India After Gandhi, भारत गांधी के बाद, Pandit Jawahar Lal Nehru, पंडित जवाहर लाल नेहरू, Rajendra Prasad, राजेंद्र प्रसाद, History Book, Rajendra Prasad, Political Book

India After Gandhi, भारत गांधी के बाद

राजेंद्र प्रसाद नहीं इस शख़्स को राष्ट्रपति बनाना चाहते थे पंडित नेहरू, पटेल ने आगे बढ़ाया था नाम

आजादी के दो साल बाद ही पंडित नेहरू और पटेल में मतभेद आ गया था सामने, जानें- क्या था मामला

24-09-2021 10:12:00

आजादी के दो साल बाद ही पंडित नेहरू और पटेल में मतभेद आ गया था सामने, जानें- क्या था मामला

पंडित जवाहर लाल नेहरू और सरदार पटेल के बीच मतभेद राष्ट्रपति के नाम को लेकर था। पटेल चाहते थे कि राजेंद्र प्रसाद को आजाद भारत का पहला राष्ट्रपति बनाया जाए, लेकिन नेहरू इससे सहमत नहीं थे।

सरदार पटेल के साथ पंडित जवाहर लाल नेहरू (Express Archive Photo)साल 1947 में आजादी मिलने के बाद सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी को अंदर और बाहर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। ‘गांधीयुग’ के बाद कांग्रेस पार्टी में बड़ा बदलाव आ गया था। अब पार्टी के बड़े नेता भी एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए थे। इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने अपनी किताब ‘इंडिया आफ्टर गांधी’ में ऐसे ही एक किस्से का जिक्र किया है, जब पटेल और नेहरू के बीच मतभेद खुलकर सामने आए थे।

यूपी में पुलिस ने 'चोरों को लूटा', चार पुलिसवाले गए जेल - BBC News हिंदी एनसीपी नेता नवाब मलिक ने NCB अधिकारी समीर वानखेड़े पर लगाए गंभीर आरोप - BBC Hindi भारत को टी-20 वर्ल्ड कप में कौन मान रहे हैं ख़िताब का प्रबल दावेदार - BBC News हिंदी

रामचंद्र गुहा लिखते हैं, कांग्रेस में गुटबंदी तेज होती जा रही थी और पार्टी की लोकप्रियता घटती जा रही थी। सबसे बड़ा मतभेद तो पार्टी के दो कद्दावर नेताओं, पंडित जवाहर लाल नेहरू और वल्लभ भाई पटेल में था। साल 1949 के आखिरी में ये मतभेद खुलकर सामने आया, जब देश के पहले राष्ट्रपति का चुनाव होना था। नए साल में हिंदुस्तान ब्रिटिश सम्राट की प्रमुखता वाले एक ‘डोमिनियन स्टेट’ से पूर्ण गणराज्य में तब्दील होने वाला था।

पटेल से नाराज हो गए थे नेहरू:भारत में गवर्नर-जनरल की जगह राष्ट्रपति को लेनी थी। नेहरू इस पक्ष में थे कि गवर्नर जनरल के पद पर पहले से ही आसीन सी. राजगोपालाचारी को राष्ट्रपति बना दिया जाए, लेकिन सरदार पटेल, राजेंद्र प्रसाद को राष्ट्रपति बनाने के पक्ष में थे। headtopics.com

सी.राजगोपालाचारी शहरी पृष्ठभूमि से आते थे और उनसे नेहरू की नजदीकियां भी थीं। जबकि राजेंद्र प्रसाद कुशल राजनेता थे और उन्हें पटेल का करीबी माना जाता था। पंडित नेहरू ने गोपालाचारी को आश्वस्त कर दिया था कि वह देश के पहले राष्ट्रपति बनेंगे, लेकिन नेहरू तब नाराज़ हो गए जब पटेल ने राजाजी की जगह कांग्रेस संगठन की तरफ से राजेंद्र प्रसाद का नाम आगे करवा दिया और वो राष्ट्रपति बन भी गए। इस तरह राजेंद्र प्रसाद के राष्ट्रपति बनते ही ये साबित हो गया कि इस राजनीतिक लड़ाई की पहली बाजी सरदार पटेल ने जीत ली थी।

राष्ट्रपति बनने के बाद 26 जनवरी 1950 कोराजेंद्र प्रसाद ने गणतंत्र दिवस समारोहकी सलामी ली। उस दिन सशस्त्र सेनाओं के तीन हजार जवान राष्ट्रपति के सामने से सलामी देते हुए गुजरे। भारतीय सेना ने इस समारोह में इकत्तीस तोपों की सलामी दी।राजेंद्र प्रसाद ने ही पंडित नेहरू को ‘भारत रत्न’ देने का लिया था फैसला:

इस वाकये के बाद राजेंद्र प्रसाद और नेहरू के बीच रिश्ते कभी वैसे नहीं हो पाए, लेकिन दोनों के रिश्ते की तल्खियां कभी खुलकर सामने नहीं आईं। वरिष्ठ पत्रकार और लेखक रशीद किदवई अपनी किताब ‘भारत के प्रधानमंत्री: देश, दशा, दिशा’ में लिखते हैं, दोनों के बीच कई मुद्दों को लेकर मतभेद था। इसके बावजूद राजेंद्र प्रसाद ने राष्ट्रपति रहते हुए पंडित नेहरू को भारत रत्न देने का निर्णय किया था। 1955 में जब

नेहरू को ‘भारत रत्न’ देनेकी घोषणा हुई तो वह यूरोप के आधिकारिक दौरे पर थे।राजेंद्र प्रसाद से जब इस फैसले को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा था, ‘यह कदम मैंने स्व-विवेक से लिया है। मैंने इसको लेकरप्रधानमंत्री से भी कोई चर्चानहीं की। ये कहा जा सकता है कि ये फैसला अवैधानिक है, लेकिन मैं ये भी जानता हूं कि इसका स्वागत भी पूरे उत्साह से किया जाएगा।’ बता दें 7 सितंबर 1955 को पंडित नेहरू को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था। नेहरू के मंच पर पहुंचते ही पूरा सभागार तालियों को गड़गड़ाहट से गूंज उठा था। headtopics.com

भारत से मैच से पहले अपनों के ही निशाने पर आई पाकिस्तानी टीम - BBC News हिंदी SC ने कहा किसानों को प्रदर्शन का अधिकार, अनिश्चितकाल के लिए सड़क रोकने का नहीं - BBC Hindi लाइफ में पहली बार असली जेल पहुंचे शाहरुख: कांच की दीवार के पीछे खड़े बेटे से शाहरुख खान की हुई बात, दोनों हुए भावुक और पढो: Jansatta »

क्या कैप्टन अमरिंदर किसानों के साथ सरकार की ओर से मध्यस्थता करेंगे? देखें हल्ला बोल

कैप्टन का प्लान किसान! पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी सियासत को किसानों के रास्ते आगे बढ़ाने का मन बनाया है. कैप्टन ने अपनी नई पार्टी बनाने का ऐलान किया है लेकिन लिखा है कि अगर किसानों की समस्या का हल निकलता है तो वो बीजेपी के साथ गंठबंधन करेंगे. माना जा रहा है कि वो किसान समस्या को लेकर सरकार और किसानों के बीच मध्यस्थता करेंगे. कैप्टन ने अपनी नई पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया है. साथ ही किसानों की समस्या का समाधान ढूंढने और बीजेपी के साथ गठबंधन की कवायद भी शुरु कर दी है. पंजाब के पूर्व सीएम ने ट्वीट किया कि अगर किसानों के हित में किसान आंदोलन का हल निकाला जाता है तो 2022 में पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए सिटिंग अरेंजमेंट को लेकर उम्मीद की जा सकती है. तो क्या बीजेपी कैप्टन अमरिंदर सिंह की मदद से किसान आंदोलन का हल ढूंढने की कोशिश कर रही है. क्या कैप्टन अमरिंदर किसानों के साथ सरकार की ओर से मध्यस्थता करेंगे. देखें हल्ला बोल का ये एपिसोड.

Gujarat Assembly Elections: सीएम भूपेंद्र पटेल ने रखा सभी 182 सीट जीतने का लक्ष्य, कहा- जनता का विश्वास जीत चुकी है भाजपाGujarat Assembly Elections गुजरात (Gujarat) के नवनिर्वाचित मुख्‍यमंत्री भूपेंद्र पटेल (Bhupender Patel) ने राज्‍य विधानसभा चुनाव में 182 सीटें जीतने का लक्ष्‍य रखते हुए कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Pm Narender Modi) परिणाम व अपने काम के जरिए जवाब देते हैं। गुजरात की जनता का विश्वास जीत चुकी है। Bhupendrapbjp Bhai 200 bol dethe 😂😂 kisa ke bap ka kya jata hai 🤣🤣🤣 EVM or Election Commission tumare papa mogli ji ka hi to hai Bhupendrapbjp BADBOLAPAN ( EXAGGERATION ) ? Bhupendrapbjp abki bar 50 nhi par kroge cm sahab gujrat me

शाहरुख खान को रात में 3 बजे फोन कर चीखने लगे थे सलमान खान, ‘किंग खान’ ने पलटकर दिया था ये जवाबशाहरुख खान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें सलमान खान ने अपने घर पर बुलाया था, लेकिन वह नहीं पहुंच सके थे। इसके बाद वह उनके ऊपर चीखने लगे थे।

अवैध धर्मांतरण का फैला जाल, मेरठ से मौलाना गिरफ़्तार। UPATS । Hawala । Madarsaअवैध धर्मांतरण का फैला जाल, मेरठ से मौलाना गिरफ़्तार UPATS Hawala Madarsa kaleemsiddiqui Conversion amitabhnews18 Shehzad_Ind aalok_aawasthii DrSatishParkash amitabhnews18 Shehzad_Ind aalok_aawasthii DrSatishParkash मेरठ मौलाना क़लीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी अडानी की 9 हजार करोड़ अफीम पकड़े जाने पर पर्दा डालना है ख़ैर,,, amitabhnews18 Shehzad_Ind aalok_aawasthii DrSatishParkash amitabhnews18 Shehzad_Ind aalok_aawasthii DrSatishParkash

जब काम मांगने गए मनोज बाजपेयी, महेश भट्ट ने कहा था- तुम्हारा क्या करूंगा मैं?जब महेश भट्ट ने मनोज बाजपेयी को देखा तो कहा था कि मैं तुम्हारा क्या करूंगा। न तो वो हीरो की तरह दिखते थे और न ही उन्हें नाचना आता था।

इस फिल्म को बनाकर मुश्किल में फंस गए थे बीआर चोपड़ा, विवादों के डर से 'तीन तलाक' को बदलकर कर दिया 'निकाह'24 सितंबर 1982 को रिलीज हुई फिल्म 'निकाह' का नाम काफी खोजबीन और चर्चा के बाद बदल दिया गया था। फिल्म का नाम 'तलाक तलाक तलाक' था।

आज का इतिहास: 1952 में 'चेकर्स' नाम के कुत्ते ने बनाया रिचर्ड निक्सन को अमेरिका का उपराष्ट्रपति, एक स्पीच से बदल गया था पूरा कैंपेन4 नवंबर 1952 को अमेरिका में वोटिंग होनी थी। रिपब्लिकन पार्टी की ओर से ड्वाइट आइजनहावर राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे। उन्होंने उपराष्ट्रपति पद के लिए रिचर्ड निक्सन को चुना था, जो उस समय कैलिफोर्निया के सीनेटर थे। | Today History Aaj Ka Itihas (आज का इतिहास:) Bharat Mein Aaj Ka Itihaas | What Is The Significance Of Today? What Famous Thing Happened On This Day In history; 4 नवंबर 1952 को अमेरिका में वोटिंग होनी थी। रिपब्लिकन पार्टी की ओर से ड्वाइट आइजनहावर राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे। उन्होंने उपराष्ट्रपति के लिए रिचर्ड निक्सन को चुना था, जो उस समय कैलिफोर्निया के सीनेटर थे।