Javed Akhtar On Blasphemy Law: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने की ईशनिंदा विरोधी कानून बनाने की मांग, जावेद अख्तर बोले- ये धर्मनिरपेक्ष देश है ऐसा कोई कानून नहीं हो सकता

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने की ईशनिंदा विरोधी कानून बनाने की मांग, जावेद अख्तर बोले- ये धर्मनिरपेक्ष देश है ऐसा कोई कानून नहीं हो सकता

जावेद अख्तर ईशनिंदा कानून, Muslim Organization Demands Blasphemy Law Update

27-11-2021 21:11:00

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने की ईशनिंदा विरोधी कानून बनाने की मांग, जावेद अख्तर बोले- ये धर्मनिरपेक्ष देश है ऐसा कोई कानून नहीं हो सकता

Javed Akhtar On Blasphemy Law इस बयान पर अख्तर, शाह, अभिनेत्री शबाना आजमी, फिल्मकार आनंद पटवर्धन तथा कुछ अन्य लोगों के हस्ताक्षर हैं। बयान में कहा गया है कि यह संगठन इस सिद्धांत का पुरजोर समर्थन करता है कि एक धर्मनिरपेक्ष देश में ईशनिंदा को अपराध ठहराने का कोई कानून नहीं होना चाहिए।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (All India Muslim Personal LAW Board) की ओर से ईशनिंदा विरोधी कानून की मांग किए जाने के कुछ दिनों बाद शनिवार को गीतकार जावेत अख्तर (Jawed Akhtar) और अभिनेता नसीरुद्दीन शाम समेत कई बुद्धिजीवियों ने इस मांग का पुरजोर विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि एक धर्मनिरपेक्ष देश में ईशनिंदा को अपराध ठहराने से संबंधित कोई कानून नहीं हो सकता।

पिछले दिनों पर्सनल लॉ बोर्ड ने कुछ शरारती तत्वों द्वारा पैगम्बर मोहम्मद का अपमान किए जाने की ओर सरकार का ध्यान खींचा था और कहा था कि ईशनिंदा के खिलाफ कानून होना चाहिए। ‘इंडियन मुस्लिम्स फॉर सेक्युलर डेमोक्रेसी’ (आईएमएसडी) की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ईशनिंदा विरोधी कानून की मांग करना असंवैधानिक है।

'मोहम्मद साहब की शान में लगातार हो रही गुस्ताखी'.. ईशनिंदा पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने की अलग कानून बनाने की मांग

और पढो: NBT Hindi News »

Live TV: ABP News

LIVE TV News: Watch Breaking and Latest News @ ABP News. Get LIVE News updates from India and World on your device. ABP News' LIVE TV keeps you updated with the Latest News anytime anywhere. और पढो >>

हो लिया खेल सुरु ऐसा लग रहा है। मुझे ताज्जुब नहीं होगा अगर ये जल्द ही देश में बना तो। देख लेना ये सेक्युलरिज्म का खेल एक दिन हिंदुओ का काल न बना तो। इस देश में हिन्दू ही हिन्दू का कब्र खोदने पे लगा है। दोगले नेताओं ने देश की कब्र खोदनी सुरु कर दी है। Muslim personal law ko yah nahin pata batware mein ek park ek Hind Pakistan mein jao yahan kuchh mat mango yahan ka samay khatam hua tumhara

COMMON CIVIL CODE ONLY जिन्ना, तालिबान और मुस्लिम तुष्टिकरण नहीं चलेगा। ये हलाला कि पैदावार हैं यकीन कीजिए इसके बाप ना जाने कितने हैं ये जावेद अख्तर की माँ का........हैं

राष्ट्रीय कानून दिवस कब और क्यों मनाया जाता हैहर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है। जिसे बनाने में अहम भूमिका डॉ. भीम राव अंबेडकर की हैं। जिन्होंने संविधान को आम सहमति से बनाया है बजाए के बहुमत के। डॉ भीमराव अंबेडकर के अलावा जवाहरलाल नेहरू,डॉ राजेंद्र प्रसाद, सरदार वल्‍लभभाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद की अहम भूमिका रही। विश्व का सबसे बड़ा संविधान लिखने के पहले डॉ भीमराव अंबेडकर ने गहराई से अध्ययन किया था। इसके बाद 10 देशों से अलग-अलग नियम और प्रक्रिया को लिया। इस तरह करीब 1 लाख 40 हजार शब्दों से भारत का संविधान तैयार किया गया। इस तैयार किए गए मसौदे को संविधान दिवस के साथ ही कानून दिवस भी कहते हैं। आइए जानते हैं क्यों ?

चीन: अमेरिकी सांसदों ने की ताइवान की यात्रा, राष्ट्रपति साइ इंग-वेन से भी की मुलाकातचीन के साथ तनावपूर्ण रिश्तों के बीच अमेरिका के पांच सांसद बृहस्पतिवार की रात अचानक ताइवान पहुंचे। उन्होंने ताइवान

Punjab Election 2022: कृषि कानून हुए वापस, क्या पंजाब की पॉलिटिक्स में लग पाएगा बैक गियर?Punjab Election 2022: 27 अगस्त 2020 से लेकर 17 सितंबर 2020 के बीच घटनाक्रम कुछ ऐसा बदला कि अकाली दल ने कृषि कानूनों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. 17 सितंबर 2020 को जिस दिन लोकसभा में इन बिलों को पास किया गया उस पर बहस के दौरान विरोध करते हुए सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि वो इन अध्यादेशों के विरोध में हैं. क्योंकि किसान, खेतों में काम करने वाले मज़दूर और आढ़तियों के लिए ये खतरा हैं.

हिंसा की आग में जल रहा है ऑस्ट्रेलिया का पड़ोसी सोलोमन आईलैंड्स | DW | 26.11.2021ऑस्ट्रेलिया के पड़ोसी देश सोलोमन आईलैंड्स की राजधानी होनिआरा में लगातार तीसरे दिन भी दंगे जारी रहे. हिंसा के चलते ऑस्ट्रेलिया ने देश में आनन-फानन में सेना तैनात कर दी है. SolomonIslands

आपका इलेक्ट्रिक गाड़ी का इस्तेमाल बचा सकता है सैकड़ों लोगों की जान, रिसर्च में हुआ खुलासारिसर्च में सामने आया कि अगर भारी गाड़ियों की बजाए सिर्फ छोटी गाड़ियों को इलेक्ट्रिक गाड़ियों में बदल दिया जाए तो लोगों की सेहत पर होने वाले खर्च में और कार्बन डाइ ऑक्साइड के उत्सर्जन में लगभग दो गुनी कमी आएगी।

संयुक्त किसान मोर्चा क्या पकड़ सकता है राजनीति की राह - BBC News हिंदीदिल्ली के अलग अलग बॉर्डर पर किसानों को आंदोलन करते हुए आज एक साल पूरे हो गए. पिछले 24 घंटे में दो नेताओं के ऐसे बयान आए हैं, जिसके बाद चर्चा है कि क्या अब किसान नेता राजनीति में आना चाहते हैं? राजनीति के अलावा ओर कर ही क्या रहे हैं. ये लोग पहले दिन से ही राजनीति की राह पकड़े हुए है इसको किसानी से ज्यदा राजनीति की पड़ी है