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कोरोना से ठीक हो चुके लोगों के क्यों झड़ रहे बाल, कोरोना से उबरने वालों में बाल झड़ने की शिकायत

Hair loss after Covid: कोरोना से नई टेंशन, तेजी से झड़ रहे बाल, दिल्ली के अस्पताल में इससे जुड़ी शिकायतों में 100 फीसदी इजाफा

कोरोना से नई टेंशन, तेजी से झड़ रहे बाल, दिल्ली के अस्पताल में इससे जुड़ी शिकायतों में 100 फीसदी इजाफा via @NavbharatTimes

29-07-2021 17:16:00

कोरोना से नई टेंशन, तेजी से झड़ रहे बाल, दिल्ली के अस्पताल में इससे जुड़ी शिकायतों में 100 फीसदी इजाफा via NavbharatTimes

दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में कोरोना के बाद बाल झड़ने की शिकायतों में 100 प्रतिशत वृद्धि देखी गई है। डॉक्टरों के मुताबिक खान-पान की आदतों में बदलाव, संक्रमण के दौरान बुखार, तनाव, चिंता और अचानक हार्मोन से जुड़े बदलाव इसके कुछ कारण हैं।

Subscribeनई दिल्लीकोरोना वायरस संक्रमण से उबरने के बाद भी सेहत से जुड़ी अलग-अलग तरह की समस्याएं देखी जा रही हैं। फंगल इन्फेक्शन, हड्डियों का गलना, दिमाग की सिकुड़न जैसी समस्याओं के बाद कोरोना से उबर चुके लोगों में एक नई समस्या देखने को मिल रही है। यह है तेजी से बालों का झड़ना। दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में कोरोनो वायरस रोगियों में बालों के झड़ने की शिकायतों में 100 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। डॉक्टरों ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।

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मईके बाद बाल झड़ने की शिकायतें हुईं दोगुनीअस्पताल के एक प्रवक्ता के अनुसार, आम तौर पर दक्षिणी दिल्ली के इस निजी अस्पताल में सप्ताह में बालों के झड़ने की 4 से 5 शिकायतें दर्ज की जाती हैं। हालांकि, 'मई के मध्य से बालों के झड़ने के मामले बढ़ने लगे' और एक रिपोर्ट कहती है कि तब से दोगुने मामले सामने आ रहे हैं।

संक्रमण के दौरान भी झड़ रहे बालडॉक्टरों ने कहा कि आमतौर पर, कोविड-19 रोगियों को बीमारी से उबरने के एक महीने बाद बालों के झड़ने का अनुभव होता है। कुछ मामलों में, संक्रमण के दौरान भी बालों का झड़ना देखा जाता है।Padma Awards for Doctors: पद्म पुरस्कारों के लिए डॉक्टरों, हेल्थ वर्करों के नाम भेजेंगे केजरीवाल, जनता से मांगे सुझाव headtopics.com

बुखार, तनाव, हार्मोनल बदलाव जैसे कारण हैं जिम्मेदारडॉक्टरों ने कहा कि खान-पान की आदतों में बदलाव, संक्रमण के दौरान बुखार, तनाव, चिंता, अचानक हार्मोनल परिवर्तन, कोविड के बाद लगातार जटिलताएं अस्थायी रूप से बालों के झड़ने के कुछ कारण हैं।विटामिन डी और बी-12 की कमी भी हो सकता है कारण

इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल के कॉस्मेटिक और प्लास्टिक सर्जरी के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. शाहीन नूरेज़दान ने कहा, 'हमने बालों के झड़ने से जुड़ीं समस्याओं की शिकायत करने वाले रोगियों की संख्या में दोगुना वृद्धि देखी है। कोविड के बाद की सूजन एक प्रमुख कारण रही है। पौष्टिक खान-पान से समझौता, वजन में अचानक बदलाव, हार्मोनल गड़बड़ी और विटामिन डी और बी 12 के स्तर में कमी संक्रमण के बाद बड़ी संख्या में बालों के झड़ने कुछ प्रमुख कारण हैं।'

बाल झड़ने की शिकायतों को डॉक्टरों ने बताया टेलोजन एफ्लुवियमकॉस्मेटोलॉजी और प्लास्टिक सर्जरी के वरिष्ठ सलाहकार डॉ कुलदीप सिंह ने कहा, 'कोविड के बाद बालों का झड़ना अस्थायी होता है और यह टेलोजन एफ्लुवियम नामक स्थिति के कारण होता है। यह कोविड-19 के दौरान बुखार और अन्य बीमारियों से पीड़ित होने के बाद शरीर को होने वाले नुकसान का परिणाम है।'

Delhi Schools Reopening 2021: स्कूल-कॉलेज खोले जाएं या नहीं? दिल्ली सरकार ने लोगों से मांगे सुझावहर दिन 100 बाल गिरना सामान्यडॉक्टर सिंह ने कहा कि आम तौर पर एक व्यक्ति के प्रति दिन 100 बाल गिर सकते हैं, लेकिन टेलोजेन एफ्लुवियम के कारण यह संख्या प्रति दिन 300-400 बाल तक बढ़ सकती है। headtopics.com

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कैसे रुके बालों का झड़ना, डॉक्टरों ने बतायाडॉक्टरों ने सुझाव दिया कि कोविड-19 से उबरने के बाद, विटामिन और आयरन के प्राकृतिक खाद्य स्रोतों के साथ-साथ पौष्टिक आहार लेना चाहिए। आयरन की कमी बालों के झड़ने को बढ़ा सकती है, जबकि प्रोटीन युक्त, संतुलित आहार बालों का झड़ना कम करता है।

लोगों को डॉक्टर से तभी संपर्क करना चाहिए जब 5 से 6 सप्ताह तक पौष्टिक आहार लेने के बाद भी बालों का अत्यधिक झड़ना जारी हो।बालों की देखभाल और निगरानी जरूरीडॉक्टरों ने कहा कि बालों की देखभाल के कुछ सामान्य उपायों से अत्यधिक बालों का झड़ना रोका जा सकता है। इसमें हल्के, पैराबेन और सल्फेट-मुक्त शैंपू का उपयोग, खुजली और खोपड़ी पर परत जमने पर कड़ी निगरानी रखना, तेल लगाने से बचना और सिर की मालिश करना आदि शामिल हैं।

एक्सपर्ट्स की सलाह- तनाव न लें, ध्यान करेंडॉक्टरों ने कहा कि ऐसी स्थिति में किसी व्यक्ति को तनाव से बचना चाहिए। ध्यान करना चाहिए, स्वस्थ खाना चाहिए। प्राकृतिक पोषक तत्वों की खुराक लेनी चाहिए, हेयर स्टाइलिंग के लिए गर्मी और रसायनों से बचना चाहिए। साथ ही गतिहीन जीवन शैली का पालन करने से बचना चाहिए।

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क्या 2022 की तैयारी में हुई विजय रुपाणी की विदाई? देखें शंखनाद

गुजरात में विजय रूपाणी का हटाने का दांव बीजेपी ने खेला है. इसकी एक बड़ी वजह जातीय समीकरण भी है. गुजरात में पाटीदार नेताओं का बोलबाला रहा है और रूपाणी इस समाज से नहीं आते, जिसका असर पिछले चुनाव में भी दिखा था. 2012 के चुनाव में जहां बीजेपी ने 115 सीटे मोदी के नेतृत्व में हासिल की थी. वहीं 2017 में आंकड़ा 100 के नीचे पहुंच गया था. जिसके बाद रूपाणी के सीएम ना बनने की अटकलें तेज हो गई थीं. क्या विजय रूपाणी को पद से हटाना एंटी इंकम्बेंसी कम करने की कोशिश है या ये गुजरात की वही सियासी परंपरा है, जिसके तहत अब तक नरेंद्र मोदी को छोड़कर बीजेपी का कोई भी सीएम पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया है. देखें शंखनाद.

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