'विभाजन के समय जो पीड़ा हुई, उसे नहीं भूलना चाहिए' : मोहन भागवत का बयान

विभाजन के समय जो पीड़ा हुई, उसे नहीं भूलना चाहिए : मोहन भागवत #RSS #MohanBhagwat

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26-11-2021 07:05:00

विभाजन के समय जो पीड़ा हुई, उसे नहीं भूलना चाहिए : मोहन भागवत RSS MohanBhagwat

उन्होंने कहा है कि भारत की विचारधारा सबको साथ लेकर चलने की है. विभाजन के समय भारत को जो पीड़ा हुई, उसे कभी भूलना नहीं चाहिए.

नोएडा : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (  Rashtriya Swayamsevak Sangh) के प्रमुख मोहन भागवत ( Mohan Bhagwat) का बड़ा बयान आया है. हिंदू समाज को विश्व का भला करने के लिए सक्षम बनना चाहिए. उक्त बातें मोहन भागवत मंगलवार को नोएडा में कृष्णानंद सागर की पुस्तक"विभाजनकालिन भारत के साक्षी" के विमोचन समारोह के दौरान कह रहे थे. उन्होंने कहा कि इतिहास को पढ़ना चाहिए और इसकी सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए.

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यह भी पढ़ें'हमें धर्मांतरण नहीं कराना, जीवन जीने का तरीका बदलना है':  मोहन भागवतभागवत ने कहा कि विभाजन के समय भारत को जो पीड़ा हुई, नहीं भूलना चाहिए. यह पीड़ा तभी दूर होगी, जब विभाजन दूर हो जाएगा. पहले के समय में टकराव का यही प्रमुख कारण था. उन्होंने कहा कि आक्रमणकारियों ने 1857 की क्रांति के बाद अलगाव को बढ़ावा दिया. आरएसएस प्रमुख ने कहा,"यह 2021 का भारत है, 1947 का नहीं. एक बार बंटवारा हो गया. अब यह दोबारा नहीं होगा."

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बहाने 'जाटलैंड' को साधने की कोशिश, हफ्तेभर में PM मोदी का दूसरा 'मास्टर स्ट्रोक'Listen to the latest songs, only on JioSaavn.comविमोचन समारोह के दौरान पुस्तक के लेखक कृष्णानंद सागर ने कहा कि किताब लिखने की प्रेरणा उन महान हस्तियों से आई, जिन्होंने धार्मिक कट्टरपंथियों से आजादी के पहले और बाद में देश की रक्षा की. कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि विद्या भारती ने कहा कि हमें इतिहास में हिंदुओं के संघर्ष से सीखने की जरूरत है. हमें गलत तरीके से इतिहास पढ़ाया गया है.  Mohan Bhagwat NewsMohan Bhagwat's statementटिप्पणियां पढ़ें देश-विदेश की ख़बरें अब हिन्दी में (Hindi News) | कोरोनावायरस के लाइव अपडेट के लिए हमें फॉलो करें | headtopics.com

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अमर जवान ज्योति वॉर मेमोरियल में 'विलीन', कैसे 50 साल तक 'अंखड' रही 'ज्योति'

जिस तरह राजधानी दिल्ली की पहचान है इंडिया गेट, उसी तरह पचास वर्षों से इंडिया गेट की अमिट पहचान रही है अमर जवान ज्योति. लेकिन आज इंडिया गेट की ये पहचान खत्म हो गई और अमर जवान ज्योति नेशनल वॉर मेमोरियल में मौजूद अमर जवान ज्योति में विलीन हो गई है. इसके लिए बाकायदा आयोजन हुआ. इस सेरेमनी के दौरान अमर जवान ज्योति पर पुष्प चढ़ाकर उसका सम्मान किया गया. फिर मशालों के जरिए अमर जवान ज्योति को वॉर मेमोरियल ले जाकर वहां की ज्योति से मिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई. इंडिया गेट पर 50 वर्षों से जलती आ रही अमर जवान ज्योति बुझ गई. लेकिन इसे लेकर अब राजनीति की ज्वाला भड़क उठी है. आज खबरदार में आपको बताएंगे अमर जवान ज्योति के बारे में.

बीती ताही बिसार दे आगे की सुधि ले। आखिर कब तक पीछे मुड़ मुड़ के देखते रहेंगे भविष्य की चिंता किसी को नहीं। Tujhe to peeda hai hi nahin b cas you were the organiser of that play. For you it was a successful show as godse become your God ram. Kab tak rahe gham.? kuch bhi? मोहन भागवत जी ने जो सपना पाल रखा है वह कभी पुरानी होगा संविधान था संविधान है और संविधान रहेगा वह यह देश संविधान से ही चलता रहा है चल रहा है और संविधान से ही चलेगा ख्वाब देखना बंद कर दो मोहन भागवत जी बहुत हो गया गरीब लोगों को ऐसे रोटियां खाने दो

tb bhi communal logo ki vjha se partition hua tha or ab bhi un jeso ki vjha se dange fasaad hote h jinka fyda neta uthate h. Jese ki ajkl gurgaon me krane ki koshish ki jari h.ek global level city me ye kam chal re h or administration hone dera h, sbko pta h kya chl ra h. यह बात सही है कि वो पीड़ा भुलने योग्य नहीं थी लेकिन जो पीड़ा देश का किसान,मजदूर और मजबूर आज भुगत रहा है वो भी कभी भुलाई नहीं जा सकेगी। इसका भी इतिहास लिखा जायेगा।

Rss kaha thi Us samay .. Send these RSS people on border to fight with border countries The wisdom tells, forget pain and move on.Time is a big healer. समझ मे नही आता जो चीजे 70 साल पीछे चली गयी उसपर चर्चा क्यो, भारत विभाजन के बाद जिन्ना पाकिस्तान चले गए कहानी वही पे खत्म हो गयी, इलेक्शन के समय जिन्ना और पाकिस्तान याद आता है , चीन क्यो नही याद आता है जो कि अरुणाचल प्रदेश में गुश कर बैठा है,

विभाजन के दर्दनाक इतिहास का दोहराव नहीं होने देंगे : मोहन भागवतमोहनराव भागवत ने लोगों से कहा कि खंडित भारत को अखंडित बनाना होगा यह हमारा राष्ट्रीय एवं धार्मिक कर्तव्य है। विभाजन इस्लामिक आक्रमण अंग्रेजों के आक्रमण का नतीजा है। इसकी पृष्ठभूमि इन आक्रमणों से जुड़ी है। आक्रमणकारियों की मनोवृत्ति अलगाव एवं स्वयं को बेहतर साबित करने की रही। RSSorg आभास करवाने का कोई कारण या,,,,,,, RSSorg ✍️भागवत साहब शुक्र क्रॉ विभाजन हो गया वरना आज 24 करोड़ पाकिस्तान के मुस्लिम और 30 करोड़ यह के फिर pm cm पुलिस सेना सब इनके अधीन होती भगवाब का लाख लाख सुकर हैं विभंजन हो गई और आज हम हिन्दू cm pm बनते है पापो कट्यो 😀60 करोड़ होते तुम बोलने के लिए सो बार सोचते कि बोलू न बोलू RSSorg दैनिक जागरण को लगता है कि विभाजन का दोहराव होने जा रहा है कैसी उल्टी तर्कहीन खबरों को सर्वाजनिक करते हो आप लोग

उसे भूल कौन रहा है और गांधी के हत्यारे को भी नहीं भूलना चाहिए Isko kaise pta.. अरे कब तक येँ विभाजन का रोना रोते रहोगे , जो हुआ उसे नकारा नहीं जा सकता , और जो है उसे कैसे बचया जाए वो सोचो ,ना कि अपनी अोछी हरकातो से दूसरे विभाजन को दावत ना दो, ज़िस संकोचित अोछी मनसिकता के हो उसका नतीजा देश भोग रहा है भागवत जी, क्या पीड़ा एकतरफा थी ?

विभाजन के समय हमें जो पीडा हुई है उसे भूलना नहीं चाहिए जिस तरह हम सालो युगौ से लडते मरते आ रहे हैं|उसी तरह लडते मरते रहना चाहिए ईसी से देश का विकास होगा नाम होगा हमारा देश विश्व गुरु बन जाएगा || कया यही मतलब है इनके स बयान का || ब्राह्मणों ने भारत को चतुर्वर्ण और हजारों जातियों,कर्मकांडों,परंपराओं में बांटा उसके कारण कई सदियों से भारत की बहुसंख्यक आबादी (SC St obc Minorities & women's) पीड़ा झेल रही है उसका क्या?.. इससे बुरा inhumane काम तो दुनिया में कभी कहीं भी नहीं हुआ...

Aur ab jo ho raha hai..kya wo sahi hai... संघ की मानसिकता रखने वाले लोगो को ही केवल अत्यधिक पीड़ा हो रही है। ये भी पीड़ा उत्तर प्रदेश में दिखनी शुरू हो गई है । और ये पोड़ा 2024 में और भी कष्टकरी साबित होगी । मोहन भागवत तुम पाकिस्तान से आए हुए हो इस बीजेपी आरएसएस जब भी सत्ता में आती है तब पाकिस्तान नाक रगड़ने जाती है। कोई बस लेकर तो कोई जिन्ना की समाधि पर नाक रगड़ने तो कोई बिना बुलाए बिरियानी खाने पाकिस्तान चला जाता है।

माफी मांगने वालों को पीड़ा। Can't digest

Munawwar Rana Birthday: मुनव्वर राना के वह 20 शेर, जो दिल को छू जाएंगेMunawwar Rana Birthday: मुनव्वर राना के वह 20 शेर, जो दिल को छू जाएंगे MunawwarRana MunawwarRanaBirthday MunawwarRanashayari मैं घर में सबसे छोटा था ,मेरे हिस्से में पोते की पोटी को पोछने के लिए अमर उजाला का अख़बार आया - मुन्नवर बेगाना आज तक सभी शेरों पर तालिबानी बयानों ने पानी फेर दिया देश विरोधी है भ dva,,,, न इसके ये चाहिए न ही इसके शेर

भारत के लोगों को जितना पीड़ा भाजपा का सात साल मे हुआ है इतना पीड़ा पिछले 100 साल मे नही हुआ Musalman bakra hai ish desh me tadpa tadpa kar kyu maarte ho. Ek sath ekattha kar k maar do. Jiv jantu ki hatya paap hai tumhare liye. Par musalman jiv jantu me nahi aata hai. देश के अच्छे भविष्य के बारे में उनके पास कोई सोच विचार नहीं है। आधुनिक तन्दुरस्त पढ़ालिखा खुशहाल भारत कैसे बनेगा उसके बारे मे ज्यादातर कुछ नही कहेंगे। सिर्फ देश के इतिहास को तोड़ मरोड़ कर उनके गंदे जख्म को बार बार खरोजकर कैंसर खड़ा करके लोगो का दिमाग बिगाड़ रहा है ये बुड्ढा।

Paida bhi nahin hua tha .aur agar abhi he peeda to mila le pak ko india me .kisne roka he lekin hame peeda na de . Hume na suna ये साजिश करने में RSS का पिताश्री हिंदु महा सभा ने हिस्सा लिया था इस लिए उनसे बेहतर ये बात कौन जानता होंगा। चलो वह तो ठीक है लेकिन आजादी म की लड़ाई में हिंदुस्तानियों का साथ नहीं देकर अंग्रेजों का साथ देना यह कहां की देश भक्ति है

Jo party samvidhaan.azaadi ke khilaaf hain .samvidhan ko khatam karna chahati hain .azaadi ko bheek bolti hain .n jisney jinaah ke saath milke sabse pehele batvaare ki maang ki thi..woh aaj samvidhan pe gyaan de rahi hain n sirf bhakto ko ullu bana rahi hain .😂😂😁 बलात्कार की घटनाओं पर होने वाली वेदना अभी वास्तविक मुद्दा क्यों नहीं है सर का

Confused and confusing ये चुनाव के वक्त कैसे याद आता है देश की वर्तमान स्थिति पर भी कुछ बोलिए ।

देश का विभाजन न मिटने वाली वेदना है: मोहन भागवत - BBC News हिंदीविभाजन को लेकर मोहन भागवत का बयान और जनरल रावत के बयान पर भड़का चीन, पढ़ें आज की सुर्खियां. एक मंजे और उम्दा कलाकार नजर आते हैं भागवत..! इनकी करनी और कथनी का सत्य यें हैं की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आजादी के 55 सालों तक अपने मुख्यालय में तिरंगा नहीं फहराया था..!! 'गिरगिटों ने आत्महत्या कर ली हैं.. भागवत को रंगों बदलता देख..!! बटवारे को हवा किसने दी ये भी बताओ Kya fayeda 'vidhva' ki tarah rone se.. ?

But why should be remembered? Is it sentiment against second largest majority ? इस तरह से तो फिर १९८४, १९९२-९३, २००२, २०१२ सब याद रखना चाहिए है न? तो क्या आने वाली पीढ़ी इन घटनाओं की यादों को संजोकर सिर्फ नफरत पाले रहे? Who’s this guy ? inhe kab peeda hui भविष्य में धर्म के हिसाब से विभाजन रोकने के लिए हर धर्म के नागरिक को मॉडर्न और सेक्युलर होना पड़ेगा और उसके लिए यूनिफॉर्म सिविल कोड पहला कदम होना चाहिए और दूसरा जनसंख्या नियंत्रण बिल होना चाहिए

गजब याद दिला...दिला कर कहों भूल जाओं कैसे भूलेंगे....जो हज़ारो साल से यूरेशियाई ब्राहम्णो के हाथ उत्पीड़न हुवे है। 👇 विभाजन के जवाबदार तत्त्वों की पहचान भी जरूरी है. सावरकर, श्यामाप्रसाद, जिन्नाह वगेरा विभाजन चाहते थे कोंग्रेस व मौलाना आज़ाद, विभाजन नही चाहते थे। मौलाना आज़ाद ने 1947 में कहा था के वर्तमान दंगों की वजह से आज़ादी 3 साल टाल दें तो विभाजन की ज़रूरत न होगी, ओर विभाजनकारी हार जाएंगे.

कहाँ जी रहे है सर जी दूसरी अन्य पार्टीया दूसरे विभाजन की तैयारी कर रही है ओर आप पुरानी पीड़ा को नहीं भुला पा रहे कट्टू सत्य है सारी सर 🙏 Kyunki UP k election aarahe hai...

दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के घर पहुंचीं सोनिया गांधी, स्वास्थ्य के बारे में ली जानकारीदिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के घर पहुंचीं सोनिया गांधी, स्वास्थ्य के बारे में ली जानकारी SoniaGandhi Manmohansingh आज ही मिलना था? बधाई देने गई थी क्या 26/11 की😠😠 फिर से एक मूक-बधिर प्रधानमंत्री पैदा हो रहा है

इसके साथ ही – मनुस्मृति और ब्राह्मणवाद से जो यातना, अत्याचार और पीड़ा हुई, क्या उसे भी नही भूलना चाहिए भागवत महोदय? Iske satth hi - Manusmriti or Brahmanvad se jo Yatna, atyachar or Peeda hui use Bhi kya nahi bhulna chahie Mr. Bhagwat Gujarat 2002 ki peeda ko bhi kaise bhool sakte hain aur Northeast Delhi to fresh hai bilkul zinda jalaya gaya logon ko police aur court tamasha dekh rahe hain aur dekhte rahenge chaddi gang

इनको पूछो की आप विभाजन के समय थे क्या जो आपको पीड़ा हुई थी,, सावरकर का भी इसमें हाथ था। जनता ने आरएसएस को इसलिए सत्ता नही दी की हर रोज पार्टिशन के बारे में बात की जाए। चमचे और गोबर भक्त NDTV से दूर रहे वरना उनके अन्दर सच्ची देशभक्ति जाग सकती है | 💖👍 Best news channel NDTVindia कैसे भूलेंगे... हर चुनाव मे याद तो दिलाने लगते हो

Power will go to the hands of ras­cals, rogues, leaders of low cal­i­bre & men of straw. They will have sweet tongues and silly hearts. He was right A visionary. अहिंसा परमो धर्मः = Hinduism धर्म हिंसा तथैव च: = hindutva इतिहास में पढ़ाया जाता है G.T.Road का निर्माण शेर शाह सूरी ने कराया था हकीकत यह है कि यह मार्ग जो काबुल से बांग्लादेश के चटगाँव तक है मौर्यकाल से ही अस्तित्व में है जिसे उस समय उत्तरापथ के नाम से जाना जाता है जिन्ना ये मार्ग पर मालिकाना हक़ चाहता था गाँधी से

एक प्रकार से रनौत का समर्थन भागवत कर दिया है या कंगना को आरएसएस की शाखा से पढ़ा लिखा कर चैनल में भेजा गया था।

Nokia के 4 नए स्मार्टफोन के रेंडर्स हुए ऑनलाइन लीक, डिज़ाइन की मिली झलकNokia कंपनी के चार स्मार्टफोन के रेंडर्स ऑनलाइन लीक किए हैं। टिप्सटर ने फोन की तस्वीरों के साथ फोन के मॉडल नंबर की भी जानकारी दी है, जो कि Nokia N152DL, Nokia N151DL, Nokia N150DL और Nokia N1530DL हैं।

विभाजनकारी ओर षड्यंत्रकारी नीतियो के निर्माताओ को भी नही भूलना चाहिए। देश की भूल RSS BJP ओर कमल का फूल IN past living people can't make good future. Present me ayo mohan ji . india ko past me mat le jao. 700 से ज्यादा किसानों की मौत और किसानों पर जीप चढ़ाने की इनके अंदर क्या कोई पीड़ा नही है? और अभी जो विभाजन की कोशिश हो रही है?!

Ye hagavat ko kya pida hui ye to baherse aayi hui jamat hai अंध भक्तों की मौसी Kisi bhi ka bakwas news bna diya jata hai Here goes those idiots who just want to keep crying over spill beans.... Vaise is bande ko hum kyun sune

CBI के विशेष निदेशक प्रवीण सिन्हा इंटरपोल की समिति के लिए निर्वाचित, चीन से था मुकाबलाप्रवीण सिन्हा इंटरपोल की कार्यकारी समिति में एशिया के प्रतिनिधि चुने गये। चुनाव कठिन था जिसमें भारत का मुकाबला चीन, सिंगापुर, कोरिया गणराज्य और जॉर्डन के चार अन्य उम्मीदवारों से था।

आरएसएस देस के लिए कलंक है गिरगिटों ने सामुहिक आत्महत्या कर ली हैं मोहन भागवत के बयान सुनने के बाद.. आजादी के 55 सालों तक तिरंगा नहीं फहराया.. और आज जब सत्ता फिसलने को आया तो खामखाह की रूदाली..!! इनके मुखारविंद में किसान नामक शब्द नहीं आते. इनकी नीतियां तो भारतीय संघ के हितों को चोट पहुंचा रहा हैं नौटंकी

आज भी कुछ लोग वहीं कर रहे हैं देश को चाहिए ऐसे लोगों के चक्कर में न आए जय हिन्द Kya Ye log kabhi hamare Bharat ke bhavishy ka..ya vartman Samassyao ka... issues ka soch paenge ....? Itihas me hi roj Bharat Kyu uljha rahra he...?🤔😂🙏 ये ख़ामोख्वाह की बातें हैं। NDTV kya aise news k liye apko pese dete hai bjp or RSS ? Is this paid news