Rukminibanerji, Columnist

Rukminibanerji, Columnist

रुक्मिणी बनर्जी का कॉलम: यह तय हो कि 16 साल तक की आयु तक क्या करना और सोचना आना चाहिए; 10वीं तक की शिक्षा-परीक्षा अब ऐसी होनी चाहिए

रुक्मिणी बनर्जी का कॉलम: यह तय हो कि 16 साल तक की आयु तक क्या करना और सोचना आना चाहिए; 10वीं तक की शिक्षा-परीक्षा अब ऐसी होनी चाहिए #RukminiBanerji #columnist

20-10-2021 10:01:00

रुक्मिणी बनर्जी का कॉलम: यह तय हो कि 16 साल तक की आयु तक क्या करना और सोचना आना चाहिए; 10वीं तक की शिक्षा-परीक्षा अब ऐसी होनी चाहिए RukminiBanerji columnist

हर साल माता-पिता, छात्र-छात्राएं और शिक्षक दसवीं की परीक्षा की प्रतीक्षा करते हैं। कहीं-न-कहीं दसवीं की परीक्षा, सबके लिए इम्तिहान बन चुकी है। परिणाम माता-पिता, शिक्षक व विद्यालयों के लिए भी इज्जत का सवाल बन गए हैं। अमूमन विद्यालयों में दसवीं की तैयारी कई साल पहले से होने लगती है। | Decide what to do and think by the age of 16; Education-exam up to 10th should now be like this

रुक्मिणी बनर्जी का कॉलम:यह तय हो कि 16 साल तक की आयु तक क्या करना और सोचना आना चाहिए; 10वीं तक की शिक्षा-परीक्षा अब ऐसी होनी चाहिए8 घंटे पहलेकॉपी लिंकरुक्मिणी बनर्जी, ‘प्रथम’ एजुकेशन फाउंडेशन से संबद्धहर साल माता-पिता, छात्र-छात्राएं और शिक्षक दसवीं की परीक्षा की प्रतीक्षा करते हैं। कहीं-न-कहीं दसवीं की परीक्षा, सबके लिए इम्तिहान बन चुकी है। परिणाम माता-पिता, शिक्षक व विद्यालयों के लिए भी इज्जत का सवाल बन गए हैं। अमूमन विद्यालयों में दसवीं की तैयारी कई साल पहले से होने लगती है।

Omicron की महाराष्ट्र के बाद राजस्थान में दहशत, 9 नए केस के साथ देश में हुए कुल 21 संक्रमित बीजेपी पर राघव चड्ढा का गंभीर आरोप, कहा- हमारे MLA, MP को खरीदने की कोशिश ओमिक्रॉन: भारत में एक दिन में 4 से 21 पहुंची संक्रमितों की संख्या - BBC News हिंदी

स्कूल के अलावा ट्यूशन क्लास में भीड़ होना, घर में पढ़ाई का गंभीर वातावरण बनना, ये सब स्वाभाविक हो गया है। लेकिन पिछले डेढ़ साल से पढ़ाई जैसे होती थी वैसे नहीं हो पाई। कोविड की पीड़ा के बाद यह सोचना ज़रूरी हो गया है कि कक्षा नौ और दस के साथ क्या करना चाहिए? जो पहले से होता आया है वही होना चाहिए या कोई दूसरा रास्ता ढूंढा जा सकता है?

देश के अलग-अलग राज्यों में परिस्थिति अलग होगी, ये समझना आसान है। पर एक ही जगह, विभिन्न इलाकों में और विभिन्न तरह के स्कूलों की स्थिति में काफी फर्क दिख रहा है। जैसे शहरों को देखिए। बड़े बच्चों के लिए स्कूल खोल दिए हैं, लेकिन प्राइवेट स्कूल में छात्रों की उपस्थिति आमतौर पर कम है। दूसरी तरफ सरकारी विद्यालयों की स्थिति देखिए। ऐसे विद्यालयों के शिक्षकों का कहना है कि जब से स्कूल खुले हैं, सरकारी विद्यालयों में उपस्थिति की समस्या नहीं हुई, खासकर दसवीं में। headtopics.com

कक्षा नौ के छात्र-छात्राओं के बारे में याद रखें कि वे मार्च 2020 में कक्षा सात में थे और अब कक्षा नौ में पहुंच गए हैं। इस दौरान शिक्षकों और अभिभावकों ने उनकी पढ़ाई जारी रखने के प्रयास किए होंगे, पर उसका असर इन छात्रों पर हुआ है यह अनुमान लगाना कठिन है। इसी तरह आज जो छात्र-छात्राएं कक्षा दस में हैं वे 2020 में आठवीं में थे।

इन बच्चों के लिए पाठ्यक्रम क्या होने चाहिए? इनके लिए सीखने-सिखाने की कौन-सी गतिविधियां सही होंगी? विद्यालय तो खुल गए हैं, पर खुलते-खुलते आधा साल बीत चुका है। आजकल ‘लर्निंग लॉस’ (सीखने का नुकसान) चर्चा में है। इस क्षति को दो भागों में समझना होगा।पहला भाग उन ज्ञान और दक्षताओं का होगा जो बच्चे भूल गए हैं और दूसरा भाग होगा उन चीज़ों का जिन्हें सीखने का मौका ही इन छात्रों को नहीं मिला। अधिकतर छात्र-छात्राएं जिस कक्षा में हैं, वास्तव में वे उस कक्षा के स्तर पर नहीं हैं। हो सकता है प्राइवेट स्कूल के छात्र-छात्राओं का स्तर अलग हो क्योंकि उन्हें लगातार ऑनलाइन शिक्षा मिलती रही लेकिन सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं को ऐसी सुविधाएं नहीं मिल पाईं।

छात्रों की हकीकत को ज़मीनी स्तर से देखकर और उनकी समस्याओं को नज़दीक से समझकर रणनीति बनाना बहुत ज़रूरी है। सभी को पता है कि पिछले साल से स्कूली शिक्षा के मामले में 2020 और 2021 असाधारण और असामान्य थे, पर हमने शिक्षा-परीक्षा के उसूल या प्रतिरूप को गहराई या गंभीरता से बदलने का प्रयास नहीं किया है।

पाठ्यक्रम को हल्का करना, बोर्ड परीक्षा की तारीख को आगे-पीछे धकेलना, कुछ परीक्षाएं अभी और कुछ बाद में होना, परीक्षा प्रश्नों का आसान करना, ये मामूली समायोजन हैं, दूरदर्शी नहीं। अवास्तविक अपेक्षाओं का मूल्यांकन करना छात्रों व शिक्षकों के समय का नुकसान है। headtopics.com

महाराष्ट्र में Omicron ने बढ़ाई टेंशन, नाइजीरिया से लौटे परिवार के 6 लोग संक्रमित, देश में कुल 12 केस ट्विटर पर ट्रेन्ड हुआ Diljit Dosanjh का बर्थडे, फैंस बोले- ट्विटर भी आपका दीवाना लगदा गोवा में केजरीवाल का ऐलान- सरकार बनी तो मिलेगी मुफ्त बिजली और महिलाओं को हर माह ढाई हजार

महामारी काल के अनुभव से और नई शिक्षा नीति 2020 के आगमन से, एक सुनहरा मौका हमारे सामने है कि यह तय कर लिया जाए कि हिंदुस्तान के किसी भी युवक या युवती को 16 साल की आयु तक क्या करना और सोचना आना चाहिए। वैसे भी, इस उम्र के नौजवान अपने-आप बहुत कुछ सीखते हैं; कुछ विद्यालय में और बहुत कुछ विद्यालय के बाहर। कोविड-काल में उन्हें बहुत कुछ सीखना पड़ा है। अगर शिक्षा दूसरे किस्म की हुई है तो इस शिक्षा की परीक्षा या परिणाम और मूल्यांकन भी दूसरे तरीके से होना चाहिए।

(ये लेखिका के अपने विचार हैं) और पढो: Dainik Bhaskar »

व‍िकास के एक्सप्रेस-वे का क्या है व‍िजन? केंद्रीय सड़क और पर‍िवहन मंत्री न‍ित‍िन गडकरी ने बताया

पूरे दो साल बाद फ‍िर सज चुका है 'एजेंडा आजतक' का मंच, ज‍िसमें आज और 4 दिसंबर को कई दिग्गज श‍िरकत करेंगे. 'एजेंडा आजतक' के नौवें संस्करण के पहले सत्र 'व‍िकास का एक्सप्रेस-वे' में केंद्रीय सड़क और पर‍िवहन मंत्री न‍ित‍िन गडकरी ने अपने मंत्रालय के कामों और योजनाओं पर खुलकर बात की. उन्होंने दावा क‍िया क‍ि सड़कों को बनाने को लेकर हम ट्रांसपरेंट, रिजल्ट ओरिएंटेड, टाइम बाउंड और क्वालिटी कान्शियस हैं. सत्र की मॉडरेटर अंजना ओम कश्यप ने उनसे सवाल पूछा क‍ि व‍िकास के एक्सप्रेस-वे का उनका व‍िजन क्या है? व‍िकास के हाइवे पर उनके मंत्रालय की गाड़ी क‍ितनी तेज दौड़ रही है? इस पर क्या रहा न‍ित‍िन गडकरी का जवाब, जानने के ल‍िए देखें ये वीड‍ियो.

मानसिक गुलाम बना दो यही कसर बची है

Kushinagar को Airport की सौगात, Jyotiraditya Scindia ने की PM Narendra Modi की तारीफपीएम नरेंद्र मोदी ने कुशीनगर एयरपोर्ट का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि भारत बौद्ध समाज की आस्था का केंद्र है. इस कार्यक्रम में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी हिस्सा लिया. कार्यक्रम में सिंधिया ने बताया कि दिल्ली से कुशीनगर के लिए सीधी फ्लाइट 26 नवंबर से शुरू होगी. उसके बाद 18 दिसंबर को कुशीनगर को मुंबई और कोलकाता से जोड़ा जाएगा. केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को 260 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. इसमें टर्मिनल 3 हजार 600 वर्ग मीटर में फैला है. नया टर्मिनल भीड़भाड़ वाले समय में 300 यात्रियों को आने-जाने की सुविधा देगा. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वीडियो. यही खास है कि yadavakhilesh जी कह रहे हैं, हवाई अड्डा उन्होने ने बनवाया है और मोदी जी रिबन काट रहे हैं।

पीलीभीतः धान की तौल ना होने पर किसान ने की आत्महत्या की कोशिश, मचा हड़कंपफंदा लगाकर आत्महत्या की कोशिश करने वाले किसान को वहां मौजूद किसानों ने किसी तरह रोका. वहीं, सूचना मिलने के बाद उप जिलाधिकारी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद धान की तौल शुरू करा दी गई. ढोंगी है तो मुमकिन है

कर्नाटकः हिंदुत्ववादी संगठन ने की मीट की दुकान में तोड़फोड़, पुलिस ने दी समझौते की सलाहयह घटना आठ अक्टूबर को बेलागावी शहर के बाहर हुई थी, लेकिन इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सामने आई. पीड़ित मुस्लिम परिवार ने शिकायत में कहा है कि क्षेत्र में एक मंदिर के उद्धाटन के चलते उन्हें दुकान न खोलने की धमकी देते हुए तोड़फोड़ की गई. आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज नहीं की.

Honda ने किया कई नई इलेक्ट्रिक कारों का ऐलान, अगले साल तक होगी तैयार!एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में Honda ने e:NS1 और e:NP1 से पर्दा उठाया है। नई e:N सीरीज़ फिलहाल चीन तक सीमित है और आने वाले समय में इस सीरीज़ में लॉन्च होने वाली सभी कारें चीन में ही लॉन्च की जाएंगी। Respected Sir, Please take action for making Permanent Services for COMMUNITY HEALTH OFFICER (CHO) of U.P.

‘पिंकस्पिरेशन’ है इस महिला की दीवानगी, इसे सबकुछ गुलाबी चाहिए, आखि‍र क्‍या है वजह40 साल की लीसा पिंकस्पिरेशन का एक बिजनेस चलाती हैं। ये कंपनी महिलाओं, लड़कियों और युवाओं को पिंक कलर के पॉजिटिव और क्रिएटिव इस्तेमाल करने के लिए मोटीवेट करती है। इसके लिए कंपनी कई तरह के प्रोजेक्ट्स ऑर्गेनाइज करती है।

महाराष्ट्र में आधी रात तक खुल सकेंगे रेस्तरां, दुकानें 11 बजे तक खुली रह सकेंगीमहाराष्ट्र में आधी रात तक खुल सकेंगे रेस्तरां, दुकानें 11 बजे तक खुली रह सकेंगी N what about malls