सोनभद्र का नाम क्या वाकई सोना पाए जाने की वजह से पड़ा है?

सोनभद्र का नाम क्या वाकई सोना पाए जाने की वजह से पड़ा है?

2/22/2020

सोनभद्र का नाम क्या वाकई सोना पाए जाने की वजह से पड़ा है?

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र ज़िले में हाल ही में सैकड़ों टन सोना ज़मीन में दबा होने का पता चला है.

ये एक्सटर्नल लिंक हैं जो एक नए विंडो में खुलेंगे शेयर पैनल को बंद करें इमेज कॉपीरइट Getty Images उत्तर प्रदेश के सोनभद्र ज़िले में सैकड़ों टन सोना जमीन में दबा होने का पता चला है. बताया जा रहा है कि राज्य सरकार को काफ़ी समय पहले ही इसकी जानकारी मिल चुकी थी. सोने की तलाश में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (जीएसआई) की टीम पिछले पंद्रह साल से इस मामले में सोनभद्र में काम कर रही थी. आठ साल पहले टीम ने ज़मीन के अंदर सोने के ख़जाने की पुष्‍टि कर दी थी. यूपी सरकार ने अब इसी सोने की खुदाई करने के मक़सद से इस टीले को बेचने के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी है. राज्‍य के खनिज विभाग ने इसकी पुष्टि की है और जल्द ही विभाग इस सोने को निकालने के लिए खुदाई शुरू कर देगा. इमेज कॉपीरइट Enrico Fabian for The Washington Post/Getty Images सोन नदी की वजह से नाम सोनभद्र ज़िले की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक़, ये भारत का एक मात्र ज़िला है जिसकी सीमा चार राज्यों से मिलती है. ये राज्य हैं, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार. यह उत्तर प्रदेश से सुदूर दक्षिण में बसा है और एक औद्योगिक क्षेत्र है. यहां बॉक्साइट, चूना पत्थर, कोयला, सोना जैसे बहुत सारे खनिज पदार्थ उपलब्ध हैं. सोनभद्र को ऊर्जा की राजधानी कहा जाता है क्योंकि यहां बिजली संयंत्र काफ़ी मात्रा में है. सोनभद्र का नाम सोनभद्र क्यों पड़ा और क्या सोना से इसका कोई ताल्लुक है, इस सवाल पर बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के प्राचीन इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर प्रभाकर उपाध्याय कहते हैं कि सोनभद्र का नाम सोन नदी की वजह से पड़ा है लेकिन इसकी वजह सिर्फ सोन नदी ही नहीं है. सोन नदी का नाम सोन नदी इसलिए पड़ा है क्योंकि इसमें सोने के अंश मिलते रहे हैं. वो कहते हैं कि सिर्फ सोन नदी ही नहीं, मध्य प्रदेश और ओडिशा की भी कुछ नदियों की रेत में सोने के अंश मिलते रहे हैं. इमेज कॉपीरइट sonbhadra.nic.in पूरा क्षेत्र आयरन बेल्ट बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा,"इन नदियों के किनारे गोल्ड वाशिंग (सोना निकालना) का काम होता था. यहां चट्टानों की बनावट ऐसी है कि जब ये चट्टानें टूटती हैं और नदी के संपर्क में आती हैं तो वो टूटकर बिखरती जाती हैं और इसी वजह से इन नदियों के किनारे गोल्ड वॉशिंग का चलन बढ़ा. इन नदियों में सोने के अंश पाए जाने पर यह पता चलता है कि इधर जो चट्टानें मौजूद हैं उनमें सोना पाया जाता है. सोनभद्र में आदिवासी हाल फिलहाल तक ये करते रहे हैं." हालांकि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग के पूर्व प्रोफेसर जीएन पॉल के मुताबिक़, सोनभद्र का नाम सोन नदी की वजह से ही रखा गया है. इसका सोने से कोई ताल्लुक नहीं है और ना ही सोन नदी में सोने के अंश मिलने की बात सच हुई. वो बताते हैं,"ऐसा कहा जाता है कि गोल्ड वाशिंग का काम यहां होता था लेकिन यह महज कहावतें है. इसकी कोई पुष्ट जानकारी नहीं है." गंगा नदी के समतल इलाके जैसे आगरा और ग्वालियर से आते हुए बिहार और बंगाल तक पूरा क्षेत्र आयरन बेल्ट कहा जाता है. इमेज कॉपीरइट Pro. Prabhakar Upadhyay Image caption प्रो. प्रभाकर उपाध्याय की किताब 'माइनिंग एंड मिनरल्स इन एंसिएंट इंडिया' में सोने की खुदाई के उपकरणों का ज़िक्र है पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग प्रो. उपाध्याय कहते हैं कि इन इलाकों में आयरन बहुतायत है. दूसरा शहरीकरण गंगा के आसपास के क्षेत्र में आयरन मिलने की वजह से ही किया गया. उन्होंने कहा,"सोनभद्र में एक जगह सोनकोरवा है. यहां सोना तलाशने के लिए लोगों ने काफ़ी खुदाई की है और उसके अवशेष अब तक मिल रहे हैं. लेकिन ये खुदाई बहुत गहरी नहीं हुई. करीब 20 फीट तक ही लोगों को खोदा और जितना भी थोड़ा बहुत सोना मिला वो रख लिया. लोगों को ऊपर-ऊपर सोना मिला उन्होंने निकाल लिया लेकिन इस बात के संकेत हमेशा से मिले हैं कि उस इलाके में सोना काफ़ी मात्रा में मौजूद है." प्रो. उपाध्याय बताते हैं कि पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने उस इलाके में काफ़ी गहरी खुदाई कराई थी लेकिन उसमें जो सोना मिला वो आर्थिक तौर पर उतना कारगर नहीं था. यानी जितनी मेहनत और खर्च के बाद सोना निकला उसकी कीमत बहुत ज़्यादा नहीं थी, जबकि खुदाई और सोने की तलाश में जो खर्च हो रहा था वो काफ़ी अधिक था. इसलिए इसे काम को आगे नहीं बढ़ाया गया. इमेज कॉपीरइट sonbhadra.nic.in सोनभद्र की संस्कृति उपाध्याय कहते हैं,"मैं पीएचडी के लिए वहां गया था. वहां कुछ चट्टानों के अवशेष ऐसे मिले थे जिनमें सोने के अंश मौजूद थे. हम लोग कुछ-कुछ चीज़ें लेकर भी आए थे. पेपरवेट के तौर पर उसका इस्तेमाल करते हैं." प्रो. प्रभाकर उपाध्याय साल 2005 में 'माइनिंग एंड मिनरल्स इन एंसिएंट इंडिया' नाम की किताब भी लिख चुके हैं. इसमें सोनभद्र और आसपास के इलाके में सोना मौजूद होने के अलावा खनन और खनिजों की मौजूदगी का ज़िक्र है. सोनभद्र काफ़ी पिछड़ा इलाका माना जाता रहा है और मूल रूप से आदिवासी इलाका ही था. हालांकि अब यहां काफ़ी विकास हो चुका है. यहां की संस्कृति भी आदिवासी ही रही है. अब यहां सीमेंट, बालू, थर्मल पावर प्लांट जैसे कई उद्योग स्थापित हो चुके हैं. और पढो: BBC News Hindi

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अब यह क्या ड्रामा है भाई भारतीय पौराणिक कहावतें और किदवंती में राज ही राज छुपा है हाँ रे मुरख। वाकई मे सोना मिला या योगी जी मिट्टी का नाम बदल कर सोना कर दिया😜😂 Chutiye ye district ka name Gold reservoir milne se pahle bhi Sonebhadra hi tha ये फकीर भी यही का है।🇮🇳☝️☝️😁😆😆 Aur pollution लगता तो यही है...!! हमारे पूर्वजों ने कुछ सोच समझ कर है नाम रखा होगा...!! गर्व है हमें अपने पूर्वजों पे... 🙏🙏🙏🙏

Tripura में सोनामुरा शहर है वहाँ सोना होगा One upon time, now saturated तो फिर चांदीपुर का नाम चांदी की वजह से पडा होगा।

सोनभद्र में हज़ारों टन सोना मिलने की संभावना, कब शुरू होगी खुदाईभारी मात्रा में खनिज पदार्थ पाए जाने की संभावना के चलते हेलिकॉप्टर से सर्वेक्षण किया जा रहा है. श्रीराम मन्दिर बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ तो उत्तर प्रदेश में स्वयं लक्ष्मी का प्रादुर्भाव हो गया। सोनभद्र नाम ऐसे ही नहीं था, इसका तात्पर्य है कि हमारे प्रत्येक नगर का नाम कुछ न कुछ संकेत करता है। इतिहासकारों नें देश के साथ अन्याय किया है,सम्पूर्ण इतिहास का परिमार्जन आवश्यक है। चलो सोनभद्र सोना लेने 😅 मनमोहन सिंह से भी प्रधानमंत्री रहते करवाई थी लाखो करोड़ो खर्च करके , मिला क्या तुतड़ा

मै सोनभद्र का हूं । सोना के वजह से नहीं पड़ा इसका नाम । यकिनन Nhi Rajasthan v viran hai 😂

सोनभद्र में 3 हजार टन स्वर्ण भंडार होने का अनुमान; नीलामी ई-टेंडरिंग के जरिए होगीसोनभद्र के हरदी क्षेत्र में 646.15 किलो सोने का भंडार मिला, सोन पहाड़ी में 2943.25 टन सोना होने का अनुमान 2005 में जीएसआई द्वारा किया गया दावा सही निकला, जियो टैगिंग के लिए 7 सदस्यीय टीम गठित | GSI Finds Gold | Sonbhadra Gold Today Latest News and Updates On Geological Survey of India: GSI Finds Gold 3000 Thousand Tons: सोनभद्र में मिला तीन हजार टन स्वर्ण भंडार; नीलामी से पहले जियो टैगिंग के लिए 7 सदस्यीय टीम बनी RavirajDesai10 myogiadityanath PMOIndia Nilami kyo .....? Sarkar Apne pass rakhe 😠😠 myogiadityanath PMOIndia खेल शूरू अब हुआ। myogiadityanath PMOIndia LU LU

सोनभद्र की पहाड़ियों में मिली सोने की खान, अधिकारियों ने बताया मिलेगा सैकड़ों टन सोनासोनभद्र के कोन थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पडरक्ष के हर्दी पहाड़ी में वर्षों पहले सोना मिलने की पुष्टि संबंधित अधिकारियों 🤣🤣 Yes ! Lot of gold in Sonbhadra's hills. We must exploit it. Afterall its national property ... Congratulations.

भारत सरकार की तिजोरी में रखे Gold से 5 गुना ज्यादा है सोनभद्र की सोन पहाड़ी में मिला सोना, जानें कीमतवर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा समय में भारत के पास करीब 626 टन सोने का भंडार है. वहीं, सोनभद्र जिले में मिला सोना इससे करीब 5 गुना ज्यादा है. | business News in Hindi - हिंदी न्यूज़, समाचार, लेटेस्ट-ब्रेकिंग न्यूज़ इन हिंदी 😂😂 इसीलिए तो नाम रखा गया था 'सोनभद्र' सारे भारतीयों के खातो में 15 लाख रुपये💵 6 साल के ब्याज सहित आने की दिशा में एक कदम👣 तैयार💁👌 रहे 🇮🇳

सोनभद्र की पहाड़ियों के गर्भ में मिला तीन हजार टन सोना, खोजने में लग गए 40 साल से अधिकसोनभद्र जिला पहले से ही खनिज संपदा के लिए पूरे देश में विख्यात था लेकिन अब यहां पर सोने के अपार भंडार मिलने के बाद यह पूरी दुनिया की निगाह में आ गया है। Bhai abhi hazaar rupya kilo Kar do BhujangaB इस पर सिर्फ हिंदुओं का हक है किसी और का नहीं

Namaste Trump: ट्रंप का भारत में होगा जोरदार स्‍वागत, लेकिन ट्रेड एग्रीमेंट में जल्‍दबाजी नहींविदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता रवीश कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप दोपहर में अहमदाबाद पहुंचेंगे और फिर मोटेरा स्टेडियम में नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम में शामिल होंगे। NamsteTrump



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