यूपी, बिहार में क्यों घंटों की देरी से पहुंच रही श्रमिक स्पेशल ट्रेनें?

कोरोना अपडेट: श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का बुरा हाल, कई लोगों के लिए 'मौत का सफ़र' बना

27-05-2020 08:12:00

कोरोना अपडेट: श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का बुरा हाल, कई लोगों के लिए 'मौत का सफ़र' बना

कोरोना के दौर में प्रवासी मज़दूरों को घर वापस भेजने की कोशिश में ट्रेनें चल तो रही हैं, लेकिन परेशानियाँ इतनी हैं कि पूछिए मत.

पूरा इंटरैक्टिव देखने के लिए अपने ब्राउज़र को अपग्रेड करेंगोले प्रत्येक देश में कोरोना वायरस के पुष्ट मामलों की संख्या दर्शाते हैं.स्रोत: जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी, राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसियांआंकड़े कब अपडेट किए गए19 मई 2020, 9:34 अपराह्न IST

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बिहार पहुंचे यात्रियों का हाल बेहालबिहार से बीबीसी के सहयोगी नीरज प्रियदर्शी ने बताया कि लॉकडाउन में प्रवासी मज़दूरों के लिए घर लौटना जंग जीतने जैसा हो गया है.जब सड़क के माध्यम से ये मज़दूर आ रहे थे इनमें से कई सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए वहीं पैदल चलते हुए ट्रैक से जा रहे थे तो कुछ पहियों के नीचे आ गए और अब जब उनके लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं तो अब वहां से भी मौत की ख़बरें आने लगी हैं.

बीते कुछ दिनों के दौरान कुछ ट्रेनें देर से अपने गंतव्य पर पहुंच रही हैं.सोमवार को दिल्ली से पटना आई श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार पश्चिम चंपारण के पिंटू जब मुज़फ्फरपुर स्टेशन से बेतिया की ट्रेन पर चढ़ने का इंतजार कर रहे थे, तभी उनके चार साल के बेटे इरशाद की मौत हो गई.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा12 मई से चलना शुरू होंगी ट्रेन, पहले केवल 15 रेलगाड़ियाँ, आज से मिलेगा टिकटमोहम्मद पिंटू ने बताया,"उमस भरी गर्मी और पेट में अन्न का दाना नहीं होने के कारण बेटा मर गया."बच्चे के मौत की तस्दीक मुज़फ़्फ़रपुर के ज़िला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी कमल सिंह ने किया.

उन्होंने बताया,"यात्रा के क्रम में बच्चे की तबीयत बिगड़ी और इसके बाद मौत हो गई. शव के पोस्टमार्टम के बाद शव वाहन से पूरे परिवार को बेतिया भेज दिया गया."मुज़फ़्फ़रपुर रेलवे स्टेशन पर ही सोमवार को श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार अरबीना खातून की मौत संदिग्ध परिस्थिति में हो गई.

शव को मुज़फ़्फ़रपुर रेलवे स्टेशन पर ही उतार लिया गया. जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेसीएचएम भेज दिया. मुज़फ़्फ़रपुर के डीपीआरओ ने इस मौत की भी पुष्टि की है.स्थानीय अख़बारों में छपी रिपोर्ट्स की मानें तो सिर्फ़ सोमवार को श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से आए सात प्रवासियों की मौत सफ़र के दौरान हुई है. हालांकि बीबीसी इन ख़बरों की पुष्टि नहीं कर पाया है.

पूर्व मध्य रेल के आँकड़ों के अनुसार अलग-अलग स्टेशनों से चलकर अब तक लगभग 1100 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें बिहार आई हैं. इनमें लगभग 15 लाख प्रवासी श्रमिकों को अब तक लाया जा चुका है.लेकिन इन ट्रेनों में शायद ही कोई अपने निर्धारित समयानुसार आई हों. ट्रेनों के लेट होने की शुरुआत पहले दिन आई पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन से ही हुई थी.

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सोमवार को महाराष्ट्र के पनवेल से पटना आई श्रमिक स्पेशल ट्रेन 01886 शुक्रवार को सुबह 10 बजे पनवेल स्टेशन से खुली थी जो 77 घंटे बाद सोमवार को तीन बजे पटना पहुंची.ट्रेन में सवार सिवान के धर्मेंद्र बताते हैं,"ट्रेन को कई राज्यों से घुमाते लाया गया. इससे काफ़ी परेशानी हुई. ट्रेन में खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं थी, इसलिए बुरा हाल हो गया."

ट्रेन में सवार दूसरे यात्री ने बताया"नागपुर तक ट्रेन में खाने के पैकेट, पानी के बॉटल वगैरह बांटे गए थे. उसके बाद से कहीं कुछ नहीं मिला."आखिर ट्रेनें लेट क्यों हो रही हैं या रास्ता क्यों भटक जा रही हैं, जबकि अभी सिर्फ स्पेशल ट्रेनों को ही चलाया जा रहा है?

इसके जवाब में गोरखपुर रेल मंडल के सीपीआरओ पंकज सिंह ने बीबीसी को बताया,"कोई ट्रेन रास्ता नहीं भटकी है. ट्रेनें रास्ता नहीं भटकतीं. वे सिग्नल से चलती हैं. ट्रेन का क्रू तय करता है कि किस रूट से जाना है, कहां से डाइवर्ट करना है. कहीं-कहीं समय पर सिग्नल नहीं मिलने के कारण गड़बड़ियां हो जाती हैं."

सिंह आगे बताते हैं,"पायलट, लोको पायलट, गार्ड और स्टेशन मास्टर मिलकर तय करते हैं कि किस स्टेशन से और किस रूट से किस ट्रेन को लेकर जाना है. चूंकि ये स्पेशल ट्रेनें हैं जिनका पहले से कोई रूट या समय निर्धारित नहीं था. ट्रेनें उसी हिसाब से चल रही हैं, जैसा कि उसका क्रू फ़ैसला ले रहा है."

'ट्रैक पर ट्रेनें नहीं 'अव्यवस्था' का परिचालन हो रहा है'इमेज कॉपीरइटRavi Prakashझारखंड से बीबीसी के सहयोगी रवि प्रकाश बताते हैं कि लातेहार जिले के महिपत सिंह अपने भाइयों के साथ महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग से झारखंड के हटिया के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन पर सवार हुए थे.

वे बीमार थे. चाहते थे कि मनिका स्थित अपने गाँव लौट जाएँ लेकिन उनकी मुराद पूरी नहीं हो सकी. ट्रेन में ही उनकी मौत हो गई.जबलपुर के पास उनकी तबीयत ज़्यादा बिगड़ गई. उन्हें बचाया नहीं जा सका. जिस ट्रेन से वे हटिया आ रहे थे, वह कई घंटे विलंब से यहाँ पहुँची.

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उनके भाई बाबूलाल सिंह ने बीबीसी से कहा कि अगर ट्रेन समय से चल रही होती और उसमें ज़रूरी यात्री सुविधाएँ भी मिलतीं तो शायद महिपत ज़िंदा होते. वे टीबी के भी मरीज़ थे. उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं मिली है.कृपया ब्राउज़र अपग्रेड करेंकोरोना वायरस ट्रांसलेटर

इन सभी शब्दों का क्या मतलब है?मुुख्य कहानी पर जाएंएंटीबॉडीज टेस्टऐसा मेडिकल टेस्ट जिससे साबित हो सके कि किसी शख्स को कोरोना वायरस था और अब उसमें कुछ इम्युनिटी आ गई है. यह टेस्ट खून में एंटीबॉडीज का पता लगाता है, जिन्हें बीमारी से लड़ने के लिए शरीर पैदा करता है.

बिना लक्षण वालेऐसा शख्स जिसे बीमारी हुई मगर उसमें कोई लक्षण नहीं दिखाई दिए. कुछ स्टडीज से पता चला है कि कोरोना वायरस का शिकार हुए कुछ लोगों में तेज़ बुखार या कफ़ जैसे आम लक्षण नहीं नज़र आए.कोरोना वायरसवायरस समूह में से एक वायरस जिससे मनुष्यों या जानवरों में गंभीर या हल्की बीमारी हो सकती है. पूरी दुनिया में फैले कोरोना वायरस से कोविड-19 बीमारी हो रही है. सामान्य सर्दी या इंफ्लूएंजा (फ़्लू) फैलाने वाले दूसरे तरह के कोरोना वायरस हैं.

कोविड-19कोरोना वायरस की वजह से फैल रही बीमारी का सबसे पहले पता 2019 के अंत में चीन के वुहान में लगा. यह मूलरूप में फ़ेफ़ड़ों पर असर डालता है.संक्रमण की तेज़ी को रोकनाट्रांसमिशन की दर को कम करना ताकि चार्ट पर प्रदर्शित किए जाने पर मामलों की संख्या के आधार पर पीक को फ्लैट कर कर्व को नीचे लाया जाए ताकि स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते बोझ को कम किया जा सके.

फ़्लूइंफ्लूएंजा का संक्षिप्त नाम. एक वायरस जो कि सीजनल बीमारियों में मनुष्यों और जानवरों में फैलता है.सामुदायिक प्रतिरोधक क्षमताएक बड़ी आबादी तक पहुंचने के बाद किस तरह से एक बीमारी का फैलाव सुस्त पड़ता है.लड़ने में सक्षमऐसा शख्स जिसका शरीर किसी बीमारी के सामने टिक सके या उसे रोक दे वह इससे इम्यून कहा जाता है. एक बार जब कोई शख्स कोरोना वायरस से उबर जाता है तो ऐसा माना जाता है कि वह एक निश्चित अवधि तक इस बीमारी का फिर से शिकार नहीं हो सकता.

वायरस के असर करने की अवधिकिसी बीमारी का शिकार होने और उसका लक्षण दिखाई देना शुरू होने के बीच की अवधिलॉकडाउनआवाजाही या रोज़ाना की ज़िंदगी पर पाबंदियां, जिनमें सार्वजनिक इमारतें बंद हैं और लोगों को घरों पर ही रहने के लिए कहा गया है. कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए कई देशों में लॉकडाउन को कड़े उपायों के तौर पर लागू किया गया है."

शुरुआतकिसी क्लस्टर या अलग-अलग इलाकों में तेज रफ्तार से बीमारी के कई मामले सामने आना.महामारीकिसी गंभीर बीमारी का कई देशों में एकसाथ तेजी से फैलना महामारी कहलाता है.एकांतवासकिसी संक्रामक बीमारी को फैलने से रोकने के लिए इसकी जद में आए लोगों को अलग रखना.सार्स

सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम एक कोरोना वायरस का ही प्रकार है जो कि एशिया में 2003 में शुरू हुआ था.सेल्फ-आइसोलेशनघर पर ही रहना और अन्य लोगों से सभी तरह के संपर्क से बचना ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके.सामाजिक दूरीअन्य लोगों से दूर रहना ताकि बीमारी के ट्रांसमिशन की रफ्तार कम की जा सके. सरकार की सलाह है कि अपने साथ रह रहे लोगों के अलावा दोस्तों और रिश्तेदारों से न मिलें. साथ ही सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल से भी बचें.

आपातकालीन स्थितिकिसी संकट के वक्त सरकार द्वारा रोज़ाना की जिंदगी पर पाबंदी लगाने के मकसद से उठाए गए कदम. इसमें स्कूलों और दफ्तरों को बंद करना, लोगों की आवाजाही पर पाबंदी लगाना और यहां तक कि सैन्य बलों को तैनात करना ताकि रेगुलर इमर्जेंसी सेवाओं को सपोर्ट किया जा सके."

लक्षणसंक्रमण से लड़ने के लिए शरीर की कोशिश के तौर पर इम्यून सिस्टम से किसी बीमारी के संकेत. कोरोना वायरस का मुख्य लक्षण बुखार, सूखी खांसी और सांस लेने में दिक्कत होना है."टीकाऐसा इलाज जिससे शरीर एंटीबॉडीज पैदा करता है, जो कि बीमारी से लड़ता है और आगे के संक्रमण से लड़ने की इम्युनिटी देता है."

वेंटीलेटरऐसी मशीन जो कि ऐसे वक्त पर शरीर के लिए सांस लेने का काम करती है जब फ़ेफ़ड़े काम करना बंद करने लगते हैं.विषाणुएक छोटा सा एजेंट जो कि किसी जीवित सेल के भीतर अपनी कॉपी बना लेता है. वायरस की वजह से ये सेल मरने लगती हैं और शरीर की सामान्य केमिकल प्रक्रियाओं को अवरुद्ध कर देती हैं जिससे बीमारी हो जाती है.

मुख्य कहानी नीचे जारी हैट्रांसलेटरइन सभी शब्दों का क्या मतलब है?इसी तरह महाराष्ट्र के कोल्हापुर से झारखंड के बोकारो के लिए चली श्रमिक स्पेशल में ओडिशा के यात्रियों को भी चढ़ा दिया गया.घंटों विलंब से चल कर इस ट्रेन के राउरकेला और झारसुगुड़ा स्टेशनों पर ठहराव के बावजूद नहीं उतरने देने के बाद इन यात्रियों ने झारखंड के चक्रधरपुर और राँची डिविजनों के दो रेलवे स्टेशनों के पास चेन पुलिंग कर दी और क़रीब 500 यात्री ट्रेन से उतर गए.

फिर झारखंड सरकार के अधिकारियों ने उन्हें बसों से ओडिशा भेजा.इमेज कॉपीरइटRavi Prakashदरअसल, ये घटनाएँ सिर्फ उदाहरणों तक ही सीमित नहीं हैं. अधिकतर श्रमिक स्पेशल ट्रेनें लेट चल रही हैं. उनमें सवार यात्रियों को वक़्त पर पानी-खाना नहीं मिल पा रहा है.रेलवे अधिकारी आधिकारिक तौर पर इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं बोल रहे.

हालांकि, नाम गोपनीय रखने की शर्त पर एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी ने कहा कि रेलवे अधिकारियों और राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच तालमेल का अभाव है. ट्रेनें बगैर सूचना खोल दी जा रही हैं. उसके बाद संबंधित डिविज़न को इसकी ख़बर दी जा रही है. इस कारण सारी दिक़्क़तें हैं. उन्होंने कहा कि ट्रैक पर ट्रेनों का नहीं बल्कि अव्यवस्था का परिचालन हो रहा है.

अब चाहे ये ट्रेनें लापरवाही की वजह से या अन्य जिस किसी भी वजह से अपने गंतव्य तक पहुँचने में तय समय से करीब तीन गुना अधिक समय पहुँचाने में ले रही हों इनमें सफ़र कर रहे यात्रियों का एक तरफ जहाँ गर्मी से बुरा हाल हो रहा है, वहीं खाने-पीने में भी उन्हें बहुत परेशानी हो रही है.

सवाल और जवाब और पढो: BBC News Hindi »

I wud urge Govt to ban BBC for unabated false facts & magnifying an odd slip. This Hinduphobic News Channel must b thrown out of my country. मोदी जी के पास अमृत की गगरी है न कि पिलाकर तब रेलगाड़ी में बैठाते यही बोलना चाहते हैंBBC के लोग कुछ तो प्रेक्टिकल बात करो। Modi hai to mumkin hai प्रधान-सेवक जी को भेजो मेल बिन तैयारी वाला लॉकडाउन हो गया फ़ेल ‘नए भारत’ का नया ही खेल मरते मज़दूर, भटकती रेल

सस्ता गांजा पिके सरकार चलाएंगे तो यही हाल होगा कोई प्लानिंग नहीं तो यही होगा Haaattt teeeri Moti Chhheee ki 👉 narendramodi ji and PiyushGoyal will say they are sacrificing for our nation... आएगा तो मोदी ही । JagmohanKausha2 During the 2nd World War the Allies made sure that Nazi trains went around in circles. In India Hindu Nazis are making sure that Mazdoor trains go around in circles.

ये सब का जो जिम्मेदार है उसको इन गरीबों की 'हाय' लगेगी क्या?🙁🙁 If u r giving them free transportation pls give them water and food also during traveling period आज़ाद देश का पहला त्रासदी 2020 Ka kehar abhi bahut lambe waqt tak rahega sab sukrakshit rahein यही तो हैं अच्छे दिन इसके लिए भी नेहरू को न जिम्मेदार बना दे और रेल मंत्री जी मौज करनें के लिए है या सुविधा चेक करनें के लिए

मेरे घर रेल पर ~5साल की रिक्वेस्ट और जाँच उन की सच्चाई पर चेष्टा मुझ पर बार बार बीती यात्रा ओ में कोई कोर्ट चाहे 25 50 अन्यायी तलाश सकता! ..2 2 कार्यवाही नहोने स्वप्रेरक कोर्ट को नलगे से हफ्तों बाद जब गरीब गाँव या गति को निकल लिऐ! देखिऐगा यहाँ रेल नहींन भटकी हैं 40 रेल भटकी हैं अलीबाबा मेरा मतबल उड़ीबाबा! कमाया धमाया कूच नईं गिलास तोड़ा बाराना! GM DRM किसी अफसर पर कार्यवाही नहीं?🤔 आर्थिक नुकसान किस के जिम्मे डाला

Notebandi mein marne walon tak ka mazak banaya tha BJP ne. Is baar bhi yeh log wahi karenge. Chaahe kitni ghalti karein yeh. Aayega to Modi hi. Andhon ki basti hai yeh. Iron coffin hatefreebharat Political nahra hunda gareebi hatayo, Modi ne kar diya gareebo ko hatayo फेक न्यूज आज तक भारत के इतिहास कभी 24 ट्रेन रास्ते से नहीं भटकी लेकिन ये सरकार का भद्दा मजाक बहुत महंगा पड़ने वाला है इस सरकार में सिर्फ अमीरों के लिए योजना है गरीबों की लिए तो सिर्फ मौत है।।।।।।।।

तकलीफ तो रहेवानी सभर नही करोगे तो यही हाल होगा इसमे रेलवे या रेलमंत्री या रेलवे स्टाफ की गलती नहीं है shaansitive मजदूर रेलवे मांग रहे है मोदी सरकार रैली करने जा रही है पैदल चल रहे थे तो भी दिक्कत, पहुचा रहे तो भी दिक्कत, हर चीज में दिक्कत हर तरफ मजदूरों के लिए मौत का मंजर है अपना चुतियागीरि अपने आकाओं के पास रखना 🐖🐖🐖🐖🐖🐖🐖 समझे...

I dare you to publish the data of labourers reached at their home place using these trains? Do u have guts? Let us see. Waiting..... Day 1. PiyushGoyal aap se na ho payega. Quit it. काश बिलकुल प्रारम्भ से ही एयरपोर्ट बंद होते तो ये वायरस भारत नही आता । कुछ नुकसान बचाने के लिए पूरा राष्ट्र संकट में पड़ गया।

Where is mr. Modi? Go to GKP reached Raurkela ( Orrisa ) . But a 15 Ur old girl Frm Bihar reached exact location . क्या ये सही है? कई लोगो की श्रमिक स्पेशल ट्रेन में मौत हो गई है? PiyushGoyal PiyushGoyalOffc PrakashJavdekar इसका नाम बदलकर मौत का ट्रेन रख देना चाहिए No One will take responsibility.. But I am sorry to all needy people out there as an IndianCitizen.. I hope everything would be good in upcoming days.. ShramikSpecialTrains

मुझे आज तक समझ में नहीं आई लाखों करोड़ों अरबों मजदूर दिख रहे हैं..... 70 साल की सरकार जो गरीबों के लिए बनी थी शोषित वंचित की बात करती थी फिर यह कहां से कोरोनावायरस की तरह निकल कर आ रहे हैं... मोदी सरकार' और 'मोदी मंत्रिमंडल' ने कोरोना' संकट से लड़ने के सभी इंतजाम सिर्फ 'ट्विटर' 'फेसबुक' और खरीदे हुए टीवी न्यूज़ चैनलों पर बातों से ही कर रहे हैं.

why this Bbc is so active in spreading negativsnnews and cannot you potray good picture of India.. ZeeNews republic I wish to see every responsible Politician and Ministers to stand on ground with their family like Migrants and feel d same heat This is high time now wednesdaymorning IndiaFightsCoronavirus MigrantWorkers MigrantLivesMatter

TVS मोटर ने सैलरी में की 20٪ तक कटौती, अप्रैल में जीरो रही सेलकंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'अप्रत्याशित संकट के चलते कंपनी ने सभी लेवल के कर्मचारियों की सैलरी में 20 पर्सेंट तक की कटौती का फैसला लिया है। यह फैसला मई से लेकर अक्टूबर तक 6 महीनों के लिए लागू रहेगाा।'

इंदौर में 300 साल में पहली बार ईदगाह में नहीं पढ़ी जा सकी ईद की नमाजदेश में कोविड-19 के प्रसार का बड़ा केंद्र बने इंदौर में सोमवार को ईद-उल-फितर का त्योहारी उल्लास घरों में सिमट गया। Well-done 🤝🤝🤝 Mtlb 1947 48 me bhi padhi gyi thi इसमें इतना कष्ट क्यों भाई महामारी में तो सबको सकारात्मक होना चाहिए! फिर इस बात का मलाल क्यों क्या साबित करना चाहते हो आप मिडिया वाले जहां और जिस बात को दिखाना ल बताना चाहिए वहां आप की चुप्पी की किमत लग जाती है! VIRENINFRA drneeraj13 ChouhanShivraj

प्रवासी मजदूरों की मददगार बनीं श्रमिक स्पेशल ट्रेनें, 26 दिन में 42 लाख को पहुंचाया घरश्रमिक स्पेशल ट्रेंने मुख्यत: राज्यों के अनुरोध पर चलाई जा रही हैं जो प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्यों तक भेजना चाहते हैं coronavirusinindia

सऊदी में भी ईद पर बंद रहीं मस्जिदें, दुनिया भर की ईद रही सूनी - lifestyle AajTakpuri duniya me nehi sirf kuch islamik aatanki rastra he aur bharat ke kuch dogle he Nd ye sb jis china ki wja se hua wo aaj bhi dunia ke nations ko apni takat se daba kr raz karne ka sapna dekh raha dunia pe to ase me eid se sabak lekar islamic state ko bhi china k against steps lene chahiye so tht wo power ke nashe me insan or insaniyat ki imp ko samjhe.. जिसका दर्द आजतक पर छलका

कोरोना काल की हवाई यात्रा, एयरपोर्ट पर पहली बार लग रही होम क्वारंटाइन की मुहरIndia News: कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच घरेलू फ्लाइट सर्विस फिर से शुरू हो चुकी हैं। इस दौरान एयरपोर्ट पर यात्रियों को होम क्वारंटाइन की स्टैंप लगाई जा रही है। इससे पता लगता है कि कितने दिन घर पर अलग रहना है। में ले जाने के लिए दो पंखो का उपयोग करता है। यह प्रणाली हवा की मात्रा को कम करती है जिसे पैक को आपूर्ति करने की आवश्यकता होती है। ए / सी प्रणाली का यह हिस्सा वेंटिलेशन प्रयोजनों के लिए केबिन की हवा का लगभग 50 प्रतिशत हवा को रिसाइकिल करता है) विमान में केबिन हवा के पुनरुत्थान (रीसर्क्युलेशन सिस्टम ) के बारे में क्या? जो विमान में एक कोरोनावायरस संक्रमित यात्री से अन्य सभी स्वस्थ यात्रियों के लिए संक्रमण का जोखिम/ खतरा होगा? (केबिन की हवा का पुन: चक्रण हवाई जहाज का रीसर्क्युलेशन सिस्टम विमान की हवा को मिक्स मैनिफोल्ड

बनाई जा रही अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की रणनीति, सरकार ने सख्त गाइडलाइंस जारी कीघरेलू उड़ान सेवा शुरू करने के बाद अब नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा शुरू करने की रणनीति बना रहे हैं. तैयारी अगस्त से पहले अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को शुरू करने की है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने इंटरनेशनल आगमन के लिए टेस्टिंग और क्वारंटाइन के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी कर दी है. किसी यात्री में अगर सर्दी, बुखार या खांसी के लक्षण पाए जाते हैं तो उसका कोविड टेस्ट (RT-PCR टेस्ट) अनिवार्य होगा. वैदिक वर्णाश्रम धर्म के हिसाब से क्षत्रियों को ब्राह्मणों की रक्षा करनी चाहिए वेश्यों को ब्राह्मणों को अन्न धन दान देना चाहिए OBC ST SC वालों को ब्राह्मणों की सेवा करनी चाहिए न्याय व्यवस्था शिक्षा व्यवस्था और अर्थव्यवस्था संभालने का अधिकार सिर्फ़ ब्राह्मणों को होना चाहिए Sath sath chlnaa hogaa cornaa tera... IndiaWithAlkaLamba IndiaWithAlkaLamba IndiaWithAlkaLamba IndiaWithAlkaLamba IndiaWithAlkaLamba IndiaWithAlkaLamba IndiaWithAlkaLamba IndiaWithAlkaLamba IndiaWithAlkaLamba IndiaWithAlkaLamba IndiaWithAlkaLamba IndiaWithAlkaLamba IndiaWithAlkaLamba

कांग्रेस के सचिन अब क्या बीजेपी के लिए 'बल्लेबाज़ी' करेंगे? राहुल गांधी का हमला, कहा- PM मोदी के रहते भारत की जमीन को चीन ने कैसे छीन लिया सचिन पायलट BJP के संपर्क में, 30 MLA भी छोड़ सकते हैं कांग्रेस का दामन कोरोना वायरस: रूस का दावा, उसने कोरोना की वैक्सीन का सफल परीक्षण किया - BBC Hindi कोरोना वायरस: 12 से 26 जुलाई के बीच भारत के पाँच शहरों से UAE की विशेष उड़ानें - BBC Hindi कांग्रेस सांसदों की बैठक में फिर उठी राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाने की मांग कोरोना वायरस: महामारी रोकने के लिए दक्षिण अफ्रीका ने लगाई शराब पर पाबंदी - BBC Hindi योगी सरकार की 'ठोंको नीति' से इंसाफ़ मिलेगा या अपराध बढ़ेगा? गुजरातः कर्फ्यू नियमों का उल्लंघन करने पर मंत्री के बेटे को रोकने वाले कॉन्स्टेबल का तबादला कोरोना वायरस: अमरीका में एक दिन में 66,281 नए मामले, अकेले फ्लोरिडा में 15,300 पॉज़िटिव - BBC Hindi दिल्ली दंगा: दो शिकायतों में कपिल मिश्रा का नाम, अदालत ने पुलिस से जवाब मांगा