जीवनसंवाद, Jeevansamvad, Jeevan Samvad, Dayashankar Mishra, Motivatoonal Talk, जीवन संवाद, दयाशंकर मिश्रा, मोटिवेशनल टॉक

जीवनसंवाद, Jeevansamvad

#जीवनसंवाद : अच्छाई, एक बूमरैंग है!

#जीवनसंवाद: जीवन में थोड़े से संसाधन मिलते ही हम अक्सर अपनी दिशाएं बदल लेते हैं. हम पुराने और स्थाई पुल तोड़ते जाते हैं, नई सीढ़ियां बनाने के लिए. #JeevanSamvad @DayashankarMi

30-03-2020 20:53:00

जीवनसंवाद : जीवन में थोड़े से संसाधन मिलते ही हम अक्सर अपनी दिशाएं बदल लेते हैं. हम पुराने और स्थाई पुल तोड़ते जाते हैं, नई सीढ़ियां बनाने के लिए. JeevanSamvad DayashankarMi

#JeevanSamvad: जीवन में थोड़े से संसाधन मिलते ही हम अक्सर अपनी दिशाएं बदल लेते हैं. हम पुराने और स्थाई पुल तोड़ते जाते हैं, नई सीढ़ियांं बनाने के लिए. | jeevan-samvad News in Hindi - हिंदी न्यूज़, समाचार, लेटेस्ट-ब्रेकिंग न्यूज़ इन हिंदी

Share this:दयाशंकर मिश्रकोरोना संकट के बीच वह बहुत से लोग सेवा का काम कर रहे हैं जिनके लिए ऐसा करना अनिवार्य नहीं है. वह खुद से आगे आ रहे हैं, सजग नागरिक से अधिक सजग मनुष्य के रूप में मानवता को मजबूत कर रहे हैं. संभव है कि आप केवल नागरिक हों तो अपने दायित्व से पीछे हट जाएं क्योंकि ऐसा करना किसी नियम के तहत जरूरी नहीं है.

गुजरात में केमिकल प्लांट में धमाका, 5 की मौत, 57 घायल कोरोना: बिना लॉकडाउन के तु्र्की ने कैसे क़ाबू पाया इस महामारी पर यूपी: कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को क्यों नहीं मिल पा रही है ज़मानत

लेकिन अगर आप मनुष्य हैं तो स्वयं को लोगों से अलग करके नहीं देख सकते. बहुत से लोग इसका उल्टा भी सोचते हैं. उनका जीवन केवल अपने सपनों के इर्द-गिर्द होता है. कोरोना के बीच जीवन और मनुष्यता के सकारात्मक उदाहरण भी देख रहे हैं. मनुष्य का चरित्र सबसे अधिक संकट के समय ही निखरता है. जब हम दूसरों के लिए अच्छे बन जाते हैं तो खुद के लिए और भी बेहतर होते जाते हैं. यह लंबी अवधि का आंतरिक परिवर्तन है. हमारी बातें, दूसरों से व्यवहार आज नहीं तो कल उसी रूप में लौटते हैं जिस रूप में हम उन्हें देते हैं.

इसीलिए, कहा जाता है अच्छाई एक बूमरैंग है. (बूमरैंग, ऑस्ट्रेलिया में उपयोग किया जाने वाला एक औजार है जो फेंके जाने पर वापस उसी के पास लौट कर चला आता है) जीवन में थोड़े से संसाधन मिलते ही हम अक्सर अपनी दिशाएं बदल लेते हैं. हम पुराने और स्थाई पुल तोड़ते जाते हैं, नई सीढ़ियां बनाने के लिए.

भोपाल से मनोज जोशी लिखते हैं, 'दूसरों की मदद जरूरत पड़ने पर क्यों नहीं करते? जबकि हम ऐसा करने में सक्षम भी होते हैं. अच्छाई एक मुश्किल आदत क्यों बनती जा रही है.' असल में यह प्रश्न व्यक्तिगत भी है और सामाजिक भी. यह दुनिया बहुत बड़ी और छोटी दोनों एक साथ हैं. अगर आप निरंतर दूसरों की मदद कर रहे हैं, तो आपका साथ देने अनेक लोग आतेे जाएंगे. क्योंकि हम वैसे ही लोगों से मानसिक रूप से आकर्षित होते हैं, जैसा हमारा आंतरिक मन चाहता है. भीतर ही भीतर हम सपने बुनते रहते हैं. एक दिन जब वह साकार होकर हमारेे सामने आ लगते हैं, तो दुनिया के लिए वह आश्चर्य हो सकता है लेकिन असल में आपके साथ वही हो रहा होता है जो भीतर से आप चाह रहे थे.

यह बात हमारे रिश्तों, निजी संबंधों और मित्रों पर बहुत हद तक लागू होती है. शहरी जीवन का एक दोष यह है कि वह अपने छोटे-छोटे किले बना लेता है. इन किलों के भीतर रहते हुए उसे लगता है वह अत्यंत सुरक्षित है. इनके भीतर रहते रहते-रहते एक आम शहरी कब अच्छाई की यादों को सामान्य से अपवाद में बदलता जाता है‌, उसे खुद भी पता नहीं चलता.

दूसरों की मदद, उनकी चिंता एक सामान्य, सहज मानवीय गुण हैं, जिससे हम मुक्त होते जा रहे हैं. अच्छा-अच्छा कहते हुए हमने अच्छाई को ठीक वैसे ही कैद कर लिया है, जैसे हम अच्छे नोटों को तुरंत दबा लेते हैं. उनको संग्रहित लेते हैं. इसीलिए, बाजार में खराब/कटे/फटे नोट कहीं अधिक दिखते हैं. अच्छे नोट होते तो हैं लेकिन वह घरों/हमारी अलमारियों में दबे रहते हैं. बाहर हमको वैसे ही नोट मिलते हैं जैसे हम दूसरों को देते हैं. कभी-कभी मिलने वाले अच्छे नोट असल में वही होते हैं, जो हम कभी कभार दूसरों को दे देते हैं.

अब अच्छाई को अच्छे साफ-सुथरे नोटों से जोड़ कर देखिए. ऐसे अनेक प्रश्न हल हो जाएंगे. दुनिया वैसी ही बनती जा रही है जैसी हम बना रहे हैं. इसलिए दुनिया में घट रही उन चीजोंं के चक्रव्यूह से दूर रहिए, जिन्हें आप ठीक नहीं समझते. लालच की कोई सीमा नहीं है. भले ही वह किसी भी चीज का क्यों ना हो. यह लालच ही है, जो हमें अच्छाई तक पहुंचने से रोकता है. अगर आप अपने साथ अच्छा होने का सिलसिला बंद नहीं करना चाहते, दूसरों के साथ विनम्रता प्रेम और स्नेह के साथ पेश आने का सिलसिला बंद मत कीजिए. हमेशा याद रखिए, अच्छाई एक बूमरैंग है, उसे आज नहीं तो कल आपके पास ही लौटकर आना है. इसमें वक्त जरूर लगता है, लेकिन इसे टाला नहीं जा सकता.

सबसे ज़्यादा कमाई करने वाले राज्य ही मुसीबत में, कैसे उबरेगी अर्थव्यवस्था हथिनी की मौत पर राहुल गांधी से मेनका का सवाल, पूछा- क्यों नहीं की कार्रवाई गर्भवती हथिनी की मौत से दुखी IPS डी रूपा, दोषियों को सजा की मांग

दयाशंकर मिश्रईमेल : dayashankarmishra2015@gmail.com अपने सवाल और सुझाव इनबॉक्‍स में साझा करें: और पढो: News18 India »

DayashankarMi Very truth DayashankarMi यदि एंबुलेंस कर्मचारियों की सरकार ने ना सुनी तो थम सकते एंबुलेंस के पहिए एंबुलेंस कर्मचारी नाराज है स्वाथाय बीमा को लेकर और पिछले 4 माह से वेतन ना मिलना कर्मियों पर जीवीके कंपनी का शोषण DayashankarMi Not perfect.... Just because of this Acchai, people made my life hell....

DayashankarMi अचानक हुए लॉकडाउन से हज़ारों तीर्थयात्री निज़ामुद्दीन दरगाह में फंस गए,आज दरगाह से लाख गुना भीड़ तो आनंद विहार बस अड्डे पर है 🤔 DayashankarMi AkshayG59670836

Life in the times of corona: कोरोना को हराने के लिए तैयार हैं हमविदेशों से यात्रा कर आए हुए लोगों की लापरवाही और कोरोना के संक्रमण की व्यापकता को प्रारंभिक चरण में नजरअंदाज करने के कारण कोरोना महामारी ने सम्पूर्ण विश्व सहित भारत को अपने आगोश में ले लिया है coronavirusindia CoronaLockdown

Corona की वजह से मुश्किलों में UP का 'कोरौना' गांव, ग्रामीण बोले- हम कोरौना से हैं सुनते ही दूरी बना लेते हैं लोगउत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक गांव है, जिसका नाम कोरोनावायरस से मिलता जुलता है. इस गांव का नाम कोरौना है. मिलता-जुलता नाम होने गांवों के लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. कोरोनावायरस बीमारी के फैलने के बाद से उन्हें भेदभाव का सामना करना कर रहा है. Arre bhai sidhi baat hai ab kisi naam agr jihaadi ho aur usse koi puchhe ki Tm kon hai aur wo bole ki mai jihaadi hu to sb ghbda jayege 😂😂😅🤣 मुख्यमन्त्री योगी जी को तुरंत इस बात का संज्ञान लेना चाहिये ,ओर कोरोना गाँव के लोगों की तुरंत मदद करनी चाहिये । गाँव का नाम कोरोना होने से क्या कोरोना फैलता है क्या बकवास है मुख्यमन्त्री कार्यालय तुरंत सज्ञान ले इस गाँव का 🙏MrityunjayUP PMOIndia DmSitapur myogiadityanath यूपी में इससे मिलते-जुलते कई गांव हैं, वाराणसी में जंसा के निकट एक गांव कोरौना, और एक शायद प्रयागराज के पहले भी करोना‌ हैं, झूंसी में.!! 😷

Corona virus : स्वेच्छा से जांच कराने आ जाओ, हम आए तो जाना पड़ेगा जेल...लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कोरोना वायरस (Corona virus) के मरीज मिलने के बाद जिला प्रशासन बेहद सख्त हो गया है और पूरे जिले में फरमान सुनाते हुए कहा है कि जो लोग बाहर से यात्रा करके आए हैं ख़ुद ही अस्पताल पहुंचकर अपनी जांच करा लें और जो आदेश का पालन नहीं करेगा उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। जिला प्रशासन के इस आदेश के बाद पूरे वाराणसी में हड़कंप मचा हुआ है और ज्यादातर खुद ही लोग घर से निकलकर जांच कराने के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं।

कोरोना वायरस से जंग के लिए वरुण धवन ने दान किए इतने लाख रुपए, बोले- देश है तो हम हैं

गाजीपुर फिश मार्केट का बुरा हाल, फ्री में भी लेने को तैयार नहीं हैं लोगDelhi Samachar: फिश मार्केट में इन दिनों सन्नाटा पसरा हुआ है। यहां के छोटे-बड़े सभी कारोबारी और उनके यहां काम करने वाले लोगों के चेहरे उतरे हुए हैं। उनकी आंखों के सामने उनका पूरा कारोबार चौपट हो रहा है, लेकिन वे अभी कुछ कर भी नहीं सकते हैं। मछलियों को तालाब से मत निकालो जीने दो उन्हें कुछ और व्यवसाय करो जिसमे हिंसा न हो

कुछ स्वस्थ लोगों में कोरोना वायरस फैलाना चाहते हैं वैज्ञानिक, जानें इसके पीछे का कारणदेश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामलों में अब लगातार बढ़ोतरी हो रही है. देश में लॉकडाउन (Lockdown) के बावजूद नए मामलों में कोई कमी नहीं हो रही. अब इस बीच वैज्ञानिक चाहते हैं कि कुछ लोगों के शरीर में कोरोना वायरस फैला दिया जाए. सुनकर आपको हैरानी और गुस्सा दोनो आ सकता है. MoHFW_INDIA में तैयार हूँ इस के लिए। MoHFW_INDIA वैज्ञानिक खुद अपने में से कोई आदमी क्यों नहीं चुनते, वैसे भी इस तरह लिए खबर दिखा कर, मीडिया ,अब्र तो आप समझ गए होंगे, मीडिया ही सब करवा रहा है MoHFW_INDIA Herd Immunity..What they are looking for. There are some cases where infected person generating immune against it.

निसर्ग: मुंबई में 129 साल के बाद आएगा चक्रवाती तूफ़ान कोरोना अपडेटः प्रधानमंत्री मोदी बोले, कोरोना महामारी विश्वयुद्ध के बाद आया सबसे बड़ा संकट है - BBC Hindi दलित छात्रा ने ऑनलाइन क्लास नहीं कर पाने के चलते की 'आत्महत्या' पुलिस चीफ़ की ट्रंप को नसीहत 'आप कोई ढंग की बात नहीं कर सकते तो मुँह बंद रखिए' सीमा पर अच्छी खासी तादाद में चीन के लोगः राजनाथ सिंह पानी में खड़े तीन दिन मौत का इंतेज़ार करती रही गर्भवती हथिनी दिल्ली BJP अध्यक्ष पद से मनोज तिवारी की छुट्टी, आदेश कुमार गुप्ता को मिली जिम्मेदारी मनोज तिवारी हटे, आदेश गुप्ता को मिली दिल्ली भाजपा की कमान कोरोना अपडेटः इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के दफ़्तर में कोरोना - BBC Hindi कोरोना अपडेटः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले, भारत का विकास पटरी पर लौटेगा... - BBC Hindi चीन: मनमोहन सिंह की राह पर चल रहे हैं पीएम मोदी?