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29 साल से मंडरा रहा खतरा, अब तो जागिए: 9 लाशों के नाम पर 4-4 लाख सरकार ने दे दिए, लेकिन लोग पूछ रहे आखिर पीपा पुल से कब टलेगा यह खतरा

29 साल से मंडरा रहा खतरा, अब तो जागिए: 9 लाशों के नाम पर 4-4 लाख सरकार ने दे दिए, लेकिन लोग पूछ रहे आखिर पीपा पुल से कब टलेगा यह खतरा #Bihar #riverganga #ACCIDENT @NitishKumar

23-04-2021 15:12:00

29 साल से मंडरा रहा खतरा, अब तो जागिए: 9 लाशों के नाम पर 4-4 लाख सरकार ने दे दिए, लेकिन लोग पूछ रहे आखिर पीपा पुल से कब टलेगा यह खतरा Bihar riverganga ACCIDENT NitishKumar

दानापुर दियारा में 1992 में पीपा पुल बना तो लोगों में उम्मीद की किरण जगी, लेकिन पहुंच पथ की यह अस्थायी व्यवस्था समस्या का समाधान नहीं बन सकी। आए दिन होते हादसों के कारण पक्का पुल की मांग उठने लगी, लेकिन 29 साल से ग्रामीणों को आश्वासन ही मिला। शुक्रवार की सुबह इस पीपा पुल पर जीप पलटने से एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत हो गई है, ऐसे में अगर पक्का पुल की मांग को गंभीरता से नहीं लिया गया तो मुमकिन है ... | Danapur Pipa Pul became dangerous van dropped in ganga from pipa bridge in patna

दानापुर पीपा पुल पर नदी में गिरी जीप और बाहर निकाले गए लोगों के शव।दानापुर दियारा में 1992 में पीपा पुल बना तो लोगों में उम्मीद की किरण जगी, लेकिन पहुंच पथ की यह अस्थायी व्यवस्था समस्या का समाधान नहीं बन सकी। आए दिन होते हादसों के कारण पक्का पुल की मांग उठने लगी, लेकिन 29 साल से ग्रामीणों को आश्वासन ही मिला। शुक्रवार की सुबह इस पीपा पुल पर जीप पलटने से एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत हो गई है, ऐसे में अगर पक्का पुल की मांग को गंभीरता से नहीं लिया गया तो मुमकिन है गंगा किनारे की आबादी को इससे भी बड़े हादसे के लिए तैयार रहना पड़े।

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जर्जर पीपा पुल के दोनों साइड में है तेज ढलानदानापुर के पीपा पुल की हालत काफी जर्जर है। यहां अक्सर हादसे होते रहते हैं। इसका बड़ा कारण यह है कि दानापुर पीपा पुल के साइड में काफी तेज ढलान होने के कारण यहां वाहनों के फिसलने का डर हमेशा बना रहता है। यह पुल स्‍टील प्‍लेट से बना है, जिसपर वाहनों के फिसलने की आशंका हमेशा बनी रहती है। शुक्रवार को हुए हादसे की कारण भी यही सामने आ रहा है। हद तो यह है कि अक्सर लाखों खर्च होने के बाद भी 29 साल में दानापुर की साइड में पुल का अप्रोच रोड भी सही तरीके से नहीं बन पाया है।

5 महीने के लिए हर साल चालू होता है यह पुलदानापुर के इस पीपा पुल पर सालभर में केवल 5 महीने ही आवागमन रहता है। इसके बाद बाकी के दिनों में गंगा पार जाने के लिए नाव का ही सहारा रहता है।दियारा वासियों को साल में सिर्फ 5 महीने तक ही पीपा पुल की सुविधा उपलब्ध होने से जो परेशानी होती है, उसका समाधान आश्वासनों तक ही सीमित है। पक्का पुल नहीं होने से दियारा स्थित 6 पंचायतों के लोग शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। हर साल नवंबर या दिसंबर माह में जुड़ने वाला दियारा का लाइफलाइन पीपा पुल जून के महीने में खोल दिया जाता है। headtopics.com

आंधी में ढह जाता है पीपा पुलपीपा पुल यानी अस्थायी पुल इतना भी अस्थायी नहीं होना चाहिए कि आंधी-पानी में ढह ही जाए। दानापुर का यह पीपा पुल आंधी-पानी में अक्सर ढह जाता है।9 मई 2017 को भी आंधी में इस पुल के ढह जाने के कारण लोगों का दियारा से संपर्क टूट गया था। पीपा पुल को बरसात से पहले बनाया जाता है। बरसात में नदी में जब पानी बढ़ जाता है तो इसे खोल दिया जाता है।

16 मार्च 2021 को ट्रैक्टर का डाला नदी में गिर गया था।अक्सर रैलिंग तोड़ कर पुल से नीचे गिर जाते हैं वाहनइसी साल 12 मार्च को दानापुर में गंगा नदी में बने पीपा पुल पर ट्रैक्टर पलटने से ड्राइवर गंभीर रूप से जख्मी हो गया। पीपा पुल पर आए दिन लोडेड ट्रक और ट्रैक्टर पार करने से यह क्षतिग्रस्त हो गया है। इसी तारीख को सुबह में एक ट्रैक्टर दियारा से ईंट उतार कर आ रहा था कि पुल की टूटी रेलिंग के पास अनियंत्रित होकर नदी में पलट गया। हादसे में ड्राइवर बुरी तरह जख्मी हो गया।

16 मार्च 2021 को ट्रैक्टर का डाला नदी में गिर गया : दानापुर के पानापुर घाट पीपा पुल पर लोहे की चादर से लदा ट्रैक्टर दंर्घटनाग्रस्त हो गया। चालक ने संतुलन खो दिया, जिस कारण पीपा पुल से ट्राली गंगा में जा गिरा, जबकि ट्रैक्टर पीपा पुल में फंस गया। इस हादसे में चालक बाल-बाल बच गया।

12 मार्च को दानापुर में गंगा नदी में बने पीपा पुल पर ट्रैक्टर पलटा। इसमें ड्राइवर गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। और पढो: Dainik Bhaskar »

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