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Manmohan Singh, 1992 Economic Reforms

'यह मग्न होने का समय नहीं, आगे का रास्ता ज्यादा चुनौतीपूर्ण : देश की इकॉनमी पर बोले मनमोहन सिंह

'यह मग्न होने का समय नहीं, आगे का रास्ता ज्यादा चुनौतीपूर्ण : देश की इकॉनमी पर बोले मनमोहन सिंह

23-07-2021 20:04:00

'यह मग्न होने का समय नहीं, आगे का रास्ता ज्यादा चुनौतीपूर्ण : देश की इकॉनमी पर बोले मनमोहन सिंह

उन्होंने कहा, यह आनंदित और मग्न होने का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और विचार करने का समय है. एक राष्ट्र के तौर पर हमारी प्राथमिकताओं को फिर से निर्धारित करने की जरूरत है.

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 1991 के ऐतिहासिक बजट के 30 साल पूरा होने के मौके पर शुक्रवार को कहा कि कोरोना महामारी के कारण पैदा हुए हालात के मद्देनजर आगे का रास्ता उस वक्त की तुलना में ज्यादा चुनौतीपूर्ण है और ऐसे में एक राष्ट्र के तौर पर भारत को अपनी प्राथमिकताओं को फिर से निर्धारित करना होगा. मनमोहन सिंह 1991 में नरसिंह राव की अगुवाई में बनी सरकार में वित्त मंत्री थे और 24 जुलाई, 1991 को अपना पहला बजट पेश किया था. इस बजट को देश में आर्थिक उदारीकरण की बुनियाद माना जाता है.

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यह भी पढ़ेंउन्होंने उस बजट को पेश किए जाने के 30 साल पूरे होने के मौके पर कहा, ‘1991 में 30 साल पहले, कांग्रेस पार्टी ने भारत की अर्थव्ध्यवस्था के महत्वपूर्ण सुधारों की शुरुआत की थी और देश की आर्थिक नीति के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त किया था. पिछले तीन दशकों के दौरान विभिन्न सरकारों ने इस मार्ग का अनुसरण किया और देश की अर्थव्यवस्था तीन हजार अरब डॉलर की हो गई और यह दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है.'

महंगाई के मुद्दे पर सलाह के साथ हिदायत भी, पी चिदंबरम ने केंद्र पर कुछ यूं साधा निशानासिंह ने एक बयान में कहा, ‘‘अत्यंत महत्वपूर्ण बात यह है कि इस अवधि में करीब 30 करोड़ भारतीय नागरिक गरीबी से बाहर निकले और करोड़ों नयी नौकरियों का सृजन हुआ. सुधारों की प्रक्रिया आगे बढ़ने से स्वतंत्र उपक्रमों की भावना शुरू हुई जिसका परिणाम यह है कि भारत में कई विश्व स्तरीय कंपनियां अस्तित्व में आईं और भारत कई क्षेत्रों में वैश्विक ताकत बनकर उभरा. 1991 में आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत उस आर्थिक संकट की वजह से हुई थी, जिसने हमारे देश को घेर रखा था, लेकिन यह सिर्फ संकट प्रबंधन तक सीमित नहीं था. समृद्धि की इच्छा, अपनी क्षमताओं में विश्वास और अर्थव्यवस्था पर सरकार के नियंत्रण को छोड़ने के भरोसे की बुनियाद पर भारत के आर्थिक सुधारों की इमारत खड़ी हुई.' headtopics.com

उन्होंने कहा, ‘‘मैं सौभाग्यशाली हूं कि मैंने कांग्रेस में कई साथियों के साथ मिलकर सुधारों की इस प्रक्रिया में भूमिका निभाई. इससे मुझे बहुत खुशी और गर्व की अनुभूति होती है कि पिछले तीन दशकों में हमारे देश ने शानदार आर्थिक प्रगति की. परंतु मैं कोविड के कारण हुई तबाही और करोड़ों नौकरियां जाने से बहुत दुखी हूं. ''

नीति आयोग के CEO ने बताया, ईंधन की कीमतों में कटौती क्यों नहीं की जा सकतीमनमोहन सिंह ने कहा, ‘‘स्वास्थ्य और शिक्षा के सामाजिक क्षेत्र पीछे छूट गये और यह हमारी आर्थिक प्रगति की गति के साथ नहीं चल पाया. इतनी सारी जिंदगियां और जीविका गई हैं, वो नहीं होना चाहिए था. यह आनंदित और मग्न होने का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और विचार करने का समय है. आगे का रास्ता 1991 के संकट की तुलना में ज्यादा चुनौतीपूर्ण है. एक राष्ट्र के तौर पर हमारी प्राथमिकताओं को फिर से निर्धारित करने की जरूरत है, ताकि हर भारतीय के लिये स्वस्थ और गरिमामयी जीवन सुनिश्चित हो सके.'

'दूसरी लहर से पस्त अर्थव्यवस्था दिखा रही सुधार के संकेत'- वित्त मंत्रालय की रिव्यू रिपोर्ट, जानिए और क्या कहापूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘1991 में मैंने एक वित्त मंत्री के तौर पर विक्टर ह्यूगो (फ्रांसीसी कवि) के कथन का उल्लेख किया था कि ‘पृथ्वी पर कोई शक्ति उस विचार को नहीं रोक सकती है, जिसका समय आ चुका है. 30 साल बाद, एक राष्ट्र के तौर पर हमें रॉबर्ट फ्रॉस्ट (अमेरिका कवि) की उस कविता को याद रखना है कि हमें अपने वादों को पूरा करने और मीलों का सफर तय करने के बाद ही आराम फरमाना है.'

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.comसवाल इंडिया का : सरकार के ऐलान से पटरी पर लौटेगी अर्थव्यवस्था? (हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)Manmohan Singh1992 Economic Reformsटिप्पणियां पढ़ें देश-विदेश की ख़बरें अब हिन्दी में (Hindi News) | कोरोनावायरस के लाइव अपडेट के लिए हमें फॉलो करें | headtopics.com

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Mahant Narendra Giri की रहस्यमयी मौत- सुसाइड या मर्डर? देखें दस्तक

जब राष्ट्रीय अखाड़ा परिषद के प्रमुख महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु की खबर आई और इस खबर के साथ ही सवाल ने जन्म लिया कि सुसाइड किया या हत्या हुई? क्योंकि यूपी पुलिस जब महंत नरेंद्र गिरि की मौत को शुरुआती जांच में सुसाइड कह रही है. तब सुसाइड नोट में जिस शिष्य का नाम है वो साजिश के तहत हत्या बता रहा है. अलग-अलग आरोप लगाए जा रहे हैं. जो नाम चल रहे हैं वो हैं आनंद गिरि, अजय सिंह, मनीष शुक्ला, अभिषेक मिश्रा और इसके अलावा दो और नाम जोड़े जा रहे हैं. सबसे बड़ा नाम आरोपी के तौर पर शिष्य आनंद गिरि का है जिसे उत्तराखंड में हिरासत में ले लिया गया है. देखें 10 तक का ये एपिसोड.

DaxaRathod17 Jab bolne Ka time tha tab bole Nahi aur ab koi sunta Nahi to bol ne aa Gaye. Madam se permission Dee hogi bolne ki 😂😂 profamishra नहीं_चाहिए_भाजपा पर अंध भक्त और यहां तक कि बीजेपी के प्रवक्ता भी विश्व के सबसे प्रतिषठित अर्थशास्त्री में से एक मनमोहन सिंह जी को इग्नोर करते है फिर नतीजा भुगतना पड़ता है जैसा नोट बंदी के समय हुआ। बीजेपी आरएसएस और मोदी हराम वर्क के पुजारी है।

LambaAlka True Chor gulam of mentally retired duplicate Gandhi family इसने कभी ऐसा भी तो कहा थ,,!!!!👇👇👇👇 Pm modi and yogi Aapka baat kbhi bhi nahi manega Pm modi aur yogi Tanashah and nirankush sashak hai Logo ko Jhuthe case me fsa raha hai aur income tax ka Rad kerna raha hai Pm modi chor hai india ke sare sector ko bech ker kha Jayega

10 saal sarkar men tab inke munh par lipistik lagi thi kiya देश की अर्थव्यवस्था गिरती जा रही है ।रोजगार खत्म हो गए ।बेरोजगारी बढ़ती जा रही है ।

'संसद नहीं चलने देने का Rahul Gandhi का पुराना रिकॉर्ड', BJP का Congress पर पलटवारइजरायली स्पाईवेयर पेगासस से भारत में जासूसी के मामले पर देश में राजनीति गरमा गई है. जासूसी कांड को लेकर संसद में आज फिर घमासान हुआ. टीएमसी के राज्यसभा सांसद शांतनु सेन को संसद सत्र के बाकी हिस्से के लिए निलंबित कर दिया गया. शांतनु सेन ने गुरुवार को आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव से सदन में कागजात छीनकर फाड़ दिए थे. आज हंगामे के चलते राज्यसभा को दोपहर ढाई बजे तक और लोकसभा को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया. जासूसी के आरोपों पर बीजेपी ने विपक्ष पर पलटवार किया है. सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा है कि संसद नहीं चलने देने का राहुल गांधी का पुराना रिकॉर्ड है. इस Video में देखिए और क्या बोले राज्यवर्धन सिंह राठौर. RahulGandhi &पालतू लॉबी सदन में मुद्दे नही उठाती..!☺️☺️ सदन से वाकआउट करते है सदन में हंगामा खड़ा करते है RahulGandhi को अच्छी तरह पता है सदन में बहस होगी तो बाड्रा कांग्रेस का झुट का गुब्बारा फूटने में 02 मिनट नही लगेगा Rahul Gandhi always become an obstacle and not a decision maker or taker. Ab to Sarkar bhi chali gayi ab toh sudhar jao. दलाली और मुखबिरी तुम्हारा पुराना धनदा है

Unpadh knowledge dena bekar hein.. विद्वान की सोच हमेशा आगे कि होती है, वो जाहिल तो हैं नही जो हमेशा जुमला फेकेंगे LambaAlka I agree with you because you are an economics scholar यह गूंगा बोलता भी है ? आज मालुम पड़ा। अरे मूर्ख तेल के बोंड खरीद कर जो भार छोड़ कर गये हो वह कठिनाई तो पैदा कर ही रहा है Isne jab bolna tha tab to bola nahi. Slave

Aap jesa economist ho to hr haal main desh smhal jay sir pr jinko koi knowldge nhi unko ecnomy diya jayga to.......... All credit goes to narendramodi BhootSantosh Log yaad toh karte ha jab 110 petrol 100 Diesel kharidte ha. ❤️❤️❤️

ग्राउंड रिपोर्ट: बागमती की बाढ़ में बह गया दरभंगा का यह पुल, हजारों की आबादी प्रभावितइस पुल के बह जाने से इलाके के तकरीबन 10 से 12 पंचायत के सैकड़ों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है. इस पुल के बन जाने से सबसे ज्यादा असर जिन गांव के लोगों पर पड़ा है उनमें चक्का, लहवार, परसा, बिशनपुर, लालगंज, बाढ़ समैला, बनसारा, कमलदह, जीबड़ा और छतवन शामिल हैं.

Akhir kar inko bolne hi kyun dete ho bhai? Ve jabbi bolte hai sirf sach hi bole hai yaar.... Modiji ab kya hoga 🙄 अगर इनकी नही सुनी तो देश को दिक्कत होगी सरकार रेत में मुंह घुसाकर बैठी है, देश में 3 साल से रिसेशन का समय है, जिसकी पीक दिसम्बर 2021 तक प्रारंभ होगी, लोग भूखों मरेंगे और बेरोजगार राहजनी व लूटपाट या उससे बड़े अपराधों में शामिल होंगे। बहुत बुरा समय आने को है। 🤔

और मैडम ने क्या कहा है बोलने के लिए..... जितने भी अर्थशास्त्री होते हैं ये उस देश का अर्थशास्त्र तो सही नहीं कर पाते हैं लेकिन अपना अर्थशास्त्र जरूर ठीक कर लेते हैं जय हो बोले भी थे या फिर इशारों में ही कहा था BhootSantosh सरदार ही असरदार है बाकी तो अब क्या बोले Hun ta aaraam Karo,pehla jad teer maaran da time see,bachey kolu kagaj farvalaya.

हम किसे सुनाना चाहते है जीन्हे इकानामीसे दूर दूरका वास्ता नही. जहाँ जाना नही वहाँका रास्ता पुछना ही क्युं ---अर्थशास्त्री या व्यर्थशास्त्री या फेकूशास्त्री जो ठीक लगे कहले. एक बार मोदी जी से उन सवालो के जवाब मान्ग लो जो उन्होने आपसे पूछे थे!

कार्तिक आर्यन ने किया अपनी नई फिल्म का ऐलान, 'कैप्टन इंडिया' में निभाएंगे यह किरदार

DO YOU THINK SIR THAT THIS MAWALI GOVT WILL HEAR YOUR VOICE? INCIndia BJP4India जब बोलना था तब बोल ने नहीं दिया और अब खुद का कोई सुनता नहीं तो मनमोहन जी से बुलवाया जा रहा है? सरकार सत्ता के नशे मे चूर है नागपुर के 4 वर्ष की आदिवासी लड़की लक्ष्मी मीणा ने भविष्य के प्रधानमंत्री कहकर लिखा RahulGandhi जी को पत्र। कहा आदिवासी, वंचित, गरिब़, छात्रों को शिक्षा से जोड़कर उन्हें राष्ट्रनिर्माण में सहायक बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चलाएं अभियान।

One of the great economist and prime of india. Real gem 💎 of india LambaAlka एक बात पक्की है कि मनमोहन सिंह जी से ईमानदार और समझदार अर्थशास्त्री दुनिया में कोई नहीं है, उनकी समझ बहुत गहरी है, बग़ैर अहंकार के सरकार को उनसे मदद लेनी चाहिए, कम समझ नेताओं ने डर के कारण क़रीब क़रीब सभी मुल्कों की अर्थव्यवस्था चौपट कर दी है

RajuYad65058568 Vkat ka pahiya hai ghumta rahata hi. Aj tak kabi economy apne ap dekhi. Hai jo ab dekh rhe hai Ab kabi jivan m na bolne vale bhi bolne lage hai. Piche se kise ne dhaka dediya jabardadti bolne k liye YES

एडवांस बुकिंग पर बिक जाता है हिमाचल का यह सेब, फल तैयार होने से पहले ही हो जाता है सौदा, जानिए खासियतHimachal Apple हिमाचल प्रदेश को सेब राज्‍य के रूप में भी जाना जाता है। यहां सेब की 200 के करीब प्रजातियों की पैदावार होती है जो विभिन्‍न मंडियों में अच्‍छे भाव पर बिकते हैं। लेकिन एक सेब की प्रजाति ऐसी भी है जिसकी एडवांस बुकिंग हो जाती है।

अब रवि शंकर प्रसाद जी का टर्न है वो प्रेस कॉन्फ्रेस कर के मनमोहन सिंह जी को कांग्रेसी दौर याद दिलाएंगे rsprasad The great economist Mr Manmohan Singh ji कभी अपना विवेक का उपयोग भी करना चाहिए, ऐसी भी क्या पार्टी लाइन जो राहुलजी की लाइन में लगना पड़े। LambaAlka यह बिल्कुल सही बात है कुछ अनपढ़ों के चक्कर में देश का बेड़ा गर्क हो गया है

LambaAlka Former prime minister ManmohanSingh on Friday stated that the road ahead is even more daunting than during the 1991 economic crisis and the nation would need to recalibrate its priorities to ensure a dignified life for all Indians. Cheer4India 🤷 LambaAlka A Great Personality. इनके लिए तो देश गांधी परिवार ही है ?

सर देश को मंदी से उबारने के लिए आप की जरूरत है Bahut chintith hai Ambani aur Adani ke liye sarkar Sab bech khayaa........🤣🤣🤣🤣🤣🤣

यूपी का आम पसंद नहीं, राहुल की बात पर योगी का तंज, आपका टेस्ट ही विभाजनकारीप्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब राहुल गांधी से आम की पसंद के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें UP का आम नहीं पसंद, इस पर भी भाजपा नेताओं ने छेड़ दी राजनीति... अब हर कोई पत्रकारिता वाला आम चाट के तो खाता नही किसी को अमृतसरी नान पसंद है किसी को पहाड़ी आलू इसमें दलाली करने की क्या जरूरत टकलु को आम जो बोला. नया नाम करन.

अनपढ़ मूर्खो की सरकार कूट कूट भरा अहंकार अर्थव्यवस्था से नहीं सरोकार जूठ जुमलों का करे व्यापार। आप जैसे ....विपक्षी है और क्या चाहिए? Manmohan Sir : Ho to Apki wajah s hi raha h y ,, Oil companies ko Bond dekr - jinka payment es wakt ki sarkar m ho raha h jbki Oil liya gaya Aapke PM banne k wakt. socialist_ani

कोई नही सर सरकारी संपत्ति बेच कर मोदी जी अर्थव्यवस्था का वैवस्था लगा देंगे😜 एक अनपढ़ को समझाना बहुत मुश्किल है । उन्होंने कहा है तो सही कहा होगा इकानमी के बारे मे उनसे अच्छा कम से कम बीजेपी मे कोई नही है History will be kinder to me ...याद है ना गद्दार मोदी को सुनना चाहिए कब तक देश को बर्बाद करता रहेगा narendramodi ?

ये वोही हे जो देश की सोना भी गिर्बी रख दीया था, ये वोही गूँगा हे प्रधान मन्त्री रहैते देश को लुटने दीया

पोर्नोग्राफी केस: शिल्पा शेट्टी का बयान दर्ज कर रही मुंबई पुलिस, जब्त सर्वर से डाटा डिलीट होने का शकपोर्नोग्राफी केस: शिल्पा शेट्टी का बयान दर्ज कर रही मुंबई पुलिस, जब्त सर्वर से डाटा डिलीट होने का शक TheShilpaShetty RajKundraArrest TheShilpaShetty Follow madhulikagupta2 TheShilpaShetty Bulli ko bhi jail ke sair karao

कहाँ हो drharshvardhan तुम्हे तुम्हारी बेरोजगारी पुकार रही है। एक चिट्ठी तो लिखो। कौन समझेगा? अब भैस के सामने भागवत कथा करने समान लगता है। कुत्तों का भोंकना बंद हो तो कुछ बात आगे बढे मोदी सरकार के पास Infrastucrer और इकोनॉमी मजबूत करने का कोई विकल्प ही नही है। मनमोहन जी के पास इसका कुछ सॉल्यूशन है, पर मोदी अपने अहंकार के कारण किसी का कोई suggestion ही नही लेते है। अहंकार का भूत देश को धरातल में धकेले जा रहा है। देश का पब्लिक ही इस भूत खदेड़ सकता है दूसरा नही

Ab ye sarkar to haalat aur kharab karegi iski niyat saaf nahi hai उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। मस्त राम मस्ती में आग लगे बस्ती में। Phir se bola .. आगे का रास्ता चुनौतीपूर्ण तो होगा ही फिर A से पढ़नी पड़ेगी पूरी ABCD

भारत के लोगों को अमरीकी लोकतंत्र, इस्लामिक कानून और मार्क्सिस्ट इकोनॉमी चाहिए... जो पॉसिबल नहीं है 😂 मनमोहन सरकार के दिन जैसे भी थे बढ़िया थे । अच्छे दिनों ने तो वाट लगा दी । ये बोलता भी है 😂 पर हमारी गवर्नमेंट को चुनाव के रास्ते पे चलना आता है काम के नहीं अरे कोई नही हम देशभक्ति का सहारा ले लेंगे जीने के लिए।

सारी बर्बादी आप देखते जाओ जो नफ़रती नफ़रत करने वालों ने चुना है देश को बर्बाद करने के लिए Mr Singh is very much on the target and has intensive experience on the subject matter. His experience to be utilised , without any second thought, for the well of the economy in the larger interest of our democracy.

सही कहा मनमोहन सिंह जी। उम्र हो गयी है अब आगे का रास्ता दिन प्रतिदिन कठिन होता जायगा। अब सब छोड़ छाड़ के अपना परलोक सुधारिए। जब तक सम्पुर्ण रुप से डूब न जाये तब तक अक्ल ठिकाने पर कहा Thank you Sir, Aap kuch bole to sahi 🙏🙏

I agree with monmohan Singh ji 👇 जी बिल्कुल सही कहा है आपने भारत चुनौतियों से नहीं धर्म भक्तों से परेशान है