स पर एक और डिजिटल स्ट्राइक करने की नौबत क्यों आई? क्या इसका मतलब यह है कि एलएसी पर जारी तनाव को कम करने के लिए चीन के साथ हो रही बातचीत में बात नहीं बन रही? 43 और मोबाइल ऐप्स पर भारत के बैन के फैसले के बाद ये सवाल उठने लाजिमी हैं।

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नई दिल्लीपूर्वी लद्दाख में एलएसी पर चीन के साथ जारी तनाव के बीच भारत ने मंगलवार को43 और मोबाइल ऐप्स पर बैनलगा दिया। अब तक टिकटॉक, पबजी, यूसी ब्राउजर समेत कुल 267 मोबाइल ऐप्स पर बैन लगाया जा चुका है जिनमें से ज्यादातर चाइनीज हैं। जिन ऐप्स पर बैन लगाया गया है, उनमें से कई बेहद लोकप्रिय थे। चीन भी कबूल कर चुका है कि टिकटॉक जैसे ऐप्स पर बैन से उसे आर्थिक नुकसान होगा। यही वजह है कि ऐप बैन को चीन पर डिजिटल स्ट्राइक माना जा रहा है। एलएसी पर इस साल मई में तनाव की शुरुआत हुई। अब 6 महीने बीत जाने के बाद भी 'डिजिटल स्ट्राइक' जैसे कदम के मायने क्या हैं? क्या सीमा पर जारी गतिरोध को लेकर अभी भी दोनों देशों में बात नहीं बन पाई है? आइए समझते हैं।

चाइनीज ऐप्स पर एक और डिजिटल स्ट्राइक का तो यही मतलब निकाला जा सकता है कि सीमा गतिरोध पर दोनों देशों के बीच बात नहीं बन पा रही है। अगर बात बन रही होती तो एक और डिजिटल स्ट्राइक की नौबत नहीं आती, जो निश्चित तौर पर चीन को चुभने वाली है। दोनों देशों के बीच कोर कमांडर लेवल की 8 दौर की सैन्य बातचीत हो चुकी है। एनएसए अजीत डोभाल से लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तक अपने-अपने चीनी समकक्षों से बातचीत कर चुके हैं। लगातार सैन्य और कूटनीतिक बातचीत चल रही है और हर बार बातचीत सिर्फ बात तक सिमट जाती है और कोई खास प्रगति नहीं होती। आलम यह है कि हाड़ कंपाने वाली कड़ाके की ठंड में भी एलएसी पर दोनों देशों के हजारों सैनिक डटे हुए हैं। headtopics.com

एक और डिजिटल स्ट्राइक इस तरफ इशारा करता है कि चीन अपने अड़ियल रुख से बाज नहीं आ रहा। उसने सबसे पहले पैंगोंग के फिंगर एरिया में भारतीय इलाकों पर अतिक्रमण किया। बाद में जब भारतीय सैनिकों ने पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर रणनीतिक रूप से अहम ऊंचाई वाले इलाकों को अपने नियंत्रण में ले लिया तब पेइचिंग बौखला गया। अब वह चाहता है कि भारत पहले उन चोटियों को खाली करे जबकि भारत इस बात पर जोर दे रहा है कि जिस क्रम में अतिक्रमण हुआ, उसी क्रम में सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया चले।

सबसे पहले तो समझते हैं कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और दोनों देशों में आखिर पेच कहां फंसा है। दरअसल, चीनी सैनिकों ने इस साल 5-6 मई की दरम्यानी रात को कील लगे डंडों, लाठियों और धारदार हथियारों से लैस होकर पैंगोंग इलाके में फिंगर-4 में भारतीय जवानों पर हमला कर दिया। उसके बाद से ही चीनी सैनिक फिंगर-4 पर हैं। इस बीच चीनी सैनिकों ने फिंगर-4 से फिंगर-8 तक रोड का भी निर्माण कर लिया जिससे मामला और उलझ गया। भारत की तरफ से अभी भी फिंगर-4 रोड से नहीं जुड़ा है।

मई से पहले तक भारतीय सेना फिंगर-8 तक पट्रोलिंग करती रही है लेकिन कायराना हमले के बाद चीन ने फिंगर 8 से लेकर फिंगर 4 तक अपना नियंत्रण ले लिया। फिर जून में गलवान घाटी और गोगरा हॉट स्प्रिंग एरिया में भी उसने उसी तरह भारतीय जवानों पर हमले किए। भारतीय जवानों ने भी माकूल जवाब दिया, जिससे चीनी सैनिकों के होश उड़ गए। गलवान घाटी में हुई खूनी झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हुए थे। चीन ने भी माना कि उसके जवान भी मारे गए और जख्मी हुए लेकिन उसने संख्या नहीं बताई।

सितंबर में भारत ने पैंगोंग सो के दक्षिणी किनारे पर रणनीतिक रूप से अहम कई चोटियों को अपने नियंत्रण में ले लिया। इससे उस इलाके में भारत को चीन पर रणनीतिक बढ़त हासिल हो गई है जिससे पेइचिंग बौखलाया हुआ है। पेच यही फंसा है। चीन चाहता है कि पहले भारतीय सैनिक उन चोटियों से पीछे हटें जबकि नई दिल्ली का दो टूक कहना है कि पहले फिंगर एरिया से चीनी सेना पीछे हटें जहां सबसे पहले उसने अतिक्रमण की शुरुआत की। सैन्य बातचीत में शातिर चीन फिंगर एरिया से पूरी तरह हटने से इनकार कर रहा है। वह चाहता है कि दोनों सेनाएं फिंगर-4 एरिया से पीछे हट जाएं। उसने शर्त रखी है कि भारतीय सेना सिर्फ फिंगर-3 तक पट्रोलिंग करे और पीएलए फिंगर-5 तक। भारत ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर चुका है क्योंकि इस तरह विवादित फिंगर-4 एरिया चीन के अवैध कब्जे वाले अक्साई चिन का हिस्सा हो जाएगा। चीन की इन्हीं चालबाजियों की वजह से कोर कमांडर्स लेवल की 8 दौर की बातचीत के बाद भी गतिरोध जस का तस बना हुआ है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी तक भी यह कह चुके हैं कि चीन के साथ बातचीत में भारतीय सेना सतर्क रहे। headtopics.com

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चाइनीज ऐप्स पर एक और डिजिटल स्ट्राइक के जरिए भारत ने चीन को स्पष्ट संदेश दिया है कि देश की संप्रभुता और सुरक्षा से खिलवाड़ की किसी भी कोशिश पर बख्शा नहीं जाएगा, चाहे यह सरहद पर हो या साइबर सेक्टर के जरिए। भारत की यह कार्रवाई एक तरह से डिजिटल स्वच्छता भी है और 'आत्मनिर्भर भारत' के लिए जगह बनाने वाली भी। भारतीय टेक कंपनियों और ऐप डिवेलपर्स के लिए भी यह मौका है कि वे इन प्रतिबंधित ऐप्स का सुरक्षित विकल्प मुहैया करा सकें।

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अरे मोदीजी अब तो समझो, इससे कुछ नहीं होने वाला। चीन हमारे मैप पर हमला कर रहा है और हमारे प्रधानमंत्री उसके ऐप पर हमला कर रहे हैं देश की जनता को मूर्ख बनाने के लिए। 😂😂😂