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राफेल पर साधा निशाना, सीएए पर मुसलमानों को ढाल बनाया अब किसान के कंधे से बंदूक चलाई जा रही

राफेल पर साधा निशाना, सीएए पर मुसलमानों को ढाल बनाया अब किसान के कंधे से बंदूक चलाई जा रही @23pradeepsingh @BJP4India #Rafale #CAA #FarmersBill

01-10-2020 06:22:00

राफेल पर साधा निशाना, सीएए पर मुसलमानों को ढाल बनाया अब किसान के कंधे से बंदूक चलाई जा रही 23pradeepsingh BJP4India Rafale CAA FarmersBill

भारत जैसे कृषि प्रधान देश की तरक्की का रास्ता उसके खेतों खलिहानों और किसानों से ही होकर जाता है। यह मानते तो सभी हैं पर उस दिशा में बड़े बदलाव करने का साहस प्रधानमंत्री मोदी ने दिखाया है।

देश के राजनीतिक दलों का एक वर्ग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नाराजगी के स्थायी भाव में है। इनकी अगुआई कांग्रेस कर रही है। उसकी नजर में मोदी और उनकी सरकार ने पिछले छह वर्षों में जो किया, सब गलत किया। उसका यह भी मानना है कि मोदी कुछ अच्छा कर ही नहीं सकते। इस वर्ग की मुश्किल यह है कि देश के मतदाता की राय इसके ठीक उलट है। वह मन में बैठा चुका है कि मोदी इरादतन कुछ गलत कर ही नहीं सकते। उसे इस बात का भी भरोसा है कि अगर कुछ गलत हुआ भी है या हो रहा है तो उसे ठीक केवल मोदी ही कर सकते हैं। पिछले छह वर्षों से केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध के तरीके में आपको एक पैटर्न नजर आएगा।

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झूठ का नया किला बना किसानों से संबंधित नए कानूनों परसरकार ने जो किया, उसे गलत साबित करने के लिए झूठ का एक किला खड़ा करो और फिर बताओ की वास्तविकता यही है, लेकिन सच की यह एक खास आदत है कि वह पानी की ही तरह अपना रास्ता बना ही लेता है। झूठ का नया किला बना है किसानों से संबंधित नए कानूनों पर। मोदी सरकार ने किसानों को सरकारी बेड़ियों से मुक्त करने के लिए तीन नए कानून संसद से पास कराए। अब किसान अपनी उपज जिसे और जहां चाहे बेचने के लिए स्वतंत्र है। इन तीनों कानूनों को लेकर कई तरह के झूठ बोले जा रहे हैं। दो बड़े झूठ हैं। पहला, केंद्र सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था खत्म करने जा रही है। दूसरा, नए कानून से छोटे किसान लुट जाएंगे। वास्तविकता यह है कि ऐसा ही कानून लाने का वादा कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव में अपने चुनाव घोषणा पत्र में किया था।

यह भी पढ़ेंसंप्रग सरकार कृषि बाजार को निजी क्षेत्र के लिए खोलना चाहती थीसंप्रग सरकार में कृषि मंत्री शरद पवार ने 2006 में एक इंटरव्यू में कहा था कि सरकार एपीएमसी की व्यवस्था खत्म कर कृषि बाजार को निजी क्षेत्र के लिए खोलना चाहती है। इसके लिए कई राज्य तैयार हैं। मोदी सरकार ने कभी नहीं कहा कि वह न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था खत्म करने जा रही है। हाथ कंगन को आरसी क्या...। सरकार ने पंजाब और हरियाणा में तय तारीख से पहले ही धान की सरकारी खरीद शुरू कर दी है।

यह भी पढ़ेंकोई भी सरकार समर्थन मूल्य की व्यवस्था खत्म नहीं कर सकतीजब तक देश के 70-80 फीसद लोगों को दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो का चावल देने की जरूरत बनी रहेगी, मोदी क्या कोई भी सरकार समर्थन मूल्य की व्यवस्था खत्म नहीं कर सकती। इसके अलावा अन्न के सुरक्षित भंडार के लिए सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अनाज की खरीद करनी ही पड़ेगी। रही बात छोटे किसानों की तो यही लोग वर्षों से हल्ला मचा रहे थे कि न्यूनतम समर्थन मूल्य का फायदा तो केवल बड़े काश्तकारों को मिलता है।

यह भी पढ़ेंकिसान अपनी उपज का दाम फसल लगाने से पहले ही तय करने का अनुबंध कर सकता हैछोटे काश्तकारों के पास तो इतना भी पैसा नहीं होता कि वे अपनी फसल मंडी ले जाने का खर्च उठा सकें। नए कानून में यह व्यवस्था है कि किसान अपनी उपज का दाम फसल लगाने से पहले ही तय करने का अनुबंध कर सकता है। फसल होने पर दाम गिर गए तो भी उसे तय दाम ही मिलेगा और वह भी तीन दिन के भीतर। दाम बढ़ जाए तो वह दाम बढ़ाने के लिए सौदेबाजी कर सकता है। किसान हित की इस व्यवस्था की आलोचना के लिए तर्क दिया जा रहा है कि 80 फीसद किसानों के पास तो दो एकड़ भी जमीन नहीं हैं। इसका जवाब है कि आखिर इन छोटे किसानों को मिलकर कृषक उपज संगठन बनाने से कौन रोक रहा है? अभी छोटे पैमाने पर ऐसा हो भी रहा है।

राफेल पर निशाना, सीएए पर मुसलमानों को ढाल बनाया अब किसान के कंधे से बंदूक चलाई जा रहीराफेल सौदे पर राष्ट्रीय सुरक्षा को निशाना बनाया गया। नागरिकता संशोधन कानून पर मुसलमानों को बरगलाकर ढाल बनाया गया और अब किसान के कंधे से बंदूक चलाई जा रही है। सवाल है कि मोदी गलत क्या कर रहे हैं? दरअसल मोदी के आने से पहले भी यह देश आगे तो बढ़ ही रहा था। तो समस्या क्या थी? समस्या यह थी कि देश ठहराव का शिकार था। लोगों की उम्मीद का स्तर इतना कम कर दिया गया था कि लोग अपनी गरीबी-बदहाली में संतुष्ट थे।

यह भी पढ़ेंसंतुष्ट व्यक्ति ठहर जाता है, असंतुष्ट गतिशील होता हैसंतुष्ट व्यक्ति हो या समाज, वह ठहर जाता है। असंतुष्ट गतिशील होता है। मोदी को यह पता है कि ठहरा हुआ समाज समृद्ध नहीं हो सकता। उनकी नजर समाज की समृद्धि पर है। मोदी इस ठहरे हुए पानी जैसे समाज में बदलाव के पत्थर फेंक रहे हैं। उससे हलचल हो रही है। इससे यथास्थिति को पालने-पोसने वालों को अपनी जमीन खिसकती हुई नजर आ रही है। मोदी लोगों की अपेक्षा बढ़ा रहे हैं। बार-बार कह रहे हैं कि जो मिला है, उससे संतुष्ट मत हो जाओ।

IPL 2020:हिट है पंजाब की कहानी, इसमें इमोशन है...एक्शन है...ड्रामा है - BBC News हिंदी 'मोस्ट पॉजिटिव टीचर' के मामले में भारत 35 देशों में छठे नंबर पर: सर्वे Manoj Tiwari: जिनके CM मां-बाप बेटे को मैट्रिक तक नहीं पढ़ा पाए, वह Bihar के युवा को क्या Job देंगे

यह भी पढ़ेंजो देश के लिए ठीक लगता है, उसे करने का जोखिम लेना मोदी का स्वभाव बन गयामोदी विरोधियों की समस्या यह है कि मोदी ठहरने को तैयार नहीं है। अब बस, उनके शब्दकोश में नहीं है। किसानों के बारे में जो कानून बना है, उसे बनाने की बातें तो दशकों से हो रही थीं, लेकिन किसी प्रधानमंत्री ने इसे करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं दिखाई। नेता और दल अक्सर बदलाव से डरते हैं, क्योंकि बदलाव अनिश्चितता का जोखिम लेकर आता है। राजनीतिक नफे-नुकसान की परवाह किए बिना जो देश के लिए ठीक लगता है, उसे करने का जोखिम लेना मोदी का स्वभाव बन गया है या यह कहें कि यह उनकी स्वाभाविक वृत्ति है।

यह भी पढ़ेंमोदी विरोधी धीरे-धीरे हीनभावना का शिकार हो गए हैं। हीनभावना से हताशा पैदा हो रही है। इंडिया गेट पर ट्रैक्टर जलाकर भाग जाना उसी हताशा का प्रतीक है। शरद पवार के इंटरव्यू के मुताबिक 2006 में इन कृषि सुधारों के लिए तैयार राज्यों में पंजाब भी था, पर आज वह विरोध में है।

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कंगना ने कहा- मुझे हरामखोर कहने वाले उद्धव शर्म करो; आप सीएम के लायक नहीं, नेपोटिज्म के खराब प्रोडक्ट हो

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और एक्ट्रेस कंगना रनोट के बीच जुबानी जंग जारी है। उद्धव ने रविवार को दशहरा रैली के संबोधन में कंगना का नाम लिए बिना कहा था कि आप यहां रोजगार के लिए आते हैं और मुंबई को बदनाम करते हैं। जिन लोगों को अपने राज्य में ठीक से खाना नहीं मिलता है, वे यहां आते हैं। इस पर कंगना ने सोमवार को पलटवार किया। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे शर्म करो, आप कुर्सी के लायक नहीं हैं। | angana Ranaut Latest Statement, Maharashtra Chief Minister, Uddhav Thackeray News; महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और एक्ट्रेस कंगना रनोट के बीच जुबानी जंग जारी है। उद्धव ने रविवार को दशहरा रैली के संबोधन में कंगना का नाम लिए बिना कहा था कि आप यहां रोजगार के लिए आते हैं और मुंबई को बदनाम करते हैं।

23pradeepsingh BJP4India Bjp dvara janta se loote gye paise pr pal rhi h ye Dalal media 23pradeepsingh BJP4India Dalal media bjp vipachchh men kya karti thi bhul gaye 23pradeepsingh BJP4India सरकार फेल है हाथरस पे मौन पत्रकार चाटुकार है 23pradeepsingh BJP4India आपस में भिड़ने से देश का कल्याण नही होने वाला।राहुल ,आप बड़ी बड़ी बातें बोलने की जगह उस दलित कन्या को न्याय दिलवाकर सबकी बोलती बंद करवा दो,कर सकते हो?

23pradeepsingh BJP4India Dalal media or press ab pattal chat ban gaye 23pradeepsingh BJP4India क्योकि चौकीदार चोर था,और है। 23pradeepsingh BJP4India योगी जी के गुर्गे व्यापारी को मारने पर उतारू व्यापारी से सरकारी स्कूलों में यूनीफॉर्म लेलो पर जब अयमेंट का टाइम आये तो बोलडो अहले रिस्वत दो नही तो कोई पेमेंट नही मिलेगी मेरठ नगर ब्लॉक 15 महीने से ज्यादा होगया यूनिफॉर्म दिए हुए 25%पेमेंट अभी तक बकाया है, वह रे योगी जी का विकास🙏

कटिहार: डायवर्सन पर बारिश का पानी चढ़ने से एनएच- 81 पर यातायात ठपबिहार के कटिहार के लिए बारिश आफत बन चुकी है. अत्यधिक बारिश के कारण कटिहार जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग- 81 पर यातायात पूरी तरह से बंद हो गया है. Dev_Fadnavis जी , आप बिहार के मूख्यमंत्री जी NitishKumar जी को एक पत्र लिखे, और ऊनसे सवाल किजीए।

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