बिहारचुनाव2020, Biharelections, Dıu

बिहारचुनाव2020, Biharelections

सत्ता में बने रहने के लिए बिहार में गठबंधन बदलतीं हैं पार्टियां, लंबा है इसका इतिहास

यह चुनाव भी गठबंधन बदलने के खेल से अछूता नहीं, पढ़ें- #बिहारचुनाव2020 #BiharElections #DIU | @DipuJourno

27-10-2020 20:19:00

यह चुनाव भी गठबंधन बदलने के खेल से अछूता नहीं, पढ़ें- बिहारचुनाव2020 BiharElections DIU | DipuJourno

सभी पार्टियों और नेताओं की ओर से वोटर्स को लुभाने की आखिरी कोशिश के साथ सोमवार को बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का प्रचार खत्म हो गया. बिहार की सत्ता में बने रहने के लिए पार्टियों का पाला बदलना कोई नया नहीं है. राज्य विधानसभा की 243 सीटों के लिए जारी मौजूदा चुनाव प्रक्रिया भी पार्टी और गठबंधन बदलने के खेल से अछूती नहीं है.

इस सूची में सबसे ऊपर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) हैं, जिन्होंने बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए और आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन के बीच बार-बार अपना पाला बदला.जनता दल (यूनाइटेड)फरवरी 2005 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में खंडित जनादेश आया यानी किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला. अक्टूबर 2005 में दोबारा चुनाव हुए. इसके लिए जेडीयू ने बीजेपी के साथ गठबंधन किया और जीत हासिल की. इस चुनाव में जेडीयू को 88 सीटें और 20 फीसदी वोट हासिल हुए थे.

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इस चुनाव में एनडीए गठबंधन ने 35 फीसदी वोट शेयर के साथ 243 में से 143 सीटें हासिल कीं. इसके उलट, आरजेडी गठबंधन 31 फीसदी वोटों के साथ सिर्फ 65 सीटें जीत सका. एनडीए की इस महत्वपूर्ण जीत ने बिहार में लालू-राबड़ी के 15 साल के शासन का अंत कर दिया. जेडीयू नेता नीतीश कुमार सीएम और बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी डिप्टी सीएम बने.

2007 में एनडीए सरकार ने दलित वोट-बैंक को लुभाने के लिए एक और सोशल इंजीनियरिंग शुरू की और सबसे वंचित दलित समुदायों की पहचान के लिए महादलित आयोग का गठन किया. 22 दलित समुदायों में से आयोग ने 18 को बेहद वंचित के रूप में सूचीबद्ध किया और इसे महादलित नाम दिया गया. 2009 में पासवानों को छोड़कर सभी दलित समुदायों को महादलित की सूची में शामिल कर लिया गया.

महादलित रणनीति ने 2010 के विधानसभा चुनाव में काम किया और जेडीयू-बीजेपी गठबंधन ने भारी जीत दर्ज की. गठबंधन ने 39.1 फीसदी मतों के साथ 206 सीटें जीतीं. इस चुनाव में जेडीयू ने 115 सीटें और बीजेपी ने 91 सीटें जीतीं.2013 में जेडीयू ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने के विरोध में बीजेपी के साथ अपना 17 साल पुराना गठबंधन तोड़ दिया.

2015 में नीतीश कुमार बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और अपने कट्टर विरोधी लालू प्रसाद यादव के साथ आ गए. जेडीयू ने आरजेडी के साथ चुनावी गठबंधन किया और चुनाव जीतने में कामयाबी हासिल की. महागठबंधन को 178 सीटें मिलीं. बीजेपी के साथ एनडीए में एलजेपी और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) थीं. एनडीए गठबंधन को सिर्फ 58 सीटों पर जीत मिली.

हालांकि, 2015 में विधानसभा चुनाव जीतने के दो साल बाद नीतीश कुमार ने आरजेडी नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए. भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखाते हुए नीतीश ने गठबंधन तोड़ दिया और फिर से बीजेपी के साथ सरकार बनाई. ये वही बीजेपी थी जिसे 2015 के चुनाव में ​नीतीश ने सांप्रदायिक पार्टी बताकर आलोचना की थी और 71 सीटें जीती थीं.

देखें:आजतक LIVE TVनीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव- दोनों ही जयप्रकाश नारायण की ‘संपूर्ण क्रांति’ के अनुयायी रहे हैं, जिन्होंने कांग्रेस नेता इंदिरा गांधी के आपातकाल का विरोध किया था और सामाजिक न्याय के चैंपियन के रूप में उभरे थे. उन्होंने बिहार की राजनीति को उच्च जाति के प्रभुत्व वाले दलों- कांग्रेस और बीजेपी से मुक्त कराने का वादा किया था. लेकिन पिछले दो दशकों के दौरान राजनीतिक आकांक्षाओं और सत्ता की चाहत ने उन्हें कांग्रेस और बीजेपी के खेमे में ही ला खड़ा किया है.

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लोक जनशक्ति पार्टीजेडीयू नेता रामविलास पासवान ने साल 2000 में एलजेपी का गठन किया था. उस समय एलजेपी एनडीए का हिस्सा थी, लेकिन गुजरात दंगों के बाद पासवान ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया और एनडीए से ​बाहर चले गए. उसके बाद से एलजेपी ने गठबंधन के लिए आरजेडी से लेकर एनडीए तक का हर दरवाजा खटखटाया है.

2005 के बिहार चुनाव के खंडित जनादेश का कारण एलजेपी को माना गया जिसे 12.6 फीसदी वोट शेयर के साथ 29 सीटें मिली थीं. एलजेपी किंगमेकर बन गई थी क्योंकि सरकार बनाने लायक बहुमत न आरजेडी के पास था, न ही जेडीयू-बीजेपी गठबंधन के पास था. हालांकि, पार्टी किसी भी गठबंधन के साथ आने में विफल रही. अक्टूबर 2005 में जब दोबारा चुनाव हुए तो एलजेपी अपनी सीटें बरकरार नहीं रख सकी. उसे सिर्फ 10 सीटों से संतोष करना पड़ा.

2010 के विधानसभा चुनाव में एलजेपी लालू प्रसाद यादव की आरजेडी के साथ गठबंधन में शामिल हो गई. मुस्लिम और एससी वोटों के लिए आरजेडी ने एलजेपी का स्वागत किया. एलजेपी एक बार फिर से कोई कारनामा कर पाने में विफल रही. इसे 6.7 फीसदी वोट शेयर के साथ सिर्फ 3 सीटें ही मिल सकीं. हालांकि, हाजीपुर लोकसभा सीट से चुनाव हारने वाले राम विलास पासवान 2010 में ही लालू प्रसाद यादव के समर्थन से राज्य सभा के लिए चुने गए थे.

2015 में एलजेपी, बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन में फिर से शामिल हुई और पिछले चुनाव के मुकाबले एक सीट और गवां दी. 2015 के चुनाव में पार्टी का वोट शेयर भी 6.7 से घटकर 4.8 फीसदी पर आ गया.हार्ट की सर्जरी कराने वाले रामविलास पासवान का 8 अक्टूबर, 2020 को निधन हो गया. बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में उनके बेटे चिराग पासवान एनडीए गठबंधन अलग 137 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं और कई सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

अन्य पार्टियांवाम दलों सहित कई अन्य छोटे-छोटे राजनीतिक दल हैं जो अक्सर पाला बदलते रहते हैं. उदाहरण के लिए जाति आधारित पार्टियां- जैसे उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) और जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) आरजेडी के नेतृत्व वाले गठबंधन में सीट विवाद के कारण शामिल नहीं हो सकी. हम एनडीए गठबंधन में शामिल हो गई, जबकि आरएलएसपी एक तीसरे गठबंधन ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेकुलर फ्रंट का हिस्सा है.

2015 के विधानसभा चुनाव में सभी वामपंथी दल सीपीआई (एमएल) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे के साथ आ गए थे. लेकिन 2020 के चुनाव में वाम दलों ने महागठबंधन के साथ हाथ मिलाया है. और पढो: आज तक »

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हैदराबाद में यूं तो हैं निकाय चुनाव, मगर उसकी गहमगमी किसी लोकल चुनाव की तरह नहीं है. निकाय चुनावों में बीजेपी के दिग्गज नेताओं ने पूरा दमखम झोंक दिया है. जेपी नड्डा हैदराबाद होकर आ चुके हैं. योगी आदित्यनाथ हैदराबाद में ही हैं. गृहमंत्री अमित शाह हैदराबाद में प्रचार करने जाएंगे. बीजेपी के दिग्गज नेताओं का यही प्रचार करना ओवैसी को अखर रहा है. उन्होंने उम्मीद भी नहीं की होगी कि निकाय चुनाव में बीजेपी इस कदर पूरी ताकत झोंक देगी. देखिए दंगल, रोहित सरदाना के साथ.

DipuJourno सब एक ही थाली के चट्टे बट्टे हैं सिर्फ जनता को बेवकूफ बनाते हैं आने वाले समय में सब पता चल जाएगा एक एक ताश के पत्ते खुल जाएंगे DipuJourno Rjd

बिहार के मुंगेर में दुर्गा विसर्जन के दौरान फायरिंग में एक की मौत, कई घायललिस ने घटनास्थल से तीन हथियार, गोलियां और खोखा भी बरामद किए हैं. घटना के बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा घटनास्थल और मुंगेर सदर क्षेत्र का दौरा किया गया. फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है. दोषियों की पहचान की जा रही है. Many Innocent Children were gunned down, Still 20 young Children are missing by the massacres carried out Till 1am by Bihar Police under a highly corrupt Police Lady Lippi. अगर यही फायरिंग किसी मुसलमानों के तयोहर पर होती तो तुम पर स्टूडियो लगा देते दिन रात एक कर देते हम इतने बड़े सेक्यूलर है, कि दुर्गा माता का नाम तक लिखने से मिलावट हो जाती सेक्यूलरिस्म मे। इतना भी मजबूरी है, बिहार मे चुनाव न होते, देखते भी न। AKTKadmin आप से भी ज़्यादा। shambhav15

नासिक के पिंपलगांव में प्याज व्यापारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, किसानों की मुश्किलें बढ़ींप्याज की कीमतों में हुई बढ़ोतरी पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने प्याज के भंडारण पर प्रतिबंध लगाया है। चूंकि यह प्रतिबंध 31 दिसंबर तक लागू रहेंगे, इसलिए व्यापारियों ने प्याज नहीं खरीदने का फैसला किया है। प्याज़ निर्यात पर था प्रतिबंध केंद्र सरकार ने इसके पहले 14 सितंबर को प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसलिए, वापसी की मूसलाधार बारिश ने खरीफ प्याज की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। वहीं अब प्याज की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए, केंद्र सरकार ने भंडारण पर प्रतिबंध लगाया है, इसलिए व्यापारियों ने भी प्याज की नीलामी में भाग नहीं लेने का फैसला किया है। व्यापारियों के इस फैसले से किसानों को भारी नुकसान होगा। केंद्र सरकार के फैसले का विरोध व्यापारियों ने प्याज के स्टॉक को दो टन तक सीमित करने के सरकार के फैसले के विरोध में विरोध प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार के इस फैसले के कारण नासिक जिले के लासलगांव, पिंपलगांव बसवंत, मनमाड, नंदगांव, चंदवाड़, येवला और अन्य बाजार समितियों में प्याज की नीलामी अनिश्चितकाल के लिए बंद हो गई है। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ेगा। जबकि प्याज को मौजूद समय में अच्छा दाम मिल रहा था। इस हड़ताल ने फिलहाल प्याज़ उत्पादक किसानों की मुश्किलों को और भी बढ़ा दिया है। NCP playing its role in BiharElections2020 they know it very well that ppl will vote against the current govt just for onion prices as they did in General Election 2004 and country was in ransom for next 10 years. Think.

एंट्री ऑपरेटर के ठिकानों पर छापेमारी, कपड़े की तरह अलमारी में रखे थे नोटों के बंडलइन छापेमारी में अब तक 2.37 करोड़ रुपये नकद और 2.89 करोड़ रुपये के आभूषण बरामद किए गए हैं. नोटबंदी का कोई फ़ायदा नहीं हुआ 😕

प्ले-ऑफ के लिए रॉयल्स की उम्मीदें बरकरार, IPL में स्टोक्स ने दूसरा शतक जड़ाआईपीएल के 13वें सीजन के 45वें मैच में राजस्थान रॉयल्स (RR) ने मुंबई इंडियंस (MI) को 8 विकेट से हरा दिया। रॉयल्स पॉइंट्स टेबल में छठवें नंबर पर पहुंच गई। प्ले-ऑफ के लिए रॉयल्स की उम्मीदें बरकरार हैं। वहीं, हार के बावजूद मुंबई टॉप पर काबिज है। स्टोक्स ने लीग में अपना दूसरा शतक लगाया। मैच का स्कोरकार्ड देखने के लिए यहां क्लिक करें... | RR VS MI Live Cricket Score and Update IPL UAE 2020 Match 45th On Rajasthan Royals vs Mumbai Indians - Dainik Bhaskar, आईपीएल के 13वें सीजन का 45वां मैच राजस्थान रॉयल्स (RR) और मुंबई इंडियंस (MI) के बीच अबु धाबी में खेला जाएगा।

सपाट शुरुआत के बाद शेयर बाजार लाल निशान में, सेंसेक्स में 109 अंकोंं की गिरावटशेयर बाजार की सपाट शुरुआत हुई है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 36 अंक की गिरावट के साथ 40,649 पर खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 7 अंक की तेजी के साथ 11,937 पर खुला. मेटल इंडेक्स में गिरावट देखी गई, जबकि पीएसयू बैंकिंग सेक्टर में खरीदारी. मुक्की को हुआ भ्रम मोदी हैं भारी भरकम! पर मोदी हैं तो मुमकिन है! Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Shushant Tak

IPL में ‘BLM’ के समर्थन में आए हार्दिक पांड्या, घुटने के बल बैठेअबु धाबी। मुंबई इंडियन्स (Mumbai Indians) के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) घुटने के बल बैठकर वर्तमान इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ यानी बीएलएम (अश्वेतों की जिंदगी मायने रखती है) का समर्थन करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। पांड्या ने रविवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच के दौरान ऐसा किया।