रिपोर्ट : देश में पुरानी कार खरीदने वालों में युवाओं की हिस्सेदारी 80 फीसदी तक पहुंची

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04-12-2021 02:26:00

रिपोर्ट : देश में पुरानी कार खरीदने वालों में युवाओं की हिस्सेदारी 80 फीसदी तक पहुंची car report used car

देश के युवाओं में प्री-ओन्ड (पुरानी) कार खरीदने का चलन तेजी से बढ़ा है। कार्स24 की रिपोर्ट में मुताबिक, युवा (मिलेनियल्स)

नए वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी और महामारी के कारण जीवनशैली में बदलाव के साथ एप-वेब आधारित मंचों के आने से युवा खरीदारों की हिस्सेदारी बढ़ी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 43 फीसदी युवा हैचबैक कार खरीदना चाहते हैं, जबकि एसयूवी खरीदारों की संख्या 26 फीसदी है। इन खरीदारों में पेट्रोल इंजन की मांग सबसे ज्यादा है।

सस्ती पड़ती है पुरानी कारपुरानी कार खरीदने का सबसे पहला फायदा यह है कि यह सस्ती पड़ती है। पुरानी कारों पर आपको अच्छी डील मिल जाती है। अगर आप नई कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपको पूरी कीमत देनी होगी, लेकिन पुरानी कार आपको आधे से कम दाम में मिल जाएगी। वहीं आपको बजट ज्यादा है तो आप सुजुकी SX4 या किजाशी जैसे कार भी बेहद सस्ते में खरीद सकते हैं। कार्स24 के आंकड़ों के मुताबिक उसके 50 फीसदी से ज्यादा खरीदर फर्स्ट टाइम बायर होते हैं। मारुति ट्रू वेल्यू पर भी बिकने वाली 65 फीसदी कारें 2 लाख रुपये तक की कीमत वाली होती हैं।

नई कार को देती हैं टक्करअपने पसंद की कार खरीदने जब आप शोरूम हो जाते हैं तो आपको उसके लिए लाखों रुपये चुकाने पड़ते हैं, लेकिन अगर वह मॉडल बाजार में ज्यादा पॉपुलर नहीं है तो हो सकता है कि बेहद कम दामों में आप उस कार के मालिक बन सकते हैं। साथ ही यूज्ड कार मार्केट में आपको ऐसी भी कारें मिल सकती हैं, जो साफ-सुथरी होती हैं यानी कम इस्तेमाल वाली होती हैं, और उनका मेंटेनेंस भी अच्छे से किया होता है। नई कार जब खरीदते हैं तो रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस जैसे खर्चे भी झेलने पड़ते हैं, लेकिन यूज्ड कार ऑनर्स को ये सब खर्च करने की जरूरत नहीं होती है। headtopics.com

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बेफिक्र हो कर चलाएंमारुति, ह्यूंदै कंपनियों की यूज्ड कारों की काफी मांग रहती है। इसकी वजह है कि इनका सर्विस नेटवर्क हर जगह मौजूद है और कोई भी मैकेनिक आसानी से ठीक कर देता है। इसके अलावा इनके पार्ट्स भी बाजार में आसानी से मिल जाते हैं। नई कार खरीदते हैं तो स्क्रेच आदि लगने का डर रहता है, लेकिन कार सस्ती है तो डेंट या स्क्रेच लगने का डर नहीं होता। आप बाहर से कोई अपनी पसंद की एसेसरीज या सीएनजी लगाना चाहते हैं, तो वारंटी खोने का डर नहीं रहता। बेफिक्र हो कर लगवा सकते हैं। जबकि नई कार में यह संभव नहीं है। बाहर किसी भी मैकेनिक से ठीक करवा सकते हैं बार-बार शोरूम जाकर पैसे खर्च करने का कोई लॉजिक नहीं बनता।

कम इंश्योरेंसनई कार पर आपको ज्यादा इंश्योरेंस देना पड़ता है। क्योंकि उनकी मार्केट प्राइस ज्यादा होती है। लेकिन यूज्ड कार के मामले में ऐसा नहीं है। आप इंश्योरेंस पर काफी पैसे बचा सकते हैं। आपको कम कीमत चुकानी पड़ती है। इसके अलावा नई कारें चोरों की निगाह में रहती हैं, पुरानी कारों पर चोर कम हाथ लगाते हैं।

वारंटी और सर्टिफिकेशनआजकल यूज्ड कार सेक्टर भी काफी ऑर्गेनाइज्ड हो गया है। कार कंपनियों के अलावा कई बड़े प्राइवेट प्लेयर्स भी इस सेक्टर में आ गए हैं। जिससे ग्राहकों में भरोसा जगा है। जैसे मारुति ट्रू वेल्यू से जो भी गाड़ियां बेची जाती हैं, वह सर्टिफाइड होती हैं और कंपनी उन पर वारंटी भी देती है। ऐसे ग्राहकों के साथ धोखा होने की गुंजाइश कम ही होती है। जब भी कोई कार बिक्री के लिए आती है जो कार कंपनियों के अपने चेक पाइंट्स होते हैं, कार को सर्टिफाइड करने के बाद ही वह बिक्री के लिए उपलब्ध होती है। कंपनियां ग्राहकों को कार की पूरी रिपोर्ट भी मुहैया कराती हैं। वहीं कुछ कंपनिया पुरानी कारों पर भी तीन साल तक की वारंटी देती हैं।

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विस्तार पुरानी कार खरीदने वालों की अगुवाई कर रहे हैं और ऐसे खरीदारों में इनकी हिस्सेदारी बढ़कर 80 फीसदी पहुंच गई है।विज्ञापननए वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी और महामारी के कारण जीवनशैली में बदलाव के साथ एप-वेब आधारित मंचों के आने से युवा खरीदारों की हिस्सेदारी बढ़ी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 43 फीसदी युवा हैचबैक कार खरीदना चाहते हैं, जबकि एसयूवी खरीदारों की संख्या 26 फीसदी है। इन खरीदारों में पेट्रोल इंजन की मांग सबसे ज्यादा है। headtopics.com

सस्ती पड़ती है पुरानी कारपुरानी कार खरीदने का सबसे पहला फायदा यह है कि यह सस्ती पड़ती है। पुरानी कारों पर आपको अच्छी डील मिल जाती है। अगर आप नई कार खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपको पूरी कीमत देनी होगी, लेकिन पुरानी कार आपको आधे से कम दाम में मिल जाएगी। वहीं आपको बजट ज्यादा है तो आप सुजुकी SX4 या किजाशी जैसे कार भी बेहद सस्ते में खरीद सकते हैं। कार्स24 के आंकड़ों के मुताबिक उसके 50 फीसदी से ज्यादा खरीदर फर्स्ट टाइम बायर होते हैं। मारुति ट्रू वेल्यू पर भी बिकने वाली 65 फीसदी कारें 2 लाख रुपये तक की कीमत वाली होती हैं।

नई कार को देती हैं टक्करअपने पसंद की कार खरीदने जब आप शोरूम हो जाते हैं तो आपको उसके लिए लाखों रुपये चुकाने पड़ते हैं, लेकिन अगर वह मॉडल बाजार में ज्यादा पॉपुलर नहीं है तो हो सकता है कि बेहद कम दामों में आप उस कार के मालिक बन सकते हैं। साथ ही यूज्ड कार मार्केट में आपको ऐसी भी कारें मिल सकती हैं, जो साफ-सुथरी होती हैं यानी कम इस्तेमाल वाली होती हैं, और उनका मेंटेनेंस भी अच्छे से किया होता है। नई कार जब खरीदते हैं तो रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस जैसे खर्चे भी झेलने पड़ते हैं, लेकिन यूज्ड कार ऑनर्स को ये सब खर्च करने की जरूरत नहीं होती है।

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बेफिक्र हो कर चलाएंमारुति, ह्यूंदै कंपनियों की यूज्ड कारों की काफी मांग रहती है। इसकी वजह है कि इनका सर्विस नेटवर्क हर जगह मौजूद है और कोई भी मैकेनिक आसानी से ठीक कर देता है। इसके अलावा इनके पार्ट्स भी बाजार में आसानी से मिल जाते हैं। नई कार खरीदते हैं तो स्क्रेच आदि लगने का डर रहता है, लेकिन कार सस्ती है तो डेंट या स्क्रेच लगने का डर नहीं होता। आप बाहर से कोई अपनी पसंद की एसेसरीज या सीएनजी लगाना चाहते हैं, तो वारंटी खोने का डर नहीं रहता। बेफिक्र हो कर लगवा सकते हैं। जबकि नई कार में यह संभव नहीं है। बाहर किसी भी मैकेनिक से ठीक करवा सकते हैं बार-बार शोरूम जाकर पैसे खर्च करने का कोई लॉजिक नहीं बनता।

कम इंश्योरेंसनई कार पर आपको ज्यादा इंश्योरेंस देना पड़ता है। क्योंकि उनकी मार्केट प्राइस ज्यादा होती है। लेकिन यूज्ड कार के मामले में ऐसा नहीं है। आप इंश्योरेंस पर काफी पैसे बचा सकते हैं। आपको कम कीमत चुकानी पड़ती है। इसके अलावा नई कारें चोरों की निगाह में रहती हैं, पुरानी कारों पर चोर कम हाथ लगाते हैं। headtopics.com

वारंटी और सर्टिफिकेशनआजकल यूज्ड कार सेक्टर भी काफी ऑर्गेनाइज्ड हो गया है। कार कंपनियों के अलावा कई बड़े प्राइवेट प्लेयर्स भी इस सेक्टर में आ गए हैं। जिससे ग्राहकों में भरोसा जगा है। जैसे मारुति ट्रू वेल्यू से जो भी गाड़ियां बेची जाती हैं, वह सर्टिफाइड होती हैं और कंपनी उन पर वारंटी भी देती है। ऐसे ग्राहकों के साथ धोखा होने की गुंजाइश कम ही होती है। जब भी कोई कार बिक्री के लिए आती है जो कार कंपनियों के अपने चेक पाइंट्स होते हैं, कार को सर्टिफाइड करने के बाद ही वह बिक्री के लिए उपलब्ध होती है। कंपनियां ग्राहकों को कार की पूरी रिपोर्ट भी मुहैया कराती हैं। वहीं कुछ कंपनिया पुरानी कारों पर भी तीन साल तक की वारंटी देती हैं।

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