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Chandrayaan-2, Isro

सरहद के सिपाही से खेत के किसान तक, कैसे सबके लिए मददगार है ISRO

14-07-2019 17:23:00

ISRO ने अब तक छोड़े हैं 370 उपग्रह जो हर वर्ग के लिए मददगार हैं

पर क्या आपको पता है कि इसरो ने अब तक कितने ऐसे सैटेलाइट छोड़े हैं. जो सरहद के सिपाही से लेकर खेत के किसान तक को किस तरह लाभ पहुंचा रहे हैं. आइए... जानते हैं कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अब तक कितने सैटेलाइट अंतरिक्ष में छोड़े हैं और वे कितने प्रकार के हैं. किस तरह के सैटेलाइट से किसको फायदा हो रहा है.

IPL 2020 : धोनी के 200वें मैच में चेन्नई के बल्लेबाज़ फेल, चलेंगे गेंदबाज़? - BBC News हिंदी जम्मू-कश्मीर : अनुच्छेद 370 पर पीछे मुड़कर नहीं देखेगी मोदी सरकार, घाटी में केंद्रीय कर्मियों को मिल रही विशेष छूट बढ़ाई भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा बोले- ममता सरकार फूट डालो, राज करो पर काम कर रही

ये कैसा इनाम? Chandrayaan-2 से पहले सरकार ने काटी ISRO वैज्ञानिकों की तनख्वाहISRO ने अब तक छोड़े 370 उपग्रहइसरो ने अब तक अंतरिक्ष में कुल 370 उपग्रह छोड़े हैं. इनमें 101 देसी और 269 विदेशी सैटेलाइट हैं. मून मिशन चंद्रयान-2 अगर सफल होता है इनकी संख्या बढ़कर 371 हो जाएगी. इसरो ने देश के लिए कुल 101 सैटेलाइट लॉन्च किए हैं. जिनमें संचार, आपदा प्रबंधन, इंटरनेट, रक्षा, मौसम, शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों को सेवाएं देने वाले उपग्रह हैं.

20 घंटे का काउंटडाउन, जानें- कैसे शुरू हुई Chandrayaan-2 की लॉन्चिंग41 संचार उपग्रह जिन्होंने दी इंटरनेट, टीवी, मौसम पूर्वानुमान आदि सेवाएंइसरो के वैज्ञानिकों में आजादी के बाद से अब तक संचार व्यवस्था को लेकर 41 उपग्रह छोड़े. जिनमें से अभी 15 काम कर रहे हैं. ये 15 सैटेलाइट हैं- INSAT-3A, 3C, 4A, 4B, 4CR और इसी प्रणाली के अंदर आने वाले GSAT-6, 7, 8, 9, 10, 12, 14, 15, 16 और 18. ये सभी सैटेलाइट 200 ट्रांसपोंडर्स की मदद से टेलीफोन, मोबाइल, टीवी, समाचार, आपदा प्रबंधन, मौसम पूर्वानुमान जैसे कार्यों में मदद कर रहे हैं. यही नहीं, अभ हाल ही में ओडिशा में आए चक्रवाती तूफान की निगरानी के लिए इसरो ने पांच उपग्रह लगाए थे. तभी लाखों लोगों की जान बचाई जा सकी.

ISRO वैज्ञानिक करते हैं पूजा, रूसी करते हैं पेशाब, जानिए दुनियाभर के वैज्ञानिकों के अंधविश्वास36 अर्थ ऑब्जरवेशन उपग्रह जिन्होंने ढांचागत विकास और सेना की मदद की1988 में पहला अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट छोड़ा गया था. तब से लेकर अब तक 36 अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट अंतरिक्ष में छोड़े गए. इनमें से 17 अभी भारत की निगरानी कर रहे हैं. इनमें शामिल हैं - रिसोर्ससेट-1, 2, 2ए, कार्टोसेट-1, 2, 2ए, 2बी, रीसेट-1 और 2, ओशनसेट-2, मेघाट्रॉपिक्स, सरल, स्कैटसेट-1, इनसेट-3डी, कल्पना, इनसेट-3ए, इनसेट-3डीआर. ये सभी उपग्रह कृषि विकास, शहरी और ग्रामीण विकास की योजनाओं, जलस्रोत, खनिज संपदा, पर्यावरण, जंगल और आपदा प्रबंधन में मदद करते हैं. इनमें से रीसेट और कार्टोसेट सैटेलाइट्स का उपयोग पाकिस्तान में मौजूद आंतकियों पर सर्जिकल और एयर स्ट्राइक के लिए किया गया था. 36 मिशन में से सिर्फ 2 मिशन ही फेल हुए.

लॉन्चिंग के बाद ऐसे चांद का सफर तय करेगा चंद्रयान-210 उपग्रह जो बच्चों ने बनाए, इसरो ने छोड़े स्टूडेंट्स, यूनिवर्सिटी, कॉलेज द्वारा बनाए गए सैटेलाइट को इसरो छोड़ता है ताकि बच्चों का विज्ञान के प्रति रुझान बढ़ सके. 2009 से अब तक ऐसे 10 उपग्रह छोड़े गए हैं, इनमें से एक भी फेल नहीं हुआ. ये हैं - अनुसेट, स्टडसेट, जुगनू, एसआरएमसेट, स्वयंम, सत्यबामासेट, पीसेट, प्रथम, एनआईयूसेट और कलामसेट-वी2.

9 नेविगेशन उपग्रह, जो दिखा रहे हैं नए भारत को रास्ताइसरो ने देश की सेना, नौसेना, वायुसेना, कार्गो सुविधाओं, पानी के जहाजों, छोटे नाविकों, नागरिक विमानन के लिए गगन और आईआरएनएसएस-नाविक जैसे नेविगेशन उपग्रह प्रणाली विकसित कर लॉन्च कर चुकी है. गगन प्रणाली की सुविधाएं जीसेट-8 और जीसेट-10 के ट्रांसपोंडर्स के जरिए ली जा रही हैं. वहीं, आईआरएनएसएस-नाविक के 8 सैटेलाइट काम कर रहे हैं. ये हैं- IRNSS-1A, 1B, 1C, 1D, 1E, 1F, 1G और 1I. 

Chandrayaan-2 का काउंटडाउन शुरू, जानें-क्यों और कितना अहम है ISRO का ये मिशन 8 प्रायोगिक उपग्रह ताकि नई जानकारियां निकाली जा सकेंइसरो वैज्ञानिक रिमोट सेंसिंग, वातावरणीय, पेलोड डेवलपमेंट, रिकवरी टेक्नोलॉजी समेत कई आयामों पर अध्ययन करने के लिए प्रायोगिक उपग्रह लॉन्च किए हैं. इनमें शामिल हैं - भारता का पहला उपग्रह आर्यभट्ट, रोहिणी (फेल हो गया था), रोहिणी RS-1, एपल, यूथसेट, आईएनएस-1बी, आईएनएस-1ए और आईएनएस-1सी.

दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों की सूची में फिसला भारत, जानिए एशिया की सबसे बड़ी ताकत बिहार चुनावः शत्रुघ्न सिन्हा राजनीति से अभी नहीं लेंगे संन्यास, बेटे लव को बताया ‘बिहारी पुत्र’ इमरती देवी मामला: चौतरफा घिरे कमलनाथ, शिवराज ने रखा मौन व्रत, चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट

2 मिनट में जानें- कैसे जोड़ा गया चंद्रयान 2 का बाहुबली रॉकेट, देखें VIDEO 7 सैटेलाइट जो सुदूर ग्रहों के अध्ययन के लिए छोड़े गए और पढो: आज तक »

स्पेशल रिपोर्ट: हाथरस कांड में 40 लोग बताएंगे 14 सितंबर की कहानी

हाथरस गैंगरेप कांड की जांच लगातार जारी है. SIT को मिले एक्सटेंशन में टीम ने जांच तेज कर दी है. एसआईटी अब उस रात के कई पहलुओं पर जांच कर रही है जिस रात के अंधेरे में पीड़िता का शव जलाया गया था. टीम ने गांव व आस-पास के 40 लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया है जो उस समय मौके पर मौजूद थे. पीड़िता के गांव के 40 लोगों से पूछताछ कल से ही शुरु हो गई है. एसआईटी की टीम ये जानने में लगी है कि 14 सितंबर को क्या हुआ था. पुलिस की लापरवाही पर के बारे में भी लोगों से पूछा जा रहा है. बता दें कि राज्य सरकार के द्वारा जिस एसआईटी का गठन किया गया था, उसने इस पूरे मामले में पूछताछ तेज कर दी है. देखिए स्पेशल रिपोर्ट.

अगर इसमे थोड़ी जगह हो तो केजरीवाल को भी इसमें बिठा दो। KapilMishra_IND समस्त मीडियाई कोठों से हाथ जोड़कर निवेदन है कि अगर 'चमेली की शादी' से फुर्सत मिल गई हो तो थोड़ा सा मदरसो मे मिले हथियार गो हत्यारों को पकड़ने गई पुलिस पर हमला अमरनाथ यात्रियों पर अलगाववादियों के रास्ता रोकने पर मुस्लिमो द्वारा हिंदुओं पर रेप जिहाद पर भी कोई महफिल जमा लियोZeeNews

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काजू के छिलके से भरे ट्रक से बरामद 2.5 करोड़ का गांजा, 2 गिरफ्तारदिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराज्यीय तस्करों के गैंग का पर्दाफाश किया है और उनके कब्जे से करीब ढाई करोड़ का गांजा बरामद किया है. 2 log hi to pakde h gang kha h..!! India nasa mukt hona chahiye or ye kab hoga bande me dimaag to hai

भारत के दबाव से झुका पाकिस्तान, करतारपुर कमेटी से हटाया खालिस्तान समर्थकभारत के दबाव से झुका पाकिस्तान, करतारपुर कमेटी से हटाया खालिस्तान समर्थक kartarpurCorridor Khalistan2020 GopalSinghChawka pid_gov pid_gov

आर्मी जवान ने पाकिस्तानी को भेजी सेना की गुप्त सूचना, नारनौल से गिरफ्तारसेना की गुप्त सूचना एक पाकिस्तानी को भेजने के आरोप में आर्मी के एक जवान को हरियाणा के नारनौल से गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि जवान ने भारतीय सेना की यूनिट लोकेशन, गतिविधि और इस्टर्न सेक्टर को लेकर सूचना व्हाट्सएप पर पाकिस्तानी से साझा की थी. असल में, भारतीय सेना का जवान हनी ट्रैप में फंस गया था और इसी दौरान वह सेना की सूचना किसी पाकिस्तानी से साझा कर गया. बताया जा रहा है कि गिरफ्तार जवान अरुणाचल प्रेदश में तैनात था. यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब भारतीय सेना ने जवानों को व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों किसी सूचना को साझा करने को लेकर अगाह किया था. बताया जा रहा कि जवान तीन साल पहले ही सेना में भर्ती हुआ था.

Exclusive: केवल मुस्लिम ही अल्पसंख्यक नहीं - NDTV से बोले केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवीमोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की भविष्य की योजनाओं को लेकर केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने एनडीटीवी से खास बातचीत की. अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना के सवाल पर उन्होंने बताया कि पीएम मोदी की अगुवाई में दूसरी बार बीजेपी को मिली ऐतिहासिक जीत के बाद देश में अफवाहें फैलाई जाने लगी, अल्पसंख्यकों को गुमराह करने के अभियान चलाए गए. उन्होंने कहा डेवलेपमेंट विदआउट डिसक्रिमिनेशन यानी की बिना भेदभाव के विकास, डेवलेपमेंट विद डिग्निटी यानी कि सम्मान के साथ सशक्तिकरण के फार्मूले के साथ मोदी सरकार काम कर रही है. Even hindus are minorities. 🤦🏻‍♂️ किसी ने तो सच बोलने की हिम्मत दिखाई-जिनकी आबादी लगभग तीस करोड़ है वो अल्पसंख्यक कैसे हो गए?इतनी आबादी तो पाकिस्तान जैसें देश की है। Phir kaun hai

चर्चाः सिनेमा में साहित्य की आवाजाहीसाहित्यिक कृतियों पर फिल्में बनाने का चलन पुराना है। अनेक बड़े फिल्मकार कहानियों, उपन्यासों आदि से प्रभावित हुए और उन्होंने अपनी कलात्मकता से उन्हें फिल्म के रूप में ढालने का प्रयास किया। कई रचनाओं ने इस कदर प्रभावित किया कि उन पर कई फिल्मकारों ने अलग-अलग फिल्में बनार्इं। उनमें से कुछ निस्संदेह कला की दृष्टि से सराहनीय हैं, पर अनेक पर आरोप लगते रहे कि फिल्मकार ने रचना के साथ न्याय नहीं किया। हालांकि दोनों माध्यमों के अलग मिजाज हैं, फिर भी इनका परस्पर संबंध क्षीण नहीं होता। आखिर वह क्या चीज है, जो किसी रचना पर फिल्म बनाते समय फिल्मकार के रास्ते में बाधा बनती है! इस बार की चर्चा इसी पर। - संपादक

मुख्यमंत्री ने 4 मंत्रियों का इस्तीफा मांगा, कांग्रेस छोड़कर आए विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह मिलेगीसावंत ने जीपीपी के विजय सरदेसाई, जयेश सालगांवकर, विनोद पल्लेकर और एक निर्दलीय से इस्तीफा देने को कहा जीपीपी ने कहा- हम एनडीए का हिस्सा, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से बातचीत के बाद ही इस पर फैसला लेंगे बुधवार को कांग्रेस के 15 में से 10 विधायक भाजपा में शामिल हुए थे, इसमें विपक्ष के नेता भी शामिल | Goa CM seeks resignations of four ministers for inducting four new ministers Jo deal hui h wo nibhani to padegi hi... AmitShah JPNadda 😂😂😂😂 देश मे हो क्या रहा है। मतदाताओं की इससे बड़ी बेइज्जती क्या होगी?