शाहीन बाग़ पर सुप्रीम कोर्ट: संजय हेगड़े प्रदर्शनकारियों से बात करें

शाहीन बाग़ पर सुप्रीम कोर्ट: संजय हेगड़े प्रदर्शनकारियों से बात करें

17.2.2020

शाहीन बाग़ पर सुप्रीम कोर्ट: संजय हेगड़े प्रदर्शनकारियों से बात करें

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी लोग सड़क पर प्रदर्शन करने लगेंगे तो क्या होगा.

शेयर पैनल को बंद करेंइमेज कॉपीरइटGetty Imagesसुप्रीम कोर्ट ने नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) के ख़िलाफ़ दिल्ली के शाहीन बाग़ में चल रहे विरोध प्रदर्शन के मामले में वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े को मध्यस्थ नियुक्त किया है. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें प्रदर्शनकारियों से बात करने को कहा है.

शाहीन बाग़ के प्रदर्शनकारियों से बात करने संजय हेगड़े के साथ वजाहत हबीबुल्लाह और वकील साधन रामचंद्रन भी जाएँगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ये लोग कहीं और जाकर प्रदर्शन करने के मुद्दे पर बात करेंगे.सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय बेंच ने यह आदेश दिया है. इस बेंच की अगुआई जस्टिस संजय किशन कौल कर रहे हैं. साथ ही उनके साथ इस बेंच में जस्टिस केएम जोसेफ भी हैं. अब इस मामले की सुनवाई सोमवार को होगी.

साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा है कि प्रदर्शन के लिए सड़क को बंद न करें. सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग़ में चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर और क्या कहा--दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को हलफ़नामा दाख़िल करने को कहा.आप दिल्ली को जानते हैं और यहाँ के ट्रैफ़िक को भी

.विरोध करने का अधिकार है, रास्ता बंद करने का नहीं.समस्या दिल्ली के ट्रैफ़िक को लेकर है.ये जनजीवन को ठप करने की समस्या से जुड़ा हुआ है.विरोध के नाम पर सब सड़क पर प्रदर्शन करने लगेंगे तो क्या होगा.इमेज कॉपीरइटGetty Imagesबीजेपी नेता और पूर्व विधायक डॉक्टर नंद किशोर गर्ग ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. याचिका में मांग की गई थी कि अदालत केंद्र सरकार और दूसरी संस्थानों को आदेश दे कि शाहीन बाग़ का प्रदर्शन ख़त्म कराया जाए.

याचिका में ये भी मांग की गई थी कि अदालत भारत सरकार को निर्देश दे कि वो धरना प्रदर्शन के संबंध में एक समग्र गाइडलाइन तय करे ताकि सार्वजनिक जगहें बाधित न हों.शाहीन बाग़ में 15 दिसंबर के बाद से लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इसके कारण कालिंदी कुंज के पास दिल्ली से नोएडा को जोड़ने वाली सड़क बंद है और आम लोगों को काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

धरने पर बैठने वालों में सबसे ज़्यादा महिलाएं हैं और उनका कहना है कि जब तक सरकार सीएए क़ानून वापस नहीं लेती वो प्रदर्शन करती रहेंगी.

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कोई बात भी नहीं सुन रहा है अब तो फ्री की बिरयानी भी मिलना बंद हो रहा है ये उठने को तैयार है लेकिन कोई पूछ ही नहीं रहा है। सुप्रीम कोर्ट प्रोटेस्टर्स की मांग है आप काले कानून CAA पर रोक लगाएँ। प्रदर्शनकारियों की मांगें सुनने की बजाए , सुप्रीम कोर्ट मध्यस्थता के लिए लोग नियुक्त कर रहा है कि प्रोटेस्टर्स कहीं और जा कर प्रोटेस्ट करें,रोड जाम न करें। हर बार सुनवाई CAA के बजाए बाकी सब चीजों पर क्यों?

very good says by vineet malhotra director of arrow engineering यह संजय हेगड़े कौन है? CAA Ko Dharmik Rng Me Rang Diya Gya Hai. इन लोगों को मोदी जी की प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना के बारे में बताएं। 2 महीने से काम धान्धा पंचर हज्जाम की दुकान बन्द कर किन्नरो की बेगमे 500/700 के धंधे पर बैठी हुई है और SC उनके जाहिल शौहरो का बिरयानी छिन लेना चाह्ता है । ई ना चोल्बो🤣🤣🤣🤣

KaranDe76737049 जज साहब संघी सरकार कौन सा भांग पिये है CAA वापस ले या आप इस पर रोक लगाए जब हो ये सब खत्म होगा अन्यथा नही Kyo pareshan lar rahe ho..koi.baat nhi karna..aur kyo kare baat..sanjay ji kaunsi nai baat batayenge..sach to sbko pahale se pata hai सब जिहादी गजवा हिन्द सोच से चलने वाले आतंकवादी है

Koi fayda nahin hoga

सेना में कमांड पोस्ट पर महिलाओं की तैनाती पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फटकाराकेंद्र सरकार ने कहा था कि भारतीय सैन्य अधिकारी महिलाओं को अपने समकक्ष स्वीकार नहीं कर पाएंगे. Kindly do not weaken the male soldiers and officers by increasing their lust.

हम भक्त क्या हुए, तुम तो देशद्रोही ही हो गये, हमने मोदी को क्या चुना, तुम विरोध के लिये आतंकी को ही बाप बना बैठे... We reject CAA JamiaUnderAttack फ्री की बिरयानी खाने वाले नहीं मानेंगे😊😊 Baat se agar baat nahi bani, to sc lath dalne ke tayri me. फेक वीडियो के लिए शर्म करो जेहाद को दिमाग में रखने वाले रिपोर्टर को निकालो

सरकार से बात करके बैठे थे क्या शाहीनबाग वाले ❓ भाडमे जाए ये लोग सरकार को कोई बातचीत नही करनी चाहिए सुअरों से

सुप्रीम कोर्ट की फटकार का एयरटेल पर हुआ तुरंत असर, तत्काल जमा किए 10,000 करोड़ रुपयेकंपनी ने एक बयान में कहा कि वह बाकी की राशि का भुगतान भी सेल्फ इवैलुएशन के बाद कर देगी.

सामुदायिक रसोई मामला: सुप्रीम कोर्ट ने हलफनामा दाखिल नहीं करने वाले राज्‍यों पर जुर्माना बढ़ायासुप्रीम कोर्ट ने देशभर में सामुदायिक रसोइयां बनाए जाने के मामले में दिल्ली महाराष्ट्र मनीपुर ओड़िशा और गोवा पर जुर्माना राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया है।

अमित शाह से मुलाक़ात पर क्या बोले शाहीन बाग़ के प्रदर्शनकारी?शाहीन बाग़ में ही प्रदर्शन कर रहे एक वर्ग का कहना है कि वो अमित शाह से मिलने नहीं जाएगा. जिस दिन हिंदुस्तान का मुसलमान दो जमात ज्यादा पढ़ लेगा उस दिन आधा पाकिस्तान ऐसे ही खत्म हो जाएगा Bc inke chakkar me kisi Ka flat bik gaya kisi Ka baccha khap gaya ab Akal Ayee ? AmitShah JI No need

शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन के खिलाफ याचिकाओं पर आज सुनवाईदिल्ली के शाहीन बाग इलाके में पिछले करीब दो महीने से सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था- प्रदर्शन के लिए कोई रास्ता अनिश्चितकाल के लिए कैसे बंद कर सकते हैं | Supreme Court hearing Petitions against ongoing demonstrations in Shaheen Bagh news and updates एक सुनवाई , रोजगार पर भी तो होनी चाइये। aarti_dulneey 01shivendra yuvayogii

Shashi Tharoor | शशि थरूर पर कोर्ट ने लगाया 5000 रुपए का जुर्मानानई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर ‘बिच्छू’ संबंधी टिप्पणी करने को लेकर दायर मानहानि मामले की सुनवाई में उपस्थित नहीं होने पर शनिवार को कांग्रेस नेता शशि थरूर पर 5000 रूपए का हर्जाना लगाया।



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