स्विस बैंकों में कितना भारतीय काला धन, सरकार ने कहा नहीं मालूम - BBC News हिंदी

स्विस बैंकों में कितना भारतीय काला धन, सरकार ने कहा नहीं मालूम

29-07-2021 19:14:00

स्विस बैंकों में कितना भारतीय काला धन, सरकार ने कहा नहीं मालूम

काले धन को देश में वापस लाने का मुद्दा बीजेपी के एजेंडा में काफ़ी ऊपर रहा है, लेकिन अब सरकार कह रही है कि उसके पास ऐसे धन का कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है

सवाल का जवाब नहींजब सरकार ये कहती है कि उसके पास स्विस बैंक में छिपाए गए काले धन का कोई आधिकारिक अनुमान नहीं है तो आखिर सरकार को क्या पता है?जब सरकार को यही नहीं पता कि स्विस बैंकों में कितना काला धन छिपा है, तो ये भी शायद नहीं पता होगा कि वो काला धन किसका है, तो फिर उसे वापस लाने के लिए क्या किया जाए, ये कैसे तय होगा.

सोनू सूद ने 20 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की: आयकर विभाग - BBC News हिंदी कैप्टन अमरिंदर सिंह ने NDTV से कहा- सिद्धू पाकिस्तान समर्थक, उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता नवजोत सिद्धू या सुनील जाखड़, अब किसके सिर सजेगा पंजाब के CM का ताज?

ये सवाल सुनने में आसान लगे लेकिन इनके जवाब शायद सीधे नहीं हैं.अरविंद विरमानी वित्त मंत्रालय में प्रमुख आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं और एक दौर में संसद में पूछे जाने वाले कई सवालों के जवाब उनकी निगरानी में दिए गए थे.वे कहते हैं, "सरकार से हर तरह की जानकारी की मांग आती है जो सरकार के पास नहीं होती. अगर आप जवाब ध्यान से पढ़ें तो सरकार कह रही है कि उसके पास सवाल में पूछा गया डेटा नहीं है. और यही सही है. ऐसे बहुत से मुद्दे हैं जिनका डेटा हमारे पास नहीं है. हम कहाँ से लाएँगे. कभी-कभी सवाल ऐसे होते हैं मानो वित्त मंत्रालय किसी अनुसंधान की जगह हो. ये हमारा काम नहीं है."

इमेज स्रोत,Swiss National Bankभारत में काले धन की अर्थव्यवस्था पर किताब लिख चुके प्रोफ़ेसर अरुण कुमार भी मानते हैं कि इस सवाल का जवाब सरकार के पास नहीं होगा क्योंकि जिस तरह से पैसे के स्रोत को छिपाया जाता है, पैसा कहाँ से आ रहा है, ये पता नहीं होता, इसी तरह ये भी नहीं पता होता कि कितना पैसा कहाँ से चलकर कहाँ जा रहा है. headtopics.com

वे कहते हैं, मान लीजिए पैसा पहले केमन आइलैंड गया, फिर बरमुडा, वहाँ से उसे ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड भेजा गया, वहाँ से पैसा जमैका गया और फिर उसे स्विट्ज़रलैंड भेजा गया.अरुण कुमार कहते हैं, "हमें साबित करना पड़ेगा कि जो पैसा आखिरकार स्विट्ज़रलैंड पहुँचा, वो किसी भारतीय का पैसा है और वो ग़लत तरीक़े से कमाया गया पैसा है. अगर भारत सरकार ये नहीं साबित कर सकती तो स्विट्ज़रलैंड की सरकार ये कैसे साबित करेगी?"

प्रोफ़ेसर कुमार कहते हैं, "ऐसे में स्विस सरकार अपने यहां जमा पैसे को क़ानूनी मानेगी, स्विट्ज़रलैंड की सरकार को मौका मिल जाता है कुछ नहीं करने का."इमेज स्रोत,Getty Imagesसरकार ने कई कदम उठाए लेकिन...अरुण कुमार के मुताबिक भाजपा ने कांग्रेस को हराने के लिए काले धन के मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल किया.

अपने कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी नेकाले धन का पता लगाने के लिए एक विशेष जांच टीम का गठनकिया, नोटबंदी की घोषणा की, लोगों से कहा गया कि वो ख़ुद काले धन की घोषणा करें, क़ानूनों में बदलाव लाए गए, लेकिन काले धन की समस्या जारी है.अरुण कुमार कहते हैं, "ब्लैक मनी बिल, इनकम डिक्लेरेशन स्कीम, बेनामी (प्रॉपर्टी के ख़िलाफ़ कदम), इन्होंने कदम तो बहुत उठाए लेकिन उसका कोई असर तो नहीं हो रहा है."

अरुण कुमार कहते हैं कि दरअसल काले धन का मुद्दा राजनीतिक है, और इसे निपटने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की ज़रूरत है.इमेज स्रोत,ANIवे कहते हैं, "ब्लैक मनी साँठगाँठ से पैदा होता है जिसमें नेता, कारोबारी, अफ़सर सब शामिल होते हैं. जो भी सत्ताधारी पार्टी होती है, उसे इसका फ़ायदा होता है. सत्ताधारी दल की काले धन को नियंत्रित करने में कोई रुचि नहीं रहती है. जब कुछ लीकआउट हो जाता है तो खानापूरी कर दी जाती है लेकिन कुछ ख़ास उसमें निकलता नहीं है." headtopics.com

कैप्टन अमरिंदर सिंह क्या पंजाब कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन सकते हैं - BBC News हिंदी कानूनी ढांचे पर छलका CJI का दर्द: चीफ जस्टिस रमना बोले- देश में अब भी गुलामी के दौर की न्याय व्यवस्था, यह भारत के हिसाब से ठीक नहीं नोटबंदी का नहीं हुआ असर: NCRB की रिपोर्ट में खुलासा, महाराष्ट्र में एक साल में 83.61 करोड़ रुपए के फर्जी नोट बरामद हुए, देश में नकली करेंसी बरामदगी 190 प्रतिशत बढ़ी

पनामा पेपर्स लीक मीडिया के लिए बड़ी कहानी रही हो लेकिन काले धन का इकट्ठा होना आज भी जारी है.अरुण कुमार याद दिलाते हैं, "टूजी स्पेक्ट्रम को लेकर इतना बड़ा बवाल चला लेकिन अभी तक कुछ नहीं निकला. कोयले मामले पर भी इतना बवाल हुआ. इतने साल हो गए हैं लेकिन उसका कुछ नहीं निकला. सत्ताधारी पार्टी काले धन के पैदा होने का फ़ायदा उठाती है. अपनी संपत्ति बढ़ाती है, राजनीतिक कंट्रोल बढ़ाती है."

हाल ही में समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से ख़बर आई कि भारतीयों और उनकी कंपनियों केस्विस बैंक के खातों में 20 हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा जमा हैंऔर ये राशि पिछले 13 सालों में सबसे ज़्यादा है.इस पर सफ़ाई देते हुए वित्त मंत्रालय ने कहा कि उन्होंने स्विस अधिकारियों से इस बारे में जानकारी मंगाई है लेकिन स्विस बैंकों में राशि बढ़ने की दूसरी वजहें भी हो सकती हैं, जैसे हो सकता हो कि भारतीय कंपनियों ने बढ़ते व्यापार की वजह से स्विस बैंक में ज़्यादा राशि रखी हो, या फिर

भारतीय और स्विस बैंकों के बीच लेन-देनबढ़ा हो.यहाँ यह समझना ज़रूरी है कि स्विट्ज़रलैंड के बैंकों में भारतीय लोगों या कंपनियों का जमा धन ज़रूरी नहीं है कि काला धन ही हो.अरविंद विरमानी के मुताबिक काले धन को खोजने के लिए चुस्त व्यवस्था ज़रूरी है, और ज़रूरी है कि क़ानून, व्यवस्था, न्याय व्यवस्था, पुलिस व्यवस्था में सुधार हों.

वे कहते हैं, "आपकी पुलिस अभी भी उन्नीसवीं सदी में जी रही है, वित्तीय मामलों में क्या अड़चने हैं, इस बारे में न्यायालयों को जानना ज़रूरी है. ये सब कुछ सीखे जाने की ज़रूरत है. ऐसा करने के लिए अभी बहुत काम करना होगा." और पढो: BBC News Hindi »

भास्कर एक्सप्लेनर: जानिए उन चेहरों के बारे में जो बने जेट 2.0 के पंख; पर पिक्चर अभी बाकी है क्योंकि न तो स्लॉट्स हैं और न ही प्लेन, पार्किंग स्पेस भी बड़ी समस्या

अप्रैल 2019 से बंद पड़ी जेट एयरवेज फिर से उड़ने की तैयारी कर रही है। एयरलाइन के नए मैनेजमेंट ने दावा किया है कि 2022 की पहली तिमाही में इसकी घरेलू उड़ान शुरू हो जाएगी। वहीं, 2022 की तीसरी या चौथी तिमाही में इंटरनेशनल ऑपरेशन्स भी शुरू हो जाएंगे। | Jet Airways To Resume Domestic operations, starting with service In first quarter of 2022 2019 and How Many Employees Are There In Jet Airways Now? में नरेश गोयल की जेट एयरवेज का ऑपरेशन बंद कर दिया गया था। कंपनी दिवालिया होने के कगार पर थी। लेकिन, अब इसे दोबारा शुरू करने की बात कही जा रही है। दरअसल, इसी साल जून में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT)

HO SAKTA HAI BJP ME AAYE HUA OR MAHATVA PURN PADO PAR BETHE LOGO KE KARAN. 15 लाख उम्मीद सिर्फ उन्हीं लोगों को थी जिन्हें मुफ्तखोर को थी सोचने वाली बात यह है कि जब पिछली सरकार थी तब आज की सरकार को सब कुछ पता था कि किसका काला धन कितना है उसी में से तो वह एक आम इंसान को 1500000 देने वाले थे जब आज सवाल पूछा जा रहा है तो कहते हैं हमें तो पता ही नहीं कि किसका काला कितना काला धन है वाह रे सरकार

इन्हें कुछ नहीं मालूम ऑक्सीजन की कमी से कितने मारे गए,किसान आंदोलन में अब तक मरने वाले,कोविड से जंग में कितने डॉक्टरों ने जान गंवाई इन 305 बुतों को कुछ नही मालूम।जबकि 2014 से पहले कालेधन की पाई पाई का हिसाब था इनके पास।कही ये न कहने लगे कि निरव मोदी,विजय माल्या कौन है नही मालूम। एक बार ये जो चोर लुटेरों के पैसे विदेशी बैंको में जमा हैं ना उतने भी रुपए हम ले आए ना तो भी हिन्दुस्तान के एक एक गरीब आदमी को मुफ्त में 15–20 लाख रूपये यू ही मिल जायेगे , इतने रुपए हैं !

But before 2014 election the government to be knew everything & even promised to bring back illegally stashed money in foreign banks back. सरकार को सिर्फ झूट बोलने से मतलब है,ये भाजपा वाले खुद ही अपना काला पैसा स्विस बैंक में जमा करते हैं तो इनके पास अगर जानकारी होगी भी तो भी नहीं बताएंगे जय हिन्द😂😂😂अनपढ़ों कि भाजपा सरकार को पहली कक्षा में भेजना उचित होगा जब भी कुछ पूछ तो जवाब मिलता है मालूम नहीं जनता के वोटों को सात सालों से जंग लग रहा है😂😂😂

Ye wahi Sarkar hai jo desh mai kala dhan wapas laynge Bol Bol ke vote mang rahi thi….or ab Bol rahe hai koi data nahi …..waah

बीते 10 वर्षों में स्विस बैंक में जमा काले धन का कोई अनुमान नही: केंद्र सरकारबीते 10 वर्षों में स्विस बैंक में जमा की गई धनराशि और इसे वापस लाने के बारे में केंद्र सरकार से सवाल पूछा गया था, जिसके लिखित जवाब में वित्त राज्यंमत्री पंकज चौधरी ने यह बयान लोकसभा में दिया. इसके इतर वित्त मंत्रालय ने काले धन से निपटने के लिए लागू किए गए क़ानूनों की जानकारी दी और इस संबंध में देशों के साथ किए गए समझौतों के बारे में बताया. कोई तो बताओ आखिर इस मोदी सरकार ने किया क्या? न काला धन आया जिसके नाम पे चुनाव लड़ा, न गरीबी, बेरोजगारी, महँगाई कम हुई, चीन अलग हमारे इलाके में तंबू गाड़ के बैठा है । किया क्या इस मोदी सरकार नें। सिर्फ सरकारी संस्थानों को अपने दोस्तों को बेचा और अडानी अम्बानी के कर्ज माफ किए। Sab kala dhan to modi ji ka hi hai .. 😂😂😂

2014 साल चुनाव से पहले मोदी सरकार तो बोल रहा था चुनाव जितने के बाद 3 महिने के भीतर स्विस बैंक से काला धन वापस लायेगा और सबका खाते में 15-15 लाख रुपया डालें गा। 7 साल हो गया अभीं तक कीसी को 1 रूपए भी नहीं मिला। मोदी सरकार जुमले बाज और झूठा हैं । सरकार ने कहा नहीं मालूम 👇 2014 से पहले स्विस बैंक में कितना काला धन है मोदी जी को सब पता था 2014 से पहले देश की छोटी बड़ी हर समस्या का समाधान मोदी जी के पास था जबसे मोदी जी सीढ़ियों से गिरे हैं तबसे गजनी बन गये हैं 😂 😂 😂

Is sarkar ko pta Kya h ? NDA= no data available…. 2014 me Yaad tha Abb bhulgaye. Na koi scam prove hue na swiss bank main kala dhan hai fir hua kya बीबीसी का कोई भी पत्रकार या यूके की सरकार बता सकती ही की स्विस बैंक में उनके नागरिकों का कितना काला धन है पहले अपने घर की तो सुध ले लो फिर हिंदुस्तान की सोचना

मतलब एक बार फिर भारत की जनता चुxxxxxxxया बन गई? चलो ये तो रोज का काम हुआ. अब तो जिस दिन नहीं बनते चुxxxxxxxया उस दिन कब्ज हो जाती है 😁

पेगासस जासूसी कांड पर संसद में बात क्यों नहीं करना चाहती सरकार : अभिषेक मनु सिंघवीअभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि हम पर आरोप लगता है कि हम संसद नहीं चलने दे रहे हैं. हमने तो बस एक दो सवाल पूछे हैं कि क्या आपने पेगासस ऐप ख़रीदा या उसका उपयोग किया है. उसका जवाब हां या ना में हो सकता है. अगर आपने इसका उपयोग किसी व्यक्ति विशेष के लिए किया तो उसका नाम बताइए. लो इनकी भी आवाज निकलने लगी जिनका वीडियो सब देख चुके है और जिसको खान्ग्रेस्स नै चुप कर बैठे रहना के लिया कहा था खान्ग्रेस्स नै पेगासस मामले में सुप्रीम कोर्ट क्यो नहीं जाना चाहता विपक्ष जबकी अभिषेक मनु सिंघवी जैसे बड़े वकील बिना फीस के उपलब्ध हैं? क्या इसलिए कि कोर्ट में राजनीति नहीं कर सकते, कोर्ट फोन मांग सकता है जांच के लिए और पेगासस की जगह कुछ और ही राज खुल सकते हैं नेताओ के। बात करने पर जांच होगी सच्चाई सामने आ जायेगी पोल खुल जायेगी कीसी को मुंह दिखाने लायक नहीं बचेंगे

विपक्ष मे रह कर सब मालूम था अब क्या हो गया समझ मे नही आ रहा है ? Baba ramdev has all details from 2013 PM cares के बारे में पूछ लेते..😜 मुझे मालूम है लिस्ट भी है जनता - अच्छा सिला दिया मेरे वोट का। अंधभक्त - मोदी है तो सब मुमकिन है। जनता - ना खाऊंगा और ना खाने दूंगा वाले ने सही बोला, बस अदानी और अंबानी को सब खिला दिया अंधभक्त - ये सब बोलने वाले देशद्रोही और गद्दार है।

सत्ता मे आन से पहले मालूम था सत्ता में आने के बाद तो कर्त्तव्य बनता था की पता रखा जाए। नहीं मालूम तो मालूम करो। वहां ज्यादा से ज्यादा काला धन किन लोगों का है ? सब जानते है जब देस का नी मलूम बिदेस का का मलूम? 243 नागरिक किऐ 53लाख करोड़ अपने पिछले सालों और पूछें न भक्त न दिखते सख्त मतबल विपक्सवा Sab log mile hue hai 😀😀😀

एससी/एसटी उत्पीड़न मामलों में 2019 में हुई 11.46 प्रतिशत की वृद्धि: सरकारसामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने राज्यसभा को बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदायों के उत्पीड़न से संबंधित मामलों में जहां 2017 की तुलना में 2018 में 11.15 प्रतिशत की कमी आई थी, वहीं, 2019 में इनकी संख्या में 11.46 प्रतिशत की वृद्धि हुई. साल 2015 से 2019 के बीच उत्तर प्रदेश में लगातार सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए हैं.

MOTI K**TTA 2014 K ELECTION SE PEHLE BOL RAHA THA HUM KALADHAN LAYENGE AUR SAB KO 15-15 LAKH DENGE, AAB CHEATER MOTI BOL RAHA HAI MALUM HI NAHI KITNA KALADHAN SWISS BANK MAI HAI. KALADHAN LANA TOH MOTI KA BAHANA THA AASLI MAKSAD GARIBON KO LOOTNA THA. क्योंकि 2000 का नोट गुलाबी है ना 1500000 लाख का हिसाब कैसे लगाकर दिया था फिर,,

2014 में स्विस बैंक में कितना है ये मालूम था। अब किसका है ये मालूम है। इसलिए हिसाब किताब में गड़बड़ी जायज है। ऐसे थोड़ी ना चलती है पार्टी। आप लोग तो चंदा देते नहीं बस १५ लाख के पीछे ही पड़ गए हो। सरकारला माहीत नाही परंतु 40 पैशाच्या IT CELL ला माहीत असेल त्यांना विचारा एक ' नहीं मालूम' की मिनिस्ट्री क्यूं नहीं बना लेते

लगता है कि स्विस बैंक में जमा भारतीयों का काला धन में से सबसे ज्यादा काला धन भाजपा के नेताओं और भाजपा को चुनाव में अपने काले धन से मदद करने वाले उद्योगपतियों का है। इसी कारण स्विस बैंक से काला धन वापस लाने की अपनी चुनावी वादे से भाजपा सरकार मुकर रही है। ha...ha...ha...! Anna Kejriwal Ramdev Yogendra yadav Vishwas kumar Modi Shah Kiran Bedi *These people know the exact amount down to the last decimal point.

Kab kaha

अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के इलाक़े में फ़्लैश फ़्लड, बड़ी संख्या में मौत - BBC Hindiअफ़ग़ानिस्तान के पूर्वोत्तर में स्थित नूरिस्तान प्रांत में बुधवार रात भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ से बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं. जीतना होगा वर्ना सब मिलके उसको तबाह कर देगा Matlab india ne Ye to man liya ki Taliban Powerful Hai kafi 😎 तो शंकराचार्यगण तो मोदी सरकार अघोषित ताला मे बंद कर रखे!

2014 ke election se pehle wali videos nikal ke dekh lo modiji, apki memory umar ke sath kam ho gyi hai, election rally ki video dekhoge to sab yaad a jayega k kitna paisa hai swiss bank mein, coz 15 lakh per person dene ka election wala promise aap ne hi kiya tha narendramodi सरकार अभी दूसरों की जासूसी में लगी हुई है।😁😁

Now there is none, as all was brought back in 100 days and was transferred 15 lakhs in every body's account. फिर पूरे देश को उल्लू क्यो बनाया फेकू ने 😂😃 What BJP said in 2014 that once they comes to power all black money will be brought from Swiss bank and everyone will get a sum of Rs 15/- lakhs To kya malum hain..

😄😄😄😄😄😄 Bullsht is all they know.. गोदी मीडिया के चरणचाट पत्तलकारो को जरूर जानकारी होगी क्योंकि वो तो मोदी ने कितनी बार मेज थपथपाई तक की गिनती रखते है 😂

अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के इलाक़े में फ़्लैश फ़्लड, बड़ी संख्या में लोगों की मौत - BBC Hindiअफ़ग़ानिस्तान के पूर्वोत्तर में स्थित नूरिस्तान प्रांत में बुधवार रात भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ से बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं. Reham Farma Allah RealEstateSA_PK

No Data Available ..it's NDA government Tu chor Mai tera bhai wala Hisab inka h PMOIndia narendramodi yeh galat baat hai🤦🏾 काला धन काला धन चिल्लाने वाले को ही नहीं मालुम। जब सत्ता से बाहर थे तो इनको सारा हिसाब मालूम था। इतना सटीक आंकड़ा मालूम था कि कहते थे कालाधन अगर बांट दिया जाये तो सबको 15-15 लाख मिल जायेंगे। अब सत्ता में हैं, इनके पास संस्थाएं हैं, आँकड़े लाने वाली आधिकारिक शक्तियां हैं तो इनको कुछ मालूम ही नहीं। ये कौन सा विज्ञान है भाई 😹😹

पेगासस मामले में राहुल का पलटवार, विपक्ष को बदनाम कर रही है सरकार...नई दिल्ली। प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक के बाद पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह पर पेगसास स्पाईवेयर का उपयोग करके लोकतंत्र की आत्मा पर चोट करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ये कहकर विपक्ष को बदनाम कर रही है कि विपक्ष संसद नहीं चलने दे रहा।