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'खून की बूंद' बताएगी कोरोना के मरीज को कितनी देखभाल की जरूरत

'खून की बूंद' बताएगी कोरोना के मरीज को कितनी देखभाल की जरूरत #coronavirus

11-12-2020 20:21:00

'खून की बूंद' बताएगी कोरोना के मरीज को कितनी देखभाल की जरूरत coronavirus

ब्रिटेन में एक शोध हुआ है, जिसमें शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि उन्होंने एक ब्लड टेस्ट विकसित किया है, जो यह अनुमान लगा

ख़बर सुनेंकोरोना महामारी पर काबू पाने के लिए अलग अलग वैक्सीन पर काम चल रहा है, कइयों का काम लगभग पूरा हो चुका है। वहीं, इस महामारी को लेकर अलग अलग देशों के वैज्ञानिक और शोधकर्ता इस पर शोध कर रहे हैं।ऐसे में एक शोध ब्रिटेन में हुआ है, जिसमें शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि उन्होंने एक ब्लड टेस्ट विकसित किया है, जो यह अनुमान लगा सकता है कि किस कोरोना मरीज को गहन देखभाल की आवश्यकता होगी या लक्षण विकसित होने के बाद भी उनके जीवित रहने की संभावना है।

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बता दें कि अभी तक इस टेस्ट को 24 गंभीर रूप से बीमार कोरोना मरीजों पर आजमाया गया है। इस टेस्ट ने 19 में से 18 रोगियों के संबंध में सही परिणाम का पता लगाया, हालांकि इस दौरान बाकी बचे पांच मरीजों की मौत हो गई। हालांकि, अस्पताल के हिसाब से इस टेस्ट के अभी और परीक्षण किया जाना बाकी है।

अगर यह टेस्ट मान्य हो जाता है तो इससे अधिक से अधिक मरीजों की जान बचाई जा सकती है। यह टेस्ट डॉक्टरों के लिए सबसे ज्यादा कारगर हो सकता है। टेस्ट अधिक जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाने में मददगार हो सकता है, जिससे उनके बचने की संभावना बढ़ सकती है। यह मुश्किल फैसले लेने के लिए डॉक्टरों के आत्मविश्वास को भी बढ़ा सकता है। headtopics.com

बता दें कि मार्कस राल्सर और उनके सहयोगियों ने कोरोना मरीजों के रक्त में 27 प्रोटीनों की पहचान की जो उनके लक्षणों की गंभीरता के आधार पर विभिन्न स्तरों पर मौजूद थे। तब से उन्होंने 160 उन कोरोना मरीजों को फॉलो किया, जिन्हें ब्लड टेस्ट कराने के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ताकि यह पता चल सके कि क्या उनके प्रोटीन सिग्नेचर उनकी बीमारी की प्रगति की भविष्यवाणी कर सकते हैं? बता दें कि मार्कस राल्सर लंदन में फ्रांसिस क्रिक इंस्टीट्यूट और बर्लिन में चारिटे यूनिवर्सिटी मेडिसिन में बायोकेमिस्ट्री के प्रोफेसर हैं।

कोरोना महामारी पर काबू पाने के लिए अलग अलग वैक्सीन पर काम चल रहा है, कइयों का काम लगभग पूरा हो चुका है। वहीं, इस महामारी को लेकर अलग अलग देशों के वैज्ञानिक और शोधकर्ता इस पर शोध कर रहे हैं।विज्ञापनऐसे में एक शोध ब्रिटेन में हुआ है, जिसमें शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि उन्होंने एक ब्लड टेस्ट विकसित किया है, जो यह अनुमान लगा सकता है कि किस कोरोना मरीज को गहन देखभाल की आवश्यकता होगी या लक्षण विकसित होने के बाद भी उनके जीवित रहने की संभावना है।

बता दें कि अभी तक इस टेस्ट को 24 गंभीर रूप से बीमार कोरोना मरीजों पर आजमाया गया है। इस टेस्ट ने 19 में से 18 रोगियों के संबंध में सही परिणाम का पता लगाया, हालांकि इस दौरान बाकी बचे पांच मरीजों की मौत हो गई। हालांकि, अस्पताल के हिसाब से इस टेस्ट के अभी और परीक्षण किया जाना बाकी है।

अगर यह टेस्ट मान्य हो जाता है तो इससे अधिक से अधिक मरीजों की जान बचाई जा सकती है। यह टेस्ट डॉक्टरों के लिए सबसे ज्यादा कारगर हो सकता है। टेस्ट अधिक जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाने में मददगार हो सकता है, जिससे उनके बचने की संभावना बढ़ सकती है। यह मुश्किल फैसले लेने के लिए डॉक्टरों के आत्मविश्वास को भी बढ़ा सकता है। headtopics.com

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बता दें कि मार्कस राल्सर और उनके सहयोगियों ने कोरोना मरीजों के रक्त में 27 प्रोटीनों की पहचान की जो उनके लक्षणों की गंभीरता के आधार पर विभिन्न स्तरों पर मौजूद थे। तब से उन्होंने 160 उन कोरोना मरीजों को फॉलो किया, जिन्हें ब्लड टेस्ट कराने के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ताकि यह पता चल सके कि क्या उनके प्रोटीन सिग्नेचर उनकी बीमारी की प्रगति की भविष्यवाणी कर सकते हैं? बता दें कि मार्कस राल्सर लंदन में फ्रांसिस क्रिक इंस्टीट्यूट और बर्लिन में चारिटे यूनिवर्सिटी मेडिसिन में बायोकेमिस्ट्री के प्रोफेसर हैं।

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अमेठी में स्मृति ने पकौड़ी संग चाय पर की चर्चा: दुकानदार से पूछा- क्या हाल है, बोला- बेटे के दिल में छेद है, बोलीं- दिल्ली लेकर आइए, इलाज की चिंता मत करिए

स्मृति ईरानी अमेठी में हैं। केंद्रीय मंत्री गुरुवार सुबह अचानक नहर कोठी चौराहा पर राम नरेश की दुकान पर पहुंच गईं। वहां उन्होंने पकौड़ी खाई और चाय पी। दुकानदार से उसका हालचाल पूछा। साथ ही क्षेत्र की समस्याओं के बारे में जाना। रामनरेश ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि क्षेत्र में सब ठीक चल रहा है, लेकिन वह निजी समस्या से परेशान हैं। उनके बच्चे के दिल में छेद है, जिसका इलाज कराने में वह असमर्थ है। | Discussion on Smriti Irani's tea in Amethi, After drinking tea at the shop, ate dumplings, asked - how are you; After hearing the problem of Ram Naresh called to Delhi, amethi news, political news, यूपी चुनाव से पहले गांधी परिवार अमेठी से दूर है, इसका फायदा स्मृति ईरानी बखूबी उठा रही हैं। बुधवार की रात अमेठी पहुंची केंद्रीय मंत्री गुरुवार सुबह अचानक नहर कोठी चौराहा पर राम नरेश की दुकान पर पहुंच गईं। यहां उन्होंने चाय पीकर और पकौड़ी खाकर चर्चा की। दुकानदार से उसका हालचाल पूछा। साथ ही क्षेत्र की समस्याओं के बारे में जाना। रामनरेश ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि क्षेत्र में सब ठीक चल रहा है, लेकिन वह निजी समस्या से परेशान है। उसने बताया कि उसके बच्चे के दिल में छेद है। जिसका इलाज कराने में वह असमर्थ है।