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सुप्रीम कोर्ट की दो-टूक, हम नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए हैं, पटाखों पर रोक किसी समुदाय के खिलाफ नहीं

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28-10-2021 16:50:00

सुप्रीम कोर्ट की दो-टूक, हम नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए हैं, पटाखों पर रोक किसी समुदाय के खिलाफ नहीं SupremeCourt National NationalNews

सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को कहा कि पटाखों पर उसके द्वारा रोक लगाया जाना किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है। हम आनंद की आड़ में नागरिकों के अधिकारों के उल्लंघन की इजाजत नहीं दे सकते हैं। पढ़ें यह रिपोर्ट...

सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को कहा कि पटाखों पर उसके द्वारा रोक लगाया जाना किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है। हम आनंद की आड़ में नागरिकों के अधिकारों के उल्लंघन की इजाजत नहीं दे सकते हैं। सर्वोच्‍च अदालत ने साफ कहा कि वह चाहती है कि उसके आदेशों का पूरी तरह से पालन किया जाए। जस्टिस एमआर शाह और न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना की पीठ ने कहा कि हम स्‍पष्‍ट कर देना चाहते हैं कि हम नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए यहां पर मौजूद हैं। 

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यह भी पढ़ेंअदालत ने पटाखा उत्पादकों से दो-टूक कहा कि आप आनंद करने की आड़ में नागरिकों के जीवन से खिलवाड़ नहीं कर सकते हैं। हम किसी समुदाय विशेष या समूह के खिलाफ नहीं हैं। हम यह बात बिल्‍कुल साफ कर देना चाहते हैं कि हम नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए यहां पर हैं। पटाखों पर रोक लगाए जाने संबंधी पूर्व का आदेश व्यापक रूप से वजहों को जानने के बाद दिया गया था। यह व्यापक जनहित में दिया गया था। इसे इस तरह से नहीं देखा जाना चाहिए कि रोक किसी विशेष उद्देश्य के लिए लगाई गई है।

यह भी पढ़ेंशीर्ष अदालत ने कहा कि उन अधिकारियों को कुछ जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए जिन्हें आदेश को जमीनी स्तर पर लागू करने का अधिकार दिया गया है। पटाखे आज भी बाजार में खुलेआम मिल रहे हैं। वायु प्रदूषण की वजह से दिल्ली के लोगों पर क्या बीत रही है यह हर कोई जानता है। इसके साथ ही सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने छह (पटाखा) निर्माताओं को कारण बताओं नोटिस जारी किया। अदालत ने कहा है कि इन पटाखा निर्माताओं को आदेशों का उल्लंघन करने के लिए क्‍यों नहीं दंडित किया जाए। headtopics.com

यह भी पढ़ेंमालूम हो कि पूर्व में सर्वोच्‍च न्‍यायालय (Supreme Court) ने पटाखों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने से इनकार करते हुए कहा था कि पटाखों की बिक्री केवल लाइसेंस प्राप्त व्यापारी ही कर सकते हैं। केवल ग्रीन पटाखे ही बेचे जा सकते हैं। यही नहीं शीर्ष अदालत (Supreme Court) ने पटाखों की आनलाइन बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। सर्वोच्‍च न्यायालय (Supreme Court) ने वायु प्रदूषण को रोकने के लिए देशभर में पटाखों के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए दाखिल याचिका पर उक्‍त फैसला सुनाया था।

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आखिर उसने क्यों दी दुल्हन को 'खूनी विदाई'? देखें वारदात

रोहतक, हरियाणा के ओमप्रकाश के परिवार के लिए 1 दिसंबर एक बड़ी खुशी का दिन था. जिस बेटी को उन्होंने अब तक बेहद नाज़ों से पाला था, आज उसी की डोली उठ रही थी. ओमप्रकाश की बेटी तनिष्का की शादी आनंदपुर के रहनेवाले जगदीश के बेटे मोहन के साथ हो रही थी. सारा दिन शादी की गहमागहमी में गुज़र गया और फिर रात के साढ़े दस बजते-बजते विदाई की घड़ी आ गई. तनिष्का अपने दूल्हे मोहन के साथ एक कार में बैठ कर अपने गांव सांपला से ससुराल आनंदपुर के लिए रवाना हो गई. कार में दूल्हा-दुल्हन के अलावा दोनों के भाई और ड्राइवर समेत कुल पांच लोग बैठे हुए थे. लेकिन अभी करीब चालीस किलोमीटर का फ़ासला तय कर कार आनंदपुर की दहलीज़ पर पहुंची ही थी कि एक तेज़ रफ्तार इनोवा ने दूल्हा-दुल्हन की गाड़ी को ओवरटेक कर रुकवा लिया और फिर जो कुछ हुआ, वो बेहद डरानेवाला था. देखिए वारदात का ये एपिसोड.

तो जज साहब इस बार पहली बार बकरा ईद पर कुछ नज़ीर पेश फरमाएंगे ये नागरिक कौन है मि लॉर्ड? पटाखा जलाने वाला उसमें आता है या नहीं? 24 October को भी रोकना चाहिए था।

पेगासस के ज़रिये भारतीय नागरिकों की जासूसी के आरोपों की जांच के लिए विशेष समिति गठित सुप्रीम कोर्ट ने समिति का गठन करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा की आड़ में निजता का हनन नहीं हो सकता. अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार द्वारा उचित हलफ़नामा दायर न करने को लेकर गहरी नाराज़गी जताई और कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को ख़तरा होने का दावा करना पर्याप्त नहीं है, इसे साबित भी करना होता है. सबसे पहले तुम्हारे जैसे चरसी पत्रकार की भी जासूसी करवानी चाहिए

पटाखा बैन पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, यह किसी समुदाय के खिलाफ नहींन्यायालय ने कहा कि पटाखों पर रोक व्यापक जनहित में है। एक विशेष तरह की धारणा बनाई जा रही है। इसे इस तरह से नहीं दिखाया जाना चाहिए कि यह रोक किसी विशेष उद्देश्य के लिए लगाई गई है।

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