Re, Lightning, Laser, Control Lightning With Laser, Control Lightning With Giant Laser, University Of Geneva, Santis Radio Transmission Tower, Santis Tower, Swiss Alps, Protecting From Lightning, बिजली, लेजर, लेजर के जरिए आकाशीय बिजली पर नियंत्रण, बड़ी लेजर लाइट से बिजली पर नियंत्रण, जेनेवा यूनिवर्सिटी, सैंटिस रेडियो ट्रांसमिशन टावर, सैंटिस टॉवर, स्विस एल्प्स, बिजली से बचाव

Re, Lightning

लेजर लाइट से आकाशीय बिजली को मार गिराएंगे वैज्ञानिक, नया प्रयोग

लेजर से मार गिराएंगे आकाशीय बिजली को... #RE

25-08-2021 02:30:00

लेजर से मार गिराएंगे आकाशीय बिजली को... RE

स्विस एल्प्स के पहाड़ों के ऊपर एक अनोखा प्रयोग होने वाला है. इसमें आकाशीय बिजली को जमीन से लेजर लाइट फेंककर नियंत्रित करने का प्रयास किया जाएगा. इस काम के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ जेनेवा को वैज्ञानिक दिन-रात काम कर रहे हैं. वैज्ञानिकों ने सैंटिस रेडियो ट्रांसमिशन टावर की चोटी पर एक बड़े लेजर लाइट को लगाया है. जो बिजली के पैदा होते ही आकाश में लेजर छोड़ेगा. यह एक तरह का अत्याधुनिक लाइटनिंग रॉड की तरह काम करेगा.

2/12वैज्ञानिकों की इस टीम को स्विट्जरलैंड के वैज्ञानिक जीन पियरे वोल्फ लीड कर रहे हैं. वो 20 सालों से लेजर पर काम कर रहे हैं. अब उनका प्रयास है कि वो लेजर के जरिए आकाशीय बिजली और मौसम को नियंत्रित कर सकें. लेजर एक बेहद पतली और उच्च-ऊर्जा वाली रोशनी होती है. इसका उपयोग हीरे की कटाई, सर्जरी से लेकर बारकोड रीडिंग तक किया जाता है. अब जीन पियरे वोल्फ इसके जरिए हमें आकाशीय बिजली से बचाना चाहते हैं.

नारायण राणे का दावा, मार्च में महाराष्ट्र में बीजेपी सरकार बनाएगी - BBC Hindi चीन और ताइवान को लेकर सोलोमन द्वीप में हिंसा, बुलाई गई ऑस्ट्रेलियाई पुलिस - BBC Hindi BJP विधायक ने किया स्टिंग ऑपरेशन: रात के अंधेरे में पुलिसवाले कर रहे थे वसूली, ट्रक ड्राइवर बनकर MLA मंगेश चव्हाण ने पकड़ा

(फोटोः गेटी)3/12जीन पियरे की टीम में पेरिस यूनिवर्सिटी, लॉउसेन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक, रॉकेट बनाने वाली कंपनी एरियन समूह के साइंटिस्ट और लेजर लाइट बनाने वाली जर्मन हाई-टेक कंपनी ट्रम्फ के लोग शामिल हैं. कोरोना की वजह से एक साल देरी के बावजूद अब लेजर लाइट फेंकने वाली नली को सैंटिस (Santis) पहाड़ के ऊपर लगा दिया गया है. इस चोटी की ऊंचाई 8200 फीट है.

(फोटोः एपी)4/12वोल्फ ने कहा कि यूरोप में यह इकलौती ऐसी चोटी है, जहां पर सबसे ज्यादा बिजली गिरती है. यहां पर एक रेडियो ट्रांसमिशन टावर है, जिसपर साल में 100 से 400 बार बिजली गिरती है. इसलिए यहां पर प्रयोग करना और उसे पुख्ता करना आसान होगा. अब मुद्दा ये है कि होगा कैसे? आपको बता दें कि जब तूफानी बादलों के बीच की हवा आपस में टकराती है, तब वहां मौजूद आइस क्रिस्टल और पानी की बूंदें एकदूसरे से रगड़ती हैं. इससे इलेक्ट्रॉन्स निकलते हैं. headtopics.com

(फोटोः गेटी)5/12ये इलेक्ट्रॉन्स एक तरह का चार्ज पैदा करते हैं, जो अपोजिट चार्ज को अपनी तरफ खींचता है. यह इलेक्ट्रिक फील्ड बेहद मजबूत होता है. लेजर लाइट भी प्राकृतिक माहौल के बीच इलेक्ट्रिक फील्ड पैदा करने की क्षमता रखती है. लेकिन अपोजिट चार्ज के साथ. जीन पियरे वोल्फ अपनी लेजर लाइटनिंग रॉड के साथ आकाश में बिजली पैदा करेंगे. उसके बाद उसपर नियंत्रण करेंगे. इसके बाद जब आकाशीय बिजली गिरेगी तब उसपर परीक्षण किया जाएगा.

(फोटोः एपी)6/12यह लेजर लाइट मौजूदा 400 फीट ऊंचे रेडियो टावर के बगल से ही आकाश की तरफ दागी जाएगी. पारंपरिक तौर पर लाइटनिंग रॉड एक बेहद सीमित क्षेत्र को आकाशीय बिजली से बचाती हैं. जीन पियरे ने बताया कि इस प्रयोग का सबसे पहला उपयोग सैटेलाइट ले जाने वाले रॉकेट की सुरक्षा के लिए किया जा सकता है. अक्सर लॉन्च के समय बिजली गिरती तो नहीं है लेकिन आकाश में कड़कती है. साथ ही यह एयरपोर्ट पर भी लगाया जा सकेगा.

(फोटोः गेटी)7/12जीन पियरे वोल्फ ने कहा कि हर साल आकाशीय बिजली से बचाव के लिए यंत्रों की मांग तेजी से बढ़ रही है. ये करोड़ों-अरबों का व्यापार है. अमेरिका में बिजली गिरने की घटनाओं से हर साल करोड़ों रुपयों का नुकसान होता है. इसकी वजह है लगातार हो रहा जलवायु परिवर्तन. लेजर लाइट से आकाशीय बिजली को नियंत्रित करने के इस प्रोजेक्ट को यूरोपियन कमीशन फंड कर रहा है. यह प्रयोग अभी अपने शुरुआती चरणों में है.

(फोटोः PTI)8/12जीन पियरे ने बताया कि हर साल दुनिया भर में 6 से 24 हजार लोग बिजली गिरने से मरते हैं. करोड़ों रुपयों के इलेक्ट्रॉनिक्स और ढांचे का नुकसान होता है. आकाशीय बिजली एक बड़ी आपदा है. लेजर लाइटनिंग रॉड रेडियो टावर से ऊर्जा लेगा. हमने इस पूरे साइंटिफिक प्रोजेक्ट को सैंटिस चोटी पर पहुंचाने के लिए केबल कार और हेलिकॉप्टर्स की मदद ली है. यह एक बेहद बड़ी लेजर लाइट है. headtopics.com

किसान आंदोलन का एक साल पूरा, क्या खोया-क्या पाया - BBC News हिंदी Prayagraj: प्रियंका गांधी ने पीड़ित दलित परिवार से की मुलाकात, कहा- यूपी में गरीबों, दलितों और किसानों की कोई सुनवाई नहीं कोरोना के नए वैरिएंट का डर, दुनिया भर में गिरे शेयर बाज़ार - BBC Hindi

(फोटोः गेटी)9/12इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 29 टन का माल और यंत्र सैंटिस चोटी पर पहुंचाए गए हैं. इसके अलावा 18 टन का कॉन्क्रीट मैटेरियल भी इस ऊंचाई तक पहुंचाया गया है. इस चोटी पर हवा की गति करीब 193 किलोमीटर प्रतिघंटा रहती है. ऐसे में यहां पर किसी वस्तु को संतुलित तरीके से खड़ा करना एक बड़ा और दुरूह कार्य है. इस पूरे सिस्टम को चोटी पर लगाने में करीब 2 हफ्ते का समय लगा है. अब यह लेजर लाइट प्रयोग के लिए तैयार है.

(फोटोः PTI)10/12लेजर लाइट हर सेकेंड 1000 पल्स आकाश की तरफ फेकेंगी, जो कि किसी भी परमाणु संयंत्र की ताकत के बराबर है. लेकिन यह लाइट बेहद कम समय के लिए छोड़ी जाएगी. सुरक्षा के लिए इस लेजर लाइट के चारों तरफ पांच किलोमीटर के इलाके को नो-फ्लाई जोन घोषित कर दिया गया है ताकि कोई नागरिक, मालवाहक या सैन्य विमान इधर से न गुजरे. लोगों को भी मना किया गया है कि इसे देखने से बचें. क्योंकि इससे उनकी आंखों को नुकसान हो सकता है.

(फोटोः गेटी)11/12लेजर लाइट हमेशा ऑन नहीं होगा. सिर्फ उसी समय इसे ऑन किया जाएगा, जब आकाशीय बिजली के पैदा होने की संभावना होगी. लेजर लाइट के साथ यहां पर कई ताकतवर कैमरे भी लगाए गए हैं, जो आकाशीय बिजली और लेजर लाइट के प्रयोग की तस्वीरें 3 लाख फ्रेम प्रति सेकेंड की दर से फोटो लेंगे. इससे वोल्फ और उनकी टीम को लेजर और आकाशीय बिजली के टकराव, मिलन आदि की जानकारी मिलेगी.

(फोटोः PTI)12/12जीन ने बताया कि उनकी लेजर लाइट बेहद रुचिकर है. जैसे ही यह लेजर लाइट अपनी पूरी तीव्रता के साथ आकाश में जाएगी, यह लाल रंग से बदलकर सफेद हो जाएगी. इसे देखना किसी हैरान कर देने वाली घटना से कम नहीं होगा. इसके प्रयोग सितंबर के अंत तक चलेंगे. क्योंकि इस समय स्विस एल्प्स के पहाड़ों के ऊपर आकाशीय बिजली गिरने की संभावना ज्यादा होती है. इसके बाद के प्रयोग किसी एयरपोर्ट पर किए जाएंगे. जिसकी तकनीक अगले कुछ सालों में विकसित कर ली जाएगी. headtopics.com

और पढो: आज तक »

दंगल: क्या अब्बाजान और चिलमजीवी ही यूपी चुनाव के मुद्दे हैं?

उत्तर प्रदेश में चुनाव का माहौल जैसे-जैसे गर्माता जा रहा है, नेताओं की जुबान तीखी होती जा रही है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार को एक बार फिर चिलमजीवी कह के घेरा है. अखिलेश अक्सर चिलम फूंकने का आरोप लगाकर योगी आदित्यनाथ को घेरते रहे हैं. लेकिन चिलम के नाम पर अखिलेश को जवाब संत समाज की ओर से मिला है. कुछ साधु संतों ने इसे संतों का अपमान बताकर अखिलेश से माफी की मांग की है. आज दंगल में देखें क्या चिलम वाले बयान पर अखिलेश ने संतों की नाराजगी मोल ले ली है? और क्या 2022 के चुनाव में इसका असर पड़ेगा? देखें वीडियो.

Good experiment... If your Twitter account is 3months and 1 year above then you can earn $10,000 to $20,0000 weekly ask the admin HOW via mail's our company platform now for more information? WhatsApp number 👇 👇 👇 👇 👇 👇 +12137758344

ईस्ट बंगाल-प्रायोजक के विवाद को सुलझाने के लिए ममता ने बुधवार को बुलाई जरूरी बैठकमुख्यमंत्री ममता बनर्जी मसले के समाधान के लिए राज्य सचिवालय नवान्न में जरूरी बैठक बुलाई है जिसमें क्लब व श्री सीमेंट दोनों पक्षों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।यह विवाद अगर जल्द नहीं सुलझा तो ईस्ट बंगाल के लिए इंडियन सुपर लीग के अगले सत्र में खेलना मुश्किल हो सकता है।

WhatsApp के चैट्स को पढ़ने के लिए हैकर्स अपनाते हैं ये तरीके, ऐसे रहें सेफइंस्टैंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp काफी पॉपुलर है. इसमें कई सिक्योरिटी फीचर्स भी दिए गए हैं. इसमें यूजर्स के मैसेज एंड-टू-एंड इन्क्रिप्टेड होते हैं. लेकिन फिर भी हैकर्स WhatsApp मैसेज का एक्सेस कर लेते हैं. हम आपको यहां पर कुछ ऐसे ही तरीकों के बारें में बता रहे हैं जिससे WhatsApp के पर्सनल मैसेज तक हैकर्स पहुंच सकते हैं.

Amrit Mahotsav: तमाम चुनौतियों को स्वीकार करते हुए विज्ञान-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में गौरव के पलविज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तमाम चुनौतियों को स्वीकार करते हुए हमारे विज्ञानियों ने न सिर्फ अंतरिक्ष में भारत को विकसित देशों की श्रेणी में ला खड़ा किया बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी कई कीर्तिमान बनाए हैं।

महर्षि वाल्मीकि को तालिबान के जैसा बताने पर शायर मुनव्वर राणा के खिलाफ गुना में FIRएमपी बीजेपी की एससी सेल के सचिव सुनील मालवीय का आरोप है कि मुनव्वर राणा ने भगवान वाल्मीकि की तुलना तालिबानियों से कर के दलित समाज का अपमान किया है और हिंदू आस्था को चोट पहुंचाई है। क्यों वाल्मीकि के बारे बहुत ख़राब लगता है। तुम हत्या करो तो धर्म और दूसरा करे तो अधर्म। वाह रे हरामखोर!!

Afghanistan Crisis: Panjshir के अहमद मसूद को सरेंडर करने के लिए धमकी, यूक्रेन का विमान हाईजैक !अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में यूक्रेन के एक विमान को हाईजैक करने का मामला सामने आया है...... यूक्रेन (Ukraine) के एक मंत्री ने इसकी पुष्टि की है..... जानक...

बयानों पर बवाल : सलाहकारों के कमेंट्स को लेकर नवजोत सिंह सिद्धू बीजेपी के निशाने परबीजेपी ने पंजाब की कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के दो सलाहकारों द्वारा की गई विवादित टिप्पणियों के लिए विपक्षी पार्टी पर निशाना साधा और उसके नेता राहुल गांधी से मामले पर जवाब देने की मांग की. केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने भी ट्विटर पर सिद्धू द्वारा नवंबर 2019 में दिए बयान को पोस्ट किया जिसमें वह करतारपुर साहिब गलियारे के उद्घाटन समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की प्रशंसा करते हुए दिख रहे हैं और सवाल किया कि क्या उनके सलाहकारों को इन टिप्पणियों से प्रेरणा मिली है. उल्लेखनीय है कि सिद्धू के सलाहकार मालविंदर सिंह माली ने कथित तौर पर दावा किया है कि ‘‘ कश्मीर, कश्मीरी लोगों का देश है’’ जबकि एक अन्य सलाहकार प्यारे लाल गर्ग ने पाकिस्तान की आलोचना करने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की निंदा की है. Please follow me🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 MDAspakKhan5 सिद्धू लगातार सेल्फ गोल करँगे Ye congress ko dubane mein laga hai... Well done INCIndia