Coronavirus, Inchautala Village, Which Was Given By Deputy Pm And Deputy Cm, No Leader Reached To Know The Condition Of People Struggling With Corona.

Coronavirus, Inchautala Village

हरियाणा के VVIP गांव से रिपोर्ट: जिस चौटाला गांव ने डिप्टी PM और डिप्टी CM दिए, वहां कोरोना से जूझ रहे लोगों का हाल जानने कोई नेता नहीं पहुंचा

हरियाणा के VVIP गांव से रिपोर्ट: जिस चौटाला गांव ने डिप्टी PM और डिप्टी CM दिए, वहां कोरोना से जूझ रहे लोगों का हाल जानने कोई नेता नहीं पहुंचा @mlkhattar @Dchautala #coronavirus @rattanpanwar @anilvijminister @MoHFW_INDIA @AbhaySChautala @DrAjaySChautala

14-05-2021 06:55:00

हरियाणा के VVIP गांव से रिपोर्ट: जिस चौटाला गांव ने डिप्टी PM और डिप्टी CM दिए, वहां कोरोना से जूझ रहे लोगों का हाल जानने कोई नेता नहीं पहुंचा mlkhattar Dchautala coronavirus rattanpanwar anilvijminister MoHFW_INDIA AbhaySChautala DrAjaySChautala

चंडीगढ़ से कोई 300 किलोमीटर दूर है सिरसा जिले का गांव चौटाला। इसे VVIP गांव भी कहते हैं। वजह- पूर्व उपप्रधानमंत्री देवीलाल यहीं से थे और मौजूदा डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला भी यहीं से ताल्लुक रखते हैं। भाजपा के सिरसा जिलाध्यक्ष आदित्य चौटाला समेत 5 विधायक इसी गांव से हैं। इसके बावजूद गांव के लोगों का सरकारी सिस्टम से भरोसा उठ चुका है। यह हाल सिर्फ चौटाला का ही नहीं, दूसरे गांवों का भी है, जहां का हेल... | In Chautala village, which was given by Deputy PM and Deputy CM, no leader reached to know the condition of people struggling with Corona.

In Chautala Village, Which Was Given By Deputy PM And Deputy CM, No Leader Reached To Know The Condition Of People Struggling With Corona.Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपहरियाणा के VVIP गांव से रिपोर्ट:जिस चौटाला गांव ने डिप्टी PM और डिप्टी CM दिए, वहां कोरोना से जूझ रहे लोगों का हाल जानने कोई नेता नहीं पहुंचा

राम मंदिर: 'सच छुपाने को हज़ार झूठ मत बोलिए चंपत राय जी'- संजय सिंह - BBC News हिंदी पेट्रोल-डीजल में लगी 'आग' से अब NDA में शुरू हुआ मतभेद, JDU ने कहा- कीमतें अब चुभने लगी हैं राम मंदिर ट्रस्ट में 'घोटाला': तोगड़िया बोले- दाग चंपत राय पर नहीं, हजारों साल के हिंदुओं के आंदोलन और विश्वास पर लगा है

एक घंटा पहलेलेखक: सिरसा से रत्न पंवार और सुरेंद्र भारद्वाजकॉपी लिंकवीडियोचंडीगढ़ से कोई 300 किलोमीटर दूर है सिरसा जिले का गांव चौटाला। इसे VVIP गांव भी कहते हैं। वजह- पूर्व उपप्रधानमंत्री देवीलाल यहीं से थे और मौजूदा डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला भी यहीं से ताल्लुक रखते हैं। भाजपा के सिरसा जिलाध्यक्ष आदित्य चौटाला समेत 5 विधायक इसी गांव से हैं। इसके बावजूद गांव के लोगों का सरकारी सिस्टम से भरोसा उठ चुका है। यह हाल सिर्फ चौटाला का ही नहीं, दूसरे गांवों का भी है, जहां का हेल्थ सिस्टम अधूरे स्टाफ और आधी सुविधाओं के सहारे ही खड़ा है।

गांवों से कोरोना ग्राउंड रिपोर्ट के तहत भास्कर ने 2 दिन में 320 किलोमीटर का सफर कर पन्नीवाला मोटा, ओढ़ा, नूईयांवाला, गोरीवाला, गंगावाली, चौटाला, तेजाखेड़ा फार्म, डबवाली और कालांवली जैसे गांवों का जायजा लिया। भास्कर ने पाया कि सिरसा के इन गांवों में कोरोना की दूसरी लहर ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। headtopics.com

सबसे पहले आपको ले चलते हैं पंजाब-राजस्थान की सीमाओं से लगते VVIP गांव चौटाला में। यहां कोरोना इतना फैल चुका है कि बीते 15 दिन से रोजाना 2 मौतें हो रही हैं। कोई नेता आज तक गांव में लोगों का हाल पूछने भी नहीं आया। गांव के लोग नेताओं को कोसते हुए कहते हैं कि अब इनसे उम्मीद भी नहीं बची है। वोट मांगने खूब आए, लेकिन महामारी के समय एक बार भी कोई नेता किसी का हाल जानने नहीं आया। रुआंसे होकर धोलूराम कहते हैं कि आखिर यही पूछ लेते कि गांव में अब तक कितने वोट कम हो गए। कुछ तो सब्र हो जाता।

हर दूसरे घर में खांसी-जुकाम के मरीजयहां के लोगों का अपने प्रदेश के हेल्थ सिस्टम पर भी भरोसा नहीं रह गया है। अगर कोई मरीज गंभीर हो भी जाए तो उसे या तो राजस्थान के हनुमानगढ़ या पंजाब के बठिंडा अस्पताल में लेकर जाते हैं। ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी तो 28 किमी दूर डबवाली भागना पड़ता है। फिलहाल हर दूसरे घर में खांसी-जुकाम का मरीज है।

20 हजार की आबादी वाले इस गांव से ही करीब 1100 मरीज अब तक सामने आ चुके हैं। इस लिहाज से हर घर में औसतन एक मरीज कोरोना से जूझ रहा है। सरकारी आंकड़े ग्रामीणों की इस बात से मेल नहीं खाते, लेकिन यहां का श्मशान घाट हकीकत बयान कर रहा है। रोजाना दो लाशों का यहां अंतिम संस्कार होता है।

कैंसर और ऊपर से कोरोनाग्रामीण यह भी कहते हैं कि यहां पर पीने का साफ पानी न मिलने के कारण भी कोरोना बढ़ रहा है। पहले कैंसर फैल रहा था और अब यहां पर खांसी-जुकाम की शिकायत हर घर में है। गांव के लोगों ने 6 साल पहले अजय सिंह चौटाला के सामने भी पीने के पानी का मुद्दा उठाया था। अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। गांव में आज भी कैंसर के 50 से ज्यादा मरीज हैं। यह कैंसर और बाकी बीमारियां खारे पानी से हैं। हर रोज पंजाब से आने वाली कैंसर ट्रेन से चौटाला गांव के 8 से 10 लाेग बीकानेर में इलाज के लिए जाते हैं। headtopics.com

UN में मोदी का भाषण: प्रधानमंत्री ने कहा- पवित्र धरती को हमने मां का दर्जा दिया, 10 साल में 30 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पेड़ भी लगाए आज का कार्टून: टीआरपी वाले दिन - BBC News हिंदी चिराग़ पासवान: 'चाचा' पशुपति पारस क्यों हुए बाग़ी, एलजेपी में बिखराव की इनसाइड स्टोरी - BBC News हिंदी

शाम 5 बजे गांव चौटाला के बीचों-बीच धन्नाचौक अगुणिया वास में जैसे ही भास्कर की टीम पहुंची तो बरगद के पेड़ के नीचे साहबराम, फूलसिंह, हेतराम, रामकुमार पंच, सुखलाल, धोलू घोटिया, मनीराम और बनवारी लाल जमीन पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ऊकडू बैठे थे। पूछने पर कहते हैं कि कोरोना का खतरा है। कोई पुलिसवाला आकर टोके, उससे पहले ही खुद ही अनुशासन बनाकर बैठे हैं, लेकिन चिंता सभी के माथे पर नजर आती है।

गांव चौटाला के बीचों-बीच लोग धन्नाचौक अगुणिया वास में जमीन पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ऊकडू बैठे थे। संक्रमण की चिंता सभी के माथे पर नजर आती है।जब रेफर ही होना है तो क्यों जाएं सरकारी अस्पताल में?चौटाला गांव के लोग कहते हैं कि अस्पताल में हम इसलिए भी जाने से डरते हैं, क्योंकि स्टाफ बाहर से ही भगा देता है। अंदर बुला भी लें तो फिर बड़े अस्पतालों में रेफर ही करते हैं। न तो इनके पास ऑक्सीजन सिलेंडर हैं, न ही पर्याप्त स्टाफ। ऐसे में जाएं भी तो कहां। इसके बाद एक ही चारा बचता है, साथ लगते दूसरे राज्यों के अस्पतालों का।

चंदा करके करवाते हैं सैनिटाइजेशनगांव चौटाला के स्वतंत्रता सेनानी गंगाराम घोटिया के पोते धोलूराम कहते हैं कि पंचायत जब से भंग हुई है, तब से सैनिटाइजेशन के लिए भी इंतजार करना पड़ रहा है। अब तो 40 घर के लोग मिलकर 15 हजार रुपए का चंदा करते हैं। अपने स्तर पर सैनिटाइजेशन करवाते हैं। अपनी जेब से डीडीटी और मेलीथ्रीन की दवा खरीदकर लाते हैं और सरकारी संस्थानों और गली तक में स्प्रे खुद ही करवाते हैं। अब हालात ये हैं कि सरकारी स्प्रे का इंतजार नहीं कर रहे हैं, ताकि फैलती बीमारी को तत्काल रोका जाए।

गांव पन्नीवाला मोटा में भी मौतेंभास्कर की टीम पन्नीवाला मोटा गांव पहुंची। यहां गांव के बाहर ही पुलिस का नाका लगा है। गांव की ओर मुड़ते हैं तो यहां पर गेहूं की बेकद्री भी साफ देखी जा सकती है। हैफेड गोदाम के बाहर ही सड़क पर करीब 700 मीटर तक गेहूं सड़क पर बिखरा पड़ा है। दो दिन से मौसम भी खराब है और यहां पर खुले में पड़ा गेहूं किसानों की मेहनत की बर्बादी को बयां करता है। headtopics.com

पन्नीवाला मोटा गांव के बाहर ही पुलिस का नाका लगा है। गोदाम के बाहर गेहूं बिखरे पड़े हैं।खैर, आगे बढ़ने पर गांव के बीच दीपक माहेश्वरी एक छोटी शोक सभा कर रहे हैं। उनके बड़े भाई का दो दिन पहले ही निधन हुआ है। इनके पास बैठकर बात की तो गांव में मरने वालों का आंकड़ा इनकी उंगलियों पर ही था। 10 दिन में ही 12 मौतों का आंकड़ा तुरंत गिनवा दिया। गांव में हेल्थ सेंटर जरूर है, लेकिन मरीज को तुरंत जवाब दे देते हैं और सिरसा के प्राइवेट अस्पताल में ही जाना पड़ता है, जब तक शहर के अस्पताल में पहुंचते हैं, तब तक बुरी ही खबर सुनने को मिलती है।

झोलाछाप डॉक्टर ही एकमात्र सहारागांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 6 बेड लगाए गए हैं। यहां पर न ऑक्सीजन की व्यवस्था है और न ही पर्याप्त दवाएं। स्टाफ की कमी का रोना तो यहां भी है। खैर, गांव के इस अस्पताल पर ग्रामीणों का भरोसा कम ही है। हालात ज्यादा खराब हैं। स्वयं यहां के सरपंच सतवीर कुमार का कहना है कि गांव में अभी तक 70 ग्रामीणों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। रोजाना दो मौत का औसत है। पहले इतनी मौत कभी नहीं होती थी।

6 महीने में सबसे ज्यादा महंगाई: मई में रिटेल महंगाई दर बढ़कर 6.3% पर पहुंची, महीनेभर में खाने वाले तेल के दाम भी करीब 31% बढ़े सुशांत को याद कर इमोशनल हुईं रिया: एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा- मैं हर रोज इंतजार करती हूं कि तुम मुझे लेने आओगे BJP का मिशन मेकओवर: कोरोना से खराब इमेज को बदलने के लिए संघ की राह पर भाजपा, कार्यकर्ताओं को निर्देश- जमीन से जुड़ें, सामाजिक कार्य करें

सरपंच कहते हैं कि गांव में 8 से 9 झोलाछाप डॉक्टर हैं। उन्हीं के भरोसे ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं चल रही हैं। गांव में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी तो कुछ दिन पहले अपने स्तर पर ही सैनिटाइजेशन करवाया था। पंचायत से पावर छिन जाने के बाद अब सैनिटाइजेशन करवाना भी आफत बना है। आज ही ग्राम सचिव से बात की तो पता चला कि गांव में मरीजों के लिए घर पर हेल्थ किट भेजी जाएंगी, लेकिन कब पता नहीं।

एजिथ्रोमाइसिन खत्म, रोजाना 1000 पैरासिटामॉल कीखपतपन्नीवाला मोटा गांव की पीएचसी में सरकारी आंकड़ों में मरीजों की संख्या भले ही कम हो, लेकिन दवाओं की खपत सच्चाई बयान करती है। यहां के स्टाफ की मानें तो रोजाना गांव में पैरासिटामॉल की एक हजार गोली की खपत हो रही है। इसके अलावा एजिथ्रोमाइसिन नहीं मिल रही है।

दो हफ्ते में ओढ़ा गांव में 22 मौत, 250 केसओढ़ा गांव के जगदीश और गगनदीप बताते हैं कि गांव में कोरोना का खतरा पिछली बार से ज्यादा है, लेकिन व्यवस्थाएं नही हैं। सरपंच पति कृष्ण कुमार का कहना है कि ओढ़ा में बीते 20 दिन में ही 20 से 22 लोग मर चुके हैं। गांव में अब तक 250 से ज्यादा एक्टिव केस हैं। मंदिर-गुरुद्वारा बंद कर दिए गए हैं। तीन जगह पर कोविड केयर सेंटर हैं। यहां डेरा सच्चा सौदा की टीम सैनिटाइजेशन करती है।

सैनिटाइजेशन की जुगाड़ मैकेनिक कररहे​​​​​​​दोपहर में हम गांव रत्ताखेड़ा पहुंचे। यहां मैकेनिक विनोद कुमार गांव में सड़क किनारे ही फॉग स्प्रेयर की फसल में काम आने वाली मशीन को सैनिटाइजेशन मशीन में तब्दील कर जुगाड़ बना रहे हैं। विनोद बताते हैं कि राजपुरा गांव के एक किसान इस मशीन को लोहारू से साढ़े छह लाख रुपए में खरीद कर लाए हैं। अभी फसल का तो समय नहीं है, इसलिए जब तक कोरोना है, सैनिटाइजेशन में ही इसका इस्तेमाल कर लेंगे।

सबसे ज्यादा कालांवली में पॉजिटिव केस, लॉकडाउनफेल​​​​​​​मंडी कालांवली और रोडी गांव में सरकारी आंकड़ों में 7-7 मौत हो चुकी हैं, लेकिन यहां पर ग्रामीणों के मुताबिक बीते 10 दिन में ही 13 लोगों की जान गई है। यहां पर लॉकडाउन का असर भी नजर नहीं आता है। मंडी में दुकानें खुली हुई हैं और लोग आपस में बैठक करते नजर आते हैं। इसी तरह गांव में भी कोई एहतियात नजर नहीं आती। साथ लगते गांव देसु मलकाना गांव के एमबीए पासआउट युवा हरवीर कहते हैं कि गांव के लोग कोरोना को मानते ही नहीं हैं। जिस घर में मौत होती है, डर भी वहीं पर नजर आता है।

30 गांव पर एक सीएचसी, सात डॉक्टरों में से 4 पदखाली​​​​​​​मंडी कालांवली कम्युनिटी हेल्थ सेंटर पर 30 गांवों की देखभाल का बोझ है, लेकिन सिस्टम कमजोर है। यहां पर 231 मरीज हैं। डॉक्टरों के 7 पद मंजूर हैं, लेकिन 3 ही डॉक्टर तैनात हैं। 4 पद खाली पड़े हैं। नर्स के लिए यहां पर 8 पद मंजूर हैं, लेकिन फिलहाल 2 ही स्टाफ नर्स तैनात हैं। गंभीर केसों में मरीजों को सिरसा रेफर किया जाता है। वहीं होम आइसोलेशन वालों के लिए हेल्थ किट कब तक आएगी, यह यहां के डॉक्टरों को भी नहीं पता।

और पढो: Dainik Bhaskar »

खबरदार: Unlock को लेकर सरकारें बरत रही हैं काफी एहतियात, जानिए क्यों

कोरोना की दूसरी लहर के कहर में आई नरमी के बाद अब देश ने अनलॉक होना शुरु कर दिया है. दिल्ली में सोमवार से अनलॉक पार्ट-टू की शुरुआत हो जाएगी. महाराष्ट्र ने भी पांच चरणों में अनलॉक का प्लान पेश कर दिया है. लेकिन सभी राज्य लॉकडाउन में छूट देने से पहले काफी सावधानी बरत रहे हैं. ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि कोरोना के दूसरे वेव आई भयावहयता को सभी ने देखा है, ऐसे में उस तरह की स्थिति न आए इसके लिए सरकारें प्रयासरत हैं. देखें वीडियो.

mlkhattar Dchautala rattanpanwar anilvijminister MoHFW_INDIA AbhaySChautala DrAjaySChautala CM aur PM diya hota to kuchh aur baat hoti. Jo bhi diya deputy hi diya , Na idhar k rahe na udher k

सावधान : हरियाणा में भी जाल फैलाने लगा ब्लैक फंगस, अब तक 40 से ज्यादा मरीज मिलेसावधान : हरियाणा में भी जाल फैलाने लगा ब्लैक फंगस, अब तक 40 से ज्यादा मरीज मिले Haryana Coronavirus Blackfungus mlkhattar mlkhattar डरा डरा कर ही mardega लगाता है इसका अमर उजाला न्यूज की जगह डराने वाला न्यूज होना चाहिए mlkhattar Hmare homeminister to ye bol rhe h haryana me ab dar ki koi baat nhi

ग्रेग चैपल ने बताया, द्रविड़ ने किस चतुरता से ऑस्ट्रेलिया से सीखकर बनाई यंग इंडिया ब्रिगेडऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ग्रेग चैपल का मानना है कि पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने आस्ट्रेलियाई ‘दिमागों’ को पढ़कर भारत में उनके देश से बेहतर प्रतिभा खोज प्रणाली तैयार की CricketNews GregChappell RahulDravid

8GB रैम और स्नैपड्रैगन 720जी प्रोसेसर से लैस होगा Vivo V21 SE, गीकबेंच से मिला इशारा!गीकबेंच वेबसाइट की बात करें, तो बेंचमार्किंग वेबसाइट पर Vivo V21 SE फोन का सिंगल कोर स्कोर 553 और मल्टी-कोर स्कोर 1697 है। अब सरकार बना ली है पर दूध कि जगह नदियों में लासे बह रही है

पश्चिम बंगाल: चुनाव के बाद हिंसा से प्रभावित लोगों से मिलने कूचबिहार पहुंचे राज्यपाल धनखड़पश्चिम बंगाल: चुनाव के बाद हिंसा से प्रभावित लोगों से मिलने कूचबिहार पहुंचे राज्यपाल धनखड़ WestBengal JagdeepDhankhar MamataOfficial BJP4India MamataOfficial BJP4India He should join Frontline politics....not suitable for governor role MamataOfficial BJP4India MamataOfficial BJP4India Kabhi aaiye UP Bihar bhi..Yaha Nadiyo me Laash ki Laash hai...

'उरी' फ‍िल्‍म से इम्‍प्रेस होकर SVIT के छात्रों ने बनाया रिमोट से उड़ने वाला ईगलगुजरात के आणंद मे SVIT कॉलेज के छात्रों ने छह माह की कड़ी महेनत से एक ऐसा पंछी बनाया है जो आम पंछी के जैसे ही हवा में पंख फैलाकर उड़ सकता है. engineering technology mechanicalbird ATCard विस्तार से पढ़ें: That's simple for me 😊 congratulation

इस देश में आसमान से हो रही है 'चूहों की बारिश', वीडियो से दहशत में लोगऑस्ट्रेलिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है जिसमें चूहों की बारिश होते हुए देखा जा सकता है. इस वीडियो में नजर आ रहा है कि एक खेत में अनाज रखने का गोदाम साफ किया जा रहा है और इस गोदाम के पंप से मरे हुए और जिंदा चूहों को निकाला जा रहा है. गौरतलब है कि कुछ समय पहले इजरायल में भी प्लेग के कई मामले सामने आए थे. 😌🥺🥺🥺 Omg दूसरे देश की फिक्र छोड़ कर अपने देश में जो क्रोना के नाम जो होस्पिटलो में हो रहा है वो सचाई दिखाओ गोदी मीडिया जी