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मुज़फ़्फ़रनगर दंगाः साक्ष्यों के अभाव में भाजपा विधायक विक्रम सैनी और ग्यारह आरोपी बरी

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23-10-2021 17:10:00

मुज़फ़्फ़रनगर दंगाः साक्ष्यों के अभाव में भाजपा विधायक विक्रम सैनी और ग्यारह आरोपी बरी MuzaffarnagarRiots BJPMLA VikramSaini LackofEvidence मुजफ्फरनगरदंगा विक्रमसैनी भाजपाविधायक साक्ष्योंकाअभाव

खतौली से भाजपा विधायक विक्रम सैनी अगस्त 2013 में उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर के कवाल गांव के प्रधान थे, जहां दो चचेरे भाइयों की हत्या के बाद हिंसा भड़कने की पहली घटना हुई थी. यूपी सरकार ने दंगों से संबंधित 77 मामले वापस लिए हैं, जिनमें से कुछ को अगस्त 2021 में आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई गई थी, जिसके बाद विधायक सैनी और अन्य को बरी किया गया है.

नई दिल्लीःदिल्ली की एक अदालत ने उत्तर प्रदेश के 2013 मुजफ्फरनगर सांप्रदायिक दंगों के दौरान हिंसा में आरोपी भाजपा विधायक विक्रम सैनी और 11 अन्य को बरी कर दिया है.रिपोर्टके अनुसार, सैनी अगस्त 2013 में मुजफ्फरनगर के कवाल गांव के प्रधान थे, जहां सचिन और गौरव नाम के दो चचेरे भाइयों की हत्या के बाद भड़की हिंसा की पहली घटना हुई थी.

संबित बोले- कन्हैया हैं राहुल का विकल्प, कांग्रेस के पास मोदी का विकल्प नहीं 25 लाख शादियां न बन जाएं मुसीबत, ओमिक्रॉन के खतरे के बीच विशेषज्ञों ने किया आगाह मान्यता हासिल करने के लिए तालिबान का नया पैंतरा, अफगानिस्तान में महिलाओं की जबरन शादी पर लगाई रोक

इस मामले में अभियोजन पक्ष के पांच गवाहों के मुकर जाने के बाद अन्य को संदेह का लाभ देकर छोड़ दिया गया था.उत्तर प्रदेश सरकार ने 77 मामले वापस लिए हैं, जिनमें से कुछ को अगस्त 2021 में आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई गई थी, जिसके बाद विधायक सैनी और अन्य को बरी किया गया है.

द वायरने पहले भी अपनी रिपोर्ट में बताया था कि कुल 510 मामलों में से सिर्फ 164 मामलों में ही अंतिम रिपोर्ट पेश की गई जबकि 170 को हटा दिया गया है. इसके बाद सीआरपीसी की धारा 321 के तहत राज्य सरकार ने बिना कारण बताए 77 मामलों को वापस ले लिया था.इस कदम की मामले में एमिक्स क्यूरी (न्यायमित्र) वरिष्ठ अधिवक्ता विजय हंसारिया ने आलोचना की थी. इस फैसले का योगी आदित्यनाथ की भाजपा सरकार ने कोई कारण नहीं बताया था, सिर्फ इतना कहा था कि प्रशासन ने इन मामलों को वापस लेने से पहले इस पर विचार किया था. headtopics.com

मुजफ्फरनगर दंगों से संबंधित मामलों में कानूनी कार्यवाही बहुत ही धीमी गति से चल रही है.भाजपा विधायक सैनी और 11 अन्य को बरी किया जाना राज्य सरकार की गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में असफलता के कारण छल का एक और उदाहरण है. वास्तव में योगी आदित्यनाथ सरकार अपनी पार्टी के नेताओं के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने का प्रयास कर रही है.

पिछले साल दिसंबर में राज्य सरकार ने उन नेताओं की एकसूचीभी जारी की थी, जिनके खिलाफ दंगों से जुड़े मामले वापस लिए जा रहे थे.इस सूची में भाजपा के तीन विधायक संगीत सोम, सुरेश राणा और कपिल देव और हिंदू दक्षिणपंथी नेता साध्वी प्राची के नाम प्रमुख हैं.बता दें कि विक्रम सैनी खतौली से विधायक हैं. उनके बरी होने के फैसले पर सरकारी वकील नरेंद्र शर्मा ने बताया, ‘विशेष न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय ने सबूतों की कमी की वजह से संदेह का लाभ देकर विक्रम सैनी और 11 अन्य को बरी कर दिया.’

जमानत पर रिहा सैनी और अन्य शुक्रार को अदालत में मौजूद थे. उनके खिलाफ यह मामला कवाल के शाहनवाज कुरैशी की हत्या और उसके तुरंत बाद सचिन और गौरव की लिंचिंग से जुड़ा हुआ है.बचाव पक्ष के वकील भरतवीर अहलावत ने कहा, ‘सचिन और गौरव की हत्या को लेकर किए गए विरोध मार्च के दौरान कवाल में हिंसा हुई थी.’ सैनी और अन्य पर दंगा करने और आपराधिक धमकी देने के आरोप हैं.

अहलावत ने कहा कि सैनी दो अन्य मामलों में हेट स्पीच के आरोपों का सामना कर रहे हैं.माना जाता है कि कवाल हिंसा की आंच से ही मुजफ्फरनगर सांप्रदायिक दंगे भड़के थे, जिसमें 65 लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 60,000 मुस्लिम विस्थापित हुए थे. और पढो: द वायर हिंदी »

शंखनाद: Sakshi Maharaj के बिगड़े बोल, कैसे भरोसा जताएं किसान?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने का ऐलान कर दिया, मगर किसानों में अविश्वास की भावना इस कदर भरी हुई है कि वो मानने के लिए तैयार नहीं हैं. अब किसानों के इस अविश्वास पर मुहर लगा दी है बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने, साक्षी महाराज ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है, साक्षी महाराज ने कहा है कि कानून तो बनते बिगड़ते रहते हैं, उनके इस बयान के बाद अब सियासत गरमाई हुई है. साक्षी महाराज का बयान पीएम मोदी के बयान का विरोधाभास बताता है, क्योंकि बीजेपी बताती है कि पीएम को किसानों की चिंता है इसलिए उन्होंने किसान बिल वापस ले लिया, मगर साक्षी महाराज का मानना है कि ये खालिस्तानी और पाकिस्तानी गठजोड़ को खत्म करने के लिए मारा गया हथौड़ा है. देखिए शंखनाद का ये एपिसोड.

Bjp ke netao ke virudh desh ke kisi bhi jaanch agency ko koi sabut milega hi nhi. Sabut to kewal opposition ke netao ke virudh milta h. bjp ke sare neta to Satya harishchand ke vanshaj thRe यही सबूतों के अभावों मे बरी करने योजना हत्यारें आशीष मिश्रा पुत्र दंगाई गुंडा मोदी स्नेह प्राप्त अजय मिश्रा के लिए अपनाई जाएगी।

ये तो होना ही था नया क्या इलेक्शन है भई । अभी आगाज हुआ है । WellDoneUPCops Uppolice ...ye to hona hi tha...sirf is baat ka intezar tha ki kab hoga. dgpup spineless insaan...apni spine tudwate gaye aur padvi badhti gai... अभाव नहीं, दुर्भाव! Court ko video raur audio ecordings bhi nahi mili? Now a days court r doing justice based on these only..isnt it

आतंकवादी बरी हो जाते हैं

गुलाम कश्मीर में पाकिस्तान के 1947 हमले के विरोध में व्यापक प्रदर्शन, आजादी समर्थक लगे नारेप्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सेना और अन्य प्रशासकों से कब्जा किए गए क्षेत्र को छोड़ने की मांग की। पार्टी के चेयरमैन सरदार शौकत अली कश्मीरी ने कहा पाकिस्तान क्षेत्र पर कब्जा और जम्मू एवं कश्मीर में हजारों निर्दोष लोगों की हत्या करने का अपराधी है। To retweet this, there is no RanaAyyub ReallySwara 🐷 ndtv sagarikaghose And the list goes on........

अफगानिस्तान में सैन्य अभियानों के लिए पाकिस्तानी एयरस्पेस का इस्तेमाल करने के समझौते के करीब अमेरिकाअमेरिकी प्रशासन ने शुक्रवार को सांसदों को सूचित किया कि उनका अफगानिस्तान में सैन्य और खुफिया अभियानों के संचालन के लिए पाकिस्तान से उसके हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल के लिए पाकिस्तान के साथ एक समझौते को औपचारिक रूप देने के करीब है। अच्छा है अब ठुकाई का समय आ गया । और तालिबानों की ठुकाई भी पाकिस्तान ही करवायेगा । इसी बहाने एमरोन खान को कुछ भीख में मिल ही जायेगा ।।।

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