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Coronavirus Third Wave: कब आएगी कोरोना की तीसरी लहर और कितनी होगी घातक? BHU के वैज्ञानिक ने बताया

'ज्यादा घातक नहीं होगी कोरोना की तीसरी लहर' #Covid19

13-09-2021 20:26:00

'ज्यादा घातक नहीं होगी कोरोना की तीसरी लहर' Covid19

Corona Third Wave : वैज्ञानिक प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे ने कोरोना की तीसरी लहर अभी तीन महीने तक दूर रहने की जानकारी देने के साथ ही यह खुशखबरी भी दी है कि यह उतनी घातक नहीं होगी.

रोशन जायसवालवाराणसी,(अपडेटेड 13 सितंबर 2021, 7:29 PM IST)स्टोरी हाइलाइट्स'ज्यादा घातक नहीं होगी कोरोना की तीसरी लहर''कम से कम तीन महीने बाद ही आएगी'कोरोना की तीसरी लहर (Corona Third Wave) की संभावना और केरल सहित पूर्वोत्तर के राज्यों में बढ़ते मामलों के बीच एक राहत भरी खबर एशिया के सबसे बड़े आवासीय विश्वविद्यालय काशी हिंदू के जंतु विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों की ओर से आ रही है.

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इसके मुताबिक कोरोना की तीसरी लहर अभी कम-से-कम तीन महीनों बाद ही दस्तक देगी और तो और इस लहर को टीकाकरण अभियान रोकने में काफी मदद करेगा, क्योंकि टीका लगवा चुके और कोरोना से ठीक हुए लोग एक विशेष प्रोटेक्टिव ग्रुप में सुरक्षित रहेंगे. पहले और दूसरे लहर को देखते हुए तीसरे लहर में भी बच्चे सुरक्षित होंगे.

'ज्यादा घातक नहीं होगी तीसरी लहर'कोरोना की पहली लहर से ही इस नई वायरस जनित बीमारी पर बारीकी से अध्ययन करने वाले BHU के जंतु विज्ञान के जीन वैज्ञानिक प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे ने कोरोना की तीसरी लहर अभी तीन महीने तक दूर रहने की जानकारी देने के साथ ही यह खुशखबरी भी दी है कि यह उतनी घातक नहीं होगी. headtopics.com

वह बताते हैं कि अभी केरल और नॉर्थ ईस्ट के कुछ स्टेट्स में ही केस बढ़ रहे हैं, लेकिन अभी सिर्फ यूपी में 10-20 केस ही इतने बड़े स्टेट के होने के बावजूद भी आ रहे हैं तो यह बड़ी बात है. केरल के लोगों में 40% ही सीरो पॉजिटिविटी डेवलप हुई थी. जबकि यूपी में 70 प्रतिशत लोगों में सीरो पॉजिटिविटी डेवलप हो चुकी थी.

केरल में एक महीने बाद केस कम आने लगेंगे और वह भी यूपी की तरह हो जाएगा. फिलहाल अभी तीसरी लहर नहीं आएगी. लेकिन जैसा कि हर तीन महीने में एंटीबॉडी का स्तर गिर जाता है. इस लिहाज से अगले तीन महीने में एंटीबॉडी का लेवल गिर जाएगा तो तीसरी लहर आ सकती है. लेकिन अभी चल रहा टीकाकरण अभियान अलग से कोरोना के खिलाफ लड़ने में मदद करेगा और हमारी इम्यूनिटी 70 प्रतिशत से ज्यादा रहने पर उस एरिया या ग्रुप में कोरोना का असर कम रहेगा और धीरे-धीरे कोरोना वायरस की फ्रीक्वेंसी घटने लगती है और यही हमको देखने को मिलेगा.

वायरस को नहीं रोक सकते, लेकिन मृत्युदर घटा सकते हैं: प्रोफेसर चौबेप्रो. चौबे ने बताया कि कोरोना वायरस को तो नहीं रोका जा सकता है, लेकिन मृत्यु दर को कम किया जा सकता है. समय-समय पर कोरोना की पीक बढ़ेगी फिर घटेगी. कुछ समय के बाद फिर गैप मिलेगा और जब एक बार फिर लोगों का एंटीबाॅडी कम होगा तो केस फिर से बढ़ेंगे. ऐसे में वे लोग जिनका टीकाकरण हो चुका है या फिर जो कोरोना से लड़कर ठीक हुए हैं,वह प्रोटेक्टिव ग्रुप में रहेंगे. ऐसे लोगों को भी दोबारा कोरोना होने पर इनकी मृत्युदर काफी कम है. ऐसे ग्रुप में दो-चार लाख लोगों में 1-2 की मृत्यु हो जाना बहुत बड़ी बात है. भले ही हमारी पूरी आबादी कोरोना संक्रमित हो जाए और हम मृत्युदर 0.1 या 1 प्रतिशत से भी नीचे रहेगी तो हम इस जंग को हम जीत लेंगे.

वैज्ञानिक प्रो. ज्ञानेश्वर चौबेबड़ों की तुलना में बच्चे हो रहे कम प्रभाविततीसरी लहर में बच्चों में कोरोना संक्रमण सबसे ज्यादा होने और अभी तक बचाव के लिए टीका न बनने के सवाल के जवाब में प्रो चौबे ने बताया कि बच्चों की वैक्सीन पर कैडिला कंपनी काम कर रही है और उम्मीद है अगले 3-4 माह में बच्चों की वैक्सीन भी बाजार में आ जाएगी. headtopics.com

विभिन्न मानवाधिकार उल्लंघनों के बीच आयोग के अध्यक्ष द्वारा सरकार की तारीफ़ के क्या मायने हैं केरल में पिछले 24 घंटे में बारिश में आई कमी, मौसम विभाग का अब उत्‍तराखंड और वेस्‍ट यूपी को लेकर रेड अलर्ट पंजाब : दो लड़कियों को रौंदते निकल गई कार, CCTV फुटेज से पकड़ा गया आरोपी इंस्पेक्टर

अगर पहली और दूसरी वेव में पूरी दुनिया में देखें तो बच्चे सबसे कम प्रभावित हुए हैं. ऐसे में बड़ों की तुलना में बच्चे कम प्रभावित हो रहे हैं. भले ही बच्चों में इंफेक्शन होगा, लेकिन बच्चे ठीक हो जाएगे. इस बात पर भी ध्यान देना होगा कि बच्चे स्कूल जा रहें है और कोरोना संक्रमित होते हैं और घर आने पर संयुक्त परिवार में रहने वाले दादा-दादी को भी संक्रमित कर सकते हैं. अगर इस स्थिति में दादा-दादी वैक्सीनेटेड न हो या उनको कोई और बीमारी हो तो उनको नुकसान पहुंच सकता है.

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खबरदार: गैर-कश्मीरियों की 'टारगेट किलिंग', क्या है आतंकियों का 'ऑपरेशन 200'?

कश्मीर में आतंकवादियों की कायराना हरकतें जारी हैं, जो लगातार गैर कश्मीरियों की टारगेट किलिंग को अंजाम दे रहे हैं. शनिवार को दो निर्दोष नागरिकों की जान लेने के बाद आज एक बार फिर दो गैर कश्मीरी नागरिकों को आतंकवादियों ने अपना शिकार बना लिया. आज आतंकियों ने कुलगाम में बिहार के 3 लोगों को गोली मार दी, इनमें से 2 लोगों की मौत हो गई. जबकि एक घायल है. जिन्हें गोली मारी गई, वो सभी मजदूर थे. मारे गए 2 नागरिकों की पहचान राजा ऋषि देव और जोगिंदर ऋषि देव के तौर पर हुई है. इस टारगेट किलिंग को दो आतंकवादियों ने घर में घुसकर अंजाम दिया और अंधाधुंध फायरिंग करके तीन लोगों की जान ले ली. देखिए खबरदार का ये एपिसोड.

No third wave please.

भास्कर एक्सप्लेनर: महाराष्ट्र के मंत्री और मुंबई की मेयर ने कहा- आ गई है कोरोना की तीसरी लहर, इस दावे पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट, कितनी घातक होगी थर्ड वेव?केरल और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में कोरोना के नए केस बढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र के नागपुर, ठाणे जैसे शहरों में केस बढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नितिन राउत कह चुके हैं कि नागपुर में तीसरी लहर आ चुकी है। संक्रमण की रफ्तार को रोकने के लिए जल्द ही नई पाबंदियों का ऐलान किया जाएगा। मुंबई की मेयर ने भी कहा है कि मुंबई में कोरोना की तीसरी लहर आ चुकी है। | What Is The Reason For Increase In Covid Cases In Maharashtra Rajasthan Uttar Pradesh Kerala समझते हैं, लहर क्या होती है? किन-किन राज्यों में केस बढ़ रहे हैं? बढ़ते केसेस के पीछे वजह क्या है? क्या वाकई तीसरी लहर आ गई है? तीसरी लहर पर एक्सपर्ट्स का क्या कहना है? और क्या तीसरी लहर भी दूसरी लहर जिनती भयावह होगी

मध्यप्रदेश में बढ़ रही कोरोना के मरीजों की संख्या, बोले CM शिवराज, तीसरी लहर को लेकर किया सतर्कभोपाल। मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ते कोरोना के पॉजिटिव मरीजों की संख्या के साथ एक्टिव मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा होने के बाद अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोगों को तीसरी लहर को लेकर सतर्क किया है। प्रदेश की सभी क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धीरे-धीरे पॉजिटिव केसों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है जिससे कोरोना की तीसरी लहर का खतरा टला नहीं है।

नहीं छिपेंगे कोरोना से मौत के आंकड़े: डेथ सर्टिफिकेट पर होगा कोरोना से मौत का जिक्र, सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के 10 दिन बाद सरकार ने जारी की गाइडलाइनअब कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों के डेथ सर्टिफिकेट पर इसे मौत के कारण के तौर पर दर्ज किया जाएगा। यह जानकारी केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी है। सरकार ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने नई गाइडलाइन तैयार की हैं, जिसके तहत कोरोना से संबंधित मौतों में आधिकारिक डॉक्यूमेंट जारी किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से इस मामले में सख्ती दिखाए जाने के 10 दिन बाद... | ICMR| Center Government| guidelines issued for covid19 related deaths MoHFW_INDIA PMOIndia हद है केन्द्र और राज्य सरकारों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास नहीं, बहुत से कामों के लिए उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय को फैसला करना पड़ता है। दूसरी लहर में ओक्सीजन सरकारों के पास नहीं थी, मुआवजा मृत परिवारों को नहीं दिया लेकिन चुनाव के समय में बड़ी बड़ी घोषणाएं होती है।

देश में अब तक कोरोना वैक्सीन की 74 करोड़ से अधिक डोज लगींसिक्किम, दादरा एवं नगर हवेली, हिमाचल प्रदेश, गोवा, लद्दाख और लक्षद्वीप में सभी वयस्कों को कोविड-19 रोधी टीकों की कम से कम एक खुराक दी जा चुकी है और देश में रविवार तक लोगों को दी गई।

कोरोना महामारी के खिलाफ सरकार की लड़ाई का मुश्किल लक्ष्य हुआ आसानदेश की 55.63 करोड़ आबादी कोरोना महामारी के प्रकोप से सुरक्षित हो चुकी है। डोज के हिसाब से कुल 73.05 करोड़ टीके लग चुके हैं। कुल वयस्क आबादी 94 करोड़ है। यानी अभी देश को दिसंबर तक 38.37 करोड़ लोगों को टीका लगाना है।

कोरोना वायरस संक्रमण के बीते एक दिन में 27,254 नए मामले और 219 मरीज़ों की मौतभारत में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 3,32,64,175 पहुंच गई है और अब तक 4,42,874 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. दुनिया में संक्रमण के कुल 22.46 करोड़ से ज़्यादा मामले सामने आए हैं, जबकि 46.30 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है.