स्मार्टफोन में क्या है DRE टेक्नोलॉजी और कैसे करता है यह काम

स्मार्टफोन में क्या है DRE टेक्नोलॉजी और कैसे करता है यह काम #realme #DRE #PartnerContent

Realme, Dre

02-12-2021 19:33:00

स्मार्टफोन में क्या है DRE टेक्नोलॉजी और कैसे करता है यह काम realme DRE PartnerContent

यह एक ऐसी तकनीक है जो फोन के इंटरनल स्टोरेज को वर्चुअल रैम में बदल देती है। वर्चुअल रैम वास्तव में फोन के इंटरनल स्टोरेज को अस्थायी रैम के रूप में उपयोग करती है। इसका मुख्य काम मेमोरी मैनेजमेंट को बेहतर बनाना है।

आज स्मार्टफोन हर तरह की सुविधा दे रहा है, इसलिए यूजर्स इस पर ज्यादा समय भी बिता रहे हैं। आपको पेमेंट करना हो या फिर फिर अपना मनोरंजन, शॉपिंग करना हो या फिर कुछ प्रोडक्टिव काम, आपके फोन में वो सभी ऐप्स हैं, जो ये सभी काम करते हैं और आपके जीवन को आसान बनाते हैं। लेकिन कई बार ये फोन में जगह भी घेरते हैं, और सीमित मेमोरी की वजह से मल्टीटास्किंग में दिक्कत आती है। इससे रैम की कमी महसूस होती है। हालांकि, आधुनिक टेक्नोलॉजी ने इसका भी उपाय खोज लिया है। इसका नाम है Dynamic RAM Expansion यानी DRE टेक्नोलॉजी।

क्या है DRE टेक्नोलॉजीपिछले कुछ महीनों से आप भी DRE टेक्नोलॉजी के बारे में जरूर सुन रहे होंगे। इसे हम वर्चुअल रैम एक्सपेंशन के नाम से भी जानते हैं। यह एक ऐसी तकनीक है, जो फोन के इंटरनल स्टोरेज को वर्चुअल रैम में बदल देती है। वर्चुअल रैम वास्तव में फोन के इंटरनल स्टोरेज को अस्थायी रैम के रूप में उपयोग करती है। इसका मुख्य काम मेमोरी मैनेजमेंट को बेहतर बनाना है। यह फिजिकल रैम की तुलना में मेमोरी में अधिक ऐप्स रखने में मदद करती है। आज realme के कई फोन में आप इस बेहतरीन टेक्नोलॉजी को एक्सपीरियंस कर सकते हैं। इसमें realme 8 5G, realme Narzo 30 5G, realme X7 Max 5G, realme GT Master Edition, realme GT, realme 8s 5G, realme 8i और realme GT Neo 2 शामिल हैं।

यह भी पढ़ेंDRE टेक्नोलॉजी की क्यों है जरूरतजिस तरह से गेम्स वाले ऐप्स और दूसरे ऐप्स की साइज बढ़ रही है, वहां पर DRE टेक्नोलॉजी धीरे-धीरे जरूरत बनती जा रही है। हमारे फोन में रैम कई सारे काम करती है। यह डेटा को स्टोर करती है, मल्टीटास्किंग में मदद करती है और फोन की स्पीड को भी बढ़ाती है। लेकिन हमारे पास जो एंड्रॉयड फोन है, उसमें सीमित रैम होता है। ऐसे में फोन में मल्टीटास्किंग की जरूरतों को देखते हुए आज फिजिकल रैम काफी नहीं है। स्मार्टफोन की क्षमताओं का विस्तार करने और बेहतर मल्टीटास्किंग के लिए, वर्चुअल रैम या DRE कुछ स्टोरेज को रैम के रूप में इस्तेमाल करके रैम को बढ़ाने में मदद करती है, ताकि ज्यादा एक्टिव ऐप्स को स्टोर किया जा सके। headtopics.com

बिहार के टीचर अब शराब तस्करों और पियक्कड़ों की करेंगे निगरानी, सरकार को देंगे गुप्त सूचना

यह भी पढ़ेंDRE टेक्नोलॉजी कैसे करता है कामहर बार जब आप किसी ऐप पर टैप करते हैं, तो MMU यानी मेमोरी मैनेजमेंट यूनिट को यह तय करना होता है कि ऐप रैम में कहां जाएगा। जब आप फिर से एक नया ऐप खोलते हैं, तो MMU रैम में नए ऐप के साथ-साथ पुराने ऐप के लिए जगह की योजना बनाती है। जब आप अलग-अलग ऐप खोलते हैं, तो वे रैम में इकट्ठा हो जाते हैं, लेकिन जब रैम में स्पेस नहीं होता है और आप एक नया ऐप खोलना चाहते हैं, तो सिस्टम स्पेस बनाने के लिए आपके द्वारा खोले गए सबसे पुराने ऐप को हटा देगा। इसका मतलब यह है कि अगली बार जब आप उस पुराने ऐप को खोलेंगे, तो यह शुरुआत से शुरू होगा न कि जहां आपने इसे छोड़ा था। अगर फोन में वर्चुअल रैम या DRE टेक्नोलॉजी है, तो रैम न होने की स्थिति में नया ऐप खोलते समय सिस्टम सबसे पुराने ऐप को हटाने के बजाय वर्चुअल मेमोरी में शिफ्ट कर देगा। वर्चुअल रैम को OTA अपडेट के जरिए बढ़ाया जा सकता है|

उदाहरण के साथ समझेंजब आप अपने स्मार्टफोन पर वर्चुअल मेमोरी फीचर का इस्तेमाल करते हैं, तो फोन आपके द्वारा वर्चुअल के रूप में चुनी गई मेमोरी की मात्रा ऐलोकेट करता है, लेकिन इंटरनल स्टोरेज में स्पेस ऐलोकेट करने के लिए, आपको फोन को रीस्टार्ट करना होगा। उदाहरण के लिए, realme 8s 5G का 6GB कॉन्फिगरेशन 5GB के एक्स्टेंशन का सपोर्ट करता है, कुल मिलाकर 11GB तक। अगर आप रैम बढ़ाते हैं, तो आपको सिस्टम द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली रैम की मात्रा में कोई बढ़ोतरी दिखाई नहीं देगी - जबकि स्टोरेज वर्चुअल रैम को ऐलोकेट किया गया है, आपकी फिजिकल रैम समान क्षमता की होगी। मिसाल के तौर पर, यदि आपके एंड्रॉयड स्मार्टफोन पर 10 ऐप्स खुले हैं और फोन की रैम में अधिक जगह नहीं है, तो एंड्रॉयड उन ऐप्स को बंद कर देता है, जो बैकग्राउंड में नहीं चल रहे हैं या बैकग्राउंड में कोई कार्य नहीं कर रहे हैं, या सिस्टम केवल उस ऐप को बंद कर देता है जिसकी प्राथमिकता सबसे कम है और जो दस ऐप्स में सबसे पुराना ऐप है।

यह भी पढ़ें

और पढो: Dainik jagran »

10तक: पश्च‍िमी यूपी की चुनावी जंग बीजेपी के ल‍िए क्यों बनी चुनौती?

चुनाव यूं तो कभी भी किसी दल के लिए हलवा नहीं होता, लेकिन 2014 के बाद देश में देखा गया कि बीजेपी राज्य दर राज्य आसानी से चुनाव जीतने लगी. यूपी में तो तीन चुनाव बीजेपी ने तमाम चुनौतियों के बाद जीत लिया. लेकिन क्या इस बार बहुत कठिन है डगर चुनाव की? इस सवाल के पीछे वजह कुछ इस प्रकार हैं. जैसे- पश्चिमी यूपी में पार्टी की रणनीति संभाल रहे अमित शाह कैराना से लेकर मथुरा तक गलियों में प्रचार कर रहे हैं. वोटर के घर-घर जाकर वोट मांग रहे हैं. दिल्ली में जाटों के साथ बैठक करते हैं. जाटों से कहते हैं कि डांटना है तो घर आ जाइए लेकिन वोट गलत जगह मत डालिए. इन सबकी नौबत क्यों आई है? और पढो >>

असम में बढ़ रही है पुलिस हिरासत में मौतों की तादाद | DW | 02.12.2021असम में एक छात्र नेता की पीट-पीट कर हत्या के मामले का मुख्य अभियुक्त सड़क हादसे में मारा गया है. इसे लेकर बीती मई से अब तक कुल 28 लोगों की पुलिस हिरासत में मौत हो चुकी है. PoliceBrutality CustodialDeaths Assam HumanRights

मुजफ्फरपुर में मोतियाबिंद के ऑपरेशन में गड़बड़ी, 65 में से 15 लोगों की निकालनी पड़ी आंखजानकारी के लिए बता दें कि बीते 22 नवंबर को मुजफ्फरपुर के आई हॉस्पिटल में 65 लोगों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था. जिसमें ज्यादातर लोगों की आंखों में इंफेक्शन हो गया.

गृहमंत्री का दावा- UP में अपराध कम है: सहारनपुर में अमित शाह बोले- अखिलेश आंकड़े देख लें, राज्य में क्राइम कम हुआ हैकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछली सरकारों से तुलना करते हुए उत्तर प्रदेश में क्राइम कंट्रोल की बात कही है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव आंकड़े देख लें, प्रदेश भर में आपराधिक घटनाओं में 70% प्रतिशत की गिरावट आई है। दावा किया कि योगी राज के दौरान प्रदेश में लूट की घटनाओं में 69%, हत्या में 30%, बलवा में 33% तथा दहेज हत्या में 22.5% की कमी दर्ज की गई। दंगों को प्रदेश से खत्म करने का काम यूपी की यो... | BJP is preparing the ground for the upcoming 2022 elections, Shah will stay in the district for one and a half hours and Yogi for 03 hours, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछली सरकारों से तुलना करते हुए उत्तर प्रदेश में क्राइम कंट्रोल की बात कही है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव आंकड़े देख लें, प्रदेश भर में अपराधिक घटनाओं में 70 प्रतिशत की गिरावट आई है। दावा किया कि योगी राज के दौरान प्रदेश में लूट की घटनाओं में 69, हत्या में 30, बलवा में 33 तथा दहेज हत्या में 22.5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। दंगो को प्रदेश से बाहर निकालने का काम यूपी की योगी सरकार ने ही किया। AmitShah yadavakhilesh myogiadityanath अयोध्या तो।झाँकी है मथुरा काशी बाकी है रामलला आ गए कृष्ण। लला को लाना है। फिर हम सब चलेंगे काशी AmitShah yadavakhilesh myogiadityanath जब उच्च पदों पर अपराधी बैठे हों तो छुटभैयों की मजाल क्या. वैसे सुना है कि उप्र में लड़कियाँ रात को 12 बजे गहने पहन कर निकलने लगी हैं 👍 AmitShah yadavakhilesh myogiadityanath ये होती है मर्द वाली बात एक बार कह दिया कि उत्तरप्रदेश में कानून व्यवस्था अच्छी है तो है, हर बार यही कहा जायेगा, सब नहीँ तो कुछ लोग तो विश्वास करेंगें ही। बात बदली नहीँ जाती है।

Uber और WhatsApp की साझेदारी: अब व्हाट्सएप से बुक कर सकेंगे कैब, यह है तरीकासबसे खास बात यह है कि यदि आपके फोन में Uber एप नहीं है तब भी आप व्हाट्सएप के जरिए कैब बुक कर सकेंगे। व्हाट्सएप पर ही आपको

खुशखबर: बंद नहीं हुआ है Jio का यह सस्ता प्लान, सुविधाएं जरूर बदली हैंजियो के प्लान करीब 21 फीसदी तक महंगे हुए हैं जो कि एक दिसंबर से लागू हो गए हैं। जियो के सबसे सस्ते प्लान की काफी चर्चा है

पश्चिम यूपी में किसकी चल रही है हवाजाट मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग बीजेपी सरकार से नाराज है और वह आरएलडी की तरफ देख रहा है। लेकिन गहराई से देखने पर साफ हो जाता है कि इस नाराजगी के पीछे केवल किसान आंदोलन नहीं है।