Ranjan Gogoi, Allahabad High Court, Babri Masjid, India, Ravi Shankar, Jansatta Article, Jansatta Opinion, Jansatta Editorial

Ranjan Gogoi, Allahabad High Court

संपादकीयः समाधान की दिशा

संपादकीयः समाधान की दिशा

12.7.2019

संपादकीयः समाधान की दिशा

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद का मामला सुलझाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने इस साल मार्च में न्यायमूर्ति एफएमआइ कलीफुल्ला की अध्यक्षता में तीन सदस्यों के पैनल का गठन किया था। लेकिन अब मामले के पक्षकारों ने जिस तरह की दलीलें संविधान पीठ के सामने रखी हैं, वे एक तरह से मध्यस्थता पैनल के प्रयासों को लेकर सवाल उठाने जैसा है।

सवाल यह है कि मध्यस्थता पैनल का काम अभी पूरा भी नहीं हुआ है और उसने इस काम के लिए पंद्रह अगस्त तक का वक्त मांगा है। तब संबंधित पक्षकारों की ओर से अदालत के समक्ष इस समय ऐसे तर्क क्यों पेश किए जा रहे हैं जो मामले की जल्द सुनवाई के लिए दबाव बनाने वाले हों? बेहतर होता कि मध्यस्थता पैनल की रिपोर्ट आने तक इंतजार कर लिया जाता। विशारद के वकील ने अदालत से कहा कि याचिकाकर्ता के पिता ने जनवरी 1950 में यह मामला दायर किया था और अब याचिकाकर्ता खुद अस्सी साल के हो चुके हैं। ऐसे में इस मामले को जल्द सुलझाया जाना चाहिए और इसका समाधान मध्यस्थता से संभव नहीं लग रहा।

इसी बीच एक और पक्षकार रामलला विराजमान के वकील ने भी जल्द सुनवाई का अनुरोध किया। निर्मोही अखाड़े के वकील ने कहा कि पक्षकारों के बीच सीधी बातचीत होनी चाहिए, लेकिन इस मामले में अभी तक पक्षकारों के बीच सीधे ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है, जिससे मामले का हल निकलता नजर आए। मुस्लिम पक्ष के वकील ने इन सबका विरोध किया और अदालत से अनुरोध किया कि इस तरह के तर्कों, दलीलों और सुझावों पर विचार नहीं किया जाए। तब संविधान पीठ को कहना पड़ा कि वह मध्यस्थता पैनल की अब तक की प्रगति का जायजा लेगा और लगेगा कि पैनल को कोई सफलता नहीं मिल रही है तो वह 25 जुलाई से सुनवाई शुरू कर देगा। मध्यस्थता पैनल के सदस्य तेरह मार्च से 16 जून के बीच चार बार अयोध्या जा चुके हैं और संबंधित पक्षों तथा महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों से बात भी की है। जब तक पैनल अपनी अंतिम रिपोर्ट अदालत के समक्ष दाखिल नहीं कर देता तब तक इस मामले पर अंतिम रूप से कुछ भी कह पाना उचित नहीं है। अयोध्या का मसला हिंदू और मुसलमानों की आस्था से जुड़ा है, इसलिए पैनल के सदस्यों के लिए भी सर्वमान्य समाधान सुझाना और संबंधित पक्षों को इसके लिए तैयार करना कोई आसान काम नहीं है। फिर भी उम्मीद यही की जानी चाहिए कि पैनल के सदस्य कोई रास्ता निकालेंगे।

Also Read Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

और पढो: Jansatta

political crisis in karnataka and goa, live updates - कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायकों के साथ मुलाकात के बाद कर्नाटक के विधानसभा स्पीकर केआर रमेश कुमार प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन करेंगे। | Navbharat Timesकर्नाटक का सियासी ड्रामा अभी खत्म भी नहीं हुआ कि गोवा में भी सियासी नाटकबाजी शुरू हो गई है। कर्नाटक में संकट में घिरी कांग्रेस को गोवा में भी बड़ा झटका लगा है। बुधवार को यहां कांग्रेस के 10 विधायक अचानक बीजेपी में शामिल हो गए। गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने कांग्रेस के सभी 10 बागी विधायकों से मुलाकात कर उन्हें बीजेपी में शामिल कराया। दूसरी तरफ कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायकों के इस्तीफों पर कार्यवाही को लेकर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बागी विधायकों को शाम 6 बजे तक स्पीकर के सामने पेश होने के लिए कहा। पल-पल के अपडेट के लिए बने रहिए हमारे साथ....

कोहली ने आईपीएल के प्लेऑफ फॉर्मेट का समर्थन किया, पर कहा- सेमीफाइनल का अपना आकर्षण हैवर्ल्ड कप के 8 लीग मैचों में 7 मुकाबले जीतने वाली इंडिया को सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हार मिली आईपीएल में प्वाइंट टेबल में टॉप पर रहने वाली टीम को फाइनल में पहुंचने के दो मौके मिलते हैं कोहली ने वर्ल्ड कप पर कहा- इस फॉर्मेट में आपने पहले कैसी परफॉर्मेंस की है, यह मायने नहीं रखता | Virat Kohli: Team India Captain Virat Kohli on IPL Playoff Format, ICC World Cup Semi Finals

Delhi Metro Phase 4: मेट्रो के चौथे चरण का रास्ता साफ, सुप्रीम कोर्ट ने दिया निर्माण का आदेशdelhi News in Hindi: ​ सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली मेट्रो के 103.94 किलोमीटर लंबी चौथे चरण की परियोजना पर अमल करने का आदेश दिया और संबंधित प्राधिकारियों को इस परियोजना का निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए।

मोदी सरकार की ज़हरीली हवा से जंग, पर्यावरण मंत्रालय के 100 दिन के एजेंडे में आबोहवा को खास तरजीहप्रदूषण के मामले में दिल्ली सहित उत्तर भारत के तमाम शहर पूरी दुनिया में प्रदूषण के नक्शे में सबसे ऊपर हैं. आम दिनों में ज़हर तो सांसों से शरीर में जा ही रहा होता है, पर सर्दी के मौसम में तो सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है. लगता है मोदी सरकार ने इस बात को अब गंभीरता से लिया है और पर्यावरण मंत्रालय अपने 100 दिनों के एजेंडे के तहत आबोहवा आखिर कैसे सुधरे, इस पर एक मसौदा तैयार करने में जुट गया है. जहरीले लोगों से भी जंग है मोदी सरकार को, चले है छल में छेद जो करने । टाइटल अच्छा है . मोदी सरकार की जहरीली हवा .😀😀 बकवास ₹ndtv I hate this chanel

मंदिर में की शादी तो बिरादरी के लोगों ने लगा दिया जुर्माना, भोज कराने का फरमानपिता ने बैठक के दौरान सभी के सामने रोते हुए सबको बताया कि उनके पास पैसे नहीं थे तभी बेटे की शादी मंदिर में आयोजित की।

सेना में बड़ा संकट: मेजर ने नष्‍ट किए बड़ी मात्रा में बरामद हथियारों के रिकॉर्डलेफ्टिनेंट कर्नल नंदा ने चिठ्ठी में गंभीर आरोप लगया है कि लेफ्टिनेंट कर्नल सिंह ने सेना के उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में अवैध हथियारों को छिपा कर रखा था, जिसे 2 जुलाई 2018 को सीओ, दीमापुर ने बरामद किया था।

टिप्पणी लिखें

Thank you for your comment.
Please try again later.

ताज़ा खबर

समाचार

13 जुलाई 2019, शनिवार समाचार

पिछली खबर

सपादकीयः भीड़तंत्र के विरुद्ध

अगली खबर

इंडोनेशियन सिंगर एंडेन अपने मुंह पर टेप लगा कर क्यों सोती है?
पिछली खबर अगली खबर