शिवसेना-बीजेपी की लड़ाई मोहरों के बूते लड़ी जा रही है? - BBC News हिंदी

शिवसेना-बीजेपी की लड़ाई मोहरों के बूते लड़ी जा रही है?

26-10-2020 18:14:00

शिवसेना-बीजेपी की लड़ाई मोहरों के बूते लड़ी जा रही है?

कुछ वक़्त से मुंबई में राजनीति की एक ऐसी जंग चल रही है जिसे पूरा देश हैरत से देख रहा है.

बीजेपी और शिवसेना के बीच वाक़ई में क्या चल रहा है?इस पर वेंकटेश केसरी कहते हैं, "कोई भी राज्य सरकार केंद्र के साथ टकराव मोल नहीं लेती जब तक कि चीज़ें हद से आगे न बढ़ जाएं."वे कहते हैं कि शिवसेना और बीजेपी में राज्य में नंबर वन पार्टी होने की लड़ाई है.

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केसरी के मुताबिक़, "शिवसेना को अपने आप को नंबर वन पर रखना है, लेकिन वह नंबर दो बन गई है. दूसरी तरफ़, बीजेपी उसे याद दिलाती रहती है कि आप नंबर दो हैं."वे कहते हैं, "हालांकि, शिवसेना को अगर बीजेपी मुख्यमंत्री की कुर्सी देने को राज़ी हो तो शायद दोनों पार्टियां साथ आ सकती हैं."

बीजेपी की आंतरिक राजनीतिफडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ तो ले ली लेकिन जब उन्हें लग गया कि वो बहुमत नहीं साबित कर पाएंगे तो उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया. उद्धव ठाकरे ने सीएम पद की शपथ ली और अजीत पवार फिर से उपमुख्यमंत्री बन गए.चोरमारे कहते हैं, "महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार के न बनने के पीछे बीजेपी की आंतरिक राजनीति भी वजह हो सकती है. सरकार बनाने के दौरान अमित शाह ने कोई दख़ल नहीं दिया."

वे कहते हैं कि केंद्र में बीजेपी अच्छे नेताओं को लाने की कोशिश के तहत फडणवीस को दिल्ली बुलाना चाहती है.वे कहते हैं कि बिहार में जिस तरह से फडणवीस को चुनाव प्रचार की ज़िम्मेदारी दी गई है उसे इसी दिशा में एक क़दम माना जा सकता है.चोरमारे कहते हैं कि शायद बीजेपी देवेंद्र फडणवीस को केंद्र में लाना चाहती है.

तब से आज तक महाराष्ट्र की राजनीति में बीजेपी और शिवसेना के बीच शह और मात का खेल चल रहा है.इमेज स्रोत,INDRANIL MUKHERJEE/AFP via Getty Imagesशिवसेना और बीजेपी में कब-कब ठनी?राज्य में शिवसेना की एनसीपी और कांग्रेस के साथ सरकार बनने के बाद से ही बीजेपी के साथ तनाव बढ़ना शुरू हो गया था. एक साल से भी कम वक़्त में दोनों पार्टियों के बीच रिश्ते अपने निचले स्तर पर पहुँच चुके हैं.

मौजूदा टीआरपी घोटाले में चल रही तनातनी के अलावा इस दौरान ऐसी कई दूसरी घटनाएं भी हुई हैं जिन पर दोनों पार्टियां खुलकर एक-दूसरे के विरोध में आ गईं.पालघर मामलाइसी साल 16 अप्रैल को पालघर में दो साधुओं की लिंचिंग किए जाने का मसला भी बेहद गर्माया. बीजेपी ने इस मामले में उद्धव सरकार पर कड़ा हमला बोला. पालघर मामले की जाँच को लेकर पुलिस को कटघरे में खड़ा किया गया.

सुशांत सिंह राजपूत की मौतइसके बाद जून में एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से दोनों पार्टियों के बीच चीज़ें और बिगड़ती चली गई हैं.सुशांत सिंह की मौत ख़ुदकुशी थी या हत्या, इसे लेकर दोनों पार्टियों को एक-दूसरे पर हमलावर होने का मौक़ा मिल गया.चैनलों पर दिन-रात की बहस शुरू हो गई. सुशांत की गर्लफ्रेंड रहीं रिया चक्रवर्ती पर हत्या के आरोप लगे. साथ ही मुंबई पुलिस की मामले की जाँच के तौर-तरीक़ों पर भी ज़बरदस्त तरीक़े से सवाल खड़े किए गए.

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इमेज स्रोत,PRATHAM GOKHALE/HINDUSTAN TIMES VIA GETTY IMAGESसीबीआई को मामला सौंपने पर विवादमामला तब फिर फँस गया जब बिहार पुलिस ने सुशांत की मौत के मामले में एक एफ़आईआर दर्ज कर ली. बिहार पुलिस क्या इस मामले की जाँच कर सकती है या नहीं- इसे लेकर ख़ूब बवाल मचा. तब के बिहार डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे के बयान भी ख़ूब सुर्ख़ियों में रहे.

इसके बाद बिहार पुलिस ने मामला सीबीआई को सौंपने की सिफ़ारिश की और केंद्र सरकार ने इसे स्वीकार कर लिया.महाराष्ट्र सरकार ने इस पर कड़ी आपत्ति की थी और यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक चला गया था. हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने इसे सीबीआई को सौंपने पर अपनी मुहर लगा दी.

शिवसेना, कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों को लगता है कि बीजेपी की केंद्र सरकार अपने राजनीतिक फ़ायदे और विरोधियों को फँसाने के लिए सीबीआई, ईडी और दूसरी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है.ड्रग्स और बॉलीवुड की बदनामीसुशांत मामले में जब रिया चक्रवर्ती पर हत्या करने जैसे आरोप साबित नहीं हो सके तो ड्रग्स को लेकर जाँच चलने लगी. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने रिया, उनके भाई और कुछ अन्य लोगों को एनडीपीएस एक्ट में गिरफ़्तार कर लिया.

इसके अलावा, दीपिका पादुकोण, सारा अली ख़ान, श्रद्धा कपूर और रकुल प्रीत सिंह जैसी बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस से ड्रग्स चैट को लेकर पूछताछ की.इसे लेकर "बॉलीवुड को बदनाम करने" और "फ़िल्म इंडस्ट्री से ड्रग्स का सफ़ाया करने" जैसे दो मसलों पर एक तरफ़ शिवसेना खड़ी थी तो दूसरी तरफ़ बीजेपी. मामला संसद में भी ख़ूब गर्माया.

इससे पहले 1 जनवरी 2018 को भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा की जाँच केंद्रीय एजेंसी एनआईए को सौंपने को लेकर शिवसेना और बीजेपी आमने-सामने आ गई थीं.कल तक बँटी हुई दिख रही फ़िल्म इंडस्ट्री कैसे एकजुट हो गईभीमा कोरेगांव की जाँचमहाराष्ट्र की शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस सरकार के भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले के अभियुक्तों के ख़िलाफ़ आरोप पत्र की समीक्षा के लिए की गई बैठक के एक दिन बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मामले की जाँच राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी थी.

केंद्रीय गृह मंत्रालय के इस फ़ैसले के बाद महाराष्ट्र सरकार और केंद्र में विवाद पैदा हो गया था.31 दिसंबर 2017 को पुणे में एल्गार परिषद की बैठक में लोगों को कथित रूप से उकसाने के लिए नौ कार्यकर्ताओं और वकीलों को महाराष्ट्र पुलिस ने 2018 में गिरफ़्तार किया था.

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राज्य सरकार ने संकेत दिए थे कि यदि पुणे पुलिस आरोपों को साबित करने में विफल रही तो मामला एक विशेष जाँच दल (एसआईटी) को सौंपा जा सकता है. एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र लिखा था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पिछली भाजपा सरकार ने अभियुक्तों को फँसाने की साज़िश रची थी इसलिए इस मामले की समीक्षा होनी चाहिए.

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ओवैसी के गढ़ में बीजेपी चखेगी जीत का स्वाद? देखें दंगल

हैदराबाद में यूं तो हैं निकाय चुनाव, मगर उसकी गहमगमी किसी लोकल चुनाव की तरह नहीं है. निकाय चुनावों में बीजेपी के दिग्गज नेताओं ने पूरा दमखम झोंक दिया है. जेपी नड्डा हैदराबाद होकर आ चुके हैं. योगी आदित्यनाथ हैदराबाद में ही हैं. गृहमंत्री अमित शाह हैदराबाद में प्रचार करने जाएंगे. बीजेपी के दिग्गज नेताओं का यही प्रचार करना ओवैसी को अखर रहा है. उन्होंने उम्मीद भी नहीं की होगी कि निकाय चुनाव में बीजेपी इस कदर पूरी ताकत झोंक देगी. देखिए दंगल, रोहित सरदाना के साथ.

यह ‘naughty’ बनने के पहले की है ? कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है...अभी बीजेपी ने कुछ लोगो को बचाया है मोदीजी की pic से छेड़छाड़ क्यों?बिग बी सी नारायण नारायण नारायण राणे कौन से कठपुतली मोदी नहीं ? क्षेत्रियता भाषाईता में डूबे नहीं नहीं तो कहते 12करोड़ सड़क पर, कर ! भरा हमारा मन!! करो सिटि सेंटर की CBI जाँच राजस्थानी हमारी ईकोनोमी का हिस्सा! मेरे सांसद क्षेत्र के 800 व्यापारी की दुकान तबाह ~२००००की दिवाली काली

भाजपा ने एक प्यादा आगे बढ़ाया है और और शिवसेना ने घोड़े और ऊंट निकाल लिए है,चुकी राजा एक कदम चल चुका है इसलिये कैशलिन नहीं हो सकता । सही बात है, मगर सारे मोहरे भाजपा के ही बाहर निकल कर आ रहे। शिवसेना का कोई भी मोहरा अभी तक एक चाल नहीं चला है। हो सकता है कि शिवसेना का कोई मोहरा सीधे check mate के लिए निकल चुका हो। इस लिए शिवसेना ने खुल कर चुनौती दे दी।

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कोरोना की वजह से खत्म हो रही लाखों लोगों की जान लेने वाली ये बीमारी?प्रोफेसर जेम्स स्टीवार्ट कहते हैं कि इम्यून सिस्टम पहले संक्रमण के बाद एक्टिव होते हैं और वायरस को खत्म करते हैं. इसी दौरान अगर कोई दूसरा वायरस शरीर में आता है तो उसे भी इम्यून सिस्टम खत्म कर देता है.

फैक्ट चेक: मंदिर में तोड़फोड़ की ये तस्वीर ऑस्ट्रेलिया की है, पंजाब की नहींसोशल मीडिया पर एक तस्वीर के जरिए दावा किया जा रहा है कि पंजाब में एक रामलीला आयोजन पर हमला हुआ है. तस्वीर में एक बड़े कमरे में पूजा सामग्री और भगवानों की तस्वीरों को जमीन पर अस्त-व्यस्त हालत में देखा जा सकता है. arjundeodia ye news room toh tera hai😆🖕🖕 arjundeodia Dalle log arjundeodia Khud fake news dene wale antifake news bata rhe h .waese 27 oct ko raat 8 bje maafi mangni h suna h ?

जब नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षा पाटलिपुत्र से इन्द्रप्रस्थ कुच कर रही थीपाटिलपुत्र की कहानी अब वर्तमान को ओर बढ़ रही है. नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री तीसरी बार 2010 में बन गए थे. लेकिन अब उनकी महत्वाकांक्षा थी वो पाटलिपुत्र के दायरे से निकल कर इन्द्रप्रस्थ की ओर कुच कर रही थी. कई लोग ऐसे थे, जो नीतीश कुमार को एनडीए में सर्व स्वीकार नेता मान रहे थे. लेकिन शायद उन लोगों ने बीजेपी की बैठकों में मोदी-मोदी का शोर नहीं सुना था. देखें वीडियो. बिहार में एक पलायन मंत्री और पलायन आयोग तो होना ही चाहिए क्योंकि बिहार बहुत तरक्की कर चुका है..इसको जनता के सामने लाना पड़ेगा😂 आज ही के दिन माता जानकी के सम्मान में प्रभू श्रीराम ने रावण को वध किये थे ! आपसे उम्मीद है कि माता जानकी को समर्पित इस पोस्टर को के तरफ़ से अवश्य शेयर करेंगे , और पैसा हो तो बड़े होडिंग बनवा देंगे 🙏 आपकी जय हो विजय हो 🙏 सीतामढ़ी_मांग There has to be a vision, plans, defined actions to develop Bihar in another 10 years, then only we can see where we are going and where we are. What do you think? Will Bihar suffer with the same disease again i.e. no vision, no plans, just random work?

पापांकुशा एकादशी करने से सभी तरह की परेशानी दूर होती हैपापांकुशा एकादशी का विधि विधान से व्रत और पारण किए जाने से शरीर तथा आत्मा शुद्ध रहते हैं। यह एकादशी अपार धन, समृद्धि और सुख देती है।

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